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अब आसमान से नहीं, ज़मीन पर दिखेगी हकीकत, मध्यप्रदेश की सियासत में एक बार फिर हलचल तेज है, इस बार वजह हैं प्रदेश के मुखिया डॉ. मोहन यादव, जिनका हेलीकॉप्टर अब सीधे जमीनी हकीकत की पड़ताल करने उतरने वाला है वो भी तहसील ढीमरखेड़ा के खरीदी केंद्रों पर

 अब आसमान से नहीं, ज़मीन पर दिखेगी हकीकत, मध्यप्रदेश की सियासत में एक बार फिर हलचल तेज है, इस बार वजह हैं प्रदेश के मुखिया डॉ. मोहन यादव, जिनका हेलीकॉप्टर अब सीधे जमीनी हकीकत की पड़ताल करने उतरने वाला है वो भी तहसील ढीमरखेड़ा के खरीदी केंद्रों पर कटनी  |  ढीमरखेड़ा के खरीदी केंद्रों में लंबे समय से चल रही अव्यवस्थाओं, किसानों की परेशानियों और कथित भ्रष्टाचार की खबरें आखिरकार सत्ता के शीर्ष तक पहुंच ही गईं। और अब, खुद मुख्यमंत्री का दौरा यह संकेत दे रहा है कि मामला केवल फाइलों तक सीमित नहीं रहेगा सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का हेलीकॉप्टर बहुत जल्द ढीमरखेड़ा की धरती पर उतर सकता है। इस दौरान कई खरीदी केंद्रों का औचक निरीक्षण होगा जहां गेहूं खरीदी की प्रक्रिया, भुगतान व्यवस्था और किसानों के साथ हो रहे व्यवहार की सच्चाई परखी जाएगी।  *क्यों जरूरी हो गया यह दौरा* किसानों की लगातार शिकायतें समय पर तौल नहीं भुगतान में देरी दलालों की सक्रियता अधिकारियों की लापरवाही इन सबने सिस्टम की साख पर सवाल खड़े कर दिए हैं, सवाल यह है कि क्या यह दौरा केवल औपचारिकता रहेगा, ...

भ्रष्टाचार उस लेवल पर पहुंच चुका है कि बंदा रिश्वत लेकर भी अगर टाइम से काम कर दे तो उसे ईमानदारो की कैटेगरी में गिना जाता है, जब रिश्वत लेकर समय पर काम करना भी ‘ईमानदारी’ कहलाने लगे

 भ्रष्टाचार उस लेवल पर पहुंच चुका है कि बंदा रिश्वत लेकर भी अगर टाइम से काम कर दे तो उसे ईमानदारो की कैटेगरी में गिना जाता है, जब रिश्वत लेकर समय पर काम करना भी ‘ईमानदारी’ कहलाने लगे कटनी  |  देश की प्रशासनिक व्यवस्था पर सबसे बड़ा धब्बा यदि किसी एक शब्द में समेटा जाए, तो वह है—भ्रष्टाचार। यह अब कोई छिपी हुई बीमारी नहीं, बल्कि खुलेआम स्वीकार कर ली गई व्यवस्था का हिस्सा बन चुका है। हालत इतनी विकृत हो चुकी है कि यदि कोई अधिकारी रिश्वत लेने के बाद भी समय पर काम कर दे, तो उसे “ईमानदार” की श्रेणी में रख दिया जाता है। यह केवल एक कथन नहीं, बल्कि उस मानसिकता का आईना है जो हमारे तंत्र में गहराई तक जड़ें जमा चुकी है। एक समय था जब ईमानदारी का अर्थ था निष्पक्षता, पारदर्शिता और कर्तव्यनिष्ठा।लेकिन आज यह परिभाषा बदल चुकी है। अब ईमानदारी का पैमाना गिरकर इतना नीचे आ गया है कि रिश्वत लेना भी “सामान्य” और “व्यवहारिक” माना जाने लगा है। आम नागरिक यह मानकर चल रहा है कि बिना “चाय-पानी” के कोई काम नहीं होगा। यह स्वीकृति ही भ्रष्टाचार की सबसे बड़ी ताकत है। सरकारी दफ्तरों की तस्वीर किसी से छिपी नह...

कटनी में भ्रष्टाचार के आरोप, क्या परिवहन विभाग पर उठते सवालों का जवाब मिलेगा,भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाना केवल नीतियों में नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर भी दिखना चाहिए कटनी का यह मामला एक परीक्षा है प्रशासन के लिए भी और राजनीतिक इच्छाशक्ति के लिए भी

 कटनी में भ्रष्टाचार के आरोप, क्या परिवहन विभाग पर उठते सवालों का जवाब मिलेगा,भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाना केवल नीतियों में नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर भी दिखना चाहिए कटनी का यह मामला एक परीक्षा है प्रशासन के लिए भी और राजनीतिक इच्छाशक्ति के लिए भी कटनी |  मध्यप्रदेश के कटनी जिले में परिवहन विभाग एक बार फिर गंभीर आरोपों के केंद्र में है। क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) से जुड़े अधिकारी संतोष पाल पर लगे आरोपों ने प्रशासनिक व्यवस्था और पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि पूरे तंत्र की कार्यप्रणाली पर बहस छेड़ रहा है। सबसे गंभीर आरोप आर्थिक अनियमितताओं से जुड़े हैं।आर्थिक अपराध अन्वेषण संगठन (EOW) द्वारा आय से अधिक संपत्ति के मामले में प्रकरण दर्ज किया गया, जिसमें छापेमारी के दौरान करोड़ों रुपये की संपत्ति उजागर होने की बात सामने आई। इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई ने मामले को और गहरा कर दिया। ED के अनुसार लगभग ₹3.38 करोड़ की संपत्ति कुर्क की गई, जबकि वैध आय मात्र ₹73 लाख बताई गई है। कुल संपत्ति लगभग ₹4.80 करोड...

शिवराज पर एफआईआर की तैयारी, पूर्व IFS अधिकारी के आरोपों से मचा राजनीतिक हलचल

 शिवराज पर एफआईआर की तैयारी, पूर्व IFS अधिकारी के आरोपों से मचा राजनीतिक हलचल कटनी  |  मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। मध्य प्रदेश कैडर के रिटायर्ड आईएफएस अधिकारी आजाद सिंह डबास ने पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी शुरू कर दी है। डबास का आरोप है कि शिवराज सिंह चौहान ने अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान राजनीतिक लाभ और वोट बैंक को साधने के लिए राज्य की बहुमूल्य वन संपदा और नर्मदा नदी के पारिस्थितिक तंत्र को नुकसान पहुंचाया। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2020 में सत्ता में वापसी के बाद बुधनी और नसरुल्लागंज क्षेत्र में करीब 1300 वन भूमि पट्टे अवैध रूप से बांटे गए। आरोपों के मुताबिक, ये पट्टे पात्र आदिवासी हितग्राहियों को देने के बजाय अपात्र लोगों को राजनीतिक दबाव में वितरित किए गए, जिससे वन क्षेत्र और पर्यावरण को गंभीर क्षति हुई।डबास ने इसे न केवल प्रशासनिक अनियमितता बल्कि पर्यावरणीय अपराध भी बताया है। इस पूरे मामले को लेकर उन्होंने संबंधित एजेंसियों से शिकाय...

जनपद पंचायत भवन निर्माण का औचक निरीक्षण, कार्य की गुणवत्ता पर दिया जोर, संतोष दुबे, राहुल दुबे, अनिल बागरी तीनों शेर ने पहुंचकर देखा निर्माण कार्य

 जनपद पंचायत भवन निर्माण का औचक निरीक्षण, कार्य की गुणवत्ता पर दिया जोर, संतोष दुबे, राहुल दुबे, अनिल बागरी तीनों शेर ने पहुंचकर देखा निर्माण कार्य  ढीमरखेड़ा ।  जनपद पंचायत क्षेत्र में निर्माणाधीन जनपद पंचायत भवन का औचक निरीक्षण जनप्रतिनिधियों द्वारा किया गया। यह भवन जनपद अध्यक्ष सुनीता संतोष दुबे की पहल और सतत प्रयासों से तैयार किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र के प्रशासनिक कार्यों को बेहतर सुविधा मिल सकेगी। निरीक्षण के दौरान संतोष दुबे, राहुल दुबे एवं अनिल बागरी ने निर्माण कार्य का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने निर्माण में उपयोग हो रही सामग्री की गुणवत्ता, कार्य की गति और तकनीकी मानकों की जानकारी ली। साथ ही संबंधित अधिकारियों और ठेकेदार को निर्देश दिए कि कार्य निर्धारित समयसीमा में पूर्ण हो तथा गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न किया जाए।जनप्रतिनिधियों ने कहा कि यह भवन क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित होगा और आमजन को एक ही स्थान पर विभिन्न शासकीय सेवाओं का लाभ मिल सकेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि निर्माण कार्य में लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।स्...

पाँच माह से बिना वेतन काम कर रहे रोजगार सहायक व्यवस्था की संवेदनहीनता पर सवाल

 पाँच माह से बिना वेतन काम कर रहे रोजगार सहायक व्यवस्था की संवेदनहीनता पर सवाल कटनी  |  ग्रामीण प्रशासन की रीढ़ माने जाने वाले रोजगार सहायकों की स्थिति एक बार फिर गंभीर सवालों के घेरे में है। जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा के अंतर्गत ग्राम रोजगार सहायकों द्वारा मुख्य कार्यपालन अधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन ने शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कई महत्वपूर्ण प्रश्न खड़े कर दिए हैं। ज्ञापन के अनुसार, दिनांक 29 अप्रैल 2026 से 1 मई 2026 तक तीन दिवसीय सामूहिक अवकाश पर जाने का निर्णय रोजगार सहायकों ने मजबूरी में लिया है। कारण स्पष्ट है पिछले लगभग पाँच महीनों से उन्हें वेतन प्राप्त नहीं हुआ है। विडंबना यह है कि ये वही कर्मचारी हैं जो निरंतर शासन की विभिन्न योजनाओं को जमीनी स्तर पर क्रियान्वित करते हैं, लेकिन उनकी अपनी आजीविका ही संकट में है।रोजगार सहायकों का कहना है कि वे लगातार काम करते हुए भी आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं। कई बार बैठकों में मुद्दा उठाने के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है। ऐसे में सामूहिक अवकाश ही उनका अंतिम विकल्प बचा है, ताकि प्रशासन उनकी पीड़ा को गंभीरता से ले। यह मामल...

धरवारा में ‘गर्ग पुरस्कार’ से मेधावी छात्रों का सम्मान, शिक्षा को लेकर मिला प्रेरणादायक संदेश

 धरवारा में ‘गर्ग पुरस्कार’ से मेधावी छात्रों का सम्मान, शिक्षा को लेकर मिला प्रेरणादायक संदेश कटनी ।  ग्राम धरवारा स्थित शासकीय हायर सेकेंडरी विद्यालय में आयोजित एक गरिमामय कार्यक्रम में सेवानिवृत्त पुलिस महानिदेशक श्री ओपी गर्ग ने पहुंचकर मेधावी छात्रों को ‘गर्ग पुरस्कार’ से सम्मानित किया। कार्यक्रम की शुरुआत माता सरस्वती के पूजन-अर्चन के साथ की गई।विद्यालय में कक्षा 12वीं के गणित, बायो और आर्ट संकाय में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले छात्रों दीपक साहू, नीतेश सिंह और कामना साहू को इस वर्ष ‘गर्ग पुरस्कार’ प्रदान किया गया। प्रत्येक छात्र को 10-10 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया । इस अवसर पर श्री ओपी गर्ग ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में सफलता के लिए सही लक्ष्य निर्धारित करना और उस पर निरंतर मेहनत करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने छात्रों को कठिनाइयों के समय मार्गदर्शन लेने की सीख दी तथा प्रेरित करते हुए घोषणा की कि अगले वर्ष प्रतिभावान छात्रों को हवाई यात्रा के माध्यम से शैक्षणिक भ्रमण कराया जाएगा । कार्यक्रम के पश्चात श...