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रेत माफिया मनोज बागरी पर भी हो सख्त कार्रवाई, सिलौड़ी और ढीमरखेड़ा पुलिस से ग्रामीणों को उम्मीद क्षेत्र में धड़ल्ले से जारी रेत परिवहन पर उठे सवाल, आखिर कब होगी जिम्मेदारों पर कार्रवाई

 रेत माफिया मनोज बागरी पर भी हो सख्त कार्रवाई, सिलौड़ी और ढीमरखेड़ा पुलिस से ग्रामीणों को उम्मीद क्षेत्र में धड़ल्ले से जारी रेत परिवहन पर उठे सवाल, आखिर कब होगी जिम्मेदारों पर कार्रवाई ढीमरखेड़ा ।  क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन का मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। पुलिस द्वारा समय-समय पर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर कार्रवाई की जा रही है, लेकिन इसके बावजूद क्षेत्र में रेत का परिवहन धड़ल्ले से जारी होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। स्थानीय स्तर पर मनोज बागरी के कथित रेत कारोबार की भी जांच कराए जाने और यदि अवैध गतिविधियों में संलिप्तता प्रमाणित होती है तो उनके विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई किए जाने की मांग उठ रही है। ग्रामीणों का सवाल है कि जब पुलिस अवैध रेत परिवहन करने वाले वाहनों पर कार्रवाई कर रही है, तो इस कारोबार से जुड़े कथित संचालकों और मुख्य जिम्मेदार लोगों तक कार्रवाई क्यों नहीं पहुंच रही है? अब क्षेत्रवासियों की निगाहें सिलौड़ी चौकी पुलिस और ढीमरखेड़ा थाना पुलिस पर टिकी हैं। लोगों को उम्मीद है कि पुलिस केवल वाहन पकड़ने तक सीमित न रहकर रेत के अवैध कारोबार की पूर...

अवैध रेत परिवहन पर सवालों से बचते नजर आए एसपी, पत्रकारों के सवालों का नहीं मिला स्पष्ट जवाब, जनसुनवाई में समस्याओं के निराकरण के दावों के बीच पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल, पत्रकारों की अनदेखी करने का भी आरोप

 अवैध रेत परिवहन पर सवालों से बचते नजर आए एसपी, पत्रकारों के सवालों का नहीं मिला स्पष्ट जवाब, जनसुनवाई में समस्याओं के निराकरण के दावों के बीच पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल, पत्रकारों की अनदेखी करने का भी आरोप  ढीमरखेड़ा । तहसील मुख्यालय ढीमरखेड़ा में शुक्रवार, 30 अक्टूबर को आयोजित जनसुनवाई में कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक की मौजूदगी के दौरान अवैध रेत उत्खनन और परिवहन का मुद्दा भी उठा। क्षेत्र में आए दिन रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने और कुछ मामलों में ट्रैक्टरों के नंबर तक स्पष्ट दिखाई देने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं होने को लेकर पत्रकारों ने पुलिस अधीक्षक से सवाल किए। हालांकि, पत्रकारों का आरोप है कि एसपी इन सवालों का स्पष्ट जवाब देने के बजाय मामले से बचते नजर आए।  पत्रकारों ने सवाल उठाया कि जब क्षेत्र में खुलेआम रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां निकलने के वीडियो सामने आ रहे हैं, कहीं वाहनों के नंबर स्पष्ट हैं तो कहीं यह जानकारी भी सामने आ रही है कि रेत किसके द्वारा और कहां ले जाई जा रही है, तो फिर पुलिस इन सूचनाओं के आधार पर कार्रवा...

सरदार पटेल जयंती पर ढीमरखेड़ा थाने में मनाया गया राष्ट्रीय एकता दिवस, बच्चों को पुलिस ने किया जागरूक थाना प्रभारी महिमा रघुवंशी ने बच्चों को राष्ट्रीय एकता, अखंडता, सामाजिक सद्भाव और पुलिस की कार्यप्रणाली की दी जानकारी, परेड एवं पुलिस अनुशासन से भी कराया परिचित

 सरदार पटेल जयंती पर ढीमरखेड़ा थाने में मनाया गया राष्ट्रीय एकता दिवस, बच्चों को पुलिस ने किया जागरूक थाना प्रभारी महिमा रघुवंशी ने बच्चों को राष्ट्रीय एकता, अखंडता, सामाजिक सद्भाव और पुलिस की कार्यप्रणाली की दी जानकारी, परेड एवं पुलिस अनुशासन से भी कराया परिचित ढीमरखेड़ा। देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता के प्रतीक लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती एवं राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर ढीमरखेड़ा थाना परिसर में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में थाना प्रभारी महिमा रघुवंशी ने बच्चों को राष्ट्रीय एकता, सामाजिक सद्भाव, आपसी भाईचारे और अनुशासन का महत्व समझाते हुए एक जिम्मेदार नागरिक बनने का संदेश दिया। इस दौरान थाने का समस्त पुलिस स्टाफ मौजूद रहा। कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों को न केवल देश के महान स्वतंत्रता सेनानी और राष्ट्रनिर्माता सरदार वल्लभभाई पटेल के जीवन से परिचित कराया गया, बल्कि पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली, कानून व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस की भूमिका तथा पुलिस परेड और अनुशासन के संबंध में भी विस्तार से जानकारी दी गई। राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर आयोजित इस...

अपने गांव के लिए समर्पित हैं लूनेश्वर पुरी, लूनेश्वर पुरी जैसे शेर के दहाड़ने पर मची भगदड़,पिण्डरई में अधूरी सड़क और नाली निर्माण से ग्रामीण परेशान, जनसुनवाई में कलेक्टर से लगाई गुहार, बारिश में जलभराव से आवागमन प्रभावित, गड्ढों और झाड़ियों के कारण दुर्घटनाओं का बना रहता है खतरा, हर गतिविधियों में लूनेश्वर पुरी की नज़र

 अपने गांव के लिए समर्पित हैं लूनेश्वर पुरी, लूनेश्वर पुरी जैसे शेर के दहाड़ने पर मची भगदड़,पिण्डरई में अधूरी सड़क और नाली निर्माण से ग्रामीण परेशान, जनसुनवाई में कलेक्टर से लगाई गुहार, बारिश में जलभराव से आवागमन प्रभावित, गड्ढों और झाड़ियों के कारण दुर्घटनाओं का बना रहता है खतरा, हर गतिविधियों में लूनेश्वर पुरी की नज़र  ढीमरखेड़ा ।  तहसील क्षेत्र के ग्राम पिण्डरई में अधूरे सड़क एवं नाली निर्माण कार्य से ग्रामीणों को लंबे समय से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गांव की बदहाल सड़क, जगह-जगह बने गहरे गड्ढे और जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से ग्रामीणों का आवागमन मुश्किल हो गया है। समस्या के निराकरण की मांग को लेकर ग्राम पंचायत पिण्डरई के ग्रामीणों ने जनसुनवाई में कलेक्टर को आवेदन सौंपकर शीघ्र कार्रवाई की मांग की है।ग्रामीणों के अनुसार ढीमरखेड़ा से विरासन पाली मार्ग का निर्माण प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत कराया गया था। यह मार्ग ग्राम पिण्डरई के बीच से होकर गुजरता है, लेकिन मुख्य मार्ग का निर्माण होने के बावजूद गांव की सीमा के भीतर सड़क और पक्की नाली का कार्य...

सच की राह में कितने ही तूफान आएँ, दोस्ती के आगे हर मुश्किल झुक जाए एक की कलम चले, दूजे का विश्वास साथ हो, राजेंद्र और अंकित की जोड़ी हर पल खास हो, मैत्री और कर्तव्यनिष्ठा की अनूठी मिसाल पत्रकार राजेंद्र चौरसिया और अंकित झारिया, हर विषम परिस्थितियों में एक दूसरे के लिए छिड़कते हैं जान

 सच की राह में कितने ही तूफान आएँ, दोस्ती के आगे हर मुश्किल झुक जाए एक की कलम चले, दूजे का विश्वास साथ हो, राजेंद्र और अंकित की जोड़ी हर पल खास हो, मैत्री और कर्तव्यनिष्ठा की अनूठी मिसाल पत्रकार राजेंद्र चौरसिया और अंकित झारिया, हर विषम परिस्थितियों में एक दूसरे के लिए छिड़कते हैं जान ढीमरखेड़ा  |  आज के व्यावसायिक और तीव्र प्रतिस्पर्धात्मक दौर में, जहाँ हर क्षेत्र में आगे बढ़ने की होड़ मची है, पत्रकारिता जगत से सौहार्द और अटूट विश्वास की एक अनुकरणीय तस्वीर सामने आ रही है। वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र चौरसिया और अंकित झारिया की मित्रता आज के युवाओं और मीडिया जगत के लिए एक अनूठी मिसाल बन चुकी है। इन दोनों पत्रकारों ने न केवल अपनी कलम की धार से समाज को आईना दिखाया है, बल्कि आपसी सहभागिता और समर्पण से यह भी साबित किया है कि सच्ची मित्रता कार्यक्षेत्र की चुनौतियों को कितना आसान बना सकती है। पत्रकारिता का क्षेत्र कांटों भरा ताज माना जाता है। यहाँ रोज़ नई चुनौतियाँ, मानसिक दबाव और विपरीत परिस्थितियाँ सामने आती हैं। ऐसे कठिन समय में अक्सर लोग अकेले पड़ जाते हैं, लेकिन राजेंद्र चौरसिय...

जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा के नए सीईओ बने श्री कृष्णकांत पांडे, शुक्रवार को संभाला कार्यभार, शासन की तबादला सूची के अनुपालन में हुई पदस्थापना, निवर्तमान सीईओ यजुवेंद्र कोरी को जिला पंचायत जबलपुर में परियोजना अधिकारी की जिम्मेदारी

 जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा के नए सीईओ बने श्री कृष्णकांत पांडे, शुक्रवार को संभाला कार्यभार, शासन की तबादला सूची के अनुपालन में हुई पदस्थापना, निवर्तमान सीईओ यजुवेंद्र कोरी को जिला पंचायत जबलपुर में परियोजना अधिकारी की जिम्मेदारी कटनी । पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा जारी स्थानांतरण सूची के अनुपालन में जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा में प्रशासनिक बदलाव हुआ है। जनपद पंचायत के नए मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) श्री कृष्णकांत पांडे ने शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को पूर्वाह्न में जनपद पंचायत कार्यालय पहुंचकर अपना कार्यभार ग्रहण कर लिया। जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री हर सिमरनप्रीत कौर के निर्देशों के पालन में श्री पांडे ने नई जिम्मेदारी संभाली। उनके पदभार ग्रहण करने के साथ ही जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा में पंचायत एवं ग्रामीण विकास से जुड़े प्रशासनिक कार्यों के संचालन की जिम्मेदारी अब उनके पास होगी। *ग्रामीण विकास कार्यों पर रहेगी नजर* जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों का संचालन, शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन तथा ग्रामीण क्षेत्रों...

सहकारिता विभाग के 'बब्बर शेर' निरंजन सिंह चौहान, अपनी अनूठी कार्यशैली और मिलनसार व्यवहार से जीत रहे हैं हर दिल

 सहकारिता विभाग के 'बब्बर शेर' निरंजन सिंह चौहान, अपनी अनूठी कार्यशैली और मिलनसार व्यवहार से जीत रहे हैं हर दिल कटनी |  सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली को लेकर अक्सर आम जनता के मन में एक ढुलमुल और जटिल छवि बनी होती है। फाइलों का अंबार, समय पर काम न होना और अधिकारियों का रूखा व्यवहार ये कुछ ऐसी शिकायतें हैं जो अमूमन हर दफ्तर के बाहर सुनने को मिल जाती हैं। लेकिन इसी व्यवस्था के बीच कुछ ऐसे व्यक्तित्व भी उभरकर सामने आते हैं, जो अपनी निष्ठा, कड़े फैसलों और बेहद सौम्य व्यवहार से पूरी प्रशासनिक व्यवस्था की परिभाषा बदल देते हैं। सहकारिता विभाग के एक ऐसे ही चमकते सितारे हैं निरंजन सिंह चौहान, जिन्हें विभाग के कर्मचारी और आम जनता प्यार व सम्मान से 'बब्बर शेर' कहकर पुकारते हैं। निरंजन सिंह चौहान का काम करने का तरीका जितना कड़क और सराहनीय है, उनका लोगों से संवाद करने का अंदाज उतना ही मीठा और सुंदर है। यही वजह है कि उनसे मिलकर हर व्यक्ति न केवल संतुष्ट होता है, बल्कि चेहरे पर एक मुस्कान लेकर लौटता है। *जो व्यक्ति मिला मिलकर हुआ खुश* सहकारिता विभाग सीधे तौर पर जमीन से जुड़े किसानों, ...