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अनूपपुर में पटवारियों के समर्थन में दो दिन का सामूहिक अवकाश, 25-26 फरवरी को कामकाज रहेगा प्रभावित

 अनूपपुर में पटवारियों के समर्थन में दो दिन का सामूहिक अवकाश, 25-26 फरवरी को कामकाज रहेगा प्रभावित कटनी/ढीमरखेड़ा ।  अनूपपुर जिले में पटवारियों के साथ कथित अन्याय और प्रशासनिक कार्रवाई के विरोध में प्रदेशभर के पटवारियों ने एकजुटता दिखाई है। इसी क्रम में मध्यप्रदेश पटवारी संघ की जिला शाखाओं द्वारा 25 एवं 26 फरवरी 2026 को दो दिवसीय सामूहिक अवकाश का ऐलान किया गया है। इस निर्णय के चलते इन दो दिनों में राजस्व संबंधी कार्य प्रभावित रहेंगे और आमजन को असुविधा का सामना करना पड़ सकता है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, अनूपपुर जिले में पटवारियों पर की जा रही कथित अनुचित कार्यवाही, प्रशासनिक दबाव और निलंबन जैसी कार्रवाइयों के विरोध में आंदोलन की शुरुआत हुई है। आंदोलन को प्रदेश स्तर पर समर्थन देते हुए मध्यप्रदेश पटवारी संघ ने दो दिन के सामूहिक अवकाश की घोषणा की है। इसी कड़ी में तहसील ढीमरखेड़ा, जिला कटनी के पटवारियों ने भी इस आंदोलन में सहभागिता जताई है। इस संबंध में मध्यप्रदेश पटवारी संघ, जिला शाखा कटनी द्वारा तहसीलदार ढीमरखेड़ा को पत्र प्रेषित कर 25/02/2026 से 26/02/2026 तक दो दिन के आकस्मिक ...

धान खरीदी केंद्र कौड़िया में कमलेश पाण्डेय ले रहे थे खुलेआम घूस, कमलेश पाण्डेय के ऊपर होना चाहिए एफआईआर

 धान खरीदी केंद्र कौड़िया में कमले श पाण्डेय ले रहे थे खुलेआम घूस, कमलेश पाण्डेय के ऊपर होना चाहिए एफआईआर कटनी ।   कौड़िया धान खरीदी केंद्र एक बार फिर विवादों में घिर गया है। केंद्र में पदस्थ कर्मचारी कमलेश पाण्डेय पर किसानों से खुलेआम घूस लेने के गंभीर आरोप लगे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो ने पूरे मामले को तूल दे दिया है। वीडियो सामने आने के बाद न केवल खरीदी केंद्र बल्कि खाद्य विभाग के अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं। किसानों का कहना है कि धान की तौल और समय पर भुगतान सुनिश्चित कराने के नाम पर उनसे प्रति बोरी या प्रति ट्रॉली तय रकम ली जा रही थी।जिन किसानों ने कथित रूप से पैसे देने से इनकार किया, उनकी उपज की तौल में देरी की गई या गुणवत्ता में खामियां बताकर परेशान किया गया। अगर पैसा दे दो तो जल्दी तौल हो जाती है, नहीं तो बार-बार बहाना बनाकर वापस भेज दिया जाता था। कमलेश पाण्डेय को किसानों से नकद राशि लेते हुए दिखाया जा रहा है। मामले में केवल कर्मचारी ही नहीं, बल्कि संबंधित खाद्य विभाग के अधिकारियों की भूमिका पर भी प्रश्नचिह्न लग रहे हैं। किसानों का आर...

फोटो तक सीमित जनसंपर्क चुनावी मौसम में नेताओं की प्राथमिकताओं पर उठते सवाल, नेता सिर्फ फोटो के लिए या जनता के लिए, चुनाव में जनता देगी जवाब, गरीबों से दूरी, कार्यकर्ताओं से नजदीकी कैसा जनप्रतिनिधित्व, चुनाव में याद आती है जनता, बाकी समय सिर्फ पार्टी, क्या नेता सिर्फ वोट के समय ही जनता के होते हैं, जनता नहीं, सिर्फ पार्टी, लोकतंत्र का यह कैसा चेहरा,फोटो से फुर्सत मिले तो जनता की सुध लें जनप्रतिनिधि नेता किसके गरीबों के या सिर्फ अपनी पार्टी के, वोट से पहले जनता, वोट के बाद कार्यकर्ता, जनता के दरवाज़े कब पहुंचेंगे जनप्रतिनिधि, चुनाव में याद रखें आपका वोट, आपका अधिकार

 फोटो तक सीमित जनसंपर्क चुनावी मौसम में नेताओं की प्राथमिकताओं पर उठते सवाल, नेता सिर्फ फोटो के लिए या जनता के लिए, चुनाव में जनता देगी जवाब, गरीबों से दूरी, कार्यकर्ताओं से नजदीकी कैसा जनप्रतिनिधित्व, चुनाव में याद आती है जनता, बाकी समय सिर्फ पार्टी, क्या नेता सिर्फ वोट के समय ही जनता के होते हैं, जनता नहीं, सिर्फ पार्टी, लोकतंत्र का यह कैसा चेहरा,फोटो से फुर्सत मिले तो जनता की सुध लें जनप्रतिनिधि नेता किसके गरीबों के या सिर्फ अपनी पार्टी के, वोट से पहले जनता, वोट के बाद कार्यकर्ता, जनता के दरवाज़े कब पहुंचेंगे जनप्रतिनिधि, चुनाव में याद रखें आपका वोट, आपका अधिकार कटनी  |  चुनावी सरगर्मियां तेज होते ही क्षेत्र में नेताओं की आवाजाही बढ़ गई है। गांव-गांव, वार्ड-वार्ड में गाड़ियों के काफिले पहुंच रहे हैं, स्वागत द्वार सज रहे हैं, माला और गुलदस्ते तैयार हो रहे हैं। कैमरों की चमक और सोशल मीडिया पर पोस्टों की बाढ़ के बीच एक सवाल आम लोगों की जुबान पर है क्या नेता वास्तव में जनता से मिलने आते हैं या सिर्फ फोटो खिंचवाने और अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं से औपचारिक मुलाकात के लिए स्थ...

कटनी पुलिस की संपूर्ण विवेचना घोर उपेक्षा और लापरवाही का ज्वलंत उदाहरण मानकर कोर्ट ने हवाला कांड के सभी आठ आरोपियों को बरी किया अभियुक्तों की हस्तलिपी हस्ताक्षरों का एक्सपर्ट से परीक्षण नहीं कराया, मूल दस्तावेज का विलोपन 56 अभियोजन साक्ष्यों का समर्थन खोखला सिद्ध हुआ कुछ ने पुलिस के सामने दिए कथनों को अस्वीकारा संदीप बर्मन, सतीश सरावगी, मानवेन्द्र मिस्त्री, मनीष सरावगी, दस्सू पटेल, नरेश पोद्दार, नरेश बर्मन, मो. यासीन पर जालसाजी और फर्जी लेनदेन सिद्ध नहीं कर पाई पुलिस

 कटनी पुलिस की संपूर्ण विवेचना घोर उपेक्षा और लापरवाही का ज्वलंत उदाहरण मानकर कोर्ट ने हवाला कांड के सभी आठ आरोपियों को बरी किया अभियुक्तों की हस्तलिपी हस्ताक्षरों का एक्सपर्ट से परीक्षण नहीं कराया, मूल दस्तावेज का विलोपन 56 अभियोजन साक्ष्यों का समर्थन खोखला सिद्ध हुआ कुछ ने पुलिस के सामने दिए कथनों को अस्वीकारा संदीप बर्मन, सतीश सरावगी, मानवेन्द्र मिस्त्री, मनीष सरावगी, दस्सू पटेल, नरेश पोद्दार, नरेश बर्मन, मो. यासीन पर जालसाजी और फर्जी लेनदेन सिद्ध नहीं कर पाई पुलिस कटनी ।  तृतीय अपर सत्र न्यायालय जबलपुर के न्यायाधीश श्रीमान इरशाद अहमद ने कटनी में फर्जी रूप से बनाई गई 16 व्यापारिक फर्मों के फर्जी संचालकों के नाम से फर्जी खाते खोलकर कई सौ करोड़ रूपए के लेनदेन वाले हवाला काण्ड की कटनी पुलिस द्वारा की गई विवेचना को घोर उपेक्षा और लापरवाही का जीवंत उदाहरण करार देते हुए उन सभी आठ आरोपियों पर दोषसिद्धी नहीं पाते हुए उन्हें बाईज्जत बरी कर दिया। जिसमें अदालत ने पूर्व विवेचनाधिकारी टीआई एसपीएस बघेल और बाद में टीआई शैलेष मिश्रा द्वारा अनुसंधान में शुरू से अंत तक की गई लीपापोती को ही आ...

बड़वारा विधानसभा को मिली बड़ी सौगात, 38 किमी सड़क निर्माण को प्रशासनिक मंजूरी

 बड़वारा विधानसभा को मिली बड़ी सौगात, 38 किमी सड़क निर्माण को प्रशासनिक मंजूरी कटनी । बड़वारा विधानसभा क्षेत्र के लिए नए वर्ष में विकास की बड़ी खुशखबरी सामने आई है। वित्तीय वर्ष 2025–26 के अंतर्गत बड़वारा क्षेत्र में सड़क निर्माण कार्य को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। लोक निर्माण विभाग मध्यप्रदेश शासन द्वारा जारी पत्र के अनुसार स्लीमनाबाद–विलायतकला मार्ग के निर्माण/उन्नयन हेतु 38.18 किलोमीटर लंबाई के कार्य को मंजूरी दी गई है, जिसकी कुल लागत 10.70 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है। यह स्वीकृति लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह द्वारा जारी पत्र के माध्यम से बड़वारा विधानसभा क्षेत्र के विधायक धीरेंद्र बहादुर सिंह धीरू को अवगत कराई गई। पत्र में उल्लेख है कि उक्त निर्माण कार्य से क्षेत्र में आवागमन सुगम होगा, ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी और स्थानीय नागरिकों को आवागमन में राहत मिलेगी । क्षेत्रवासियों ने इस महत्वपूर्ण सड़क परियोजना को लेकर प्रसन्नता जताई है और उम्मीद व्यक्त की है कि कार्य शीघ्र प्रारंभ होकर समयबद्ध रूप से पूर्ण होगा । स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नागरिकों का म...

दैनिक ताज़ा ख़बर के प्रधान संपादक राहुल पाण्डेय का आरोप देश को जाति, धर्म और मुकदमेबाज़ी में बाँटने की कोशिश

 दैनिक ताज़ा ख़बर के प्रधान संपादक राहुल पाण्डेय का आरोप देश को जाति, धर्म और मुकदमेबाज़ी में बाँटने की कोशिश कटनी  |  दैनिक ताज़ा ख़बर के प्रधान संपादक राहुल पाण्डेय ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि मौजूदा सरकार देश को विकास और एकता के रास्ते पर ले जाने के बजाय जातिवाद, धर्मवाद और मुकदमेबाज़ी में उलझाने का प्रयास कर रही है। राहुल पाण्डेय ने कहा कि सरकार की नीतियाँ और राजनीतिक एजेंडा समाज को बाँटने का कार्य कर रहा है, जिससे आपसी सौहार्द और लोकतांत्रिक मूल्यों को नुकसान पहुँच रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता के मूल मुद्दों महंगाई, बेरोज़गारी, शिक्षा और स्वास्थ्य—से ध्यान भटकाने के लिए जाति और धर्म के आधार पर राजनीति को बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रधान संपादक ने यह भी कहा कि लगातार बढ़ती मुकदमेबाज़ी से आम नागरिक मानसिक और आर्थिक दबाव में है, जबकि सरकार को न्याय व्यवस्था को सरल और सुलभ बनाने पर ध्यान देना चाहिए। राहुल पाण्डेय ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे विभाजन की राजनीति से ऊपर उठकर देशहित में सकारात्मक और विकासोन्मुखी राजनीति करें, ताकि लोकतंत्र मजब...

यूजीसी के नए समानता नियम से आरक्षण को बढ़ावा, धर्म के ठेकेदारों ने शिक्षा पर कर दिया वार, वोट बैंक की नीति ने देश को कर दिया बर्बाद

 यूजीसी के नए समानता नियम से आरक्षण को बढ़ावा, धर्म के ठेकेदारों ने शिक्षा पर कर दिया वार, वोट बैंक की नीति ने देश को कर दिया बर्बाद नई दिल्ली  |  भारत में उच्च शिक्षा को अधिक समावेशी, समान और न्यायपूर्ण बनाने के उद्देश्य से विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने “उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता के प्रचार नियम, 2026” लागू करने की घोषणा की है। इन नियमों को सामाजिक न्याय और समान अवसर की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया जा रहा है। वहीं, दूसरी ओर शिक्षाविदों, सामाजिक संगठनों और नीति-विश्लेषकों के बीच यह बहस भी तेज हो गई है कि क्या ये प्रावधान वास्तव में “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” की भावना को मजबूत करेंगे या फिर अनजाने में कुछ नए सवाल और आशंकाएँ खड़ी करेंगे। भारतीय जनता पार्टी लंबे समय से “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” का नारा देती आई है। यह नारा केवल राजनीतिक संदेश नहीं, बल्कि शासन और नीति-निर्माण की दिशा तय करने वाला सूत्र माना जाता है। ऐसे में यूजीसी के नए नियमों को इसी कसौटी पर परखा जाना स्वाभाविक है। प्रश्न यह नहीं है कि समानता की बात गलत है, बल्कि यह है क...