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रेत माफियाओं पर ढीमरखेड़ा पुलिस का बड़ा चाबुक, अवैध रेत से भरी गाड़ियां जब्त, हड़कंप

 रेत माफियाओं पर ढीमरखेड़ा पुलिस का बड़ा चाबुक, अवैध रेत से भरी गाड़ियां जब्त, हड़कंप ढीमरखेड़ा ।  क्षेत्र में बेखौफ होकर अवैध रेत का कारोबार कर रहे खनन माफियाओं के खिलाफ ढीमरखेड़ा थाना पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई की है। पुलिस की इस अचानक हुई कार्रवाई से अवैध रेत का परिवहन करने वाले रेत माफियाओं और चालकों में हड़कंप मच गया है। *अवैध परिवहन पर ढीमरखेड़ा पुलिस की सख्त कार्रवाई* मिली गुप्त सूचना के आधार पर ढीमरखेड़ा थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने क्षेत्र के प्रमुख मार्गों पर सघन चेकिंग अभियान चलाया। चेकिंग के दौरान पुलिस ने अवैध रूप से रेत का परिवहन कर रही गाड़ियों को रोककर पूछताछ की। चालकों द्वारा रेत के परिवहन से संबंधित वैध दस्तावेज प्रस्तुत न किए जाने पर पुलिस ने वाहनों को तुरंत जब्त कर लिया और उन्हें थाने खड़ा करवाया। *माफियाओं में मचा हड़कंप* पुलिस की इस त्वरित और सख्त कार्रवाई की खबर फैलते ही क्षेत्र में सक्रिय अन्य रेत माफिया अपनी-अपनी गाड़ियां छुपाते नजर आए। ढीमरखेड़ा पुलिस की इस कार्रवाई से अवैध रेत उत्खनन और परिवहन में लगे तत्वों के बीच अफरा-तफरी का माहौल है। *...

एक विक्रेता, कई दुकानें तहसील ढीमरखेड़ा में खाद्यान्न वितरण व्यवस्था पर उठे सवाल सहकारिता एवं खाद्य विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल, एक विक्रेता पर दो-तीन नहीं बल्कि चार दुकानों में वितरण का दबाव बनाने के आरोप

 एक विक्रेता, कई दुकानें तहसील ढीमरखेड़ा में खाद्यान्न वितरण व्यवस्था पर उठे सवाल सहकारिता एवं खाद्य विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल, एक विक्रेता पर दो-तीन नहीं बल्कि चार दुकानों में वितरण का दबाव बनाने के आरोप ढीमरखेड़ा ।  तहसील क्षेत्र में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के संचालन को लेकर एक नया मामला सामने आया है। आरोप है कि सहकारिता एवं खाद्य विभाग से जुड़े जिम्मेदारों द्वारा एक ही विक्रेता पर दो, तीन यहां तक कि चार अलग-अलग उचित मूल्य दुकानों में खाद्यान्न वितरण का कार्य संभालने का दबाव बनाया जा रहा है। मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर एक विक्रेता से कई दुकानों का संचालन किस नियम और किस आदेश के तहत कराया जा रहा है।बताया जा रहा है कि उचित मूल्य दुकानों के संचालन और खाद्यान्न वितरण की व्यवस्था में विक्रेताओं की जिम्मेदारी निर्धारित रहती है। ऐसे में यदि एक ही व्यक्ति को एक से अधिक दुकानों का वितरण कार्य सौंपा जा रहा है तो इसके पीछे सक्षम अधिकारी का आदेश, निर्धारित प्रक्रिया और नियमों का पालन होना आवश्यक है। क्षेत्र में इसी बिंदु को लेकर चर्चाएं तेज हैं...

पाली बरहा टोला में सागौन के पेड़ कटने का मामला, वन एवं राजस्व विभाग की भूमिका पर उठे सवाल, पाली बरहा टोला में सागौन के पेड़ कटने का मामला, वन एवं राजस्व विभाग की भूमिका पर उठे सवाल, ग्रामीणों ने जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की उठाई मांग, बिना अनुमति पेड़ काटे जाने की हो निष्पक्ष जांच

 पाली बरहा टोला में सागौन के पेड़ कटने का मामला, वन एवं राजस्व विभाग की भूमिका पर उठे सवाल, पाली बरहा टोला में सागौन के पेड़ कटने का मामला, वन एवं राजस्व विभाग की भूमिका पर उठे सवाल, ग्रामीणों ने जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की उठाई मांग, बिना अनुमति पेड़ काटे जाने की हो निष्पक्ष जांच कटनी ।  तहसील ढीमरखेड़ा क्षेत्र के ग्राम पाली के बरहा टोला क्षेत्र में सागौन के पेड़ों के कटने का मामला सामने आने के बाद ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में पेड़ों की कटाई किसकी अनुमति से हुई और संबंधित विभागों को इसकी जानकारी थी या नहीं, यह जांच का विषय है। ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की मांग उठाई है। ग्रामीणों के अनुसार बरहा टोला क्षेत्र में सागौन के पेड़ काटे जाने की जानकारी सामने आने के बाद सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर पेड़ों की कटाई किस उद्देश्य से की गई। यदि संबंधित भूमि पर पेड़ काटने के लिए किसी प्रकार की अनुमति आवश्यक थी, तो क्या वह अनुमति ली गई थी? यदि अनुमति नहीं ली गई थी, तो पेड़ों की कटाई कैसे ...

ग्राम पंचायत पाली के ग्राम झारापानी वार्ड नंबर 08 में गंदगी का अंबार, 181 शिकायत के बाद भी सफाई व्यवस्था पर सवाल ग्रामवासियों ने सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराने और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग उठाई

 ग्राम पंचायत पाली के ग्राम झारापानी वार्ड नंबर 08 में गंदगी का अंबार, 181 शिकायत के बाद भी सफाई व्यवस्था पर सवाल ग्रामवासियों ने सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराने और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग उठाई कटनी ।  जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत पाली के झारापानी के वार्ड नंबर 08 में सफाई व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी देखने को मिल रही है। ग्रामवासी शिवराम यादव सहित समस्त ग्रामवासियों का आरोप है कि वार्ड में जगह-जगह गंदगी का अंबार लगा हुआ है, लेकिन लंबे समय से ग्राम पंचायत द्वारा नियमित साफ-सफाई का कार्य नहीं कराया जा रहा है। इसके चलते ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार गांव में नालियों, सार्वजनिक स्थानों एवं रास्तों के आसपास कचरा जमा होने से वातावरण प्रभावित हो रहा है। सफाई व्यवस्था नहीं होने के कारण गंदगी लगातार बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम पंचायत स्तर पर सफाई व्यवस्था बनाए रखना आवश्यक है, लेकिन जिम्मेदारों द्वारा इस ओर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा है। *181 पर शिकायत, फिर भी कार्रवाई का इंतजार* ग्रामव...

जिस घर के लिए दिन-रात मेहनत, उसी घर में बैठने की फ़ुरसत नहीं, बैंक बैलेंस तो बढ़ा, पर क्या खाली हो रही है जिंदगी की तिजोरी, कल सुधारने की जल्दी में आज की खुशियां गंवाता इंसान, भागदौड़ की जिंदगी, बेगाने होते अपने, कमाया पैसा, गंवाया वक्त किसकी बलि चढ़ा रहे हैं हम, पैसा जरूरी है, मगर जिंदगी से ज्यादा नहीं

 जिस घर के लिए दिन-रात मेहनत, उसी घर में बैठने की फ़ुरसत नहीं, बैंक बैलेंस तो बढ़ा, पर क्या खाली हो रही है जिंदगी की तिजोरी, कल सुधारने की जल्दी में आज की खुशियां गंवाता इंसान, भागदौड़ की जिंदगी, बेगाने होते अपने, कमाया पैसा, गंवाया वक्त किसकी बलि चढ़ा रहे हैं हम, पैसा जरूरी है, मगर जिंदगी से ज्यादा नहीं कटनी  |  आज का आधुनिक समाज एक अजीब से विरोधाभास के बीच सांस ले रहा है। एक तरफ जहां हमारी जीवनशैली, तकनीकी सुविधाएं, वित्तीय संसाधन और व्यक्तिगत आकांक्षाएं अपने सर्वकालिक उच्च स्तर पर हैं, वहीं दूसरी तरफ इंसान की मानसिक शांति, पारिवारिक जुड़ाव और जीवन का वास्तविक आनंद लगातार गर्त में जा रहा है। हर सुबह जब शहर जगता है, तो उसके साथ जगती है एक कभी न खत्म होने वाली अंधी दौड़ सफलता की दौड़, अधिक से अधिक पैसा कमाने की दौड़, और समाज द्वारा तय किए गए 'सफल जीवन' के मापदंडों को हासिल करने की दौड़। लेकिन इस आपाधापी में जो सबसे बड़ा सवाल पीछे छूट जाता है, वह यह है कि क्या हम वाकई जी रहे हैं, या सिर्फ सांसें गिन रहे हैं? *पैसों का जाल साधन जब मकसद बन जाए* जीवन को सुचारू रूप से चलाने के...

तहसील ढीमरखेड़ा में नल-जल योजना की फूटी मटकी, कागजों में दौड़ रहा पानी, जमीन पर प्यासी जनता और ठेकेदारों की पौ-बारह

 तहसील ढीमरखेड़ा में नल-जल योजना की फूटी मटकी, कागजों में दौड़ रहा पानी, जमीन पर प्यासी जनता और ठेकेदारों की पौ-बारह कटनी  |  सरकार का दावा था कि हर ग्रामीण घर तक साफ और ताजा पेयजल पहुंचेगा। "हर घर जल" का सपना दिखाकर नल-जल योजना की नींव रखी गई, करोड़ों रुपये के बजट स्वीकृत हुए और गांव-गांव में बड़ी-बड़ी पानी की टंकियां बनाने का काम शुरू हुआ। लेकिन मध्य प्रदेश के कटनी जिले की तहसील ढीमरखेड़ा में जमीनी हकीकत इस सरकारी दावे के ठीक उलट है। यहां नल-जल योजना विकास की मिसाल बनने के बजाय प्रशासनिक लापरवाही, ठेकेदारों की मनमानी और बड़े स्तर पर हुए कथित भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुकी है। ढीमरखेड़ा तहसील के अधिकांश गांवों में नल-जल योजना का हाल बेहाल है। कई गांवों में सालों बीत जाने के बाद भी पानी की टंकियों का निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है। जहां टंकियां बन भी गई हैं, वहां उनकी गुणवत्ता इतनी घटिया है कि वे सफेद हाथी साबित हो रही हैं। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों की सांठ-गांठ के कारण योजना में जमकर फर्जीवाड़ा हुआ ...

नायब तहसीलदार की अध्यक्षता में गणेश उत्सव को लेकर उमरिया पान थाना में शांति समिति की बैठक हुई संपन्न, थाना प्रभारी महेंद्र जायसवाल ने समितियों को दिए शांतिपूर्ण आयोजन के निर्देश

 नायब तहसीलदार की अध्यक्षता में गणेश उत्सव को लेकर उमरिया पान थाना में शांति समिति की बैठक हुई संपन्न, थाना प्रभारी महेंद्र जायसवाल ने समितियों को दिए शांतिपूर्ण आयोजन के निर्देश उमरियापान। गणेश उत्सव को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण एवं सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराने को लेकर मंगलवार शाम 6 बजे उमरियापान थाना परिसर में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। नायब तहसीलदार इसरार खान की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में थाना प्रभारी महेंद्र जायसवाल सहित जनप्रतिनिधि, गणेश उत्सव समितियों के संचालक, ग्रामीणजन एवं विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। बैठक में नायब तहसीलदार इसरार खान ने गणेश उत्सव समितियों से अपील करते हुए कहा कि धार्मिक आयोजन पूरी श्रद्धा और शांतिपूर्ण वातावरण में मनाया जाए। गणेश पंडालों में किसी भी प्रकार का उपद्रव, विवाद अथवा शराबखोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने समितियों से पंडालों में सुरक्षा व्यवस्था का ध्यान रखने, संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने पर तत्काल पुलिस एवं प्रशासन को सूचना देने की बात कही।  *हुड़दंग और शराबखोरी पर तत्काल पुलिस को दें सूचना* थाना प्रभारी महेंद्र ...

कछारगाँव छोटा में 15 सालों से खाली पड़ा है आँगनवाड़ी सहायिका का पद, ग्रामीणों ने कलेक्टर से लगाई गुहार

 कछारगाँव छोटा में 15 सालों से खाली पड़ा है आँगनवाड़ी सहायिका का पद, ग्रामीणों ने कलेक्टर से लगाई गुहार ढीमरखेड़ा  |  जिला कटनी के जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा अंतर्गत ग्राम पंचायत कछारगाँव छोटा से एक बड़ी प्रशासनिक लापरवाही का मामला सामने आया है। गाँव के आँगनवाड़ी केंद्र क्रमांक 02 में पिछले 15 वर्षों से सहायिका का पद खाली पड़ा है, जिसके कारण केंद्र के संचालन और छोटे बच्चों व महिलाओं को मिलने वाली सुविधाओं में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।  *पति की मृत्यु के बाद बाहर चली गई थी पूर्व सहायिका* पत्र में उल्लेखित जानकारी के अनुसार, पूर्व में नियुक्त सहायिका के पति की मृत्यु हो जाने के बाद उक्त महिला गाँव छोड़कर बाहर चली गई थी।तभी से यह पद लगातार रिक्त बना हुआ है। इतने लंबे समय से पद खाली रहने के बावजूद अब तक प्रशासन द्वारा यहाँ नई सहायिका की नियुक्ति नहीं की गई है। *ग्रामीणों ने की नियुक्ति की मांग* समस्या के समाधान के लिए ग्राम पंचायत कछारगाँव छोटा के ग्रामीणों और प्रतिनिधियों ने कटनी कलेक्टर के नाम एक आवेदन पत्र सौंपा है। पत्र में कलेक्टर से गुहार लगाई गई है कि आँ...

लालपुर में नहीं बन रहा आरोग्यम उपस्वास्थ्य केंद्र, ग्रामवासियों ने उठाई आवाज ग्रामीणों की मांग लालपुर में ही बनाया जाए आरोग्यम उपस्वास्थ्य केंद्र, स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए दूर न जाना पड़े

 लालपुर में नहीं बन रहा आरोग्यम उपस्वास्थ्य केंद्र, ग्रामवासियों ने उठाई आवाज ग्रामीणों की मांग लालपुर में ही बनाया जाए आरोग्यम उपस्वास्थ्य केंद्र, स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए दूर न जाना पड़े ढीमरखेड़ा ।  जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा क्षेत्र के ग्राम लालपुर में आरोग्यम उपस्वास्थ्य केंद्र बनाए जाने की मांग अब जोर पकड़ने लगी है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में स्वास्थ्य सुविधाओं का पर्याप्त विस्तार नहीं होने के कारण छोटी-बड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के लिए उन्हें दूसरे गांवों या दूरस्थ स्वास्थ्य केंद्रों का रुख करना पड़ता है। ऐसे में यदि लालपुर में आरोग्यम उपस्वास्थ्य केंद्र की स्थापना की जाती है तो इससे लालपुर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को भी स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा। ग्रामवासियों ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग का ध्यान इस ओर आकर्षित करते हुए मांग की है कि लालपुर को आरोग्यम उपस्वास्थ्य केंद्र की सुविधा से जोड़ा जाए। ग्रामीणों का कहना है कि गांव और आसपास की आबादी को देखते हुए यहां प्राथमिक स्तर की स्वास्थ्य सेवाओं की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही है। *स्वास्थ्य...

स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन से विरत रहेगा पटवारी संघ कलेक्टर आशीष तिवारी को ज्ञापन सौंपकर पटवारियों को योजना से पृथक रखने की मांग, मांगें पूरी नहीं होने पर प्रदेशव्यापी कलम-बंद आंदोलन की चेतावनी

 स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन से विरत रहेगा पटवारी संघ कलेक्टर आशीष तिवारी को ज्ञापन सौंपकर पटवारियों को योजना से पृथक रखने की मांग, मांगें पूरी नहीं होने पर प्रदेशव्यापी कलम-बंद आंदोलन की चेतावनी कटनी ।  मध्य प्रदेश पटवारी संघ ने स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन-2026 के कार्यों से पटवारी संवर्ग को अलग रखने की मांग को लेकर जिला कलेक्टर आशीष तिवारी को ज्ञापन सौंपा है। संघ ने कहा है कि ग्रामीण आबादी की भूमि से संबंधित स्वामित्व अभिलेखों के निष्पादन और पंजीयन में पटवारियों को निष्पादक की भूमिका में रखा जाना उचित नहीं है। संघ के अनुसार, यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो प्रदेश स्तर पर आंदोलन किया जा सकता है। ज्ञापन में पटवारी संघ ने कहा कि ग्रामीण आबादी की भूमि का स्वरूप राजस्व कृषि भूमि से अलग होता है। संघ के अनुसार आबादी क्षेत्र का सर्वे और मैपिंग पंचायत राज विभाग के मार्गदर्शन में तकनीकी एजेंसियों के माध्यम से किया गया था, जबकि पटवारियों ने इसमें सहयोगी की भूमिका निभाई थी। संघ का दावा है कि इस कार्य के लिए उन्हें मानदेय भी पंचायत विभाग की ओर से दिया गया थ...

शिक्षा वो दीपक है जो अंधेरा मिटाती है, हर मुश्किल राह में मंजिल दिखाती है, दौलत तो छिन सकती है इंसान से, लेकिन शिक्षा जिंदगीभर साथ निभाती है

 शिक्षा वो दीपक है जो अंधेरा मिटाती है, हर मुश्किल राह में मंजिल दिखाती है, दौलत तो छिन सकती है इंसान से, लेकिन शिक्षा जिंदगीभर साथ निभाती है ढीमरखेड़ा ।  कहा जाता है कि शिक्षा वह दीपक है, जो अज्ञानता के अंधकार को दूर कर जीवन में ज्ञान, संस्कार और सफलता का उजाला भरती है। इंसान के पास धन-दौलत, जमीन-जायदाद और भौतिक सुख-सुविधाएं भले ही कम या ज्यादा हों, लेकिन यदि उसके पास शिक्षा का ज्ञान है तो वह विपरीत परिस्थितियों में भी अपने जीवन को नई दिशा देने की क्षमता रखता है। यही कारण है कि शिक्षा को व्यक्ति के जीवन की सबसे महत्वपूर्ण पूंजी माना गया है। शिक्षा वो दीपक है जो अंधेरा मिटाती है, हर मुश्किल राह में मंजिल दिखाती है, दौलत तो छिन सकती है इंसान से, लेकिन शिक्षा जिंदगीभर साथ निभाती है। इन पंक्तियों में शिक्षा की वास्तविक शक्ति छिपी हुई है। शिक्षा केवल किताबों के पन्ने पढ़ने या परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति के सोचने, समझने और सही निर्णय लेने की क्षमता को विकसित करती है। शिक्षा मनुष्य को अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक बनाती है तथा उ...

कलम के साधक और संघर्ष के प्रतीक, सिहोरा के वरिष्ठ पत्रकार अनिल जैन के पत्रकारिता के 30 गौरवशाली वर्ष, बचपन के अभावों को हराकर चुनी ईमानदारी की राह, समाज सेवा में समर्पित जीवन, आज बच्चे वकील और इंजीनियर बनकर रोशन कर रहे हैं नाम

 कलम के साधक और संघर्ष के प्रतीक, सिहोरा के वरिष्ठ पत्रकार अनिल जैन के पत्रकारिता के 30 गौरवशाली वर्ष, बचपन के अभावों को हराकर चुनी ईमानदारी की राह, समाज सेवा में समर्पित जीवन, आज बच्चे वकील और इंजीनियर बनकर रोशन कर रहे हैं नाम जबलपुर | कहते हैं कि पत्रकारिता केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज को आईना दिखाने और शोषितों की आवाज़ बनने का एक कठिन संकल्प है। इस संकल्प को पिछले तीन दशकों से अपने खून-पसीने से सींचने वाले सिहोरा निवासी अनिल जैन आज किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों का सुदीर्घ अनुभव रखने वाले अनिल जैन ने अपने जीवन में केवल खबरें नहीं लिखीं, बल्कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की मदद के लिए हमेशा अपने हाथ आगे बढ़ाए। बचपन से लेकर आज तक का उनका सफर संघर्ष, ईमानदारी और दृढ़ इच्छाशक्ति की एक ऐसी महागाथा है, जो आज की युवा पीढ़ी के लिए एक मार्गदर्शक की तरह है। *बचपन का संघर्ष अभावों के बीच तपी शख्सियत* अनिल जैन जी का शुरुआती जीवन बेहद सरल लेकिन चुनौतियों से भरा रहा। बचपन में जब आम बच्चे सुख-सुविधाओं का आनंद लेते हैं, तब अनिल जी ने जीवन की कड़वी सच...

उचित मूल्य दुकान पहरुआ में कार्रवाई को लेकर उठे सवाल कलेक्टर के आदेश के बावजूद सेल्समैन पर एफआईआर नहीं होने का आरोप, जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर सवाल

 उचित मूल्य दुकान पहरुआ में कार्रवाई को लेकर उठे सवाल कलेक्टर के आदेश के बावजूद सेल्समैन पर एफआईआर नहीं होने का आरोप, जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर सवाल ढीमरखेड़ा ।  जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा क्षेत्र की उचित मूल्य दुकान पहरुआ को लेकर एक बार फिर प्रशासनिक कार्रवाई और जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि दुकान से जुड़े मामले में कलेक्टर के निर्देशों के बावजूद संबंधित सेल्समैन मुकेश तिवारी के खिलाफ अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। इसे लेकर शिकायतकर्ताओं और ग्रामीणों में नाराजगी बताई जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि राशन वितरण व्यवस्था में अनियमितताओं को लेकर प्रशासन द्वारा कार्रवाई के निर्देश दिए जाने के बावजूद मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो रही है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर कलेक्टर के आदेश पर अमल कराने की जिम्मेदारी किसकी है? *कलेक्टर के आदेश पर अमल क्यों नहीं* पहरुआ उचित मूल्य दुकान से जुड़े मामले में कार्रवाई के निर्देश होने की बात सामने आने के बाद भी एफआईआर दर्ज नहीं होने को लेकर ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं।उनका कहना है कि यदि जांच मे...

सेल्समैनों पर एफआईआर की तलवार अधिकारियों की कथित लापरवाही और मिलीभगत के आरोपों के बीच सेल्समैन परेशान, जिम्मेदारों का ध्यान नहीं, अधिकारियों की मिलीभगत के चलते सारी घटना को दिया जा रहा अंजाम, सेल्समैनों के ऊपर कार्यवाही समूहों को अभयदान

 सेल्समैनों पर एफआईआर की तलवार अधिकारियों की कथित लापरवाही और मिलीभगत के आरोपों के बीच सेल्समैन परेशान, जिम्मेदारों का ध्यान नहीं, अधिकारियों की मिलीभगत के चलते सारी घटना को दिया जा रहा अंजाम, सेल्समैनों के ऊपर कार्यवाही समूहों को अभयदान  ढीमरखेड़ा ।  जनपद ढीमरखेड़ा क्षेत्र में राशन वितरण व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो रहे हैं। खाद्यान्न वितरण से जुड़ी मशीनों में पुराने स्टॉक की एंट्री दिखाई देने के कारण सेल्समैनों पर कार्रवाई का दबाव बढ़ता जा रहा है। आरोप है कि मशीनों में प्रदर्शित पुराने स्टॉक और वास्तविक भौतिक स्टॉक में अंतर होने की स्थिति में इसका खामियाजा सीधे उचित मूल्य दुकान के सेल्समैनों को भुगतना पड़ रहा है। कई मामलों में एफआईआर तक की कार्रवाई होने से सेल्समैनों में नाराजगी और भय का माहौल बना हुआ है। सेल्समैनों का कहना है कि मशीन में जो स्टॉक प्रदर्शित हो रहा है, वह कई बार पूर्व की प्रविष्टियों अथवा पुराने रिकॉर्ड से संबंधित होता है। दूसरी ओर मौके पर उपलब्ध वास्तविक खाद्यान्न का मिलान करने पर स्थिति अलग दिखाई देती है। ऐसे में तकनीकी अथवा रिकॉर्ड संबंधी ...

खरी-अखरी(सवाल उठाते हैं पालकी नहीं) पत्रकारिता दोधारी तलवार है जिस पर चलने के लिए नट जैसा संतुलन चाहिए ऐसा रेजिग्नेशन तो मुख्यमंत्री मोहन यादव का होना चाहिए

 खरी-अखरी(सवाल उठाते हैं पालकी नहीं) पत्रकारिता दोधारी तलवार है जिस पर चलने के लिए नट जैसा संतुलन चाहिए ऐसा रेजिग्नेशन तो मुख्यमंत्री मोहन यादव का होना चाहिए एक डायरी-पेन, गले में आईडी और हाथ में माइक लेकर, अधिकारियों के आगे-पीछे घूमने, पुलिस कर्मियों के गले में हाथ डाल कर चलने से कोई पत्रकार नहीं बन जाता है। पत्रकारिता दोधारी तलवार पर चलने जैसा है जिसमें एक नट जैसा संतुलन जरूरी है। महत्वपूर्ण यह नहीं है कि सामने वाले से कौन सा सवाल पूछना है, महत्वपूर्ण यह है कि कौन सा सवाल नहीं पूछना है। वर्ना ऐसा ही होता है जैसा बालाघाट में हुआ। तथाकथित पत्रकारों ने सीजेपी फाउंडर अभिजीत दीपके के मुंह में माइक घुसेड़ सवाल पूछकर उसे मध्य प्रदेश का सीएम बना दिया और दीपके ने प्रदेश के राज्यपाल को सीएम पद से इस्तीफा भेज दिया। To, The Hon'ble Governor of Madhya Pradesh, Raj Bhavan, Bhopal, Respected Sir, I hereby tender my resignation from the office of the Chief Minister of Madhya Pradesh. My conscience does not allow me to continue occupying this chair after the deaths of more than 30 Tribal children...

ढीमरखेड़ा में गणेश उत्सव को लेकर शांति समिति की बैठक संपन्न, हुड़दंगियों पर रहेगी पुलिस की तीखी नज़र, डीजे-साउंड का शोर कम रखने के सख्त निर्देश

 ढीमरखेड़ा में गणेश उत्सव को लेकर शांति समिति की बैठक संपन्न, हुड़दंगियों पर रहेगी पुलिस की तीखी नज़र, डीजे-साउंड का शोर कम रखने के सख्त निर्देश ढीमरखेड़ा ।  आगामी प्रमुख धार्मिक त्यौहार 'गणेशोत्सव' को जिलेभर में शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। इसी कड़ी में कटनी जिले के ढीमरखेड़ा थाना परिसर में शांति समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। थाना प्रभारी महिमा रघुवंशी की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, विभिन्न पूजा समितियों के सदस्यों, धर्मगुरुओं और समाजसेवियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।बैठक का मुख्य उद्देश्य पर्व के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना, सांप्रदायिक सौहार्द को बढ़ावा देना और सुरक्षा संबंधी आवश्यक दिशा-निर्देशों से सभी को अवगत कराना था। थाना प्रभारी ने स्पष्ट किया कि त्यौहार की आड़ में शांति भंग करने वाले असामाजिक तत्वों और शराब पीकर उत्पात मचाने वालों के खिलाफ पुलिस बेहद कड़ा रुख अपनाएगी। *शराब पीकर माहौल खराब करने वालों पर होगी तत्काल ...

संसार में बड़ा वो नहीं होता जिसे सामने वाला बड़ा महसूस करे, बड़ा तो वो होता है जो सामने वाले को छोटा महसूस ना होने दे, बड़े पेड़ की छांव में कभी भी छोटे पेड़ बड़े नहीं बन सकते हैं उनकी प्रतिभा का केवल उपयोग करके फायदा उठाया जायेगा

 संसार में बड़ा वो नहीं होता जिसे सामने वाला बड़ा महसूस करे, बड़ा तो वो होता है  जो सामने वाले को छोटा महसूस ना होने दे, बड़े पेड़ की छांव में कभी भी छोटे पेड़ बड़े नहीं बन सकते हैं उनकी प्रतिभा का केवल उपयोग करके फायदा उठाया जायेगा कटनी  |  संसार में महानता की परिभाषा क्या है? क्या किसी का बड़ा होना उसके पद, संपत्ति, अधिकार या समाज द्वारा दी गई मान्यता से तय होता है? यह एक ऐसा विचारणीय प्रश्न है जो हर युग में प्रासंगिक रहा है।समाजशास्त्रीय और नैतिक दृष्टिकोण से देखें तो संसार में बड़ा वह व्यक्ति या नेतृत्व नहीं होता जिसे सामने वाला बड़ा महसूस करे या जो अपने अधिकार से दूसरों को दबाए।वास्तविक अर्थों में बड़ा तो वह है, जो अपने संपर्क में आने वाले हर छोटे से छोटे व्यक्ति को कभी भी 'छोटा' होने का अहसास न होने दे।इसी संदर्भ में एक और गहरा प्रतीक इस्तेमाल किया जाता है बड़े पेड़ की छांव का। बरगद या किसी भी विशाल वृक्ष के नीचे उगे छोटे पौधे अक्सर धूप और पोषण के अभाव में पनप नहीं पाते।अगर उनका सही प्रबंधन न हो, तो उनकी प्रतिभा का केवल इस्तेमाल होता है और उनकी अपनी पहचान हमेशा के...

अवैध शराब बिक्री से तंग आकर महिलाओं का हल्लाबोल, पोड़ी खिरवा में चक्काजाम, ढीमरखेड़ा मार्ग पर थमे पहिए

 अवैध शराब बिक्री से तंग आकर महिलाओं का हल्लाबोल, पोड़ी खिरवा में चक्काजाम, ढीमरखेड़ा मार्ग पर थमे पहिए कटनी । ग्रामीण अंचलों में पैर पसार चुकी अवैध शराब की बिक्री (पैकारी) के खिलाफ अब महिलाओं ने खुलकर मोर्चा खोल दिया है। तहसील ढीमरखेड़ा के अंतर्गत आने वाले ग्राम पोड़ी खिरवा में शुक्रवार को ग्रामीणों का सब्र का बांध आखिरकार टूट गया।गांव में लंबे समय से बेखौफ चल रही अवैध पैकारी और उससे बिगड़ते सामाजिक माहौल से आक्रोशित सैकड़ों महिलाओं ने सड़क पर उतरकर उग्र प्रदर्शन किया और मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। हाथों में तख्तियां लिए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करती महिलाओं के इस कदम से सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और काफी देर तक आवागमन पूरी तरह ठप्प रहा। *अवैध पैकारी से बेहाल गांव का माहौल* ग्राम पोड़ी खिरवा में अवैध शराब की पैकारी कोई नया मामला नहीं है। स्थानीय महिलाओं के अनुसार, गांव के विभिन्न मोहल्लों में लंबे समय से अवैध रूप से शराब बेची जा रही है। जगह-जगह शराब की उपलब्धता के कारण न केवल युवा पीढ़ी नशे की गर्त में धकेली जा रही है, बल्कि गांव का शांतिपूर्ण माहौल भी ...

उल्टी-दस्त की रोकथाम को लेकर बीएमओ डॉ. बी.के. प्रसाद की पहल सराहनीय स्वास्थ्य केंद्र से लेकर गांव-गांव तक पहुंचकर लोगों को कर रहे जागरूक, स्वच्छता और सावधानी अपनाने की दे रहे सलाह

 उल्टी-दस्त की रोकथाम को लेकर बीएमओ डॉ. बी.के. प्रसाद की पहल सराहनीय स्वास्थ्य केंद्र से लेकर गांव-गांव तक पहुंचकर लोगों को कर रहे जागरूक, स्वच्छता और सावधानी अपनाने की दे रहे सलाह ढीमरखेड़ा ।  सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उमरियापान में पदस्थ डॉक्टर बीएमओ डॉ. बी.के. प्रसाद द्वारा क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के साथ-साथ मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।विशेष रूप से इन दिनों उल्टी-दस्त जैसी जलजनित बीमारियों की रोकथाम को लेकर उनके द्वारा लोगों को आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी जा रही है।स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ वे क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर नजर बनाए हुए हैं और आम लोगों तक बचाव से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। मौसम में बदलाव और दूषित पानी तथा अस्वच्छ खान-पान के कारण उल्टी-दस्त की समस्या बढ़ने की आशंका रहती है। ऐसे समय में लोगों को बीमारी के लक्षणों, कारणों और बचाव के उपायों की जानकारी होना बेहद जरूरी है। इसी उद्देश्य से बीएमओ डॉ. बी.के. प्रसाद द्वारा लोगों को साफ-सफाई रखने, शुद्ध पानी पी...

खाम्हा सरपंच सुशील पाल की कार्यशैली बनी मिसाल खाम्हा सरपंच सुशील पाल का कार्य सराहनीय, हर कार्य में रहते हैं अव्वल ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान के लिए हमेशा रहते हैं तत्पर, जनसेवा को मानते हैं अपनी जिम्मेदारी

 खाम्हा सरपंच सुशील पाल की कार्यशैली बनी मिसाल खाम्हा सरपंच सुशील पाल का कार्य सराहनीय, हर कार्य में रहते हैं अव्वल ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान के लिए हमेशा रहते हैं तत्पर, जनसेवा को मानते हैं अपनी जिम्मेदारी ढीमरखेड़ा ।  ग्राम पंचायत खाम्हा में ग्रामीण विकास और जनसेवा को लेकर सरपंच सुशील पाल की कार्यशैली इन दिनों क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। पंचायत की जिम्मेदारियों को केवल पद तक सीमित न रखते हुए ग्रामीणों के बीच सक्रिय रहना और उनकी समस्याओं को सुनकर उनके समाधान के लिए प्रयास करना उनकी कार्यशैली की प्रमुख विशेषता बताई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि सरपंच सुशील पाल पंचायत से जुड़े कार्यों के साथ-साथ व्यक्तिगत स्तर पर भी जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए आगे रहते हैं। गांव का विकास केवल सड़क, नाली, भवन और अन्य निर्माण कार्यों तक सीमित नहीं होता, बल्कि इसके लिए ग्रामीणों के साथ निरंतर संवाद, उनकी समस्याओं की जानकारी और प्रशासनिक स्तर पर प्रभावी पहल की आवश्यकता होती है। इसी सोच के साथ सरपंच सुशील पाल पंचायत क्षेत्र में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने का प्रयास कर रह...