सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

संदेश

चुनावी धांधली के आरोपों के बीच गूंजा नारा, इस्तीफा ही तो मांगा है तुम्हारी किडनी तो नहीं मांगी,13 करोड़ वोटों की 'लूट' पर छिड़ा सियासी संग्राम ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे पर अड़ा विपक्ष, सड़कों पर गूंजे तीखे व्यंग्य , हिसाब लूट का ही तो मांगा है तुम्हारी चमड़ी तो नहीं मांगी...

 चुनावी धांधली के आरोपों के बीच गूंजा नारा, इस्तीफा ही तो मांगा है तुम्हारी किडनी तो नहीं मांगी,13 करोड़ वोटों की 'लूट' पर छिड़ा सियासी संग्राम ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे पर अड़ा विपक्ष, सड़कों पर गूंजे तीखे व्यंग्य , हिसाब लूट का ही तो मांगा है तुम्हारी चमड़ी तो नहीं मांगी... कटनी ।  भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर देश की राजनीति में एक अभूतपूर्व उबाल आ चुका है। चुनाव आयोग के भीतर मचे आंतरिक घमासान और 13 करोड़ मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाए जाने के गंभीर आरोपों के बाद विपक्षी दलों (INDIA ब्लॉक) और छात्र-युवा संगठनों ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इस देशव्यापी आंदोलन के बीच सड़कों पर एक व्यंग्यात्मक नारा और पैरोडी गीत गूंज रहा है इस्तीफा ही तो मांगा है तुम्हारी किडनी तो नहीं मांगी, हिसाब लूट का ही तो मांगा है तुम्हारी चमड़ी तो नहीं मांगी। यह तीखा व्यंग्य सोशल मीडिया से लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर और राजघाट के विरोध प्रदर्शनों का मुख्य नारा बन चुका है। द हिंदू के अनुसार, विपक्ष इसे भारतीय लोकतंत्र के इतिहास मे...

नवरात्रि में मांस-मदिरा की बिक्री पर रोक लगाने की मांग, युवा जनकल्याण मोर्चा ने प्रशासन को सौंपा ज्ञापन मोर्चा ने धार्मिक भावनाओं का हवाला देते हुए मांग रखी, प्रशासन नियमानुसार कार्रवाई पर करेगा विचार

 नवरात्रि में मांस-मदिरा की बिक्री पर रोक लगाने की मांग, युवा जनकल्याण मोर्चा ने प्रशासन को सौंपा ज्ञापन मोर्चा ने धार्मिक भावनाओं का हवाला देते हुए मांग रखी, प्रशासन नियमानुसार कार्रवाई पर करेगा विचार कटनी |  नवरात्रि पावन पर्व के दौरान मांस और मदिरा की बिक्री पर रोक लगाने की मांग को लेकर युवा जनकल्याण मोर्चा ने प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया है। मोर्चा का कहना है कि नवरात्रि के नौ दिनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु व्रत, पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठान करते हैं। ऐसे में पर्व के दौरान धार्मिक भावनाओं और सामाजिक मर्यादा का ध्यान रखा जाना चाहिए। मोर्चा ने संबंधित प्रशासन से मांग की है कि नवरात्रि अवधि में मांस और मदिरा की बिक्री को लेकर नियमानुसार आवश्यक कदम उठाए जाएं। संगठन के प्रतिनिधियों का कहना है कि इससे श्रद्धालुओं की आस्था का सम्मान होगा और धार्मिक वातावरण बनाए रखने में मदद मिलेगी। *नवरात्रि के दौरान बिक्री पर रोक लगाने पर विचार हो* युवा जनकल्याण मोर्चा ने कहा कि नवरात्रि के दौरान मांस और मदिरा की बिक्री पर रोक लगाने के संबंध में प्रशासन को उचित निर्णय लेना चाहिए। संगठन का ...

विश्व हिंदू परिषद-बजरंग दल ढीमरखेड़ा प्रखंड की नई कार्यकारिणी घोषित, अधिवक्ता प्रशांत राय बने अध्यक्ष, राकेश त्रिपाठी को उपाध्यक्ष और गोलू जायसवाल को बजरंग दल संयोजक की कमान

 विश्व हिंदू परिषद-बजरंग दल ढीमरखेड़ा प्रखंड की नई कार्यकारिणी घोषित, अधिवक्ता प्रशांत राय बने अध्यक्ष, राकेश त्रिपाठी को उपाध्यक्ष और गोलू जायसवाल को बजरंग दल संयोजक की कमान ​ ढीमरखेड़ा | राष्ट्र रक्षा, धर्म संरक्षण और सामाजिक समरसता के ध्येय को साकार करने के उद्देश्य से विश्व हिंदू परिषद (विहिप) एवं बजरंग दल प्रखंड ढीमरखेड़ा द्वारा एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक का आयोजन किया गया।जिला कटनी (मध्य प्रदेश) के ढीमरखेड़ा प्रखंड में आयोजित इस बैठक में संगठन के विस्तार, भावी कार्ययोजनाओं तथा धार्मिक व सामाजिक गतिविधियों को गति देने के लिए नवीन पदाधिकारियों के दायित्वों की घोषणा की गई। सर्वसम्मति से अधिवक्ता श्री प्रशांत राय जी को प्रखंड अध्यक्ष तथा श्री गोलू जायसवाल जी को बजरंग दल के प्रखंड संयोजक का महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा गया है। ​बैठक के दौरान संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों की उपस्थिति में नए दायित्वधारियों के नामों की घोषणा होते ही कार्यकर्ताओं में उत्साह की लहर दौड़ गई। उपस्थित सभी सदस्यों और कार्यकर्ताओं ने नवनियुक्त पदाधिकारियों का माल्यार्पण कर एवं मिठाई खिलाकर स्वागत किया तथा उन्...

विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल ढीमरखेड़ा प्रखंड के उपाध्यक्ष बनाए गए राकेश त्रिपाठी

 विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल ढीमरखेड़ा प्रखंड के उपाध्यक्ष बनाए गए राकेश त्रिपाठी ढीमरखेड़ा ।  विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल की ढीमरखेड़ा प्रखंड इकाई में संगठनात्मक विस्तार करते हुए राकेश त्रिपाठी को प्रखंड उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। संगठन द्वारा उन्हें यह दायित्व सौंपे जाने पर कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए शुभकामनाएं दीं। नव नियुक्त प्रखंड उपाध्यक्ष राकेश त्रिपाठी ने संगठन द्वारा जताए गए विश्वास के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वह सौंपे गए दायित्व का पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करेंगे। उन्होंने संगठन की गतिविधियों को मजबूत करने तथा कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय बनाकर कार्य करने की बात कही। इस नियुक्ति के बाद क्षेत्र के कार्यकर्ताओं एवं शुभचिंतकों ने राकेश त्रिपाठी को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल कार्यकाल की शुभकामनाएं दीं। कार्यकर्ताओं ने उम्मीद जताई कि उनके नेतृत्व और सक्रिय सहभागिता से ढीमरखेड़ा प्रखंड में संगठनात्मक गतिविधियों को और मजबूती मिलेगी।

अभावों से तपकर बने अभिनेता, आत्मसम्मान से बनाई पहचान और किसानों-सैनिकों से जुड़ी सामाजिक संवेदनशीलता ने बनाया अलग मुकाम, अभिनेता नाना पाटेकर, पर्दे के नायक से जन-जन के 'अपने' बनने तक का सफर

 अभावों से तपकर बने अभिनेता, आत्मसम्मान से बनाई पहचान और किसानों-सैनिकों से जुड़ी सामाजिक संवेदनशीलता ने बनाया अलग मुकाम, अभिनेता नाना पाटेकर, पर्दे के नायक से जन-जन के 'अपने' बनने तक का सफर कटनी |  भारतीय सिनेमा में कुछ कलाकार अपनी फिल्मों के लिए जाने जाते हैं, तो कुछ अपने यादगार किरदारों के लिए। लेकिन अभिनेता नाना पाटेकर उन गिने-चुने कलाकारों में शामिल हैं, जिन्होंने अपनी कला के साथ-साथ अपने मानवीय सरोकारों से लोगों के दिलों में एक खास जगह बनाई है। उनका जीवन केवल एक सफल अभिनय यात्रा भर नहीं है, बल्कि यह संघर्ष, आत्मसम्मान, संवेदनशीलता और अपनी जड़ों से जुड़े रहने की मिसाल है। *अभावों में तपकर निखरा व्यक्तित्व* नाना पाटेकर का बचपन बेहद गरीबी और संघर्षों के बीच बीता। कम उम्र में पेट भरने की चिंता और कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए उन्होंने जीवन की सबसे बड़ी सीख पाई। नाना खुद मानते हैं कि बचपन में महसूस की गई 'भूख और अपमान' ने ही उन्हें अभिनय का असली पाठ पढ़ाया। यही कड़वे अनुभव आगे चलकर उनके अभिनय में यथार्थ और गहराई बनकर उभरे। *आत्मसम्मान से समझौता किए बिना बनाई पहचा...

खून में जुनून रखो, क्योंकि हौसला और घोंसला किसी को विरासत में नहीं मिलते, उसे अपनी दम पर बनाना पड़ता है, आत्मनिर्भरता और कड़ी मेहनत से ही मिलती है असली सफलता, युवाओं के लिए प्रेरणा बना नया मूलमंत्र

 खून में जुनून रखो, क्योंकि हौसला और घोंसला किसी को विरासत में नहीं मिलते, उसे अपनी दम पर बनाना पड़ता है, आत्मनिर्भरता और कड़ी मेहनत से ही मिलती है असली सफलता, युवाओं के लिए प्रेरणा बना नया मूलमंत्र कटनी  |  आज के आधुनिक और प्रतिस्पर्धी दौर में जहाँ हर कोई सफलता के शॉर्टकट की तलाश में रहता है, वहीं जीवन में स्थाई और वास्तविक पहचान बनाने के लिए कड़ी मेहनत, अटूट संकल्प और जुनून ही एकमात्र रास्ता है।हाल ही में सोशल मीडिया और विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर प्रेरणादायक विचारों और संदेशों की एक नई लहर देखी जा रही है, जो युवाओं को अपनी क्षमताओं पर भरोसा करने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही है। इसी क्रम में एक प्रसिद्ध और प्रभावशाली संदेश लोगों के दिलों को छू रहा है "खून में जुनून रखो, क्योंकि हौसला और घोंसला किसी को विरासत में नहीं मिलते, उसे अपने दम पर बनाना पड़ता है।" यह विचार केवल कुछ शब्द नहीं हैं, बल्कि यह उन लाखों युवाओं की जीवन-यात्रा का सार हैं जो शून्य से शुरुआत करके सफलता के शिखर तक पहुँचते हैं।   *विरासत बनाम स्व-निर्मित सफलता* प्राचीन काल से ही यह ...

तिजोरी धरी रह गई,हाथ का मैल बना पैसा और श्मशान में बेटे की दी 'अग्नि' बनी अंतिम सत्य

 तिजोरी धरी रह गई,हाथ का मैल बना पैसा और श्मशान में बेटे की दी 'अग्नि' बनी अंतिम सत्य कटनी  |  कहते हैं इंसान अपनी पूरी जिंदगी जिस धन-दौलत को कमाने और संजोने में लगा देता है, वह मौत की चौखट पर आकर महज एक 'हाथ का मैल' साबित होती है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और भौतिकवादी समाज में यह कड़वा सच एक बार फिर हर किसी को सोचने पर मजबूर कर रहा है। श्रीमद्भगवद्गीता और भारतीय दर्शन में निहित यह बात आज के समाज का सबसे बड़ा आईना बन चुकी है कि इंसान खाली हाथ आता है और खाली हाथ ही चला जाता है। *पैसा जो किसी एक का होकर नहीं रहा* आर्थिक विश्लेषकों और समाजशास्त्रियों का भी मानना है कि पैसा पानी की तरह है, जो आज एक हाथ में है तो कल दूसरे हाथ में। इंसान जीवन भर इस भ्रम में जीता है कि जो संपत्ति उसने जुटाई है, वह उसकी अपनी है। लेकिन वास्तविकता यह है कि तिजोरियों में बंद नोट और बैंकों के आंकड़े केवल एक व्यवस्था का हिस्सा हैं, जो किसी एक व्यक्ति के पास कभी स्थिर नहीं रहते। पुत्र की दी 'अग्नि' ही जीवन का अंतिम पड़ाव सनातन परंपरा में मुखाग्नि (अंतिम संस्कार के समय अग्नि देना) का एक बहुत ग...