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पाली बरहा टोला में सागौन के पेड़ कटने का मामला, वन एवं राजस्व विभाग की भूमिका पर उठे सवाल, पाली बरहा टोला में सागौन के पेड़ कटने का मामला, वन एवं राजस्व विभाग की भूमिका पर उठे सवाल, ग्रामीणों ने जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की उठाई मांग, बिना अनुमति पेड़ काटे जाने की हो निष्पक्ष जांच

 पाली बरहा टोला में सागौन के पेड़ कटने का मामला, वन एवं राजस्व विभाग की भूमिका पर उठे सवाल, पाली बरहा टोला में सागौन के पेड़ कटने का मामला, वन एवं राजस्व विभाग की भूमिका पर उठे सवाल, ग्रामीणों ने जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की उठाई मांग, बिना अनुमति पेड़ काटे जाने की हो निष्पक्ष जांच कटनी ।  तहसील ढीमरखेड़ा क्षेत्र के ग्राम पाली के बरहा टोला क्षेत्र में सागौन के पेड़ों के कटने का मामला सामने आने के बाद ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में पेड़ों की कटाई किसकी अनुमति से हुई और संबंधित विभागों को इसकी जानकारी थी या नहीं, यह जांच का विषय है। ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की मांग उठाई है। ग्रामीणों के अनुसार बरहा टोला क्षेत्र में सागौन के पेड़ काटे जाने की जानकारी सामने आने के बाद सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर पेड़ों की कटाई किस उद्देश्य से की गई। यदि संबंधित भूमि पर पेड़ काटने के लिए किसी प्रकार की अनुमति आवश्यक थी, तो क्या वह अनुमति ली गई थी? यदि अनुमति नहीं ली गई थी, तो पेड़ों की कटाई कैसे ...

ग्राम पंचायत पाली के ग्राम झारापानी वार्ड नंबर 08 में गंदगी का अंबार, 181 शिकायत के बाद भी सफाई व्यवस्था पर सवाल ग्रामवासियों ने सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराने और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग उठाई

 ग्राम पंचायत पाली के ग्राम झारापानी वार्ड नंबर 08 में गंदगी का अंबार, 181 शिकायत के बाद भी सफाई व्यवस्था पर सवाल ग्रामवासियों ने सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराने और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग उठाई कटनी ।  जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत पाली के झारापानी के वार्ड नंबर 08 में सफाई व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी देखने को मिल रही है। ग्रामवासी शिवराम यादव सहित समस्त ग्रामवासियों का आरोप है कि वार्ड में जगह-जगह गंदगी का अंबार लगा हुआ है, लेकिन लंबे समय से ग्राम पंचायत द्वारा नियमित साफ-सफाई का कार्य नहीं कराया जा रहा है। इसके चलते ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार गांव में नालियों, सार्वजनिक स्थानों एवं रास्तों के आसपास कचरा जमा होने से वातावरण प्रभावित हो रहा है। सफाई व्यवस्था नहीं होने के कारण गंदगी लगातार बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम पंचायत स्तर पर सफाई व्यवस्था बनाए रखना आवश्यक है, लेकिन जिम्मेदारों द्वारा इस ओर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा है। *181 पर शिकायत, फिर भी कार्रवाई का इंतजार* ग्रामव...

जिस घर के लिए दिन-रात मेहनत, उसी घर में बैठने की फ़ुरसत नहीं, बैंक बैलेंस तो बढ़ा, पर क्या खाली हो रही है जिंदगी की तिजोरी, कल सुधारने की जल्दी में आज की खुशियां गंवाता इंसान, भागदौड़ की जिंदगी, बेगाने होते अपने, कमाया पैसा, गंवाया वक्त किसकी बलि चढ़ा रहे हैं हम, पैसा जरूरी है, मगर जिंदगी से ज्यादा नहीं

 जिस घर के लिए दिन-रात मेहनत, उसी घर में बैठने की फ़ुरसत नहीं, बैंक बैलेंस तो बढ़ा, पर क्या खाली हो रही है जिंदगी की तिजोरी, कल सुधारने की जल्दी में आज की खुशियां गंवाता इंसान, भागदौड़ की जिंदगी, बेगाने होते अपने, कमाया पैसा, गंवाया वक्त किसकी बलि चढ़ा रहे हैं हम, पैसा जरूरी है, मगर जिंदगी से ज्यादा नहीं कटनी  |  आज का आधुनिक समाज एक अजीब से विरोधाभास के बीच सांस ले रहा है। एक तरफ जहां हमारी जीवनशैली, तकनीकी सुविधाएं, वित्तीय संसाधन और व्यक्तिगत आकांक्षाएं अपने सर्वकालिक उच्च स्तर पर हैं, वहीं दूसरी तरफ इंसान की मानसिक शांति, पारिवारिक जुड़ाव और जीवन का वास्तविक आनंद लगातार गर्त में जा रहा है। हर सुबह जब शहर जगता है, तो उसके साथ जगती है एक कभी न खत्म होने वाली अंधी दौड़ सफलता की दौड़, अधिक से अधिक पैसा कमाने की दौड़, और समाज द्वारा तय किए गए 'सफल जीवन' के मापदंडों को हासिल करने की दौड़। लेकिन इस आपाधापी में जो सबसे बड़ा सवाल पीछे छूट जाता है, वह यह है कि क्या हम वाकई जी रहे हैं, या सिर्फ सांसें गिन रहे हैं? *पैसों का जाल साधन जब मकसद बन जाए* जीवन को सुचारू रूप से चलाने के...

तहसील ढीमरखेड़ा में नल-जल योजना की फूटी मटकी, कागजों में दौड़ रहा पानी, जमीन पर प्यासी जनता और ठेकेदारों की पौ-बारह

 तहसील ढीमरखेड़ा में नल-जल योजना की फूटी मटकी, कागजों में दौड़ रहा पानी, जमीन पर प्यासी जनता और ठेकेदारों की पौ-बारह कटनी  |  सरकार का दावा था कि हर ग्रामीण घर तक साफ और ताजा पेयजल पहुंचेगा। "हर घर जल" का सपना दिखाकर नल-जल योजना की नींव रखी गई, करोड़ों रुपये के बजट स्वीकृत हुए और गांव-गांव में बड़ी-बड़ी पानी की टंकियां बनाने का काम शुरू हुआ। लेकिन मध्य प्रदेश के कटनी जिले की तहसील ढीमरखेड़ा में जमीनी हकीकत इस सरकारी दावे के ठीक उलट है। यहां नल-जल योजना विकास की मिसाल बनने के बजाय प्रशासनिक लापरवाही, ठेकेदारों की मनमानी और बड़े स्तर पर हुए कथित भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुकी है। ढीमरखेड़ा तहसील के अधिकांश गांवों में नल-जल योजना का हाल बेहाल है। कई गांवों में सालों बीत जाने के बाद भी पानी की टंकियों का निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है। जहां टंकियां बन भी गई हैं, वहां उनकी गुणवत्ता इतनी घटिया है कि वे सफेद हाथी साबित हो रही हैं। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों की सांठ-गांठ के कारण योजना में जमकर फर्जीवाड़ा हुआ ...

नायब तहसीलदार की अध्यक्षता में गणेश उत्सव को लेकर उमरिया पान थाना में शांति समिति की बैठक हुई संपन्न, थाना प्रभारी महेंद्र जायसवाल ने समितियों को दिए शांतिपूर्ण आयोजन के निर्देश

 नायब तहसीलदार की अध्यक्षता में गणेश उत्सव को लेकर उमरिया पान थाना में शांति समिति की बैठक हुई संपन्न, थाना प्रभारी महेंद्र जायसवाल ने समितियों को दिए शांतिपूर्ण आयोजन के निर्देश उमरियापान। गणेश उत्सव को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण एवं सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराने को लेकर मंगलवार शाम 6 बजे उमरियापान थाना परिसर में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। नायब तहसीलदार इसरार खान की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में थाना प्रभारी महेंद्र जायसवाल सहित जनप्रतिनिधि, गणेश उत्सव समितियों के संचालक, ग्रामीणजन एवं विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। बैठक में नायब तहसीलदार इसरार खान ने गणेश उत्सव समितियों से अपील करते हुए कहा कि धार्मिक आयोजन पूरी श्रद्धा और शांतिपूर्ण वातावरण में मनाया जाए। गणेश पंडालों में किसी भी प्रकार का उपद्रव, विवाद अथवा शराबखोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने समितियों से पंडालों में सुरक्षा व्यवस्था का ध्यान रखने, संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने पर तत्काल पुलिस एवं प्रशासन को सूचना देने की बात कही।  *हुड़दंग और शराबखोरी पर तत्काल पुलिस को दें सूचना* थाना प्रभारी महेंद्र ...

कछारगाँव छोटा में 15 सालों से खाली पड़ा है आँगनवाड़ी सहायिका का पद, ग्रामीणों ने कलेक्टर से लगाई गुहार

 कछारगाँव छोटा में 15 सालों से खाली पड़ा है आँगनवाड़ी सहायिका का पद, ग्रामीणों ने कलेक्टर से लगाई गुहार ढीमरखेड़ा  |  जिला कटनी के जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा अंतर्गत ग्राम पंचायत कछारगाँव छोटा से एक बड़ी प्रशासनिक लापरवाही का मामला सामने आया है। गाँव के आँगनवाड़ी केंद्र क्रमांक 02 में पिछले 15 वर्षों से सहायिका का पद खाली पड़ा है, जिसके कारण केंद्र के संचालन और छोटे बच्चों व महिलाओं को मिलने वाली सुविधाओं में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।  *पति की मृत्यु के बाद बाहर चली गई थी पूर्व सहायिका* पत्र में उल्लेखित जानकारी के अनुसार, पूर्व में नियुक्त सहायिका के पति की मृत्यु हो जाने के बाद उक्त महिला गाँव छोड़कर बाहर चली गई थी।तभी से यह पद लगातार रिक्त बना हुआ है। इतने लंबे समय से पद खाली रहने के बावजूद अब तक प्रशासन द्वारा यहाँ नई सहायिका की नियुक्ति नहीं की गई है। *ग्रामीणों ने की नियुक्ति की मांग* समस्या के समाधान के लिए ग्राम पंचायत कछारगाँव छोटा के ग्रामीणों और प्रतिनिधियों ने कटनी कलेक्टर के नाम एक आवेदन पत्र सौंपा है। पत्र में कलेक्टर से गुहार लगाई गई है कि आँ...

लालपुर में नहीं बन रहा आरोग्यम उपस्वास्थ्य केंद्र, ग्रामवासियों ने उठाई आवाज ग्रामीणों की मांग लालपुर में ही बनाया जाए आरोग्यम उपस्वास्थ्य केंद्र, स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए दूर न जाना पड़े

 लालपुर में नहीं बन रहा आरोग्यम उपस्वास्थ्य केंद्र, ग्रामवासियों ने उठाई आवाज ग्रामीणों की मांग लालपुर में ही बनाया जाए आरोग्यम उपस्वास्थ्य केंद्र, स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए दूर न जाना पड़े ढीमरखेड़ा ।  जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा क्षेत्र के ग्राम लालपुर में आरोग्यम उपस्वास्थ्य केंद्र बनाए जाने की मांग अब जोर पकड़ने लगी है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में स्वास्थ्य सुविधाओं का पर्याप्त विस्तार नहीं होने के कारण छोटी-बड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के लिए उन्हें दूसरे गांवों या दूरस्थ स्वास्थ्य केंद्रों का रुख करना पड़ता है। ऐसे में यदि लालपुर में आरोग्यम उपस्वास्थ्य केंद्र की स्थापना की जाती है तो इससे लालपुर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को भी स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा। ग्रामवासियों ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग का ध्यान इस ओर आकर्षित करते हुए मांग की है कि लालपुर को आरोग्यम उपस्वास्थ्य केंद्र की सुविधा से जोड़ा जाए। ग्रामीणों का कहना है कि गांव और आसपास की आबादी को देखते हुए यहां प्राथमिक स्तर की स्वास्थ्य सेवाओं की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही है। *स्वास्थ्य...