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मई, 2026 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

गरीबों के हक पर डाका, रीठी तहसील में जनगणना और भौतिक सत्यापन के नाम पर बड़ा खेल, तपतपाती धूप में काम कर रहे कर्मचारियों पर उच्च अधिकारियों का दबाव शौचालय विहीन गरीबों को कागजों पर 'पात्र' दिखाकर बंद किया जा रहा लाभ का रास्ता प्रधानमंत्री के 'स्वच्छ भारत मिशन' को पलीता लगा रहे जिम्मेदार

 गरीबों के हक पर डाका, रीठी तहसील में जनगणना और भौतिक सत्यापन के नाम पर बड़ा खेल, तपतपाती धूप में काम कर रहे कर्मचारियों पर उच्च अधिकारियों का दबाव शौचालय विहीन गरीबों को कागजों पर 'पात्र' दिखाकर बंद किया जा रहा लाभ का रास्ता प्रधानमंत्री के 'स्वच्छ भारत मिशन' को पलीता लगा रहे जिम्मेदार कटनी ।  एक तरफ सरकार अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने का दावा करती है, वहीं दूसरी तरफ कटनी जिले की रीठी तहसील से एक ऐसा मामला सामने आया है जो प्रशासनिक संवेदनहीनता को उजागर करता है। यहाँ जनगणना और भौतिक सत्यापन के नाम पर गरीबों का हक छीनने का एक बड़ा प्रयास किया जा रहा है। मामला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महत्वाकांक्षी 'स्वच्छ भारत मिशन' से जुड़ा है। ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में इस समय जनगणना के बाद पुनः सत्यापन (भौतिक सत्यापन) का कार्य चल रहा है। इसके अंतर्गत ग्राउंड स्टाफ को घर-घर जाकर यह जांच करनी है कि किसके पास शौचालय है (पात्र) और किसके पास नहीं (अपात्र)। लेकिन रीठी तहसील के उच्च अधिकारियों द्वारा अपने ही अधीनस्थ कर्मचारियों...

गरीबों के हक पर डाका, रीठी तहसील में जनगणना और भौतिक सत्यापन के नाम पर बड़ा खेल, तपतपाती धूप में काम कर रहे कर्मचारियों पर उच्च अधिकारियों का दबाव शौचालय विहीन गरीबों को कागजों पर 'पात्र' दिखाकर बंद किया जा रहा लाभ का रास्ता प्रधानमंत्री के 'स्वच्छ भारत मिशन' को पलीता लगा रहे जिम्मेदार

 गरीबों के हक पर डाका, रीठी तहसील में जनगणना और भौतिक सत्यापन के नाम पर बड़ा खेल, तपतपाती धूप में काम कर रहे कर्मचारियों पर उच्च अधिकारियों का दबाव शौचालय विहीन गरीबों को कागजों पर 'पात्र' दिखाकर बंद किया जा रहा लाभ का रास्ता प्रधानमंत्री के 'स्वच्छ भारत मिशन' को पलीता लगा रहे जिम्मेदार कटनी ।  एक तरफ सरकार अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने का दावा करती है, वहीं दूसरी तरफ कटनी जिले की रीठी तहसील से एक ऐसा मामला सामने आया है जो प्रशासनिक संवेदनहीनता को उजागर करता है। यहाँ जनगणना और भौतिक सत्यापन के नाम पर गरीबों का हक छीनने का एक बड़ा प्रयास किया जा रहा है। मामला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महत्वाकांक्षी 'स्वच्छ भारत मिशन' से जुड़ा है। ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में इस समय जनगणना के बाद पुनः सत्यापन (भौतिक सत्यापन) का कार्य चल रहा है। इसके अंतर्गत ग्राउंड स्टाफ को घर-घर जाकर यह जांच करनी है कि किसके पास शौचालय है (पात्र) और किसके पास नहीं (अपात्र)। लेकिन रीठी तहसील के उच्च अधिकारियों द्वारा अपने ही अधीनस्थ कर्मचारियों...

बड़वारा में विशाल निःशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन, 2865 मरीजों ने लिया लाभ

 बड़वारा में विशाल निःशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन, 2865 मरीजों ने लिया लाभ  कटनी |  विधायक धीरेंद्र बहादुर सिंह के सौजन्य से एवं आर.पी. फाउंडेशन के संस्थापक व पीपुल्स ग्रुप के वाइस चेयरमैन रोहित पंडित के नेतृत्व में, आर.पी. फाउंडेशन के सहयोग से पीपुल्स हॉस्पिटल द्वारा 23 एवं 24 मई 2026 को सांदीपनि शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बड़वारा, जिला कटनी में विशाल निःशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। शिविर के पहले दिन क्षेत्र में उत्साह का वातावरण देखने को मिला, जहाँ बड़ी संख्या में ग्रामीणों एवं क्षेत्रवासियों ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया। शिविर में पीपुल्स हॉस्पिटल के विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टाफ द्वारा विभिन्न रोगों की जांच एवं उपचार सेवाएँ प्रदान की गईं। उच्च स्तरीय मशीनों के माध्यम से इको, डिजिटल एक्स-रे, ईसीजी, सोनोग्राफी, डायबिटीज जांच एवं विभिन्न प्रकार की रक्त जांचें की गईं। साथ ही मरीजों को निःशुल्क दवाइयों का वितरण भी किया गया। शिविर में महिला रोग, हृदय रोग, श्वास रोग, त्वचा रोग, नेत्र रोग, दंत रोग, नाक-कान-गला रोग, सर्जरी, हड्डी रोग, शिशु रोग...

जनपद अध्यक्ष सुनीता संतोष दुबे ने किया 10 लाख रुपये के विकास कार्यों का भूमि पूजन

 जनपद अध्यक्ष सुनीता संतोष दुबे ने किया 10 लाख रुपये के विकास कार्यों का भूमि पूजन ढीमरखेड़ा ।  जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा की जनपद अध्यक्ष सुनीता संतोष दुबे द्वारा ग्राम बिछिया एवं धनवाही में कुल 10 लाख रुपये लागत के विकास कार्यों का विधि-विधान के साथ भूमि पूजन किया गया। भूमि पूजन कार्यक्रम में ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता देखने को मिली।कार्यक्रम के दौरान ग्राम बिछिया में 6 लाख रुपये की लागत से बनने वाले सांस्कृतिक भवन निर्माण कार्य का शुभारंभ किया गया। वहीं ग्राम धनवाही में मुख्य मार्ग से पंकज सिंह के घर की ओर 4 लाख रुपये की लागत से बनने वाले ड्रेनेज निर्माण कार्य का भूमि पूजन संपन्न हुआ। इस अवसर पर अनिरुद्ध पांडेय, त्रिवेणी ज्योतिषी, सत्यनारायण पांडेय, ओमप्रकाश गर्ग, रामप्रसाद, मुरारीलाल, सरपंच संजय दाहिया, उपसरपंच विराट पाण्डेय, सचिव, रोजगार सहायक सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।कार्यक्रम में उपस्थित ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों ने क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों के लिए जनपद अध्यक्ष सुनीता संतोष दुबे का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इन निर्माण क...

समाजसेवी संतोष दुबे को जन्मदिन की शुभकामनाएं, जनपद पंचायत भवन निर्माण में निभाई अहम भूमिका

 समाजसेवी संतोष दुबे को जन्मदिन की शुभकामनाएं, जनपद पंचायत भवन निर्माण में निभाई अहम भूमिका कटनी | दैनिक ताजा खबर के प्रधान संपादक राहुल पाण्डेय ने समाजसेवी एवं जनहितैषी व्यक्तित्व संतोष दुबे को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई दी है। उन्होंने ईश्वर से संतोष दुबे के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और निरंतर सामाजिक सेवा के लिए मंगलकामनाएं कीं। प्रधान संपादक राहुल पाण्डेय ने कहा कि संतोष दुबे ने अपनी मेहनत, लगन और जनसंपर्क के दम पर अपनी पत्नी सुनीता दुबे को जनपद अध्यक्ष की कुर्सी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जनपद अध्यक्ष बनने के बाद से ही क्षेत्र के विकास कार्यों को प्राथमिकता दी गई और लगातार जनपद पंचायत के नए भवन निर्माण के लिए प्रयास किए जाते रहे। इन्हीं सतत प्रयासों का परिणाम है कि आज महात्मा गांधी मैदान में जनपद पंचायत भवन का निर्माण कार्य आकार ले रहा है, जिससे क्षेत्र के लोगों को बेहतर प्रशासनिक सुविधाएं मिल सकेंगी। क्षेत्रवासियों का मानना है कि संतोष दुबे हर सामाजिक एवं विकास कार्य में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं और अपनी सक्रियता के कारण लोगों के बीच विशेष पहचान रखते...

प्रधानमंत्री के संदेश का असर, बस में सफर कर बड़वारा विधायक ने दिया बड़ा संदेश आम जनता से पूछा हाल - चाल आम जनता के दिलों में राज करता है विधायक का स्वभाव

 प्रधानमंत्री के संदेश का असर, बस में सफर कर बड़वारा विधायक ने दिया बड़ा संदेश आम जनता से पूछा हाल - चाल आम जनता के दिलों में राज करता है विधायक का स्वभाव  कटनी | देश में पेट्रोल-डीजल की बढ़ती खपत, ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किए गए संयम और बचत के आह्वान का असर अब जनप्रतिनिधियों में भी दिखाई देने लगा है। कटनी जिले के बड़वारा विधायक धीरेन्द्र बहादुर सिंह ने सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने और ईंधन बचत का संदेश देने के लिए बस में सफर कर एक नई मिसाल पेश की।विधायक धीरेन्द्र बहादुर सिंह आम यात्रियों के साथ बस में बैठकर बड़वारा से कटनी पहुंचे।सफर के दौरान यात्रियों ने विधायक से खुलकर चर्चा की और उनकी सादगी की जमकर सराहना की। आम लोगों के बीच बिना किसी तामझाम के यात्रा करते विधायक को देखकर यात्री भी आश्चर्यचकित नजर आए। कई यात्रियों ने विधायक के साथ तस्वीरें खिंचवाईं और उनके इस कदम को जनता से जुड़ाव की पहचान बताया। आमतौर पर नेताओं की पहचान लंबे काफिलों और महंगी गाड़ियों से जुड़ी रहती है, लेकिन विधायक का यह कदम जिले में चर्चा का विषय बन गया ...

टोला खरीदी केंद्र में परिवहन व्यवस्था चरमराई, किसान और खरीदी प्रभारी दोनों परेशान

 टोला खरीदी केंद्र में परिवहन व्यवस्था चरमराई, किसान और खरीदी प्रभारी दोनों परेशान कटनी | तहसील ढीमरखेड़ा के टोला खरीदी केंद्र में इन दिनों गेहूं परिवहन की गंभीर समस्या ने किसानों और खरीदी केंद्र के कर्मचारियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। खरीदी तो लगातार जारी है, लेकिन परिवहन व्यवस्था पूरी तरह लड़खड़ाने से केंद्र में गेहूं का अंबार लग गया है। हालत यह हो गई है कि खरीदी प्रभारी मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित महसूस कर रहा है, वहीं किसान भी अपनी उपज के समय पर परिवहन और भुगतान को लेकर भारी तनाव में हैं। सूत्रों के अनुसार खरीदी केंद्र में प्रतिदिन बड़ी मात्रा में गेहूं पहुंच रहा है, लेकिन ट्रकों और परिवहन साधनों की कमी के चलते उठाव नहीं हो पा रहा।केंद्र परिसर में बोरी के ऊपर बोरी जमा होती जा रही है।बारिश और मौसम खराब होने की आशंका के बीच किसानों को अपनी मेहनत की फसल खराब होने का डर सता रहा है।खरीदी प्रभारी का कहना है कि ऊपर से लगातार दबाव बनाया जा रहा है कि खरीदी कार्य प्रभावित नहीं होना चाहिए, जबकि दूसरी ओर परिवहन व्यवस्था पूरी तरह अस्त-व्यस्त है। एक तरफ किसानों की नाराजगी झेलनी पड़ र...

स्लॉट बुकिंग की समस्या से किसान परेशान, पोर्टल की खराब व्यवस्था बनी चिंता का विषय

 स्लॉट बुकिंग की समस्या से किसान परेशान, पोर्टल की खराब व्यवस्था बनी चिंता का विषय कटनी  |  ढीमरखेड़ा में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के दौरान स्लॉट बुकिंग की समस्या किसानों के लिए बड़ी मुसीबत बनती जा रही है। पोर्टल की तकनीकी खामियों और लगातार सर्वर डाउन रहने से किसान घंटों तक परेशान हो रहे हैं। कई किसानों का आरोप है कि स्लॉट बुकिंग समय पर नहीं हो पा रही, जिसके कारण उन्हें खरीदी केंद्रों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले किसानों का कहना है कि पोर्टल कभी खुलता नहीं, तो कभी ओटीपी की समस्या सामने आ जाती है। कई बार स्लॉट बुक होने के बाद भी जानकारी अपडेट नहीं होती, जिससे किसानों को वापस लौटना पड़ रहा है। किसानों का आरोप है कि तकनीकी अव्यवस्था का खामियाजा सीधे उन्हें भुगतना पड़ रहा है। खरीदी केंद्रों पर बड़ी संख्या में ट्रैक्टर-ट्रॉलियां खड़ी नजर आ रही हैं। किसान कई दिनों से अपनी उपज लेकर इंतजार कर रहे हैं, लेकिन स्लॉट नहीं मिलने के कारण खरीदी प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।इससे किसानों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। किसानों का कहना है कि यदि समय पर स्लॉट बुकि...

ढीमरखेड़ा के दूरस्थ आधा दर्जन से अधिक गांव पहुंचकर जिला पंचायत सीईओ ने निर्माण एवं विकास कार्यों की नब्ज़ टटोलेते हुए परखी गुणवत्ता, सुश्री कौर ने अच्छे साइट सिलेक्शन की सराहना कर पीठ थपथपाई तो कहीं नाराजगी भी जताई, निर्धारित समयावधि में कार्यों को गुणवत्ता के साथ पूर्ण कराने अधिकारियों को दिए निर्देश

 ढीमरखेड़ा के दूरस्थ आधा दर्जन से अधिक गांव पहुंचकर जिला पंचायत सीईओ ने निर्माण एवं विकास कार्यों की नब्ज़ टटोलेते हुए परखी गुणवत्ता, सुश्री कौर ने अच्छे साइट सिलेक्शन की सराहना कर पीठ थपथपाई तो कहीं नाराजगी भी जताई, निर्धारित समयावधि में कार्यों को गुणवत्ता के साथ पूर्ण कराने अधिकारियों को दिए निर्देश कटनी | भीषण गर्मी, तपती दोपहरी का वक्त,सकरी मेढ़ें, कटीली झाड़ियों और खेतों के बीच पगडंडी मार्ग से ऊबड़ खाबड़ पथरीली राहों में पसीने से तरबतर जिला पंचायत सीईओ सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर ने ढाई से तीन किलोमीटर पैदल चलकर विकासखंड ढीमरखेड़ा के दूरस्थ आधा दर्जन से अधिक गांवों में निर्माण एवं विकास कार्यों की नब्ज़ टटोली। इस दौरान उन्होंने ढीमरखेड़ा, कोठी, झिन्ना पिपरिया, भमका, खमतरा पहरुआ एवं अन्य गांव पहुंचकर, नवीन स्वीकृत जनपद पंचायत भवन निर्माण कार्य स्थल,गेहूं खरीदी केंद्र, जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत खेत तालाब, डगवेल, आंगनवाड़ी भवन एवं शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल में लैब एवं अतिरिक्त कक्ष निर्माणाधीन कार्यों की गुणवत्ता को परखा और प्रगति की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने ढीमरखेड़ा म...

विवेचना व्यवस्था, न्याय की रीढ़ या भ्रष्ट तंत्र का हथियार

 विवेचना व्यवस्था, न्याय की रीढ़ या भ्रष्ट तंत्र का हथियार कटनी  |  किसी भी लोकतांत्रिक राष्ट्र की न्याय व्यवस्था केवल अदालतों की चारदीवारी तक सीमित नहीं होती, बल्कि उसकी वास्तविक ताकत उस विवेचना व्यवस्था में छिपी होती है जो अपराध के पीछे का सच सामने लाने का काम करती है।अदालत वही निर्णय देती है जो तथ्य और सबूत उसके सामने प्रस्तुत किए जाते हैं। यदि विवेचना निष्पक्ष, ईमानदार और सत्य आधारित हो तो न्याय व्यवस्था मजबूत होती है, लेकिन यदि जांच भ्रष्टाचार, दबाव और चापलूसी की भेंट चढ़ जाए तो न्याय केवल कागजों तक सीमित रह जाता है। आज देश में आम जनता के बीच यह धारणा तेजी से मजबूत हुई है कि कई मामलों में विवेचना सत्य की खोज के लिए नहीं, बल्कि प्रभावशाली लोगों को बचाने और कमजोर वर्ग को दबाने के लिए की जाती है। पैसों के बल पर जांच की दिशा बदल देना, राजनीतिक दबाव में केस कमजोर करना, सबूत गायब करना और अपराधियों को बचाने के लिए कागजों में कहानी बदल देना यह सब न्याय व्यवस्था पर सबसे बड़ा सवाल खड़ा करता है। जब विवेचक सत्ता के सामने झुकने लगे और सत्य की जगह जी-हजूरी को प्राथमिकता देने लगे, ...

विवेचना व्यवस्था, न्याय की रीढ़ या भ्रष्ट तंत्र का हथियार

 विवेचना व्यवस्था, न्याय की रीढ़ या भ्रष्ट तंत्र का हथियार कटनी  |  किसी भी लोकतांत्रिक राष्ट्र की न्याय व्यवस्था केवल अदालतों की चारदीवारी तक सीमित नहीं होती, बल्कि उसकी वास्तविक ताकत उस विवेचना व्यवस्था में छिपी होती है जो अपराध के पीछे का सच सामने लाने का काम करती है।अदालत वही निर्णय देती है जो तथ्य और सबूत उसके सामने प्रस्तुत किए जाते हैं। यदि विवेचना निष्पक्ष, ईमानदार और सत्य आधारित हो तो न्याय व्यवस्था मजबूत होती है, लेकिन यदि जांच भ्रष्टाचार, दबाव और चापलूसी की भेंट चढ़ जाए तो न्याय केवल कागजों तक सीमित रह जाता है। आज देश में आम जनता के बीच यह धारणा तेजी से मजबूत हुई है कि कई मामलों में विवेचना सत्य की खोज के लिए नहीं, बल्कि प्रभावशाली लोगों को बचाने और कमजोर वर्ग को दबाने के लिए की जाती है। पैसों के बल पर जांच की दिशा बदल देना, राजनीतिक दबाव में केस कमजोर करना, सबूत गायब करना और अपराधियों को बचाने के लिए कागजों में कहानी बदल देना यह सब न्याय व्यवस्था पर सबसे बड़ा सवाल खड़ा करता है। जब विवेचक सत्ता के सामने झुकने लगे और सत्य की जगह जी-हजूरी को प्राथमिकता देने लगे, ...

आखिर कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी पीयूष शुक्ला की संपत्ति की जांच कब

 आखिर कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी पीयूष शुक्ला की संपत्ति की जांच कब कटनी  |  सरकारी कुर्सी जनता की सेवा के लिए होती है, लेकिन जब वही कुर्सी सवालों के घेरे में आ जाए तो फिर जांच की मांग उठना स्वाभाविक है। इन दिनों क्षेत्र में कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी पीयूष शुक्ला की संपत्ति को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। आमजन के बीच यह सवाल लगातार उठ रहा है कि आखिर नौकरी में आने से पहले उनकी आर्थिक स्थिति क्या थी और अब कितनी संपत्ति अर्जित हो चुकी है? यदि सब कुछ नियम और कानून के दायरे में है तो फिर पारदर्शिता से जांच कराने में हिचक कैसी? जनता का कहना है कि शासन की योजनाओं का लाभ गरीबों तक पहुंचाने वाले विभाग में बैठे अधिकारियों की जीवनशैली और बढ़ती संपत्ति पर समय-समय पर निगरानी होना बेहद जरूरी है। राशन व्यवस्था, खाद्यान्न वितरण और सार्वजनिक आपूर्ति प्रणाली सीधे गरीब और मध्यम वर्ग के जीवन से जुड़ी होती है। ऐसे में यदि किसी अधिकारी की संपत्ति अचानक चर्चा का विषय बन जाए तो सवाल उठना लाजिमी है। क्षेत्र में लोग खुलकर कह रहे हैं कि नौकरी से पहले आखिर पीयूष शुक्ला के पास कितनी जमीन, मकान, वाहन और बै...

पोड़ी कला बी केंद्र में गेहूं का अंबार, परिवहन न होने से किसान परेशान

 पोड़ी कला बी केंद्र में गेहूं का अंबार, परिवहन न होने से किसान परेशान कटनी  |  तहसील ढीमरखेड़ा के पोड़ी कला बी उपार्जन केंद्र में इन दिनों गेहूं की बंपर आवक तो हो रही है, लेकिन परिवहन व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई नजर आ रही है। केंद्र परिसर में गेहूं खुले आसमान के नीचे पड़ा हुआ है और समय पर उठाव नहीं होने से किसानों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। एक ओर सरकार किसानों से समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी कर “अन्नदाता सम्मान” की बातें कर रही है, वहीं दूसरी ओर जमीनी हकीकत यह है कि खरीदी केंद्रों में अव्यवस्थाओं का अंबार लगा हुआ है। पोड़ी कला बी केंद्र की स्थिति देखकर ऐसा प्रतीत होता है मानो व्यवस्था खुद ही अपने बोझ तले दब गई हो। केंद्र में जगह-जगह गेहूं की बोरियों के पहाड़ खड़े हैं, लेकिन परिवहन के लिए न पर्याप्त ट्रक उपलब्ध हैं और न ही जिम्मेदार अधिकारियों की कोई ठोस पहल दिखाई दे रही है। किसानों का कहना है कि कई दिनों से उनका गेहूं केंद्र में रखा हुआ है, लेकिन उठाव न होने के कारण उन्हें बार-बार केंद्र के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। मौसम में हल्के बदलाव और आंधी-पानी की आशंका ने किसा...

कहीं भाजपा की सरकार को उठाना ना पड़ें इसका खामियाजा सरकार गिरने में नहीं लगेगी देर, अन्नदाता परेशान, कटनी में गोदामों का संकट, जबलपुर भेजा जा रहा गेहूं किसान हो रहे बेहाल कटनी का गेहूं जबलपुर में फेल, किसानों की मेहनत पर प्रशासनिक चोट, कहीं मिट्टी तो कहीं नमी का बहाना, कटनी के किसानों का गेहूं लगातार फेल, गोदाम नहीं, व्यवस्था नहीं ट्रकों में भरकर भटक रहा किसानों का गेहूं, कटनी के अन्नदाता परेशान, हर ट्रक में निकाली जा रही कमी, जबलपुर पहुंचते ही ‘फेल’ हो रहा कटनी का गेहूं, किसानों में भारी आक्रोश,कटनी का गेहूं जबलपुर रवाना, किसान बेहाल अन्नदाता लाइन में, व्यवस्था फाइल में

 कहीं भाजपा की सरकार को उठाना ना पड़ें इसका खामियाजा सरकार गिरने में नहीं लगेगी देर, अन्नदाता परेशान, कटनी में गोदामों का संकट, जबलपुर भेजा जा रहा गेहूं किसान हो रहे बेहाल कटनी का गेहूं जबलपुर में फेल, किसानों की मेहनत पर प्रशासनिक चोट, कहीं मिट्टी तो कहीं नमी का बहाना, कटनी के किसानों का गेहूं लगातार फेल, गोदाम नहीं, व्यवस्था नहीं ट्रकों में भरकर भटक रहा किसानों का गेहूं, कटनी के अन्नदाता परेशान, हर ट्रक में निकाली जा रही कमी, जबलपुर पहुंचते ही ‘फेल’ हो रहा कटनी का गेहूं, किसानों में भारी आक्रोश,कटनी का गेहूं जबलपुर रवाना, किसान बेहाल अन्नदाता लाइन में, व्यवस्था फाइल में कटनी  |  कटनी जिले में इस समय गेहूं खरीदी को लेकर जो हालात बने हुए हैं, उसने किसानों की मेहनत, उम्मीद और व्यवस्था तीनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। खेतों में पसीना बहाकर सुनहरा गेहूं उगाने वाले अन्नदाता आज खरीदी केंद्रों के बाहर धूल फांकने को मजबूर हैं। वजह सिर्फ एक कटनी जिले में पर्याप्त भंडारण व्यवस्था और गोदामों की कमी। आलम यह है कि जिले से गेहूं के ट्रक अब जबलपुर भेजे जा रहे हैं। किसान उम्मीद लेकर ट्रको...

मां वीरासन देवी धाम के सेवक पुजारी सौरभ दुबे आस्था, सेवा और सरलता का अद्भुत संगम

 मां वीरासन देवी धाम के सेवक पुजारी सौरभ दुबे आस्था, सेवा और सरलता का अद्भुत संगम कटनी  |  आस्था की धरती पर कुछ ऐसे चेहरे भी होते हैं जो केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं रहते, बल्कि लोगों के दुख-दर्द, भावनाओं और उम्मीदों को भी ईश्वर तक पहुंचाने का माध्यम बन जाते हैं।ऐसे ही सहज, सरल और मिलनसार व्यक्तित्व के धनी हैं सौरभ दुबे, जिनका जन्मदिन श्रद्धा, सम्मान और शुभकामनाओं के साथ मनाया जाएगा। शक्तिपीठ मां वीरासन देवी मंदिर में सेवा दे रहे पुजारी सौरभ दुबे आज केवल एक पुजारी का नाम नहीं, बल्कि हजारों श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास का केंद्र बन चुके हैं। मां भगवती की भक्ति में समर्पित सौरभ दुबे का जीवन सादगी, सेवा और संस्कारों की ऐसी मिसाल है, जिसे देखकर हर कोई प्रभावित हो जाता है।मंदिर में आने वाला प्रत्येक श्रद्धालु यही कहता नजर आता है कि “माता के दरबार में अगर कोई हमारी बात सच्चे मन से पहुंचाता है, तो वह हैं सौरभ दुबे जी।” उनकी वाणी में मधुरता, व्यवहार में विनम्रता और सेवा में समर्पण स्पष्ट दिखाई देता है।आज के दौर में जहां लोग अपने स्वार्थ और व्यस्तताओं में उलझे हुए हैं, वहीं स...

अब आसमान से नहीं, ज़मीन पर दिखेगी हकीकत, मध्यप्रदेश की सियासत में एक बार फिर हलचल तेज है, इस बार वजह हैं प्रदेश के मुखिया डॉ. मोहन यादव, जिनका हेलीकॉप्टर अब सीधे जमीनी हकीकत की पड़ताल करने उतरने वाला है वो भी तहसील ढीमरखेड़ा के खरीदी केंद्रों पर

 अब आसमान से नहीं, ज़मीन पर दिखेगी हकीकत, मध्यप्रदेश की सियासत में एक बार फिर हलचल तेज है, इस बार वजह हैं प्रदेश के मुखिया डॉ. मोहन यादव, जिनका हेलीकॉप्टर अब सीधे जमीनी हकीकत की पड़ताल करने उतरने वाला है वो भी तहसील ढीमरखेड़ा के खरीदी केंद्रों पर कटनी  |  ढीमरखेड़ा के खरीदी केंद्रों में लंबे समय से चल रही अव्यवस्थाओं, किसानों की परेशानियों और कथित भ्रष्टाचार की खबरें आखिरकार सत्ता के शीर्ष तक पहुंच ही गईं। और अब, खुद मुख्यमंत्री का दौरा यह संकेत दे रहा है कि मामला केवल फाइलों तक सीमित नहीं रहेगा सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का हेलीकॉप्टर बहुत जल्द ढीमरखेड़ा की धरती पर उतर सकता है। इस दौरान कई खरीदी केंद्रों का औचक निरीक्षण होगा जहां गेहूं खरीदी की प्रक्रिया, भुगतान व्यवस्था और किसानों के साथ हो रहे व्यवहार की सच्चाई परखी जाएगी।  *क्यों जरूरी हो गया यह दौरा* किसानों की लगातार शिकायतें समय पर तौल नहीं भुगतान में देरी दलालों की सक्रियता अधिकारियों की लापरवाही इन सबने सिस्टम की साख पर सवाल खड़े कर दिए हैं, सवाल यह है कि क्या यह दौरा केवल औपचारिकता रहेगा, ...

भ्रष्टाचार उस लेवल पर पहुंच चुका है कि बंदा रिश्वत लेकर भी अगर टाइम से काम कर दे तो उसे ईमानदारो की कैटेगरी में गिना जाता है, जब रिश्वत लेकर समय पर काम करना भी ‘ईमानदारी’ कहलाने लगे

 भ्रष्टाचार उस लेवल पर पहुंच चुका है कि बंदा रिश्वत लेकर भी अगर टाइम से काम कर दे तो उसे ईमानदारो की कैटेगरी में गिना जाता है, जब रिश्वत लेकर समय पर काम करना भी ‘ईमानदारी’ कहलाने लगे कटनी  |  देश की प्रशासनिक व्यवस्था पर सबसे बड़ा धब्बा यदि किसी एक शब्द में समेटा जाए, तो वह है—भ्रष्टाचार। यह अब कोई छिपी हुई बीमारी नहीं, बल्कि खुलेआम स्वीकार कर ली गई व्यवस्था का हिस्सा बन चुका है। हालत इतनी विकृत हो चुकी है कि यदि कोई अधिकारी रिश्वत लेने के बाद भी समय पर काम कर दे, तो उसे “ईमानदार” की श्रेणी में रख दिया जाता है। यह केवल एक कथन नहीं, बल्कि उस मानसिकता का आईना है जो हमारे तंत्र में गहराई तक जड़ें जमा चुकी है। एक समय था जब ईमानदारी का अर्थ था निष्पक्षता, पारदर्शिता और कर्तव्यनिष्ठा।लेकिन आज यह परिभाषा बदल चुकी है। अब ईमानदारी का पैमाना गिरकर इतना नीचे आ गया है कि रिश्वत लेना भी “सामान्य” और “व्यवहारिक” माना जाने लगा है। आम नागरिक यह मानकर चल रहा है कि बिना “चाय-पानी” के कोई काम नहीं होगा। यह स्वीकृति ही भ्रष्टाचार की सबसे बड़ी ताकत है। सरकारी दफ्तरों की तस्वीर किसी से छिपी नह...

कटनी में भ्रष्टाचार के आरोप, क्या परिवहन विभाग पर उठते सवालों का जवाब मिलेगा,भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाना केवल नीतियों में नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर भी दिखना चाहिए कटनी का यह मामला एक परीक्षा है प्रशासन के लिए भी और राजनीतिक इच्छाशक्ति के लिए भी

 कटनी में भ्रष्टाचार के आरोप, क्या परिवहन विभाग पर उठते सवालों का जवाब मिलेगा,भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाना केवल नीतियों में नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर भी दिखना चाहिए कटनी का यह मामला एक परीक्षा है प्रशासन के लिए भी और राजनीतिक इच्छाशक्ति के लिए भी कटनी |  मध्यप्रदेश के कटनी जिले में परिवहन विभाग एक बार फिर गंभीर आरोपों के केंद्र में है। क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) से जुड़े अधिकारी संतोष पाल पर लगे आरोपों ने प्रशासनिक व्यवस्था और पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि पूरे तंत्र की कार्यप्रणाली पर बहस छेड़ रहा है। सबसे गंभीर आरोप आर्थिक अनियमितताओं से जुड़े हैं।आर्थिक अपराध अन्वेषण संगठन (EOW) द्वारा आय से अधिक संपत्ति के मामले में प्रकरण दर्ज किया गया, जिसमें छापेमारी के दौरान करोड़ों रुपये की संपत्ति उजागर होने की बात सामने आई। इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई ने मामले को और गहरा कर दिया। ED के अनुसार लगभग ₹3.38 करोड़ की संपत्ति कुर्क की गई, जबकि वैध आय मात्र ₹73 लाख बताई गई है। कुल संपत्ति लगभग ₹4.80 करोड...

शिवराज पर एफआईआर की तैयारी, पूर्व IFS अधिकारी के आरोपों से मचा राजनीतिक हलचल

 शिवराज पर एफआईआर की तैयारी, पूर्व IFS अधिकारी के आरोपों से मचा राजनीतिक हलचल कटनी  |  मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। मध्य प्रदेश कैडर के रिटायर्ड आईएफएस अधिकारी आजाद सिंह डबास ने पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी शुरू कर दी है। डबास का आरोप है कि शिवराज सिंह चौहान ने अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान राजनीतिक लाभ और वोट बैंक को साधने के लिए राज्य की बहुमूल्य वन संपदा और नर्मदा नदी के पारिस्थितिक तंत्र को नुकसान पहुंचाया। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2020 में सत्ता में वापसी के बाद बुधनी और नसरुल्लागंज क्षेत्र में करीब 1300 वन भूमि पट्टे अवैध रूप से बांटे गए। आरोपों के मुताबिक, ये पट्टे पात्र आदिवासी हितग्राहियों को देने के बजाय अपात्र लोगों को राजनीतिक दबाव में वितरित किए गए, जिससे वन क्षेत्र और पर्यावरण को गंभीर क्षति हुई।डबास ने इसे न केवल प्रशासनिक अनियमितता बल्कि पर्यावरणीय अपराध भी बताया है। इस पूरे मामले को लेकर उन्होंने संबंधित एजेंसियों से शिकाय...

जनपद पंचायत भवन निर्माण का औचक निरीक्षण, कार्य की गुणवत्ता पर दिया जोर, संतोष दुबे, राहुल दुबे, अनिल बागरी तीनों शेर ने पहुंचकर देखा निर्माण कार्य

 जनपद पंचायत भवन निर्माण का औचक निरीक्षण, कार्य की गुणवत्ता पर दिया जोर, संतोष दुबे, राहुल दुबे, अनिल बागरी तीनों शेर ने पहुंचकर देखा निर्माण कार्य  ढीमरखेड़ा ।  जनपद पंचायत क्षेत्र में निर्माणाधीन जनपद पंचायत भवन का औचक निरीक्षण जनप्रतिनिधियों द्वारा किया गया। यह भवन जनपद अध्यक्ष सुनीता संतोष दुबे की पहल और सतत प्रयासों से तैयार किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र के प्रशासनिक कार्यों को बेहतर सुविधा मिल सकेगी। निरीक्षण के दौरान संतोष दुबे, राहुल दुबे एवं अनिल बागरी ने निर्माण कार्य का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने निर्माण में उपयोग हो रही सामग्री की गुणवत्ता, कार्य की गति और तकनीकी मानकों की जानकारी ली। साथ ही संबंधित अधिकारियों और ठेकेदार को निर्देश दिए कि कार्य निर्धारित समयसीमा में पूर्ण हो तथा गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न किया जाए।जनप्रतिनिधियों ने कहा कि यह भवन क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित होगा और आमजन को एक ही स्थान पर विभिन्न शासकीय सेवाओं का लाभ मिल सकेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि निर्माण कार्य में लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।स्...

पाँच माह से बिना वेतन काम कर रहे रोजगार सहायक व्यवस्था की संवेदनहीनता पर सवाल

 पाँच माह से बिना वेतन काम कर रहे रोजगार सहायक व्यवस्था की संवेदनहीनता पर सवाल कटनी  |  ग्रामीण प्रशासन की रीढ़ माने जाने वाले रोजगार सहायकों की स्थिति एक बार फिर गंभीर सवालों के घेरे में है। जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा के अंतर्गत ग्राम रोजगार सहायकों द्वारा मुख्य कार्यपालन अधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन ने शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कई महत्वपूर्ण प्रश्न खड़े कर दिए हैं। ज्ञापन के अनुसार, दिनांक 29 अप्रैल 2026 से 1 मई 2026 तक तीन दिवसीय सामूहिक अवकाश पर जाने का निर्णय रोजगार सहायकों ने मजबूरी में लिया है। कारण स्पष्ट है पिछले लगभग पाँच महीनों से उन्हें वेतन प्राप्त नहीं हुआ है। विडंबना यह है कि ये वही कर्मचारी हैं जो निरंतर शासन की विभिन्न योजनाओं को जमीनी स्तर पर क्रियान्वित करते हैं, लेकिन उनकी अपनी आजीविका ही संकट में है।रोजगार सहायकों का कहना है कि वे लगातार काम करते हुए भी आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं। कई बार बैठकों में मुद्दा उठाने के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है। ऐसे में सामूहिक अवकाश ही उनका अंतिम विकल्प बचा है, ताकि प्रशासन उनकी पीड़ा को गंभीरता से ले। यह मामल...

धरवारा में ‘गर्ग पुरस्कार’ से मेधावी छात्रों का सम्मान, शिक्षा को लेकर मिला प्रेरणादायक संदेश

 धरवारा में ‘गर्ग पुरस्कार’ से मेधावी छात्रों का सम्मान, शिक्षा को लेकर मिला प्रेरणादायक संदेश कटनी ।  ग्राम धरवारा स्थित शासकीय हायर सेकेंडरी विद्यालय में आयोजित एक गरिमामय कार्यक्रम में सेवानिवृत्त पुलिस महानिदेशक श्री ओपी गर्ग ने पहुंचकर मेधावी छात्रों को ‘गर्ग पुरस्कार’ से सम्मानित किया। कार्यक्रम की शुरुआत माता सरस्वती के पूजन-अर्चन के साथ की गई।विद्यालय में कक्षा 12वीं के गणित, बायो और आर्ट संकाय में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले छात्रों दीपक साहू, नीतेश सिंह और कामना साहू को इस वर्ष ‘गर्ग पुरस्कार’ प्रदान किया गया। प्रत्येक छात्र को 10-10 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया । इस अवसर पर श्री ओपी गर्ग ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में सफलता के लिए सही लक्ष्य निर्धारित करना और उस पर निरंतर मेहनत करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने छात्रों को कठिनाइयों के समय मार्गदर्शन लेने की सीख दी तथा प्रेरित करते हुए घोषणा की कि अगले वर्ष प्रतिभावान छात्रों को हवाई यात्रा के माध्यम से शैक्षणिक भ्रमण कराया जाएगा । कार्यक्रम के पश्चात श...

महनेर मार्ग पर बढ़ता गड्ढा बना हादसों का कारण, भाजपा नेता सोमनाथ पटेल ने उठाई आवाज

 महनेर मार्ग पर बढ़ता गड्ढा बना हादसों का कारण, भाजपा नेता सोमनाथ पटेल ने उठाई आवाज कटनी ।  ढीमरखेड़ा क्षेत्र के महनेर गांव में कमानिया गेट से अंदर यात्री परीक्षालय के सामने सड़क पर बना गहरा गड्ढा अब जनसुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बनता जा रहा है। इस गंभीर समस्या को लेकर भाजपा के दिग्गज नेता सोमनाथ पटेल ने आवाज उठाते हुए तत्काल निराकरण की मांग की है, अन्यथा चक्काजाम की चेतावनी दी है। स्थानीय नागरिकों के अनुसार इस मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में दोपहिया और चारपहिया वाहन गुजरते हैं, साथ ही राहगीरों की भी आवाजाही बनी रहती है।गड्ढा लगातार गहरा और चौड़ा होता जा रहा है, जिससे दुर्घटना की आशंका बढ़ती जा रही है।दिन के समय वाहन चालक किसी तरह सावधानी बरतकर निकल जाते हैं, लेकिन रात के समय अपर्याप्त रोशनी के कारण स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है । कई बार वाहन चालक अचानक गड्ढे में फंसकर हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बचे हैं । नागरिकों ने बताया कि संबंधित विभाग के अधिकारी इस मार्ग से गुजरते रहते हैं, बावजूद इसके अब तक सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई है। इससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। भाजपा...