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65 फुट का शासकीय नाला पाटकर ढीमरखेड़ा में हो रहा अवैध निर्माण, हाथ में हाथ रखे बैठा रहा प्रशासन, हल्का पटवारी की मिलीभगत से तन गई बिल्डिगें , अवैध निर्माण प्रारंभ करवाकर गायब हो गया पटवारी राहुल चौरसिया

 65 फुट का शासकीय नाला पाटकर ढीमरखेड़ा में हो रहा अवैध निर्माण, हाथ में हाथ रखे बैठा रहा प्रशासन, हल्का पटवारी की मिलीभगत से तन गई बिल्डिगें , अवैध निर्माण प्रारंभ करवाकर गायब हो गया पटवारी राहुल चौरसिया   ढीमरखेड़ा । जिले के ढीमरखेड़ा मुख्यालय में शासकीय भूमि और प्राकृतिक जल निकासी व्यवस्था पर कथित अतिक्रमण का एक गंभीर मामला सामने आया है।ग्राम के खसरा क्रमांक 97, जो राजस्व अभिलेखों में शासकीय नाला दर्ज है, पर अवैध रूप से मिट्टी डालकर लगभग 65 फुट लंबे हिस्से को समतल किए जाने तथा उस पर निर्माण कार्य किए जाने के आरोप लगे हैं।स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सब प्रशासन की नाक के नीचे हो रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभाग समय रहते कार्रवाई करने के बजाय मूकदर्शक बना हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि तीन लोगों द्वारा नाले की भूमि पर कब्जे का प्रयास किया गया है। इनमें से दो लोगों ने कथित रूप से पक्के भवनों का निर्माण कर लिया है, जबकि तीसरे द्वारा पुलिया डालकर नाले को भरने और समतलीकरण का कार्य किया जा रहा है। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले समय में शासकीय भूमि पर स्थायी कब्जा हो स...

आंधी-तूफान का कहर, 70 साल पुराना विशालकाय पेड़ गिरने से घंटों ठप रहा ढीमरखेड़ा-विलायतकला मार्ग, पुलिस की मुस्तैदी से टला बड़ा संकट

 आंधी-तूफान का कहर, 70 साल पुराना विशालकाय पेड़ गिरने से घंटों ठप रहा ढीमरखेड़ा-विलायतकला मार्ग, पुलिस की मुस्तैदी से टला बड़ा संकट कटनी  |  सोमवार की शाम ढीमरखेड़ा और उसके आसपास के इलाकों के लिए किसी आफत से कम नहीं रही।दिनभर की उमस के बाद अचानक मौसम का मिजाज बदला और आसमान में काले बादलों का डेरा जमा हो गया।देखते ही देखते तेज आंधी-तूफान के साथ मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो गया। हवा की रफ्तार इतनी तेज थी कि कई जगहों पर कच्चे मकानों के छप्पर उड़ गए और बिजली के खंभे डगमगा गए।इसी तूफान के बीच, भमका और झिन्ना पिपरिया के बीच स्थित ढीमरखेड़ा–विलायतकला मुख्य मार्ग पर एक बेहद दर्दनाक और डरावना मंजर देखने को मिला। यहाँ सड़क के किनारे खड़ा लगभग 70 वर्ष पुराना एक विशालकाय पेड़ तेज हवा के थपेड़ों को बर्दाश्त नहीं कर सका। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक जोरदार कड़कड़ाहट की आवाज के साथ वह विशालकाय पेड़ भरभराकर सीधे मुख्य मार्ग पर आ गिरा। पेड़ का आकार इतना बड़ा था कि उसने पूरी सड़क को दोनों छोर से पूरी तरह से ब्लॉक कर दिया।  *थम गईं पहियों की रफ्तार, लगा कई किलोमीटर लंबा जाम* जैसे ह...

जनता की आवाज, किसानों की समस्याओं और अधूरे वादों को लेकर बरसे जनपद सदस्य निरंजन प्रसाद खटीक, आंदोलन की दी चेतावनी, मूंग-उड़द खरीदी केंद्र ढीमरखेड़ा में बनाने और बिजली-डीजल संकट को दूर करने की पुरजोर मांग, लालपुर सगवां पुल निर्माण न होने पर क्षेत्रीय विधायक और सांसद को घेरा

 जनता की आवाज, किसानों की समस्याओं और अधूरे वादों को लेकर बरसे जनपद सदस्य निरंजन प्रसाद खटीक, आंदोलन की दी चेतावनी, मूंग-उड़द खरीदी केंद्र ढीमरखेड़ा में बनाने और बिजली-डीजल संकट को दूर करने की पुरजोर मांग, लालपुर सगवां पुल निर्माण न होने पर क्षेत्रीय विधायक और सांसद को घेरा ढीमरखेड़ा । क्षेत्र के सुप्रसिद्ध समाजसेवी और जनपद सदस्य के दिग्गज नेता निरंजन प्रसाद खटीक एक बार फिर किसानों और आम जनता के हक की लड़ाई में अग्रिम पंक्ति में खड़े नजर आ रहे हैं। हमेशा किसान हितों के लिए समर्पित रहने वाले निरंजन प्रसाद खटीक ने क्षेत्र की सुलगती समस्याओं को लेकर प्रशासन और वर्तमान जनप्रतिनिधियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने ढीमरखेड़ा और आसपास के क्षेत्रों में किसानों को आ रही व्यावहारिक दिक्कतों, अघोषित बिजली कटौती, डीजल की कमी और वर्षों से लंबित पड़े पुल निर्माण कार्य को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है और सरकार से अविलंब कदम उठाने की मांग की है। *किसानों की सुध ले सरकार ढीमरखेड़ा में बने अलग मूंग-उड़द खरीदी केंद्र* जनपद सदस्य निरंजन प्रसाद खटीक ने क्षेत्र के किसानों की सबसे बड़ी समस्या को ...

सिमरिया के लाल अमित ज्योतिषी ने बढ़ाया क्षेत्र का मान बचपन से पढ़ाई में रहे अव्वल, अब आयुध निर्माणी खमरिया में दे रहे हैं देश को सेवाएं

 सिमरिया के लाल अमित ज्योतिषी ने बढ़ाया क्षेत्र का मान बचपन से पढ़ाई में रहे अव्वल, अब आयुध निर्माणी खमरिया में दे रहे हैं देश को सेवाएं कटनी ।  कहावत है कि "होनहार बिरवान के होत चीकने पात", यानी प्रतिभा बचपन से ही अपने लक्षण दिखाने लगती है। इस कहावत को अक्षरशः सच कर दिखाया है सिमरिया के रहने वाले अमित ज्योतिषी ने।बचपन से ही अपनी कुशाग्र बुद्धि और पढ़ाई के प्रति असाधारण समर्पण के बल पर हर कक्षा में अव्वल रहने वाले अमित ज्योतिषी आज रक्षा मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले प्रतिष्ठित संस्थान आयुध निर्माणी खमरिया में एक महत्वपूर्ण पद पर कार्यरत हैं।उनकी इस गौरवमयी उपलब्धि से न केवल उनके परिवार में हर्ष का माहौल है, बल्कि पूरे सिमरिया क्षेत्र का सिर गर्व से ऊंचा हो गया है। *शिक्षा को समर्पित माता-पिता के संस्कारों का मिला प्रतिफल* अमित ज्योतिषी की इस शानदार सफलता के पीछे उनके पारिवारिक पृष्ठभूमि और माता-पिता के कड़े संस्कारों का बहुत बड़ा योगदान है। अमित के पिता जी क्षेत्र के एक सम्मानित शिक्षक हैं, जिन्होंने जीवनभर सैकड़ों बच्चों का भविष्य संवारा है। वहीं, उनकी माता जी भी शिक्षा जगत स...

किसानों की समस्याओं को लेकर ढीमरखेड़ा में कांग्रेस आक्रामक, मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, मूंग खरीदी केंद्र बदलने, बिजली और खाद की किल्लत दूर करने की मांग

 किसानों की समस्याओं को लेकर ढीमरखेड़ा में कांग्रेस आक्रामक, मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, मूंग खरीदी केंद्र बदलने, बिजली और खाद की किल्लत दूर करने की मांग  ढीमरखेड़ा  |  मध्य प्रदेश के कटनी जिले के अंतर्गत आने वाले ढीमरखेड़ा विकासखंड में किसानों की ज्वलंत समस्याओं को लेकर राजनीतिक और सामाजिक सरगर्मी तेज हो गई है। क्षेत्र के अन्नदाताओं को आ रही विभिन्न व्यावहारिक और आर्थिक दिक्कतों के निराकरण की मांग को लेकर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ढीमरखेड़ा के बैनर तले एक विशाल विरोध प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने का कार्यक्रम आयोजित किया गया।कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में उपस्थित क्षेत्र के किसानों ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) यानी एसडीएम के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन के माध्यम से ढीमरखेड़ा और आसपास के ग्रामीण अंचलों में कृषि क्षेत्र को प्रभावित कर रही गंभीर विसंगतियों की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित किया गया है। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि किसानों की इन वाजिब मांगों पर समय रह...

नेतृत्व कोई पद नहीं, बल्कि कर्म है, शासन करने का विशेषाधिकार नहीं, बल्कि सेवा करने की ज़िम्मेदारी है, पूर्वाग्रह वही देखता है जो वह देखना चाहता है, जबकि विवेक वही देखता है जो वास्तव में विद्यमान है, पद की चकाचौंध बनाम सेवा का संकल्प

 नेतृत्व कोई पद नहीं, बल्कि कर्म है, शासन करने का विशेषाधिकार नहीं, बल्कि सेवा करने की ज़िम्मेदारी है, पूर्वाग्रह वही देखता है जो वह देखना चाहता है, जबकि विवेक वही देखता है जो वास्तव में विद्यमान है, पद की चकाचौंध बनाम सेवा का संकल्प कटनी  |  आज के दौर में जब सत्ता और रसूख को ही सफलता का अंतिम पैमाना मान लिया गया है, तब नेतृत्व की मूल परिभाषा कहीं धुंधली पड़ती जा रही है। हमें यह याद दिलाने की सख्त जरूरत है कि नेतृत्व कोई पद नहीं, बल्कि कर्म है, यह शासन करने का विशेषाधिकार नहीं, बल्कि सेवा करने की ज़िम्मेदारी है। इतिहास गवाह है कि कुर्सियों पर बैठने वाले तो कई आए और गए, लेकिन इतिहास में दर्ज सिर्फ वही हुए जिन्होंने अपने पद को 'अधिकार' नहीं, बल्कि 'कर्तव्य' समझा। *विशेषाधिकार का भ्रम और सेवा का मार्ग* अक्सर देखा जाता है कि किसी ऊंचे पद पर बैठते ही व्यक्ति एक खास तरह के विशेषाधिकार बोध से घिर जाता है। उसे लगता है कि नियम दूसरों के लिए हैं और व्यवस्था उसकी सेवा के लिए। लेकिन वास्तविक नेतृत्व इसके ठीक उलट होता है। एक सच्चा नेता व्यवस्था की सेवा करता है, न कि व्यवस्था से अपनी से...

सेवानिवृत्त अधिकारियों-कर्मचारियों को संगठित करने की मुहिम तेज कटनी में पंडित सुरेश त्रिपाठी बने जिला संयोजक, शिक्षक संघ के पूर्व जिलाध्यक्ष के अनुभव को मिला सम्मान सेवानिवृत्त कर्मचारियों के हक की बुलंद होती आवाज

 सेवानिवृत्त अधिकारियों-कर्मचारियों को संगठित करने की मुहिम तेज कटनी में पंडित सुरेश त्रिपाठी बने जिला संयोजक, शिक्षक संघ के पूर्व जिलाध्यक्ष के अनुभव को मिला सम्मान सेवानिवृत्त कर्मचारियों के हक की बुलंद होती आवाज कटनी |  भारतीय समाज में सेवानिवृत्ति (रिटायरमेंट) को अमूमन सक्रिय जीवन का ठहराव मान लिया जाता है, लेकिन समकालीन परिदृश्य में यह धारणा तेजी से बदल रही है। सेवानिवृत्त अधिकारी और कर्मचारी जीवनभर राष्ट्र निर्माण और शासकीय व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने में अपना अमूल्य योगदान देते हैं।सेवाकाल के बाद भी उनकी समस्याओं, पेंशन विसंगतियों, चिकित्सा सुविधाओं और सामाजिक सुरक्षा जैसे मुद्दों पर एक मजबूत और एकजुट मंच की आवश्यकता हमेशा महसूस की जाती रही है। इसी आवश्यकता को समझते हुए, भारतीय मजदूर संघ (BMS), मध्यप्रदेश से संबद्ध सेवानिवृत्त अधिकारी कर्मचारी पेंशनर महासंघ ने पूरे प्रदेश में अपने संगठन विस्तार और सदस्यता अभियान को तेज कर दिया है।इस राष्ट्रव्यापी और प्रांतीय मुहिम का मुख्य उद्देश्य बिखरे हुए पेंशनभोगी समाज को एक सूत्र में पिरोकर उनकी आवाज को शासन-प्रशासन तक मजबूती स...