सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

संदेश

पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद्द, ईद और रामनवमी को लेकर PHQ का सख्त आदेश

पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद्द, ईद और रामनवमी को लेकर PHQ का सख्त आदेश भोपाल: मध्य प्रदेश में आगामी त्योहारों के दौरान कानून- व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए पुलिस मुख्यालय (PHQ) ने बड़ा फैसला लिया है। प्रदेशभर के सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के अवकाश पर तत् तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया गया है। *मुख्य बिंदु:* * *त्योहारी सीजन पर नजर:* ईद और रामनवमी जैसे प्रमुख धार्मिक त्योहारों को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। * *सुरक्षा सर्वोपरि:* पुलिस महानिदेशक कार्यालय द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, सभी जिलों के कप्तानों को बल की शत-प्रतिशत मौजूदगी सुनिश्चित करने को कहा गया है। * *विशेष परिस्थिति में ही राहत*: ड्यूटी से केवल बेहद गंभीर या आपातकालीन स्थितियों में ही राहत मिल सकेगी। इसके लिए भी संबंधित उच्च अधिकारियों की विशेष अनुमति अनिवार्य होगी। *क्यों लिया गया यह फैसला?* आगामी दिनों में प्रदेश में सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने और भीड़भाड़ वाले इलाकों में सुरक्षा प्रबंधन के लिए भारी पुलिस बल की आवश्यकता है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त गश्त और निगरानी बढ़ाने...

ग्राम पंचायत घुघरी में गंदगी का अंबार, जिम्मेदार बेखबर ग्रामीणों में आक्रोश

 ग्राम पंचायत घुघरी में गंदगी का अंबार, जिम्मेदार बेखबर ग्रामीणों में आक्रोश कटनी  |  जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत घुघरी इन दिनों गंदगी की गंभीर समस्या से जूझ रही है। गांव की गलियों, सार्वजनिक स्थलों और नालियों में फैली गंदगी ने ग्रामीणों का जीना दूभर कर दिया है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी और पंचायत प्रशासन इस ओर पूरी तरह बेपरवाह नजर आ रहे हैं।गांव के मुख्य मार्गों पर जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हुए हैं। नालियां महीनों से साफ नहीं हुई हैं, जिससे पानी जमा होकर बदबू फैल रही है। स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि राहगीरों को नाक ढककर निकलना पड़ता है। बरसात के दिनों में यह समस्या और विकराल रूप ले सकती है, जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। ग्रामीणों का आरोप है कि सफाई के नाम पर सिर्फ कागजी खानापूर्ति की जा रही है। पंचायत द्वारा नियमित सफाई का दावा तो किया जाता है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।स्थानीय निवासियों का कहना है कि स्वच्छता अभिया...

बाकल पिपरिया में सरपंच पति नहीं, अब सरपंच पुत्र चला रहा पंचायत नियमों की खुली अनदेखी, कार्रवाई की उठी मांग

 बाकल पिपरिया में सरपंच पति नहीं, अब  सरपंच पुत्र  चला रहा पंचायत नियमों की खुली अनदेखी, कार्रवाई की उठी मांग कटनी । जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा अंतर्गत ग्राम पंचायत बाकल पिपरिया एक बार फिर विवादों के घेरे में है। यहां की निर्वाचित सरपंच पान बाई के नाम पर पंचायत का संचालन होने के बजाय उनके पुत्र राजेश पटेल उर्फ पिल्लू द्वारा कथित रूप से सभी निर्णय लिए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं।ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत के कामकाज में नियमों को दरकिनार कर प्रॉक्सी सिस्टम चलाया जा रहा है, जो न केवल पंचायती राज व्यवस्था की मूल भावना के खिलाफ है बल्कि कानून का भी उल्लंघन है। *सरपंच के अधिकारों का कथित दुरुपयोग* ग्रामीणों के अनुसार पंचायत बैठकों से लेकर निर्माण कार्यों की स्वीकृति, भुगतान और योजनाओं के क्रियान्वयन तक अधिकांश फैसले सरपंच के बजाय उनके पुत्र द्वारा किए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह स्थिति “सरपंच पति” मॉडल से भी आगे बढ़कर अब “सरपंच पुत्र” मॉडल में बदल गई है, जहां वास्तविक जनप्रतिनिधि की भूमिका सीमित कर दी गई है। *कानून क्या कहता है* पंचायती राज व्यवस्था में स्पष्...

आदतन अपराधी को संरक्षण बाकल पिपरिया के सरपंच पर उठे सवाल, कांग्रेस पर लगे गंभीर आरोप

 आदतन अपराधी को संरक्षण बाकल पिपरिया के सरपंच पर उठे सवाल, कांग्रेस पर लगे गंभीर आरोप कटनी |  कटनी जिले के बाकल पिपरिया ग्राम में इन दिनों राजनीतिक और सामाजिक माहौल गरमा गया है। गांव के सरपंच राजेश पटेल उर्फ पिल्लू को लेकर गंभीर आरोप सामने आ रहे हैं। स्थानीय लोगों और विरोधी पक्ष का कहना है कि सरपंच पर पहले से ही कई आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहने के आरोप रहे हैं, इसके बावजूद उन्हें राजनीतिक संरक्षण मिल रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, राजेश पटेल उर्फ पिल्लू को “आदतन अपराधी” बताया जा रहा है। आरोप है कि उनके खिलाफ पहले भी कई शिकायतें और मामले दर्ज हो चुके हैं, लेकिन हर बार राजनीतिक दबाव के चलते कार्रवाई अधूरी रह जाती है। अब जब वे सरपंच पद पर हैं, तो लोगों में यह आशंका और बढ़ गई है कि कहीं सत्ता का दुरुपयोग न हो। सबसे बड़ा आरोप कांग्रेस पार्टी पर लग रहा है। विरोधी गुट का कहना है कि कांग्रेस ऐसे व्यक्ति को संरक्षण दे रही है जिसकी छवि पहले से ही विवादों में रही है। उनका कहना है कि यदि कोई व्यक्ति आदतन अपराधों में लिप्त रहा है, तो उसे जनप्रतिनिधि बनाना और फिर उसे राजनीतिक समर्थन देन...

कैमरे चालान में तेज हैं, लेकिन सड़क की सच्चाई देखने में कमजोर, कैमरे की नजर सीट बेल्ट पर तेज, लेकिन सड़क के गड्ढों पर अंधी

 कैमरे चालान में तेज हैं, लेकिन सड़क की सच्चाई देखने में कमजोर, कैमरे की नजर सीट बेल्ट पर तेज, लेकिन सड़क के गड्ढों पर अंधी कटनी  |  शहर की सड़कों पर इन दिनों ट्रैफिक कैमरों का खौफ साफ दिखाई दे रहा है।सीट बेल्ट न लगाया, हेलमेट नहीं पहना तो सेकंडों में चालान आपके मोबाइल पर हाज़िर।तकनीक की यह तेजी काबिल-ए-तारीफ है, लेकिन सवाल यह है कि क्या यही तेजी सड़क के गड्ढों को देखने में भी दिखाई देती है, हकीकत यह है कि जहां कैमरे नियम तोड़ने वालों पर तुरंत कार्रवाई कर रहे हैं, वहीं सड़क पर फैले खतरनाक गड्ढे जैसे सिस्टम की नजर से गायब हैं। इन गड्ढों के कारण रोजाना दुर्घटनाएं हो रही हैं, लोग घायल हो रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग चुप्पी साधे बैठा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि “सरकार को हमारी सुरक्षा की चिंता होती तो पहले सड़कें दुरुस्त कराती, फिर चालान काटती। सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या नियम केवल जनता के लिए हैं? सड़क निर्माण और रखरखाव में लापरवाही पर कोई चालान क्यों नहीं, सड़क सुरक्षा केवल हेलमेट और सीट बेल्ट तक सीमित नहीं है। अच्छी सड़कें, सही संकेत और गड्ढामुक्त रास्ते भी उतने ही ...

सड़क हादसे में अधिवक्ता और टाइपिस्ट घायल, डिप्टी कलेक्टर की तेज रफ्तार बुलेरो ने मारी टक्कर

 सड़क हादसे में अधिवक्ता और टाइपिस्ट घायल, डिप्टी कलेक्टर की तेज रफ्तार बुलेरो ने मारी टक्कर कटनी ।  जिला न्यायालय से कार्य निपटाकर घर लौट रहे अधिवक्ता विवेक जैन और टाइपिस्ट रिंकू सिंह ठाकुर एक भीषण सड़क हादसे का शिकार हो गए। माधव नगर गेट के पास डिप्टी कलेक्टर प्रदीप मिश्रा की तेज रफ्तार बुलेरो ने उनकी मोटरसाइकिल को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी, जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। *तेज रफ्तार और लापरवाही बनी हादसे का कारण* उपचाररत अधिवक्ता विवेक जैन ने बताया कि हादसा उस वक्त हुआ जब वे अपनी बाइक से जा रहे थे। पीछे से आ रही डिप्टी कलेक्टर  की बुलेरो (क्रमांक MP 19 ZL-5117) की रफ्तार इतनी अधिक थी कि चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख पाया और बाइक को टक्कर मार दी। *घायलों की स्थिति और उपचार* अधिवक्ता विवेक जैन: गंभीर चोटें आने के कारण उन्हें तत्काल बरगंवा स्थित अपेक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका इलाज जारी है। रिंकू सिंह ठाकुर: हादसे में टाइपिस्ट रिंकू सिंह ठाकुर को भी चोटें आई हैं। *भागने की कोशिश, लोगों ने दबोचा* प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर मारने के बाद बुलेर...

लालपुर सगवां पुल बदहाल, निर्माण कार्य ठप, ग्रामीणों की बढ़ी परेशानी

 लालपुर सगवां पुल बदहाल, निर्माण कार्य ठप, ग्रामीणों की बढ़ी परेशानी कटनी  |  लालपुर – सगवां मार्ग पर स्थित पुल की हालत लगातार खराब होती जा रही है, लेकिन इसके निर्माण या मरम्मत को लेकर अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।पुल जर्जर अवस्था में पहुंच चुका है, जिससे रोजाना आवागमन करने वाले लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को इस समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिला। बरसात के समय यह पुल और भी खतरनाक हो जाता है, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। स्कूल जाने वाले बच्चों, किसानों और व्यापारियों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है। कई बार छोटे-बड़े हादसे भी हो चुके हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी अब तक उदासीन बने हुए हैं।ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही पुल का निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया, तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।

दतला घाट में धड़ल्ले से चल रहा था रेत का काला कारोबार, पुलिस की दबिश में ट्रैक्टर-ट्राली जप्त

 दतला घाट में धड़ल्ले से चल रहा था रेत का काला कारोबार, पुलिस की दबिश में ट्रैक्टर-ट्राली जप्त कटनी ।  जिले में लंबे समय से जारी अवैध रेत के काले कारोबार पर पुलिस ने एक बार फिर कार्रवाई करते हुए ट्रैक्टर-ट्राली जप्त की है। दतला घाट दशरमन के पास अवैध रूप से रेत का परिवहन करते हुए एक ट्रैक्टर-ट्राली को चौकी सिलौड़ी, थाना ढीमरखेड़ा पुलिस ने पकड़ लिया । पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा के निर्देश पर जिले में अवैध रेत परिवहन के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संतोष डेहरिया तथा एसडीओपी स्लीमनाबाद के मार्गदर्शन में पुलिस टीम ने यह कार्रवाई की।15 मार्च को पुलिस को सूचना मिली कि दतला घाट क्षेत्र से ट्रैक्टर-ट्राली में अवैध रेत का परिवहन किया जा रहा है। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने ट्रैक्टर को रोककर चालक से पूछताछ की। चालक ने अपना नाम अरविंद सोनी पिता जगदीश प्रसाद सोनी, उम्र 45 वर्ष निवासी दशरमन बताया । जब पुलिस ने ट्रैक्टर चलाने का लाइसेंस और रेत परिवहन के वैध दस्तावेज मांगे तो चालक कोई भी कागजात पेश नहीं कर सका ।  इसके बाद पुलिस ने मौके पर ही गवाहों...

भाजपा के भगवान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पहुंचे बरही भाजपा के कार्यकर्ताओं ने किया आत्मीय स्वागत, घर का काम काज छोड़कर भाजपा के कार्यकर्ता अपने भगवान के दर्शन करने पहुंचे आरती वंदन के लिए तैयार शायद भाजपा के भगवान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एकाद एकड़ जमीन नाम पर कर दे भाजपा के कार्यकर्ताओं के लिए जो भूमिहीन हैं भगवान प्रसन्न होते हैं तो कुछ भी करने को रहते हैं तैयार

 भाजपा के भगवान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पहुंचे बरही भाजपा के कार्यकर्ताओं ने किया आत्मीय स्वागत, घर का काम काज छोड़कर भाजपा के कार्यकर्ता अपने भगवान के दर्शन करने पहुंचे आरती वंदन के लिए तैयार शायद भाजपा के भगवान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एकाद एकड़ जमीन नाम पर कर दे भाजपा के कार्यकर्ताओं के लिए जो भूमिहीन हैं भगवान प्रसन्न होते हैं तो कुछ भी करने को रहते हैं तैयार  कटनी  |  कटनी जिले के बरही क्षेत्र में उस समय खासा उत्साह देखने को मिला जब प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव का आगमन हुआ ।  मुख्यमंत्री के स्वागत के लिए भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों की बड़ी संख्या पहले से ही मौजूद रही ।  जगह-जगह स्वागत द्वार बनाए गए और कार्यकर्ताओं ने पूरे उत्साह के साथ मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत किया।बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री के आगमन की खबर मिलते ही भाजपा कार्यकर्ता अपने घरों का काम-काज छोड़कर बरही पहुंच गए। कई कार्यकर्ता अपने नेता के स्वागत के लिए घंटों पहले से इंतजार करते नजर आए।कार्यक्रम स्थल पर फूल-मालाओं और नारों के बीच मुख्यमंत्री का स्वागत किया गया। कार्यक...

खौफ में कैद लोकतंत्र, जनता चुप तो तानाशाह मजबूत

 खौफ में कैद लोकतंत्र, जनता चुप तो तानाशाह मजबूत कटनी  |  जब तक जनता के दिलों में डर जिंदा है, तब तक सत्ता का सिंहासन भी सुरक्षित है। इतिहास गवाह है कि हुकूमतें हमेशा जनता को खौफ में रखकर राज करना चाहती हैं, क्योंकि डर ही उनकी सबसे बड़ी ढाल होता है। लेकिन जिस दिन आम आदमी डर का चश्मा उतारकर सच देखने लगता है, उसी दिन बदलाव की आंधी उठती है। आज हालात यह हैं कि अन्याय, भ्रष्टाचार और सत्ता के दुरुपयोग के बावजूद लोग चुप्पी साधे बैठे हैं। यही चुप्पी ताकतवरों को और बेलगाम बना रही है। सवाल यह है कि क्या जनता हमेशा खामोश रहेगी या अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाएगी? इतिहास ने हमेशा साबित किया है कि परिवर्तन डरपोक लोगों ने नहीं, बल्कि अन्याय के खिलाफ खड़े होने वाले बागियों ने लिखा है। अगर आज भी लोग डर के कारण अन्याय के सामने घुटने टेकते रहे, तो आने वाली पीढ़ियां जरूर सवाल करेंगी कि जब अन्याय हो रहा था तब आवाज क्यों नहीं उठी। समय आ गया है कि जनता अपने अधिकार पहचाने और खौफ की जंजीरों को तोड़े। क्योंकि जिस दिन डर खत्म होगा, उसी दिन बदलाव की शुरुआत भी तय हो सकती हैं।

रेताचोर बने नेता, रेता चोरी के लिए कर रहे नेतागिरी, पुलिसिया वर्दी भी हो रही दाग़दार नए थाना प्रभारी आते ही बढ़ जाती है ‘महीने’ की रफ्तार, नए थाना प्रभारी आते हैं तो होती हैं कार्यवाही ताकि महीने का रेट थोड़ी तेज हो जाए पुराने रेट को बढ़ाने का चलता हैं कार्य, अतिक्रमण और कब्जों के खेल में नेताओं की भूमिका पर उठे सवाल

 रेताचोर बने नेता, रेता चोरी के लिए कर रहे नेतागिरी, पुलिसिया वर्दी भी हो रही दाग़दार नए थाना प्रभारी आते ही बढ़ जाती है ‘महीने’ की रफ्तार, नए थाना प्रभारी आते हैं तो होती हैं कार्यवाही ताकि महीने का रेट थोड़ी तेज हो जाए पुराने रेट को बढ़ाने का चलता हैं कार्य, अतिक्रमण और कब्जों के खेल में नेताओं की भूमिका पर उठे सवाल कटनी  |  क्षेत्र में इन दिनों रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन का मुद्दा एक बार फिर सुर्खियों में है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जो लोग कभी रेत की चोरी के आरोपों में घिरे रहते थे, वही अब खुद को नेता बताकर पूरे अवैध कारोबार को संरक्षण दे रहे हैं। हालात यह हैं कि अवैध रेत उत्खनन के इस खेल में कुछ कथित नेताओं की भूमिका इतनी मजबूत हो गई है कि प्रशासनिक कार्रवाई भी अक्सर औपचारिकता बनकर रह जाती है। ग्रामीणों और स्थानीय सूत्रों का कहना है कि क्षेत्र की नदियों और घाटों से रात के अंधेरे में बड़े पैमाने पर रेत का अवैध खनन किया जा रहा है। ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और डंपरों के जरिए रेत को बाहर भेजा जा रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभागों की ओर से प्रभावी रोकथाम देखने को नहीं मिल रही।...

नदी किनारे अवैध प्लाटिंग का खेल तेज, रपटा पेट्रोल पंप के सामने कृषि भूमि को काटकर बेचे जा रहे प्लॉट, प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल

 नदी किनारे अवैध प्लाटिंग का खेल तेज, रपटा पेट्रोल पंप के सामने कृषि भूमि को काटकर बेचे जा रहे प्लॉट, प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल कटनी । शहर में अवैध प्लाटिंग का खेल एक बार फिर तेजी से सिर उठाता नजर आ रहा है। रपटा पेट्रोल पंप के सामने, साइन बोर्ड से अंदर जाने वाले मार्ग पर नदी से सटी कृषि भूमि में खुलेआम नियमों को ताक पर रखकर प्लॉट काटे जा रहे हैं।खेती योग्य जमीन को छोटे-छोटे टुकड़ों में बांटकर बेचा जा रहा है, जिससे न केवल राजस्व नियमों की धज्जियां उड़ रही हैं बल्कि पूरे मामले में जिम्मेदार विभागों की चुप्पी भी कई सवाल खड़े कर रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस भूमि पर प्लॉटिंग की जा रही है वह राजस्व अभिलेखों में अब भी कृषि भूमि के रूप में दर्ज है।इसके बावजूद बिना किसी वैधानिक प्रक्रिया के जमीन को समतल कर रास्ते निकाले जा रहे हैं और प्लॉटों का सीमांकन कर संभावित खरीदारों को दिखाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि कुछ लोगों से प्लॉट बुकिंग के नाम पर मोटी रकम भी ली जा चुकी है। *डायवर्जन और कॉलोनी स्वीकृति के बिना चल रहा खेल* जानकारों के अनुसार किसी भी कृषि भूमि को आवासीय उपयोग मे...

खिरवा पोड़ी मार्ग पर सड़क के बीच खतरनाक गड्ढा, कभी भी हो सकती है बड़ी दुर्घटना, अधिकारी और नेताओं को चुल्लू भर पानी में डूब मरना चाहिए आज तक नहीं हो पा रहा हैं सुधार

 खिरवा पोड़ी मार्ग पर सड़क के बीच खतरनाक गड्ढा, कभी भी हो सकती है बड़ी दुर्घटना, अधिकारी और नेताओं को चुल्लू भर पानी में डूब मरना चाहिए आज तक नहीं हो पा रहा हैं सुधार ढीमरखेड़ा । उमरियापान से ढीमरखेड़ा जाने वाले मुख्य मार्ग पर स्थित खिरवा पोड़ी में सड़क किनारे बना गहरा गड्ढा पिछले कई दिनों से हादसे को न्योता दे रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि इस गंभीर समस्या पर ध्यान देने को तैयार नहीं हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि रोजाना सैकड़ों वाहन इसी रास्ते से गुजरते हैं, बावजूद इसके आज तक इस गड्ढे को भरने या सुरक्षित करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। मौके पर देखने से स्पष्ट होता है कि सड़क के किनारे गहरा गड्ढा बना हुआ है, जिसे केवल एक अस्थायी बैरिकेड लगाकर ढकने की कोशिश की गई है। यह व्यवस्था भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं है।रात के समय या तेज रफ्तार में आने वाले वाहन चालकों के लिए यह गड्ढा बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। यदि किसी वाहन का संतुलन बिगड़ जाए तो बड़ी दुर्घटना होने की पूरी आशंका बनी रहती है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि इस मार्ग से कई अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी र...

रीठी में अंधा कानून जब सब कुछ दिख रहा है, तो साहब 'अनजान' क्यों?, अवैध प्लॉटिंग के खेल में राजस्व अमले की 'गांधारी' वाली भूमिका; क्या फाइलों के नीचे दब गई है अफसरों की जवाबदेही

 रीठी में अंधा कानून जब सब कुछ दिख रहा है, तो साहब 'अनजान' क्यों?, अवैध प्लॉटिंग के खेल में राजस्व अमले की 'गांधारी' वाली भूमिका; क्या फाइलों के नीचे दब गई है अफसरों की जवाबदेही कटनी |  कहते हैं कि कानून के हाथ लंबे होते हैं, लेकिन कटनी जिले की रीठी तहसील में ऐसा लगता है कि कानून के हाथ 'अदृश्य बेड़ियों' से बंधे हुए हैं। यहाँ खेतों में अवैध सड़कों का जाल बिछ गया, कृषि भूमि पर धड़ल्ले से कंक्रीट के जंगल उगने लगे, लेकिन क्षेत्र के पटवारी, आरआई और तहसीलदार को इसकी भनक तक नहीं है। यह 'अज्ञानता' कोई इत्तेफाक नहीं, बल्कि एक सुनियोजित 'प्रशासनिक मौन' जान पड़ता है। *साहब की नाक के नीचे कट रही कॉलोनियां* हैरत की बात यह है कि जिन स्थानों पर अवैध प्लॉटिंग हो रही है, वे कोई दूर-दराज के बीहड़ नहीं हैं। तहसील मुख्यालय के प्रमुख मार्गों और संवेदनशील क्षेत्रों में खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि जब एक आम आदमी अपने घर की बाउंड्री वॉल बनाता है, तो राजस्व अमला नपाई करने तुरंत पहुँच जाता है, लेकिन जब भू-माफिया पूरी की पूरी कृषि ...

पांच साल में विकास गायब, चुनाव आते ही सक्रिय सरपंच, जनता बोली अब होगा काम का हिसाब, वादों से नहीं वोट से मिलेगा जवाब

 पांच साल में विकास गायब, चुनाव आते ही सक्रिय सरपंच, जनता बोली अब होगा काम का हिसाब, वादों से नहीं वोट से मिलेगा जवाब कटनी ।  ग्राम पंचायत में विकास के नाम पर पिछले पांच वर्षों का लेखा-जोखा अब चुनावी मौसम में चर्चा का बड़ा मुद्दा बन गया है। जिस सरपंच को गांव की जनता ने उम्मीदों और विश्वास के साथ चुना था, उसी के कार्यकाल पर अब गंभीर सवाल उठने लगे हैं।ग्रामीणों का आरोप है कि पांच साल बीत जाने के बाद भी गांव की मूलभूत समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। अब जब पंचायत चुनाव की आहट सुनाई देने लगी है और वही सरपंच एक बार फिर मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे है, तो गांव के लोगों में नाराज़गी और आक्रोश साफ दिखाई देने लगा है।ग्रामीणों का कहना है कि पांच साल तक काम नहीं हुआ, अब चुनाव के समय फिर से वादों की बारिश शुरू हो गई है। *विकास के नाम पर सवालों का अंबार* ग्रामीणों के अनुसार पंचायत में विकास कार्यों की स्थिति बेहद कमजोर रही। कई स्थानों पर सड़कें आज भी कच्ची हैं, नालियों का निर्माण अधूरा है और बरसात के दिनों में गांव के कई हिस्सों में जलभराव की समस्या आम बात बन जाती है।पेयजल की समस्या भी क...

काला पानी कहां जाने वाला ढीमरखेड़ा क्षेत्र में जमकर मलाई आने से कतराते अधिकारी, लेकिन पहुंचते ही भूल जाते स्थानांतरण, नेतृत्व की जगह दलाली ढीमरखेड़ा की राजनीति पर उठे सवाल

 काला पानी कहां जाने वाला ढीमरखेड़ा क्षेत्र में जमकर मलाई आने से कतराते अधिकारी, लेकिन पहुंचते ही भूल जाते स्थानांतरण, नेतृत्व की जगह दलाली ढीमरखेड़ा की राजनीति पर उठे सवाल कटनी  |  कटनी जिले की दूरस्थ मानी जाने वाली ढीमरखेड़ा तहसील इन दिनों एक अजीब विरोधाभास को लेकर चर्चा में है। सरकारी गलियारों में अक्सर यह सुनने को मिलता है कि यहां कोई अधिकारी आना नहीं चाहता। कई अधिकारी इसे मजाकिया अंदाज में “काला पानी” तक कह देते हैं और तर्क देते हैं कि यह क्षेत्र बहुत दूर है, यहां सुविधाएं कम हैं और रहन-सहन भी कठिन है। लेकिन हैरानी की बात यह है कि जब वही अधिकारी एक बार यहां पदस्थ हो जाते हैं तो फिर जाने का नाम नहीं लेते। सूत्रों की मानें तो कई अधिकारी और कर्मचारी यहां से अपना स्थानांतरण रुकवाने के लिए हर संभव कोशिश करते हैं। यहां तक कि क्षेत्र में चर्चा है कि कुछ लोग पैसे खर्च कर भी अपने तबादले को रोकने की जुगत लगाते हैं। यही कारण है कि ढीमरखेड़ा तहसील की प्रशासनिक व्यवस्था अब सवालों के घेरे में आ गई है।  *आने से डर, लेकिन जाने का नाम नहीं* ढीमरखेड़ा को लेकर अक्सर यह धारणा बनाई ...

माता-पिता का त्याग कभी छोटा नहीं होता, लेकिन उसकी असली कीमत तभी चुकती है जब बच्चे अपने जीवन में कुछ बनकर दिखाते हैं, माता के गहने गिरवी, पिता के फटे कपड़े क्या बच्चों का भविष्य बदलेगा संघर्ष की यह कहानी

 माता-पिता का त्याग कभी छोटा नहीं होता, लेकिन उसकी असली कीमत तभी चुकती है जब बच्चे अपने जीवन में कुछ बनकर दिखाते हैं, माता के गहने गिरवी, पिता के फटे कपड़े क्या बच्चों का भविष्य बदलेगा संघर्ष की यह कहानी कटनी  |  आज के दौर में जब शिक्षा को सफलता की सबसे बड़ी सीढ़ी माना जाता है, तब समाज में ऐसे लाखों परिवार हैं जो अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए हर संभव त्याग करने को तैयार रहते हैं। कई माता-पिता अपने सपनों को त्याग कर बच्चों के भविष्य को संवारने में लग जाते हैं। एक ऐसी ही मार्मिक सच्चाई आज भी हमारे समाज में दिखाई देती है जहां एक मां ने बच्चों को पढ़ाने के लिए अपने गहने गिरवी रख दिए और पिता ने खुद फटे कपड़े पहनकर जिंदगी गुजार दी, ताकि बच्चों की पढ़ाई में कोई कमी न आए। गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों की यह कहानी केवल एक घर की नहीं, बल्कि पूरे समाज की वास्तविकता है।गांवों और छोटे शहरों में ऐसे अनेक माता-पिता हैं जो अपनी जरूरतों को भूलकर बच्चों के भविष्य को संवारने में लगे हुए हैं। मां के गहने केवल आभूषण नहीं होते, बल्कि उसके आत्मसम्मान और जीवनभर की पूंजी होते हैं। लेकिन जब बात बच्च...

रपटा पेट्रोल पंप के सामने नदी किनारे अवैध प्लाटिंग कृषि भूमि को काटकर बेचे जा रहे प्लॉट, कार्रवाई की मांग

 रपटा पेट्रोल पंप के सामने नदी किनारे अवैध प्लाटिंग कृषि भूमि को काटकर बेचे जा रहे प्लॉट, कार्रवाई की मांग कटनी ।  शहर में अवैध प्लाटिंग का खेल एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। रपटा पेट्रोल पंप के ठीक सामने, साइन बोर्ड से अंदर जाने वाले मार्ग पर नदी से सटी कृषि भूमि में नियमों को दरकिनार कर प्लॉट काटे जाने का मामला सामने आया है।जानकारी के अनुसार खेती योग्य जमीन को छोटे-छोटे टुकड़ों में बांटकर खुलेआम बिक्री की जा रही है, जिससे क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक संबंधित भूमि राजस्व अभिलेखों में कृषि प्रयोजन के लिए दर्ज है। इसके बावजूद बिना भू-उपयोग परिवर्तन (डायवर्जन) और कॉलोनी विकास की वैधानिक प्रक्रिया पूरी किए प्लॉटिंग की जा रही है। मौके पर जमीन को समतल कर रास्ते निकाले जा रहे हैं और संभावित खरीदारों को आकर्षित करने के लिए अनौपचारिक रूप से सीमांकन भी किया जा रहा है। *नियमों की अनदेखी के आरोप* जानकारों का कहना है कि किसी भी कृषि भूमि को आवासीय उपयोग में बदलने के लिए पहले डायवर्जन की अनुमति लेना अनिवार्य होता है। साथ ही नगर नियोजन और स्थानीय निक...

झिन्ना पिपरिया में पंचायत भवन के पास बीएसएनएल का खुला गड्ढा, बड़ी दुर्घटना की आशंका

 झिन्ना पिपरिया में पंचायत भवन के पास बीएसएनएल का खुला गड्ढा, बड़ी दुर्घटना की आशंका कटनी । ग्राम झिन्ना पिपरिया में पंचायत भवन के बाजू में खुदा हुआ बीएसएनएल का गड्ढा ग्रामीणों के लिए खतरा बनता जा रहा है। बताया जा रहा है कि लगभग एक माह पहले बीएसएनएल के कार्य के लिए यह गड्ढा खोदा गया था, लेकिन आज तक उसे न तो भरा गया और न ही किसी प्रकार की सुरक्षा व्यवस्था की गई है।ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत भवन के पास होने के कारण यहां दिनभर लोगों का आना-जाना लगा रहता है। इसके बावजूद गड्ढे के आसपास न तो बैरिकेडिंग की गई है और न ही किसी प्रकार का चेतावनी बोर्ड लगाया गया है। ऐसे में किसी भी समय बड़ी दुर्घटना होने की आशंका बनी हुई है।स्थानीय लोगों के अनुसार अंधेरे के समय यह गड्ढा और भी खतरनाक साबित हो सकता है।खासकर छोटे बच्चों, बुजुर्गों और दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह बड़ा खतरा बन गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन और बीएसएनएल विभाग से मांग की है कि जल्द से जल्द इस गड्ढे को भरवाया जाए या इसके चारों ओर सुरक्षा व्यवस्था की जाए, ताकि किसी भी संभावित हादसे को रोका जा सके। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रह...

कई थाने के मिनी थाना प्रभारी के ऊपर भी गिरने वाली हैं गाज, रिश्वत लेते आरक्षक रंगे हाथ पकड़ा गया

 कई थाने के मिनी थाना प्रभारी के ऊपर भी गिरने वाली हैं गाज, रिश्वत लेते आरक्षक रंगे हाथ पकड़ा गया  कटनी |  इंदौर लोकायुक्त टीम ने अंजड़ थाने में पदस्थ उपनिरीक्षक महावीर सिंह चंदेल और आरक्षक पवन प्रजापति के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया है। आरोप है कि दोनों ने एक ज्वेलर्स संचालक को पुराने आत्महत्या मामले में फंसाने की धमकी देकर 50 हजार रुपए रिश्वत मांगी थी। शिकायत के सत्यापन के दौरान लोकायुक्त टीम ने आरक्षक पवन प्रजापति को 15 हजार रुपए की पहली किस्त लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 2018 और बीएनएस 2023 की धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है।