सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

संदेश

आर्थिक आधार पर आरक्षण और धर्म परिवर्तन पर सख्त नीति की मांग कटनी में उग्र आंदोलन की चेतावनी

 आर्थिक आधार पर आरक्षण और धर्म परिवर्तन पर सख्त नीति की मांग कटनी में उग्र आंदोलन की चेतावनी कटनी |  देश में आरक्षण नीति की पुनर्समीक्षा और उसमें व्यापक बदलाव को लेकर एक बार फिर स्वर मुखर होने लगे हैं। मध्य प्रदेश के कटनी जिले से जुड़ी एक प्रमुख सामाजिक हलचल में, खम्हरिया के भूतपूर्व सरपंच एवं वरिष्ठ समाजसेवी रतन यादव तथा समाजसेवी आशीष (सोनू) गौतम ने आरक्षण व्यवस्था के मौजूदा ढांचे पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में मांग की है कि देश में आरक्षण का लाभ केवल और केवल आर्थिक आधार पर दिया जाना चाहिए, ताकि जाति या वर्ग के परे हटकर समाज के हर उस व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं और अवसरों का लाभ पहुँच सके, जो वास्तव में गरीब और साधनहीन है।इसके साथ ही, दोनों समाजसेवियों ने एक अन्य संवेदनशील मुद्दे को उठाते हुए सरकार से यह मांग भी की है कि धर्म परिवर्तन करने वाले व्यक्तियों को आरक्षण का लाभ तुरंत प्रभाव से बंद किया जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि शासन-प्रशासन ने इन मांगों पर शीघ्र ही कोई ठोस और सकारात्मक कदम नहीं उठाया, तो वे व्यापक जनसमर्थन के साथ एक उग्र आंदोलन शुरू...

देश बनाने वाला मजदूर, फिर भी सबसे मजबूर जिसका पसीना सबसे कीमती, उसकी ज़िंदगी सबसे सस्ती श्रम का शोषण और व्यवस्था की बेफ़िक्री देश की रीढ़ ही बदहाली की ज़ंजीरों में जकड़ी है

 देश बनाने वाला मजदूर, फिर भी सबसे मजबूर जिसका पसीना सबसे कीमती, उसकी ज़िंदगी सबसे सस्ती श्रम का शोषण और व्यवस्था की बेफ़िक्री देश की रीढ़ ही बदहाली की ज़ंजीरों में जकड़ी है कटनी  |  जिस देश की गगनचुंबी इमारतें मजदूर की छाती पर बनी हों, जहाँ के हाईवे और एक्सप्रेसवे पसीने की एक-एक बूँद को सोखकर बने हों, उसी देश में मजदूर सबसे ज़्यादा उपेक्षित, लाचार और अधिकार-विहीन है। कटनी से लेकर देश के कोने-कोने तक की यही कड़वी और ख़ौफ़नाक हकीक़त है—जो हाथ देश की अर्थव्यवस्था का पहिया घुमाते हैं, वे अपने बच्चों की थाली में दो वक़्त की रोटी सजाने के लिए रोज़ तिल-तिल मरने को मजबूर हैं। यह केवल एक आर्थिक समस्या नहीं है; यह उस खोखली व्यवस्था, राजनीतिक ढोंग और प्रशासनिक असंवेदनशीलता पर सीधा हमला है जो हर चुनाव में मजदूरों को 'विकास का नायक' बताती है और चुनाव बीतते ही उन्हें 'गंदगी की तरह' बुहारकर किनारे कर देती है। *पेट की आग और विरोध की बेबसी चुप रहने की मजबूरी* कटनी की इस जमीनी सच्चाई को ध्यान से देखिए—मजदूर अपनी पीड़ा सुनाने किसी मंच, किसी रैली या किसी हुक्मरान की चौखट तक क्यों नहीं पहु...

जिंदगी किराए का मकान है, एक दिन चाबी लौटानी ही पड़ेगी, इसलिए मोह कम, इंसानियत ज्यादा रखिए

 जिंदगी किराए का मकान है, एक दिन चाबी लौटानी ही पड़ेगी, इसलिए मोह कम, इंसानियत ज्यादा रखिए कटनी  |  मानव जीवन प्रकृति का सबसे अनमोल और अद्भुत उपहार है। परंतु इस जीवन की सबसे बड़ी सच्चाई यह है कि यह अत्यंत क्षणभंगुर है। जो आज है, वह कल नहीं होगा, जो जन्म लेता है, उसका अंत भी निश्चित है।हम इस संसार में एक यात्री की तरह आते हैं, कुछ समय ठहरते हैं और फिर अपनी यात्रा पूरी करके चले जाते हैं।यदि गहराई से विचार किया जाए, तो यह संपूर्ण संसार एक सराय की तरह है और हमारा यह शरीर तथा जीवन एक किराए के मकान के समान है। जिस प्रकार किराए के मकान में रहने वाला व्यक्ति जानता है कि वह उस घर का स्थायी मालिक नहीं है और एक न एक दिन उसे वह मकान खाली करके उसकी चाबी मकान मालिक को लौटानी ही होगी, ठीक उसी प्रकार इस धरा पर हमारा प्रवास भी सीमित है। कालचक्र का बुलावा आते ही हमें यह सांसारिक शरीर और इसके तमाम साजो-सामान यहीं छोड़कर जाना पड़ता है। *भौतिकता की अंधी दौड़ में भटकता मानव* आज का आधुनिक समाज भौतिक सुख-सुविधाओं और धन-संपत्ति के संचय की अंधी दौड़ में इतनी तेज़ी से भाग रहा है कि वह जीवन के मूलभू...

ढीमरखेड़ा वीरांगना रानी दुर्गावती कन्या छात्रावास में छात्राओं का फूटा आक्रोश, सुविधाओं और अधीक्षक पर गंभीर आरोप, अधीक्षक के ऊपर होना चाहिए कार्यवाही मामले को कलेक्टर ले संज्ञान

 ढीमरखेड़ा वीरांगना रानी दुर्गावती कन्या छात्रावास में छात्राओं का फूटा आक्रोश, सुविधाओं और अधीक्षक पर गंभीर आरोप, अधीक्षक के ऊपर होना चाहिए कार्यवाही मामले को कलेक्टर ले संज्ञान  ढीमरखेड़ा  |  शासकीय वीरांगना रानी दुर्गावती अनुसूचित जनजाति कन्या छात्रावास, ढीमरखेड़ा में शुक्रवार को उस समय हड़कंप मच गया जब अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) निधि गोहल, विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) अभय जैन और बीआरसी प्रेम कोरी ने संयुक्त रूप से औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान छात्राओं ने अधिकारियों के समक्ष अपनी आपबीती सुनाते हुए छात्रावास प्रशासन और अधीक्षक के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया।  *छात्राओं द्वारा लगाए गए प्रमुख आरोप* निरीक्षण के दौरान छात्राओं ने अधिकारियों के सामने अपनी समस्याओं को खुलकर रखा और अधीक्षक के रवैये एवं मूलभूत सुविधाओं की बदहाली पर गंभीर सवाल उठाए गुणवत्ताहीन और कम भोजन: छात्राओं को निर्धारित मेन्यू के अनुसार भोजन और नाश्ता नहीं दिया जा रहा है।दोनों समय सिर्फ चावल और पतली, पानी जैसी सब्जी दी जाती है। रोटियां महीनों से बंद हैं और मांगने पर अधीक्षक द्वारा "यदि र...

ढीमरखेड़ा पुलिस ने हत्या के तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार भेजा जेल, एक की तलाश जारी, ढीमरखेड़ा पुलिस की त्वरित कार्रवाई

 ढीमरखेड़ा पुलिस ने हत्या के तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार  भेजा जेल, एक की तलाश जारी, ढीमरखेड़ा पुलिस की त्वरित कार्रवाई ढीमरखेड़ा  |  कटनी जिले के ढीमरखेड़ा थाना क्षेत्र में हुई हत्या के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 48 घंटे के भीतर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है।जबकि मामले के एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है।पुलिस की इस कार्रवाई को गंभीर अपराधों के प्रति तत्परता का उदाहरण माना जा रहा है। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार पुलिस अधीक्षक कटनी अभिनय विश्वकर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमल मौर्य तथा एसडीओपी आकांक्षा चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी महिमा रघुवंशी के नेतृत्व में विशेष टीम गठित कर आरोपियों की तलाश शुरू की गई थी। लगातार की गई पतासाजी और दबिश के बाद पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की। जानकारी के अनुसार 28 जुलाई 2026 को ग्राम खम्हरिया निवासी सुखबरा बाई पति प्रहलाद कोल की शिकायत पर थाना ढीमरखेड़ा में अपराध क्रमांक 425/26 दर्ज किया गया था।प्रारंभिक रूप से भारतीय न्याय संहि...

ग्रामीण अंचलों के हजारों विद्यार्थी वाणिज्य संकाय से वंचित, अभिभावकों में भारी रोष, बहोरीबंद व बड़वारा विधानसभा के कई बड़े हायर सेकेंडरी विद्यालयों में आज तक नहीं खुला कॉमर्स संकाय, कलेक्टर से की गई मांग

 ग्रामीण अंचलों के हजारों विद्यार्थी वाणिज्य संकाय से वंचित, अभिभावकों में भारी रोष, बहोरीबंद व बड़वारा विधानसभा के कई बड़े हायर सेकेंडरी विद्यालयों में आज तक नहीं खुला कॉमर्स संकाय, कलेक्टर से की गई मांग कटनी ।  जिले के ग्रामीण क्षेत्रों की शिक्षा व्यवस्था में एक गंभीर कमी सामने आई है। बहोरीबंद एवं बड़वारा विधानसभा क्षेत्र के अनेक बड़े शासकीय हायर सेकेंडरी विद्यालयों में आज तक वाणिज्य (कॉमर्स) संकाय प्रारंभ नहीं हो सका है। इसके कारण हजारों छात्र-छात्राओं को मजबूरी में कला संकाय (आर्ट्स) में प्रवेश लेना पड़ रहा है या फिर निजी विद्यालयों का रुख करना पड़ रहा है, जिससे अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार बहोरीबंद विधानसभा के स्लीमनाबाद, तेवरी, धूरी, परौहा पिपरिया तथा बड़वारा विधानसभा के धरवारा, बँधी, देवरी हटाई, कुलुआ और बढ़खेरा जैसे बड़े शासकीय विद्यालय, जो संकुल केंद्र भी हैं, वहां छात्र संख्या अधिक होने के बावजूद वाणिज्य संकाय की सुविधा उपलब्ध नहीं है। इससे नई शिक्षा नीति (NEP) के उद्देश्यों का भी प्रभावी क्रियान्वयन नहीं हो पा रहा है। स्थानीय लोगों ...

जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा में 38 वर्षों की निष्ठावान सेवा के बाद सेवानिवृत्त हुए लेखापाल केशव प्रसाद परौहा, मंगल भवन में आयोजित विदाई समारोह में उमड़ा जनसैलाब

 जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा में 38 वर्षों की निष्ठावान सेवा के बाद सेवानिवृत्त हुए लेखापाल केशव प्रसाद परौहा, मंगल भवन में आयोजित विदाई समारोह में उमड़ा जनसैलाब ढीमरखेड़ा ।  सरकारी सेवा में आना और वर्षों तक जनता व शासन की सेवा करना एक सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन अपने संपूर्ण कार्यकाल को ईमानदारी, समर्पण, सहजता और बेदाग छवि के साथ पूर्ण कर सेवानिवृत्त होना किसी बड़ी उपलब्धि से कम नहीं है।जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा में पदस्थ लेखापाल (बाबू ए ग्रेड) केशव प्रसाद परौहा जी का शासकीय सेवा सफर भी कुछ ऐसा ही मिसाल पेश करने वाला रहा। अपने जीवन के 38 अनमोल और स्वर्णिम वर्ष शासकीय सेवा में समर्पित करने के बाद, केशव प्रसाद परौहा जी अपनी सेवा से सेवानिवृत्त हुए। इस अवसर पर ढीमरखेड़ा स्थित मंगल भवन में एक भव्य, भावुक और गरिमामय विदाई समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह में जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा की अध्यक्ष सुनीता संतोष दुबे और उपाध्यक्ष दुर्गा पारस पटेल सहित जनपद के सभी अधिकारी, कर्मचारी, सरपंच, सचिव और रोज़गार सहायकों ने एक साथ उपस्थित होकर उन्हें भावभीनी विदाई दी और उनके दीर्घायु व उत्तम स्वास्थ्य की ...