सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

संदेश

रिश्वतखोरी की हदें पार, ढीमरखेड़ा में जमीन के पट्टे के नाम पर पटवारी ने ऐंठे ₹1.40 लाख, सस्पेंड, क्या पीड़ित का पैसा हो पायेगा वापस

 रिश्वतखोरी की हदें पार, ढीमरखेड़ा में जमीन के पट्टे के नाम पर पटवारी ने ऐंठे ₹1.40 लाख, सस्पेंड, क्या पीड़ित का पैसा हो पायेगा वापस  कटनी  |  जिले की ढीमरखेड़ा तहसील से भ्रष्टाचार का एक बेहद सनसनीखेज और शर्मनाक मामला सामने आया है। यहाँ एक महिला पटवारी पर गरीब ग्रामीण से जमीन का पट्टा बनवाने के नाम पर ₹1,40,000 की रिश्वत ऐंठने का आरोप लगा है। मामला उजागर होने और रिश्वत का वीडियो सामने आने के बाद एसडीएम ने महिला पटवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। *9 महीने तक कटवाए चक्कर, 3 किस्तों में वसूली रकम* प्राप्त जानकारी के अनुसार, मामला ढीमरखेड़ा तहसील के ग्राम हर्रई का है। गाँव के निवासी ज्ञान सिंह (पिता इंदर सिंह) ने एसडीएम को सौंपी अपनी लिखित शिकायत में बताया कि उनकी खसरा नंबर 15 (रकबा 2 एकड़ 70 डिसमिल) जमीन का पट्टा बनवाने के नाम पर पटवारी शहर बानो ने झांसा देकर 9 महीने पहले तीन अलग-अलग किस्तों में कुल ₹1.40 लाख ऐंठ लिए। रकम वसूलने के बाद भी जब महीनों बीत जाने पर पट्टा नहीं बना और पटवारी टालमटोल करती रही, तो परेशान पीड़ित ने रिश्वत के लेन-देन का वीडियो बना लिया...

पीएचई के इंजीनियर अनिल चामुल्के पर जांच की मांग तेज, जल्द ईओडब्ल्यू में शिकायत की तैयारी

 पीएचई के इंजीनियर अनिल चामुल्के पर जांच की मांग तेज, जल्द ईओडब्ल्यू में शिकायत की तैयारी कटनी । लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग में कार्यरत इंजीनियर अनिल चामुल्के की कार्यशैली और विभागीय कार्यों को लेकर विवाद गहराता जा रहा है।उनके खिलाफ वित्तीय एवं प्रशासनिक गड़बड़ियों के आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग ने जोर पकड़ लिया है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि विभाग में कराए गए विभिन्न विकास कार्यों, भुगतानों और अभिलेखों में बड़े पैमाने पर कथित अनियमितताएं की गई हैं। निष्पक्ष जांच के जरिए ही इस पूरे मामले की वास्तविक सच्चाई सामने आ सकती है। *EOW के दरवाजे खटखटाने की तैयारी* शिकायतकर्ताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि समय रहते राज्य सरकार और उच्च अधिकारियों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच शुरू नहीं की, तो वे जल्द ही आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) में औपचारिक शिकायत दर्ज कराएंगे। *पारदर्शी जांच की मांग* शिकायतकर्ताओं ने राज्य सरकार एवं संबंधित विभागीय अधिकारियों से मांग की है कि विभागीय कार्यों और भुगतानों से जुड़े सभी अभिलेखों की गहनता से समीक्षा की जाए। पूरे प्रकरण की पारदर्शी और निष्...

बड़वारा विधानसभा के महाविद्यालयों में पीजी पाठ्यक्रम शुरू कराने की मांग तेज क्षेत्रीय विधायक धीरेन्द्र बहादुर सिंह ने उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार से मुलाकात करके सौंपा पत्र

 बड़वारा विधानसभा के महाविद्यालयों में पीजी पाठ्यक्रम शुरू कराने की मांग तेज क्षेत्रीय विधायक धीरेन्द्र बहादुर सिंह ने उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार से मुलाकात करके सौंपा पत्र कटनी ।  बड़वारा विधानसभा क्षेत्र के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में क्षेत्रीय विधायक धीरेन्द्र बहादुर सिंह ने पहल की है।विधायक ने प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार से मुलाकात कर बड़वारा, ढीमरखेड़ा, सिलौड़ी एवं उमरिया पान के शासकीय महाविद्यालयों में स्नातकोत्तर (पीजी) पाठ्यक्रम जल्द प्रारंभ किए जाने की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा।विधायक ने मंत्री को बताया कि इन महाविद्यालयों में वर्तमान में केवल स्नातक स्तर तक ही अध्ययन की सुविधा उपलब्ध है। इसके कारण स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं को आगे की पढ़ाई के लिए दूर-दराज के शहरों का रुख करना पड़ता है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के कई विद्यार्थी उच्च शिक्षा से वंचित हो जाते हैं और उनका अध्ययन बीच में ही रुक जाता है। उन्होंने आग्रह किया कि विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते...

हितग्राहियों को दो माह तक राशन से वंचित रखने का आरोप, जनसुनवाई में गूंजा मामला, पहले बायोमेट्रिक सत्यापन, फिर भी नहीं मिला राशन; सरपंच ने कलेक्टर से जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की

 हितग्राहियों को दो माह तक राशन से वंचित रखने का आरोप, जनसुनवाई में गूंजा मामला, पहले बायोमेट्रिक सत्यापन, फिर भी नहीं मिला राशन; सरपंच ने कलेक्टर से जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की कटनी ।  सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) में कथित लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत पहरुआ के लगभग 100 हितग्राहियों ने आरोप लगाया है कि उनसे ई-केवाईसी और अंगूठा (बायोमेट्रिक सत्यापन) लगवाने के बावजूद करीब दो माह तक राशन नहीं दिया गया। इससे गरीब परिवारों को खाद्यान्न संकट का सामना करना पड़ा। मामले को लेकर सरपंच ने कलेक्टर की जनसुनवाई में शिकायत दर्ज कराते हुए पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की है।शिकायत में कहा गया है कि हितग्राही कई बार उचित मूल्य की दुकान पहुंचे, लेकिन अलग-अलग कारण बताकर उन्हें वापस लौटा दिया गया।ग्रामीणों का कहना है कि समय पर राशन नहीं मिलने से कई परिवारों के सामने रोजमर्रा के भोजन का संकट खड़ा हो गया। उनका आरोप है कि संबंधित विभाग द्वारा समय रहते प्रभावी निगरानी नहीं किए जाने के कारण यह स्थिति उत...

ग्राम पंचायत घुघरी में कथित वित्तीय अनियमितताएँ, जनविश्वास, पारदर्शिता और सुशासन की परीक्षा, लोकतंत्र का आधार स्तंभ ग्राम पंचायतें

 ग्राम पंचायत घुघरी में कथित वित्तीय अनियमितताएँ, जनविश्वास, पारदर्शिता और सुशासन की परीक्षा, लोकतंत्र का आधार स्तंभ ग्राम पंचायतें कटनी  |  भारत जैसे विशाल और वैविध्यतापूर्ण देश में लोकतंत्र केवल संसद या राज्य विधानसभाओं के भव्य भवनों तक सीमित नहीं है।इसकी वास्तविक जड़ें, इसकी आत्मा, हमारे गाँवों में बसती है। त्रि-स्तरीय पंचायती राज व्यवस्था के अंतर्गत ग्राम पंचायतें लोकतंत्र की सबसे निचली, किंतु व्यावहारिक दृष्टि से सबसे महत्वपूर्ण इकाई हैं। ग्रामीण भारत के सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन का दायित्व इन्हीं संस्थाओं पर निर्भर है। पेजल की व्यवस्था हो, स्वच्छता अभियान, प्रधानमंत्री आवास योजना, सुदूर ग्रामीण सड़कों का निर्माण, मनरेगा के तहत रोजगार का सृजन या समाज के अंतिम व्यक्ति तक जनकल्याणकारी योजनाओं की पहुँच इन सभी मूलभूत कार्यों का निष्पादन और प्रबंधन ग्राम पंचायतों के माध्यम से ही होता है। यही कारण है कि जब एक आम ग्रामीण सरकार की उपस्थिति महसूस करता है, तो वह किसी केंद्रीय या राज्यस्तरीय अधिकारी के रूप में नहीं, बल्कि अपनी ग्राम पंचायत के सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक के रूप...

आजीविका मिशन के नाम पर 'सफ़ेद हाथी' बनीं ₹80 हज़ारी भैंसें, ढीमरखेड़ा में बीएम जया कोष्टी पर प्रताड़ना और वित्तीय अनियमितता के गंभीर आरोप ग्रामीण आत्मनिर्भरता पर भ्रष्टाचार का ग्रहण

 आजीविका मिशन के नाम पर 'सफ़ेद हाथी' बनीं ₹80 हज़ारी भैंसें, ढीमरखेड़ा में बीएम जया कोष्टी पर प्रताड़ना और वित्तीय अनियमितता के गंभीर आरोप ग्रामीण आत्मनिर्भरता पर भ्रष्टाचार का ग्रहण कटनी |  मध्य प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना 'राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन' का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों की अत्यंत गरीब महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आजीविका के नए साधन प्रदान करना है। लेकिन कटनी जिले के ढीमरखेड़ा ब्लॉक से आजीविका मिशन को शर्मसार करने वाला एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। यहाँ आजीविका मिशन की ब्लॉक मैनेजर (BM) जया कोष्टी पर समूह की गरीब महिलाओं ने वित्तीय शोषण, मानसिक प्रताड़ना और पद के दुरुपयोग के बेहद संगीन आरोप लगाए हैं।आरोप है कि बीएम जया कोष्टी के तानाशाही और दमनकारी रवैये के कारण क्षेत्र की महिलाएं इस कदर खौफजदा और प्रताड़ित हैं कि अब कोई भी महिला आजीविका मिशन के कार्यालय में कदम रखने तक को तैयार नहीं है। योजना, जो महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए थी, आज उनके लिए मानसिक और आर्थिक गले की फा...

ढीमरखेड़ा में आईटीआई भवन निर्माण की मांग तेज,पोड़ी खुर्द में भूमि आवंटित होने के बावजूद नहीं बना भवन, समाजसेवी विनोद परौहा ने खोला मोर्चा

 ढीमरखेड़ा में आईटीआई भवन निर्माण की मांग तेज,पोड़ी खुर्द में भूमि आवंटित होने के बावजूद नहीं बना भवन, समाजसेवी विनोद परौहा ने खोला मोर्चा ढीमरखेड़ा । ग्रामीण अंचलों में युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें तकनीकी शिक्षा से जोड़ने के उद्देश्य से स्वीकृत किए गए शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI) का भविष्य फिलहाल कागजी दांव-पेच और प्रशासनिक असमंजस के भंवर में फंस गया है।ढीमरखेड़ा क्षेत्र में आईटीआई के स्थायी भवन के निर्माण को लेकर अब स्थिति बेहद संवेदनशील और पेचीदा हो गई है। एक तरफ जहां जिला व स्थानीय प्रशासन इस संस्थान को आनन-फानन में अस्थायी रूप से शासकीय महाविद्यालय ढीमरखेड़ा के भवन में शिफ्ट करने की तैयारी में जुटा है, वहीं दूसरी तरफ क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों, युवाओं और प्रबुद्ध नागरिकों ने इस कदम का मुखर विरोध करते हुए ढीमरखेड़ा मुख्यालय पर ही स्थायी भवन निर्माण की मांग को लेकर आंदोलन का रुख अख्तियार कर लिया है। इस पूरे मामले को प्रमुखता से उठाते हुए क्षेत्र के जाने-माने समाजसेवी, गनियारी अंतर्वेद निवासी विनोद परौहा ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्ह...