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सेवानिवृत्त अधिकारियों-कर्मचारियों को संगठित करने की मुहिम तेज कटनी में पंडित सुरेश त्रिपाठी बने जिला संयोजक, शिक्षक संघ के पूर्व जिलाध्यक्ष के अनुभव को मिला सम्मान सेवानिवृत्त कर्मचारियों के हक की बुलंद होती आवाज

 सेवानिवृत्त अधिकारियों-कर्मचारियों को संगठित करने की मुहिम तेज कटनी में पंडित सुरेश त्रिपाठी बने जिला संयोजक, शिक्षक संघ के पूर्व जिलाध्यक्ष के अनुभव को मिला सम्मान सेवानिवृत्त कर्मचारियों के हक की बुलंद होती आवाज



कटनी |  भारतीय समाज में सेवानिवृत्ति (रिटायरमेंट) को अमूमन सक्रिय जीवन का ठहराव मान लिया जाता है, लेकिन समकालीन परिदृश्य में यह धारणा तेजी से बदल रही है। सेवानिवृत्त अधिकारी और कर्मचारी जीवनभर राष्ट्र निर्माण और शासकीय व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने में अपना अमूल्य योगदान देते हैं।सेवाकाल के बाद भी उनकी समस्याओं, पेंशन विसंगतियों, चिकित्सा सुविधाओं और सामाजिक सुरक्षा जैसे मुद्दों पर एक मजबूत और एकजुट मंच की आवश्यकता हमेशा महसूस की जाती रही है। इसी आवश्यकता को समझते हुए, भारतीय मजदूर संघ (BMS), मध्यप्रदेश से संबद्ध सेवानिवृत्त अधिकारी कर्मचारी पेंशनर महासंघ ने पूरे प्रदेश में अपने संगठन विस्तार और सदस्यता अभियान को तेज कर दिया है।इस राष्ट्रव्यापी और प्रांतीय मुहिम का मुख्य उद्देश्य बिखरे हुए पेंशनभोगी समाज को एक सूत्र में पिरोकर उनकी आवाज को शासन-प्रशासन तक मजबूती से पहुंचाना है। इसी महाअभियान के तहत कटनी जिले में संगठन को गति देने के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण और दूरगामी नियुक्ति की गई है।शिक्षक संगठन में लंबे समय तक अपनी सेवाएँ देने वाले और कद्दावर छवि के धनी पंडित सुरेश त्रिपाठी को सेवानिवृत्त अधिकारी कर्मचारी पेंशनर महासंघ का कटनी जिला संयोजक नियुक्त किया गया है।उनकी यह नियुक्ति केवल एक पदभार नहीं है, बल्कि उनके पूर्व के संगठनात्मक अनुभवों, नेतृत्व क्षमता और शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष के रूप में हासिल की गई उपलब्धियों का सीधा सम्मान है।

*संगठन विस्तार की पृष्ठभूमि कुलदीप सिंह गुर्जर और सुरेशचन्द्र बादल की सक्रियता*

इस पूरे अभियान की रूपरेखा और गति के पीछे भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश नेतृत्व की सोची-समझी रणनीति है। देश के सबसे बड़े श्रमिक और कर्मचारी संगठनों में शुमार भारतीय मजदूर संघ अब सेवानिवृत्त वर्ग के कल्याण के लिए पूरी ताकत से मैदान में उतर चुका है। अभियान की औपचारिक शुरुआत और गति तब देखने को मिली, जब भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश महामंत्री कुलदीप सिंह गुर्जर ने 24 जून 2026 को एक आधिकारिक पत्र जारी किया।इस पत्र के माध्यम से उन्होंने मध्य प्रदेश के सभी जिलों के जिला मंत्रियों को कड़े और स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने अपील की कि वे जमीनी स्तर पर जाकर अपने-अपने क्षेत्रों के सेवानिवृत्त अधिकारियों और कर्मचारियों से सीधा जीवंत संपर्क स्थापित करें। उन्हें संगठन की विचारधारा, उद्देश्यों और पेंशनरों के हितों के लिए किए जा रहे कार्यों से अवगत कराएं और उन्हें महासंघ का हिस्सा बनने के लिए प्रेरित करें।

*28 जून 2026 की अधिसूचना और नियुक्ति*

प्रदेश महामंत्री के इस दिशा-निर्देश के बाद, सेवानिवृत्त अधिकारी कर्मचारी पेंशनर महासंघ के प्रदेश महामंत्री सुरेशचन्द्र बादल ने त्वरित कार्रवाई की। संगठन विस्तार की कड़ियों को जोड़ते हुए उन्होंने 28 जून 2026 को संघ की आधिकारिक अधिसूचना जारी की। इसी अधिसूचना के तहत कटनी जिले की कमान पंडित सुरेश त्रिपाठी को सौंपते हुए उन्हें जिला संयोजक के पद पर मनोनीत किया गया।

*ढीमरखेड़ा और कटनी अंचल में हर्ष की लहर क्यों खास है पंडित सुरेश त्रिपाठी की नियुक्ति*

जैसे ही ढीमरखेड़ा और संपूर्ण कटनी जिले में पंडित सुरेश त्रिपाठी की नियुक्ति की खबर फैली, वैसे ही विभिन्न कर्मचारी संगठनों, सेवानिवृत्त कर्मियों और प्रबुद्ध जनों में हर्ष की लहर दौड़ गई। पंडित सुरेश त्रिपाठी की नियुक्ति के पीछे उनकी पुरानी उपलब्धियां और एक लंबा बेदाग सांगठनिक इतिहास रहा है।

*शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष के रूप में बेमिसाल कार्यकाल*

सुरेश त्रिपाठी इससे पूर्व शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। शिक्षक संघ में रहते हुए उन्होंने न केवल शिक्षकों के अधिकारों की लड़ाई लड़ी, बल्कि प्रशासन और कर्मचारियों के बीच एक मजबूत सेतु का काम किया। उनकी कार्यशैली लोकतांत्रिक, पारदर्शी और परिणामोन्मुखी रही है।

*अनुभव को प्राथमिकता*

महासंघ के प्रांतीय नेतृत्व ने कटनी जिले की कमान सौंपने से पहले त्रिपाठी जी के इसी ट्रैक रिकॉर्ड को ध्यान में रखा।संगठन का मानना है कि जो व्यक्ति पहले से ही एक बड़े कर्मचारी वर्ग का सफल नेतृत्व कर चुका हो, वह सेवानिवृत्त अधिकारियों और कर्मचारियों की मनोदशा, उनकी पीड़ा और उनकी कानूनी-प्रशासनिक अड़चनों को बेहतर ढंग से समझ सकता है। इसी अद्वितीय उपलब्धि और अनुभव को ध्यान में रखते हुए उन्हें यह बड़ी जिम्मेदारी दी गई है।

*नई जिम्मेदारियां और भविष्य का रोडमैप*

जिला संयोजक का पद संभालने के साथ ही पंडित सुरेश त्रिपाठी के कंधों पर कई महत्वपूर्ण सांगठनिक जिम्मेदारियां आ गई हैं। जारी की गई अधिसूचना के अनुसार, उन्हें मुख्य रूप से निम्नलिखित कार्यों को अमली जामा पहनाना होगा सघन सदस्यता अभियान कटनी जिले के प्रत्येक ब्लॉक, तहसील (जैसे ढीमरखेड़ा, बहोरीबंद, रीठी, बरही आदि) और नगरीय क्षेत्रों में जाकर सेवानिवृत्त हो चुके अधिकारियों और कर्मचारियों की सूची तैयार करना और उन्हें सदस्यता दिलाना। संगठन का सुदृढ़ीकरण जिले के भीतर ब्लॉक स्तर पर कमेटियों का गठन करना ताकि महासंघ का ढांचा नीचे से ऊपर तक बेहद मजबूत और सक्रिय हो सके।

समस्याओं का संकलन सेवानिवृत्त कर्मचारियों को आ रही पेंशन, ग्रेच्युटी, मेडिकल क्लेम या अन्य प्रशासनिक स्तर की दिक्कतों को संकलित कर उनका जिला और प्रदेश स्तर पर निराकरण करवाना। महासंघ के प्रदेश नेतृत्व द्वारा जारी पत्र में यह अटूट विश्वास व्यक्त किया गया है कि नव-नियुक्त जिला संयोजक पंडित सुरेश त्रिपाठी अपनी चिरपरिचित ईमानदारी, कार्यकुशलता और पूर्ण निष्ठा के साथ संगठन के सिद्धांतों पर चलेंगे। वे न केवल संगठन के विस्तार का कार्य करेंगे, बल्कि कटनी जिले में महासंघ को एक नई और गौरवशाली ऊंचाई पर ले जाएंगे।

*प्रशासनिक सूचना और बधाईयों का तांता*

संगठन के नियमों और सुचारू कार्यप्रणाली के तहत इस महत्वपूर्ण नियुक्ति की आधिकारिक सूचना केवल संगठन के भीतर ही सीमित नहीं रखी गई है। व्यवस्था और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए इस नियुक्ति की प्रतिलिपि कटनी जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक (SP) तथा अन्य संबंधित विभागों और वरिष्ठ संगठन पदाधिकारियों को भी प्रेषित की गई है। इससे भविष्य में पेंशनरों की समस्याओं को लेकर जब भी महासंघ प्रशासन के सम्मुख जाएगा, तो एक आधिकारिक और मान्यता प्राप्त संवाद स्थापित करने में आसानी होगी। पंडित सुरेश त्रिपाठी की इस नियुक्ति पर ढीमरखेड़ा सहित जिलेभर के तमाम सेवारत एवं सेवानिवृत्त अधिकारी-कर्मचारियों, शिक्षक समुदाय, सामाजिक कार्यकर्ताओं और भारतीय मजदूर संघ के स्थानीय पदाधिकारियों ने उन्हें दूरभाष और व्यक्तिगत रूप से मिलकर बधाईयां प्रेषित की हैं। सभी ने उम्मीद जताई है कि उनके नेतृत्व में जिले के पेंशनभोगियों को एक मजबूत और जुझारू नेतृत्व मिलेगा।

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