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खरी-अखरी(सवाल उठाते हैं पालकी नहीं) पत्रकारिता दोधारी तलवार है जिस पर चलने के लिए नट जैसा संतुलन चाहिए ऐसा रेजिग्नेशन तो मुख्यमंत्री मोहन यादव का होना चाहिए

 खरी-अखरी(सवाल उठाते हैं पालकी नहीं) पत्रकारिता दोधारी तलवार है जिस पर चलने के लिए नट जैसा संतुलन चाहिए ऐसा रेजिग्नेशन तो मुख्यमंत्री मोहन यादव का होना चाहिए एक डायरी-पेन, गले में आईडी और हाथ में माइक लेकर, अधिकारियों के आगे-पीछे घूमने, पुलिस कर्मियों के गले में हाथ डाल कर चलने से कोई पत्रकार नहीं बन जाता है। पत्रकारिता दोधारी तलवार पर चलने जैसा है जिसमें एक नट जैसा संतुलन जरूरी है। महत्वपूर्ण यह नहीं है कि सामने वाले से कौन सा सवाल पूछना है, महत्वपूर्ण यह है कि कौन सा सवाल नहीं पूछना है। वर्ना ऐसा ही होता है जैसा बालाघाट में हुआ। तथाकथित पत्रकारों ने सीजेपी फाउंडर अभिजीत दीपके के मुंह में माइक घुसेड़ सवाल पूछकर उसे मध्य प्रदेश का सीएम बना दिया और दीपके ने प्रदेश के राज्यपाल को सीएम पद से इस्तीफा भेज दिया। To, The Hon'ble Governor of Madhya Pradesh, Raj Bhavan, Bhopal, Respected Sir, I hereby tender my resignation from the office of the Chief Minister of Madhya Pradesh. My conscience does not allow me to continue occupying this chair after the deaths of more than 30 Tribal children...

ढीमरखेड़ा में गणेश उत्सव को लेकर शांति समिति की बैठक संपन्न, हुड़दंगियों पर रहेगी पुलिस की तीखी नज़र, डीजे-साउंड का शोर कम रखने के सख्त निर्देश

 ढीमरखेड़ा में गणेश उत्सव को लेकर शांति समिति की बैठक संपन्न, हुड़दंगियों पर रहेगी पुलिस की तीखी नज़र, डीजे-साउंड का शोर कम रखने के सख्त निर्देश ढीमरखेड़ा ।  आगामी प्रमुख धार्मिक त्यौहार 'गणेशोत्सव' को जिलेभर में शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। इसी कड़ी में कटनी जिले के ढीमरखेड़ा थाना परिसर में शांति समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। थाना प्रभारी महिमा रघुवंशी की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, विभिन्न पूजा समितियों के सदस्यों, धर्मगुरुओं और समाजसेवियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।बैठक का मुख्य उद्देश्य पर्व के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना, सांप्रदायिक सौहार्द को बढ़ावा देना और सुरक्षा संबंधी आवश्यक दिशा-निर्देशों से सभी को अवगत कराना था। थाना प्रभारी ने स्पष्ट किया कि त्यौहार की आड़ में शांति भंग करने वाले असामाजिक तत्वों और शराब पीकर उत्पात मचाने वालों के खिलाफ पुलिस बेहद कड़ा रुख अपनाएगी। *शराब पीकर माहौल खराब करने वालों पर होगी तत्काल ...

संसार में बड़ा वो नहीं होता जिसे सामने वाला बड़ा महसूस करे, बड़ा तो वो होता है जो सामने वाले को छोटा महसूस ना होने दे, बड़े पेड़ की छांव में कभी भी छोटे पेड़ बड़े नहीं बन सकते हैं उनकी प्रतिभा का केवल उपयोग करके फायदा उठाया जायेगा

 संसार में बड़ा वो नहीं होता जिसे सामने वाला बड़ा महसूस करे, बड़ा तो वो होता है  जो सामने वाले को छोटा महसूस ना होने दे, बड़े पेड़ की छांव में कभी भी छोटे पेड़ बड़े नहीं बन सकते हैं उनकी प्रतिभा का केवल उपयोग करके फायदा उठाया जायेगा कटनी  |  संसार में महानता की परिभाषा क्या है? क्या किसी का बड़ा होना उसके पद, संपत्ति, अधिकार या समाज द्वारा दी गई मान्यता से तय होता है? यह एक ऐसा विचारणीय प्रश्न है जो हर युग में प्रासंगिक रहा है।समाजशास्त्रीय और नैतिक दृष्टिकोण से देखें तो संसार में बड़ा वह व्यक्ति या नेतृत्व नहीं होता जिसे सामने वाला बड़ा महसूस करे या जो अपने अधिकार से दूसरों को दबाए।वास्तविक अर्थों में बड़ा तो वह है, जो अपने संपर्क में आने वाले हर छोटे से छोटे व्यक्ति को कभी भी 'छोटा' होने का अहसास न होने दे।इसी संदर्भ में एक और गहरा प्रतीक इस्तेमाल किया जाता है बड़े पेड़ की छांव का। बरगद या किसी भी विशाल वृक्ष के नीचे उगे छोटे पौधे अक्सर धूप और पोषण के अभाव में पनप नहीं पाते।अगर उनका सही प्रबंधन न हो, तो उनकी प्रतिभा का केवल इस्तेमाल होता है और उनकी अपनी पहचान हमेशा के...

अवैध शराब बिक्री से तंग आकर महिलाओं का हल्लाबोल, पोड़ी खिरवा में चक्काजाम, ढीमरखेड़ा मार्ग पर थमे पहिए

 अवैध शराब बिक्री से तंग आकर महिलाओं का हल्लाबोल, पोड़ी खिरवा में चक्काजाम, ढीमरखेड़ा मार्ग पर थमे पहिए कटनी । ग्रामीण अंचलों में पैर पसार चुकी अवैध शराब की बिक्री (पैकारी) के खिलाफ अब महिलाओं ने खुलकर मोर्चा खोल दिया है। तहसील ढीमरखेड़ा के अंतर्गत आने वाले ग्राम पोड़ी खिरवा में शुक्रवार को ग्रामीणों का सब्र का बांध आखिरकार टूट गया।गांव में लंबे समय से बेखौफ चल रही अवैध पैकारी और उससे बिगड़ते सामाजिक माहौल से आक्रोशित सैकड़ों महिलाओं ने सड़क पर उतरकर उग्र प्रदर्शन किया और मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। हाथों में तख्तियां लिए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करती महिलाओं के इस कदम से सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और काफी देर तक आवागमन पूरी तरह ठप्प रहा। *अवैध पैकारी से बेहाल गांव का माहौल* ग्राम पोड़ी खिरवा में अवैध शराब की पैकारी कोई नया मामला नहीं है। स्थानीय महिलाओं के अनुसार, गांव के विभिन्न मोहल्लों में लंबे समय से अवैध रूप से शराब बेची जा रही है। जगह-जगह शराब की उपलब्धता के कारण न केवल युवा पीढ़ी नशे की गर्त में धकेली जा रही है, बल्कि गांव का शांतिपूर्ण माहौल भी ...

उल्टी-दस्त की रोकथाम को लेकर बीएमओ डॉ. बी.के. प्रसाद की पहल सराहनीय स्वास्थ्य केंद्र से लेकर गांव-गांव तक पहुंचकर लोगों को कर रहे जागरूक, स्वच्छता और सावधानी अपनाने की दे रहे सलाह

 उल्टी-दस्त की रोकथाम को लेकर बीएमओ डॉ. बी.के. प्रसाद की पहल सराहनीय स्वास्थ्य केंद्र से लेकर गांव-गांव तक पहुंचकर लोगों को कर रहे जागरूक, स्वच्छता और सावधानी अपनाने की दे रहे सलाह ढीमरखेड़ा ।  सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उमरियापान में पदस्थ डॉक्टर बीएमओ डॉ. बी.के. प्रसाद द्वारा क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के साथ-साथ मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।विशेष रूप से इन दिनों उल्टी-दस्त जैसी जलजनित बीमारियों की रोकथाम को लेकर उनके द्वारा लोगों को आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी जा रही है।स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ वे क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर नजर बनाए हुए हैं और आम लोगों तक बचाव से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। मौसम में बदलाव और दूषित पानी तथा अस्वच्छ खान-पान के कारण उल्टी-दस्त की समस्या बढ़ने की आशंका रहती है। ऐसे समय में लोगों को बीमारी के लक्षणों, कारणों और बचाव के उपायों की जानकारी होना बेहद जरूरी है। इसी उद्देश्य से बीएमओ डॉ. बी.के. प्रसाद द्वारा लोगों को साफ-सफाई रखने, शुद्ध पानी पी...

खाम्हा सरपंच सुशील पाल की कार्यशैली बनी मिसाल खाम्हा सरपंच सुशील पाल का कार्य सराहनीय, हर कार्य में रहते हैं अव्वल ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान के लिए हमेशा रहते हैं तत्पर, जनसेवा को मानते हैं अपनी जिम्मेदारी

 खाम्हा सरपंच सुशील पाल की कार्यशैली बनी मिसाल खाम्हा सरपंच सुशील पाल का कार्य सराहनीय, हर कार्य में रहते हैं अव्वल ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान के लिए हमेशा रहते हैं तत्पर, जनसेवा को मानते हैं अपनी जिम्मेदारी ढीमरखेड़ा ।  ग्राम पंचायत खाम्हा में ग्रामीण विकास और जनसेवा को लेकर सरपंच सुशील पाल की कार्यशैली इन दिनों क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। पंचायत की जिम्मेदारियों को केवल पद तक सीमित न रखते हुए ग्रामीणों के बीच सक्रिय रहना और उनकी समस्याओं को सुनकर उनके समाधान के लिए प्रयास करना उनकी कार्यशैली की प्रमुख विशेषता बताई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि सरपंच सुशील पाल पंचायत से जुड़े कार्यों के साथ-साथ व्यक्तिगत स्तर पर भी जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए आगे रहते हैं। गांव का विकास केवल सड़क, नाली, भवन और अन्य निर्माण कार्यों तक सीमित नहीं होता, बल्कि इसके लिए ग्रामीणों के साथ निरंतर संवाद, उनकी समस्याओं की जानकारी और प्रशासनिक स्तर पर प्रभावी पहल की आवश्यकता होती है। इसी सोच के साथ सरपंच सुशील पाल पंचायत क्षेत्र में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने का प्रयास कर रह...

विकास की नई मिसाल गूंडा पंचायत ने बदला ग्रामीण परिदृश्य, सरपंच संकेत लोनी के निर्भीक नेतृत्व और अनूठे मॉडल पंचायत भवन ने रचा इतिहास, शेर के जैसे साहस, ईंट से ईट बजाने की रहती हैं शक्ति

 विकास की नई मिसाल गूंडा पंचायत ने बदला ग्रामीण परिदृश्य, सरपंच संकेत लोनी के निर्भीक नेतृत्व और अनूठे मॉडल पंचायत भवन ने रचा इतिहास, शेर के जैसे साहस, ईंट से ईट बजाने की रहती हैं शक्ति   ढीमरखेड़ा  |  ग्रामीण विकास और जनसेवा की दिशा में जब मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति, नवाचार और निष्ठा का संगम होता है, तो परिणाम किसी क्रांति से कम नहीं होते। मध्य प्रदेश के ढीमरखेड़ा क्षेत्र की गूंडा ग्राम पंचायत में इन दिनों कुछ ऐसा ही अभूतपूर्व बदलाव देखने को मिल रहा है। जुझारू सरपंच संकेत लोनी की बेबाक कार्यशैली और विकासवादी सोच ने गांव की पूरी तस्वीर बदलकर रख दी है। उनके नेतृत्व में निर्मित नया पंचायत भवन न केवल पूरे क्षेत्र में चर्चा और कौतूहल का विषय बना हुआ है, बल्कि आसपास की दर्जनों ग्राम पंचायतों के लिए प्रेरणा का एक बड़ा स्रोत बन चुका है।अपनी विशिष्ट स्थापत्य कला, भव्यता और कॉर्पोरेट स्तर की आधुनिक सुविधाओं के कारण यह पंचायत भवन आज पूरे राज्य में एक मॉडल के रूप में देखा जा रहा है।स्थानीय लोग संकेत लोनी की इस जमीनी पहल की मुक्तकंठ से प्रशंसा कर रहे हैं।ग्रामीणों का कहना है...