पोड़ी कला बी का हनुमान मंदिर विज्ञान को चुनौती देता सनातन का चमत्कारी दरबार, जहाँ पाताल में समा जाता है अथाह जल और प्रभु कृपा से हरी होती है सूनी गोद
पोड़ी कला बी का हनुमान मंदिर विज्ञान को चुनौती देता सनातन का चमत्कारी दरबार, जहाँ पाताल में समा जाता है अथाह जल और प्रभु कृपा से हरी होती है सूनी गोद कटनी | सनातन धर्म में आस्था, रहस्य और चमत्कारों का इतिहास सदियों पुराना है।भारत भूमि पर कई ऐसे अलौकिक और दिव्य तीर्थ स्थल मौजूद हैं, जिनकी अनसुलझी पहेली के आगे आधुनिक विज्ञान और आधुनिक तकनीक ने भी घुटने टेक दिए हैं। ऐसा ही एक परम पवित्र, विस्मयकारी और तांत्रिक शक्तियों का केंद्र है माता चौसठ योगिनी का ऐतिहासिक मंदिर परिसर। यह पावन धाम केवल एक पूजा स्थल नहीं है, बल्कि दिव्य आध्यात्मिक ऊर्जा, अचूक रोग-निवारण और भूगर्भीय रहस्यों का एक ऐसा जीवंत प्रमाण है, जो यहाँ आने वाले हर नास्तिक को भी आस्तिक बनने पर मजबूर कर देता है। इस अलौकिक परिसर में भगवान शंकर जी का दिव्य शिवलिंग, काल भैरव बाबा का जागृत स्थान, विघ्नहर्ता हनुमान जी का संकटमोचन मंदिर और स्वयं चौसठ योगिनी माता का मुख्य गर्भगृह एक साथ विद्यमान हैं।इस पावन परिसर से जुड़े तीन ऐसे अविश्वसनीय चमत्कार हैं, जो वर्तमान समय में पूरे देश में कौतूहल और गहरी श्रद्धा का विषय बने हुए हैं पहला यह...