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शिवराज पर एफआईआर की तैयारी, पूर्व IFS अधिकारी के आरोपों से मचा राजनीतिक हलचल

 शिवराज पर एफआईआर की तैयारी, पूर्व IFS अधिकारी के आरोपों से मचा राजनीतिक हलचल



कटनी  |  मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। मध्य प्रदेश कैडर के रिटायर्ड आईएफएस अधिकारी आजाद सिंह डबास ने पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी शुरू कर दी है। डबास का आरोप है कि शिवराज सिंह चौहान ने अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान राजनीतिक लाभ और वोट बैंक को साधने के लिए राज्य की बहुमूल्य वन संपदा और नर्मदा नदी के पारिस्थितिक तंत्र को नुकसान पहुंचाया। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2020 में सत्ता में वापसी के बाद बुधनी और नसरुल्लागंज क्षेत्र में करीब 1300 वन भूमि पट्टे अवैध रूप से बांटे गए। आरोपों के मुताबिक, ये पट्टे पात्र आदिवासी हितग्राहियों को देने के बजाय अपात्र लोगों को राजनीतिक दबाव में वितरित किए गए, जिससे वन क्षेत्र और पर्यावरण को गंभीर क्षति हुई।डबास ने इसे न केवल प्रशासनिक अनियमितता बल्कि पर्यावरणीय अपराध भी बताया है। इस पूरे मामले को लेकर उन्होंने संबंधित एजेंसियों से शिकायत करने और कानूनी कार्रवाई की तैयारी की बात कही है। यदि एफआईआर दर्ज होती है, तो यह मामला प्रदेश की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन सकता है।हालांकि, अभी तक शिवराज सिंह चौहान या उनके समर्थकों की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह मामला आने वाले समय में तूल पकड़ सकता है और प्रदेश की सियासत को नई दिशा दे सकता है।

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