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एक ही बंदर काफी है बाग को उजाड़ने के लिए उस देश का क्या होगा जहां हर राजनीतिक पद पर बंदर बैठे हों

 एक ही बंदर काफी है बाग को उजाड़ने के लिए उस देश का क्या होगा जहां हर राजनीतिक पद पर बंदर बैठे हों कटनी  |   एक ही बंदर पूरे बाग को उजाड़ने के लिए काफी होता है। वह अपनी शरारत, लालच और अविवेक से पेड़ों को नुकसान पहुंचा देता है, फलों को तोड़ देता है और पूरे वातावरण को अस्त-व्यस्त कर देता है। लेकिन जरा कल्पना कीजिए उस स्थिति की, जब बाग की रखवाली करने के लिए ही बंदरों को बैठा दिया जाए।जब बाग का माली ही अपनी जिम्मेदारी भूलकर उसे उजाड़ने में लग जाए, तब उस बाग का भविष्य क्या होगा? आज की राजनीति को देखकर यह प्रश्न बार-बार मन में उठता है कि देश की बागडोर जिन लोगों के हाथों में है, क्या वे सच में देश को संवारने आए हैं या उसे अपने स्वार्थों के लिए इस्तेमाल करने आए हैं? जब नेतृत्व में समझदारी, ईमानदारी और दूरदर्शिता की कमी हो जाती है, तब राष्ट्र की स्थिति भी उसी बाग की तरह हो जाती है जिसे बंदरों की टोली ने घेर लिया हो।राजनीति का मूल उद्देश्य समाज की सेवा करना होता है। लोकतंत्र में जनता अपने प्रतिनिधियों को इस उम्मीद से चुनती है कि वे उनकी समस्याओं का समाधान करेंगे, देश को विकास ...

करोड़पति आरक्षक सौरभ शर्मा का 100 करोड़ का सोना-कैश होगा राजसात जबलपुर के रसूखदारों में हड़कंप

 करोड़पति आरक्षक सौरभ शर्मा का 100 करोड़ का सोना-कैश होगा राजसात जबलपुर के रसूखदारों में हड़कंप जबलपुर  |  मध्य प्रदेश के चर्चित 'करोड़पति आरटीओ आरक्षक' सौरभ शर्मा द्वारा अवैध रूप से अर्जित की गई विशाल काली कमाई अब आधिकारिक रूप से सरकारी खजाने का हिस्सा बनने जा रही है। आयकर विभाग की एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी ने भोपाल स्थित बेनामी निषेध इकाई द्वारा की गई जब्ती की कार्रवाई पर अंतिम मुहर लगा दी है। अथॉरिटी ने स्पष्ट किया है कि जब्त किया गया 100 करोड़ रुपये का सोना और नकद वास्तव में सौरभ शर्मा का ही है, जिसे छिपाने के लिए बेनामीदारों का सहारा लिया गया था। *दिसंबर 2024 का वह सनसनीखेज मामला* यह पूरा प्रकरण दिसंबर 2024 में उस वक्त सुर्खियों में आया था, जब आयकर विभाग और अन्य जांच एजेंसियों ने भोपाल के मेंडोरी स्थित जंगली इलाके में एक संदिग्ध इनोवा कार को घेरा था। तलाशी के दौरान वाहन से 51.8 किलोग्राम सोना और 11 करोड़ रुपये की नकदी बरामद की गई थी। जांच में सामने आया कि आरक्षक सौरभ शर्मा ने अपनी काली कमाई को सफेद करने के लिए अपने सहयोगी चेतन सिंह गौर को 'बेनामीदार' (मुखौटा) के रूप में...

जब पुलिस ही टूटने लगे थानों में बढ़ती थकान और व्यवस्था पर गंभीर सवाल, यदि पुलिसकर्मी का मन टूट गया, तो थाना भवन तो खड़ा रहेगा, लेकिन अपराधियों के मन से कानून का भय समाप्त हो सकता है

 जब पुलिस ही टूटने लगे थानों में बढ़ती थकान और व्यवस्था पर गंभीर सवाल, यदि पुलिसकर्मी का मन टूट गया, तो थाना भवन तो खड़ा रहेगा, लेकिन अपराधियों के मन से कानून का भय समाप्त हो सकता है कटनी  |  देश की कानून व्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले पुलिस विभाग के भीतर इन दिनों एक गहरी और चिंताजनक हलचल देखी जा रही है। यह हलचल किसी आंदोलन या हड़ताल के रूप में नहीं, बल्कि एक शांत और अंदरूनी बदलाव के रूप में सामने आ रही है। कई पुलिसकर्मी अपनी नौकरी छोड़ने का मन बना रहे हैं, कुछ ने नौकरी छोड़ दी है और कई ऐसे हैं जो भीतर ही भीतर मानसिक दबाव और निराशा से जूझ रहे हैं। सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि जो पुलिसकर्मी कभी अपने बच्चों को भी वर्दी में देखना चाहते थे, आज वही अपने परिवार के सदस्यों को पुलिस सेवा में जाने से रोकने लगे हैं। यह स्थिति केवल व्यक्तिगत थकान का परिणाम नहीं है, बल्कि पुलिस व्यवस्था में आए कई बदलावों का नतीजा है। आज देशभर के थानों में पुलिसकर्मियों का बड़ा हिस्सा अपराध नियंत्रण या जनता की सुरक्षा से ज्यादा कागजी और डिजिटल प्रक्रियाओं में उलझा हुआ दिखाई देता है। थानों में अब प...

जिले में हादसों का कहर सड़क दुर्घटनाओं और अन्य कारणों से 6 की मौत

 जिले में हादसों का कहर सड़क दुर्घटनाओं और अन्य कारणों से 6 की मौत कटनी ।  जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में पिछले 24 घंटों के भीतर दर्दनाक हादसों की खबर सामने आई है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, अलग-अलग घटनाओं में कुल 6 लोगों की जान चली गई है। पुलिस ने सभी मामलों में धारा 194 बीएनएसएस के तहत मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। *सड़क हादसों में उजड़ गए परिवार* बड़वारा में पिता-पुत्र की मौत: बड़वारा थाना अंतर्गत ग्राम सुड्डी के पास 'अंधा मोड़' पर हुए एक भीषण सड़क हादसे में भनपुरा निवासी शिव सिंह गोंड़ (65 वर्ष) और उनके पुत्र मनोज सिंह (38 वर्ष) की मौत हो गई। दोनों एक ही दुर्घटना का शिकार हुए, जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। *कुठला में युवक ने तोड़ा दम:* ग्राम कन्हवारा निवासी 26 वर्षीय युवक श्रीकांत काछी की सड़क दुर्घटना में घायल होने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। *स्लीमनाबाद एनएच-30 पर हादसा:* नेशनल हाईवे 30 पर गुड्डा ढाबा के पास हुए एक्सीडेंट में लखनपुर (सिहोरा) निवासी राजेश रजक (45 वर्ष) गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिनकी उपचार के दौरान मृत्यु हो गई। *संदिग्ध परिस्थिति...

आदिवासी जमीन स्कैम': राज्य प्रशासनिक सेवा के 3 अफसरों का 'महापाप', रसूखदार डोडानी के लिए सरकारी फाइलों का हुआ 'कत्ल'

 आदिवासी जमीन स्कैम': राज्य प्रशासनिक सेवा के 3 अफसरों का 'महापाप', रसूखदार डोडानी के लिए सरकारी फाइलों का हुआ 'कत्ल'  कटनी ।  पिपरौध की बेशकीमती आदिवासी जमीन को निगलने के लिए बुना गया जाल इतना गहरा है कि इसमें तीन राज्य प्रशासनिक स्तर के अधिकारियों ने खेल किया।एसडीएम स्तर के अधिकारी, तहसीलदार, बाबू और पटवारी तक एक 'सिंडिकेट' की तरह काम कर रहे थे।  दैनिक ताजा खबर के प्रधान संपादक राहुल पाण्डेय के पास मौजूद पुख्ता दस्तावेज और जानकारी के अनुसार, इस पूरे खेल में रसूखदारों डोडानी को लाभ पहुंचाने के लिए सरकारी दफ्तरों को 'सेल डीड' के दफ्तर में बदल दिया गया। जिससे रसूखदार डोडानी भी मालामाल हुआ और बाबू और अफसर की जेब भी गर्म हुई। *एसडीएम ने 'गायब' की फाइलें, तहसीलदार ने 'मूंदी' आंखें* इस घोटाले की पटकथा राज्य प्रशासनिक सेवा के उन तीन अधिकारियों ने लिखी, जिन पर कानून की रक्षा का जिम्मा था एसडीएम का 'कांड जब इस जमीन को लेकर शिकायतें प्रशासन तक पहुँचीं, तो एसडीएम स्तर के एक अधिकारी ने बड़ी चतुराई से शिकायतों की मूल फाइलों को ही रिकॉर्ड से ग...

एकता के रंग में रंगी होली, क्षेत्रीय पत्रकारों और समाजसेवियों की मित्रता बनी मिसाल

 एकता के रंग में रंगी होली, क्षेत्रीय पत्रकारों और समाजसेवियों की मित्रता बनी मिसाल कटनी । होली का पर्व जहां रंग, उमंग और भाईचारे का संदेश देता है, वहीं इस बार क्षेत्र में एक अनूठी मिसाल देखने को मिली।सामाजिक, पत्रकारिता और जनप्रतिनिधि क्षेत्र से जुड़े प्रमुख व्यक्तित्वों ने एक साथ होली मनाकर एकता और सद्भाव का परिचय दिया । राकेश यादव (संपादक, कलयुग की कलम), राहुल पाण्डेय (प्रधान संपादक, दैनिक ताजा खबर), अंकित झारिया (पत्रिका), प्रमोद असाटी (समाजसेवी), सोनू त्रिपाठी (संचालक, कलयुग की कलम) एवं जनपद उपाध्यक्ष पति पारस पटेल ने एक साथ रंग-गुलाल लगाकर होली का पर्व मनाया और सामाजिक सौहार्द का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान सभी ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर शुभकामनाएं दीं और क्षेत्र के विकास, सामाजिक समरसता एवं सकारात्मक पत्रकारिता को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने कहा कि मतभेद हो सकते हैं, लेकिन मनभेद नहीं होने चाहिए। *पत्रकारिता और समाजसेवा का संगम* इस आयोजन ने यह स्पष्ट कर दिया कि पत्रकारिता केवल खबरों तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज को जोड़ने का भी माध्यम है। जब ...

मंदिर नहीं, भारत बने महान विरासत बचाने और राष्ट्र गढ़ने की पुकार, कुपुत्र बेचता है विरासत, सुपुत्र बनाता है भारत मंदिर नहीं, देश बने महान ईंट-पत्थर के मंदिर नहीं, भारत को मंदिर बनाने की जरूरत संपत्ति लुटाने वाले नहीं, राष्ट्र सजाने वाले सुपुत्र चाहिए मंदिर बनाना आसान, भारत को महान बनाना असली तपस्या जो बेच दे विरासत वो कुपुत्र, जो गढ़ दे भारत वो सच्चा सुपुत्र धर्मस्थल से पहले राष्ट्रस्थल भारत ही बने सबसे बड़ा मंदिर विरासत बचाओ, भारत सजाओ यही है असली राष्ट्रभक्ति सुपुत्र वही जो देश को ऊँचा उठाए, केवल पत्थर नहीं भविष्य गढ़ जाए

 मंदिर नहीं, भारत बने महान विरासत बचाने और राष्ट्र गढ़ने की पुकार, कुपुत्र बेचता है विरासत, सुपुत्र बनाता है भारत मंदिर नहीं, देश बने महान ईंट-पत्थर के मंदिर नहीं, भारत को मंदिर बनाने की जरूरत संपत्ति लुटाने वाले नहीं, राष्ट्र सजाने वाले सुपुत्र चाहिए मंदिर बनाना आसान, भारत को महान बनाना असली तपस्या जो बेच दे विरासत वो कुपुत्र, जो गढ़ दे भारत वो सच्चा सुपुत्र धर्मस्थल से पहले राष्ट्रस्थल भारत ही बने सबसे बड़ा मंदिर विरासत बचाओ, भारत सजाओ यही है असली राष्ट्रभक्ति सुपुत्र वही जो देश को ऊँचा उठाए, केवल पत्थर नहीं भविष्य गढ़ जाए कटनी |  कुपुत्र बेचता है विरासत, सुपुत्र बनाता है भारत” इन पंक्तियों के साथ क्षेत्र में एक विचारधारा तेजी से चर्चा का विषय बनी हुई है। सामाजिक कार्यकर्ताओं और बुद्धिजीवियों का कहना है कि केवल ईंट-पत्थर के मंदिरों का निर्माण ही विकास नहीं है, बल्कि पूरे भारत को एक सशक्त, समृद्ध और संस्कारित राष्ट्र के रूप में गढ़ना ही सच्ची राष्ट्रभक्ति है।  *विरासत बचाने की जरूरत* देश की ऐतिहासिक धरोहरें, सांस्कृतिक मूल्य और सामाजिक एकता हमारी असली संपत्ति हैं। ज...