सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

संदेश

लक्ष्य पर साधें निशाना, असफलता से न डरें, यूपीएससी और एमपीपीएससी में रंग लाएगी आपकी तपस्या, जितने समय में आप तैयारी को छोड़ने के लिए सोच रहे हैं उतने से कम समय में सफलता आपका इंतजार कर रही हैं , सही दिशा, सकारात्मक सोच और अटूट धैर्य, यूपीएससी और एमपीपीएससी में कैसे हासिल करें मनचाही सफलता

 लक्ष्य पर साधें निशाना, असफलता से न डरें, यूपीएससी और एमपीपीएससी में रंग लाएगी आपकी तपस्या, जितने समय में आप तैयारी को छोड़ने के लिए सोच रहे हैं उतने से कम समय में सफलता आपका इंतजार कर रही हैं , सही दिशा, सकारात्मक सोच और अटूट धैर्य, यूपीएससी और एमपीपीएससी में कैसे हासिल करें मनचाही सफलता कटनी  |  संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा आयोजित IAS, IPS की परीक्षा हो या मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) द्वारा आयोजित राज्य प्रशासनिक सेवा की परीक्षा भारत में सबसे कठिन और प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में मानी जाती हैं। हर साल लाखों युवा इन परीक्षाओं में अपनी किस्मत आजमाते हैं, लेकिन सफलता केवल उन्हीं को मिलती है जो अनुशासन, सही रणनीति और असीम धैर्य के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ते हैं। अक्सर प्रतियोगी छात्र असफलता के डर, लंबे सिलेबस और लगातार मिलने वाले तनाव के कारण घबरा जाते हैं। परंतु विशेषज्ञों और सफल अभ्यर्थियों का स्पष्ट मानना है कि यह कोई दो-चार महीने का खेल नहीं है; यह एक लंबी साधना या तपस्या है। सही मार्गदर्शन, दृढ़ संकल्प और खुद पर अटूट विश्वास ही आपको इस कठिन यात्रा में व...

रेत माफियाओं पर ढीमरखेड़ा पुलिस का बड़ा चाबुक, अवैध रेत से भरी गाड़ियां जब्त, हड़कंप

 रेत माफियाओं पर ढीमरखेड़ा पुलिस का बड़ा चाबुक, अवैध रेत से भरी गाड़ियां जब्त, हड़कंप ढीमरखेड़ा ।  क्षेत्र में बेखौफ होकर अवैध रेत का कारोबार कर रहे खनन माफियाओं के खिलाफ ढीमरखेड़ा थाना पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई की है। पुलिस की इस अचानक हुई कार्रवाई से अवैध रेत का परिवहन करने वाले रेत माफियाओं और चालकों में हड़कंप मच गया है। *अवैध परिवहन पर ढीमरखेड़ा पुलिस की सख्त कार्रवाई* मिली गुप्त सूचना के आधार पर ढीमरखेड़ा थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने क्षेत्र के प्रमुख मार्गों पर सघन चेकिंग अभियान चलाया। चेकिंग के दौरान पुलिस ने अवैध रूप से रेत का परिवहन कर रही गाड़ियों को रोककर पूछताछ की। चालकों द्वारा रेत के परिवहन से संबंधित वैध दस्तावेज प्रस्तुत न किए जाने पर पुलिस ने वाहनों को तुरंत जब्त कर लिया और उन्हें थाने खड़ा करवाया। *माफियाओं में मचा हड़कंप* पुलिस की इस त्वरित और सख्त कार्रवाई की खबर फैलते ही क्षेत्र में सक्रिय अन्य रेत माफिया अपनी-अपनी गाड़ियां छुपाते नजर आए। ढीमरखेड़ा पुलिस की इस कार्रवाई से अवैध रेत उत्खनन और परिवहन में लगे तत्वों के बीच अफरा-तफरी का माहौल है। *...

एक विक्रेता, कई दुकानें तहसील ढीमरखेड़ा में खाद्यान्न वितरण व्यवस्था पर उठे सवाल सहकारिता एवं खाद्य विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल, एक विक्रेता पर दो-तीन नहीं बल्कि चार दुकानों में वितरण का दबाव बनाने के आरोप

 एक विक्रेता, कई दुकानें तहसील ढीमरखेड़ा में खाद्यान्न वितरण व्यवस्था पर उठे सवाल सहकारिता एवं खाद्य विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल, एक विक्रेता पर दो-तीन नहीं बल्कि चार दुकानों में वितरण का दबाव बनाने के आरोप ढीमरखेड़ा ।  तहसील क्षेत्र में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के संचालन को लेकर एक नया मामला सामने आया है। आरोप है कि सहकारिता एवं खाद्य विभाग से जुड़े जिम्मेदारों द्वारा एक ही विक्रेता पर दो, तीन यहां तक कि चार अलग-अलग उचित मूल्य दुकानों में खाद्यान्न वितरण का कार्य संभालने का दबाव बनाया जा रहा है। मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर एक विक्रेता से कई दुकानों का संचालन किस नियम और किस आदेश के तहत कराया जा रहा है।बताया जा रहा है कि उचित मूल्य दुकानों के संचालन और खाद्यान्न वितरण की व्यवस्था में विक्रेताओं की जिम्मेदारी निर्धारित रहती है। ऐसे में यदि एक ही व्यक्ति को एक से अधिक दुकानों का वितरण कार्य सौंपा जा रहा है तो इसके पीछे सक्षम अधिकारी का आदेश, निर्धारित प्रक्रिया और नियमों का पालन होना आवश्यक है। क्षेत्र में इसी बिंदु को लेकर चर्चाएं तेज हैं...

पाली बरहा टोला में सागौन के पेड़ कटने का मामला, वन एवं राजस्व विभाग की भूमिका पर उठे सवाल, पाली बरहा टोला में सागौन के पेड़ कटने का मामला, वन एवं राजस्व विभाग की भूमिका पर उठे सवाल, ग्रामीणों ने जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की उठाई मांग, बिना अनुमति पेड़ काटे जाने की हो निष्पक्ष जांच

 पाली बरहा टोला में सागौन के पेड़ कटने का मामला, वन एवं राजस्व विभाग की भूमिका पर उठे सवाल, पाली बरहा टोला में सागौन के पेड़ कटने का मामला, वन एवं राजस्व विभाग की भूमिका पर उठे सवाल, ग्रामीणों ने जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की उठाई मांग, बिना अनुमति पेड़ काटे जाने की हो निष्पक्ष जांच कटनी ।  तहसील ढीमरखेड़ा क्षेत्र के ग्राम पाली के बरहा टोला क्षेत्र में सागौन के पेड़ों के कटने का मामला सामने आने के बाद ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में पेड़ों की कटाई किसकी अनुमति से हुई और संबंधित विभागों को इसकी जानकारी थी या नहीं, यह जांच का विषय है। ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की मांग उठाई है। ग्रामीणों के अनुसार बरहा टोला क्षेत्र में सागौन के पेड़ काटे जाने की जानकारी सामने आने के बाद सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर पेड़ों की कटाई किस उद्देश्य से की गई। यदि संबंधित भूमि पर पेड़ काटने के लिए किसी प्रकार की अनुमति आवश्यक थी, तो क्या वह अनुमति ली गई थी? यदि अनुमति नहीं ली गई थी, तो पेड़ों की कटाई कैसे ...

ग्राम पंचायत पाली के ग्राम झारापानी वार्ड नंबर 08 में गंदगी का अंबार, 181 शिकायत के बाद भी सफाई व्यवस्था पर सवाल ग्रामवासियों ने सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराने और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग उठाई

 ग्राम पंचायत पाली के ग्राम झारापानी वार्ड नंबर 08 में गंदगी का अंबार, 181 शिकायत के बाद भी सफाई व्यवस्था पर सवाल ग्रामवासियों ने सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराने और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग उठाई कटनी ।  जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत पाली के झारापानी के वार्ड नंबर 08 में सफाई व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी देखने को मिल रही है। ग्रामवासी शिवराम यादव सहित समस्त ग्रामवासियों का आरोप है कि वार्ड में जगह-जगह गंदगी का अंबार लगा हुआ है, लेकिन लंबे समय से ग्राम पंचायत द्वारा नियमित साफ-सफाई का कार्य नहीं कराया जा रहा है। इसके चलते ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार गांव में नालियों, सार्वजनिक स्थानों एवं रास्तों के आसपास कचरा जमा होने से वातावरण प्रभावित हो रहा है। सफाई व्यवस्था नहीं होने के कारण गंदगी लगातार बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम पंचायत स्तर पर सफाई व्यवस्था बनाए रखना आवश्यक है, लेकिन जिम्मेदारों द्वारा इस ओर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा है। *181 पर शिकायत, फिर भी कार्रवाई का इंतजार* ग्रामव...

जिस घर के लिए दिन-रात मेहनत, उसी घर में बैठने की फ़ुरसत नहीं, बैंक बैलेंस तो बढ़ा, पर क्या खाली हो रही है जिंदगी की तिजोरी, कल सुधारने की जल्दी में आज की खुशियां गंवाता इंसान, भागदौड़ की जिंदगी, बेगाने होते अपने, कमाया पैसा, गंवाया वक्त किसकी बलि चढ़ा रहे हैं हम, पैसा जरूरी है, मगर जिंदगी से ज्यादा नहीं

 जिस घर के लिए दिन-रात मेहनत, उसी घर में बैठने की फ़ुरसत नहीं, बैंक बैलेंस तो बढ़ा, पर क्या खाली हो रही है जिंदगी की तिजोरी, कल सुधारने की जल्दी में आज की खुशियां गंवाता इंसान, भागदौड़ की जिंदगी, बेगाने होते अपने, कमाया पैसा, गंवाया वक्त किसकी बलि चढ़ा रहे हैं हम, पैसा जरूरी है, मगर जिंदगी से ज्यादा नहीं कटनी  |  आज का आधुनिक समाज एक अजीब से विरोधाभास के बीच सांस ले रहा है। एक तरफ जहां हमारी जीवनशैली, तकनीकी सुविधाएं, वित्तीय संसाधन और व्यक्तिगत आकांक्षाएं अपने सर्वकालिक उच्च स्तर पर हैं, वहीं दूसरी तरफ इंसान की मानसिक शांति, पारिवारिक जुड़ाव और जीवन का वास्तविक आनंद लगातार गर्त में जा रहा है। हर सुबह जब शहर जगता है, तो उसके साथ जगती है एक कभी न खत्म होने वाली अंधी दौड़ सफलता की दौड़, अधिक से अधिक पैसा कमाने की दौड़, और समाज द्वारा तय किए गए 'सफल जीवन' के मापदंडों को हासिल करने की दौड़। लेकिन इस आपाधापी में जो सबसे बड़ा सवाल पीछे छूट जाता है, वह यह है कि क्या हम वाकई जी रहे हैं, या सिर्फ सांसें गिन रहे हैं? *पैसों का जाल साधन जब मकसद बन जाए* जीवन को सुचारू रूप से चलाने के...

तहसील ढीमरखेड़ा में नल-जल योजना की फूटी मटकी, कागजों में दौड़ रहा पानी, जमीन पर प्यासी जनता और ठेकेदारों की पौ-बारह

 तहसील ढीमरखेड़ा में नल-जल योजना की फूटी मटकी, कागजों में दौड़ रहा पानी, जमीन पर प्यासी जनता और ठेकेदारों की पौ-बारह कटनी  |  सरकार का दावा था कि हर ग्रामीण घर तक साफ और ताजा पेयजल पहुंचेगा। "हर घर जल" का सपना दिखाकर नल-जल योजना की नींव रखी गई, करोड़ों रुपये के बजट स्वीकृत हुए और गांव-गांव में बड़ी-बड़ी पानी की टंकियां बनाने का काम शुरू हुआ। लेकिन मध्य प्रदेश के कटनी जिले की तहसील ढीमरखेड़ा में जमीनी हकीकत इस सरकारी दावे के ठीक उलट है। यहां नल-जल योजना विकास की मिसाल बनने के बजाय प्रशासनिक लापरवाही, ठेकेदारों की मनमानी और बड़े स्तर पर हुए कथित भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुकी है। ढीमरखेड़ा तहसील के अधिकांश गांवों में नल-जल योजना का हाल बेहाल है। कई गांवों में सालों बीत जाने के बाद भी पानी की टंकियों का निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है। जहां टंकियां बन भी गई हैं, वहां उनकी गुणवत्ता इतनी घटिया है कि वे सफेद हाथी साबित हो रही हैं। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों की सांठ-गांठ के कारण योजना में जमकर फर्जीवाड़ा हुआ ...