सिमरिया के लाल अमित ज्योतिषी ने बढ़ाया क्षेत्र का मान बचपन से पढ़ाई में रहे अव्वल, अब आयुध निर्माणी खमरिया में दे रहे हैं देश को सेवाएं
सिमरिया के लाल अमित ज्योतिषी ने बढ़ाया क्षेत्र का मान बचपन से पढ़ाई में रहे अव्वल, अब आयुध निर्माणी खमरिया में दे रहे हैं देश को सेवाएं
कटनी । कहावत है कि "होनहार बिरवान के होत चीकने पात", यानी प्रतिभा बचपन से ही अपने लक्षण दिखाने लगती है। इस कहावत को अक्षरशः सच कर दिखाया है सिमरिया के रहने वाले अमित ज्योतिषी ने।बचपन से ही अपनी कुशाग्र बुद्धि और पढ़ाई के प्रति असाधारण समर्पण के बल पर हर कक्षा में अव्वल रहने वाले अमित ज्योतिषी आज रक्षा मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले प्रतिष्ठित संस्थान आयुध निर्माणी खमरिया में एक महत्वपूर्ण पद पर कार्यरत हैं।उनकी इस गौरवमयी उपलब्धि से न केवल उनके परिवार में हर्ष का माहौल है, बल्कि पूरे सिमरिया क्षेत्र का सिर गर्व से ऊंचा हो गया है।
*शिक्षा को समर्पित माता-पिता के संस्कारों का मिला प्रतिफल*
अमित ज्योतिषी की इस शानदार सफलता के पीछे उनके पारिवारिक पृष्ठभूमि और माता-पिता के कड़े संस्कारों का बहुत बड़ा योगदान है। अमित के पिता जी क्षेत्र के एक सम्मानित शिक्षक हैं, जिन्होंने जीवनभर सैकड़ों बच्चों का भविष्य संवारा है। वहीं, उनकी माता जी भी शिक्षा जगत से जुड़ी थीं और एक शिक्षिका के रूप में उन्होंने समाज को ज्ञान की रोशनी दी। एक ऐसे घर में जहां सुबह और शाम केवल किताबों, ज्ञान और नैतिक मूल्यों की बातें होती हों, वहाँ अमित का पढ़ाई में अव्वल आना स्वाभाविक था।माता-पिता दोनों के शिक्षक होने के कारण अमित को बचपन से ही घर पर एक बेहतरीन शैक्षणिक माहौल मिला। पिता के कड़े अनुशासन और माता के स्नेहमयी मार्गदर्शन ने अमित की प्रतिभा को तराशने में सोने पर सुहागा जैसा काम किया।बचपन में जब अन्य बच्चे खेल-कूद में व्यस्त रहते थे, तब अमित अपने माता-पिता की देखरेख में किताबों की दुनिया में खोए रहते थे।
*बचपन से ही मेधावी और अनुशासित रहे अमित*
अमित ज्योतिषी की प्रारंभिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक का सफर उनके सहपाठियों और शिक्षकों के लिए हमेशा प्रेरणादायी रहा। विद्यालय के दिनों से ही वे अपनी कक्षा के सबसे होनहार छात्र माने जाते थे। गणित, विज्ञान से लेकर हर विषय पर उनकी पकड़ बेहद मजबूत थी। उनके शिक्षकों का कहना है कि अमित में केवल रटने की प्रवृत्ति नहीं थी, बल्कि वे हर विषय की गहराई को समझने का प्रयास करते थे।परीक्षा कोई भी हो चाहे वह त्रैमासिक हो, छमाही हो या वार्षिक अमित का नाम हमेशा मेरिट सूची में सबसे ऊपर चमका करता था । पढ़ाई के साथ-साथ वे स्कूल की अन्य रचनात्मक गतिविधियों और बौद्धिक प्रतियोगिताओं में भी हमेशा अग्रणी रहते थे। अपनी उच्च शिक्षा पूरी करने के बाद अमित ने देश के सबसे कठिन और प्रतिष्ठित क्षेत्रों में से एक रक्षा उत्पादन में कदम रखा।अपनी कड़ी मेहनत, अटूट संकल्प और उत्कृष्ट तकनीकी व शैक्षणिक योग्यता के बल पर उन्होंने आयुध निर्माणी खमरिया (जबलपुर) में अपनी जगह पक्की की। यह संस्थान भारतीय सेना के लिए विभिन्न प्रकार के गोला-बारूद, मिसाइल घटकों और अत्याधुनिक हथियारों के निर्माण के लिए जाना जाता है।देश की सीमाओं की सुरक्षा में इस कारखाने का योगदान अतुलनीय है। ऐसे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण संस्थान में अमित ज्योतिषी का कार्यरत होना यह साबित करता है कि उनकी योग्यता किस उच्च स्तर की है। आज अमित खमरिया ऑर्डनेंस फैक्ट्री में अपनी सेवाएं देकर अप्रत्यक्ष रूप से देश की सीमाओं को सुरक्षित करने और भारतीय सेना को मजबूत बनाने में अपना अहम योगदान दे रहे हैं। उनके इस पद पर पहुंचने से सिमरिया वासियों को यह गर्व महसूस हो रहा है कि उनके क्षेत्र का एक बेटा देश की रक्षा प्रणाली का एक मजबूत हिस्सा बन चुका है।
*सफलता के पीछे का संघर्ष और प्रेरणा*
बाहर से देखने पर अमित की सफलता जितनी चमकदार दिखती है, इसके पीछे उतनी ही रातों की नींद और कड़ी मेहनत छिपी है। एक शिक्षक परिवार से होने के नाते संसाधनों की कमी तो नहीं थी, लेकिन उम्मीदों का दबाव हमेशा रहता था। अमित ने कभी भी शॉर्टकट का रास्ता नहीं चुना। उन्होंने हमेशा व्यवस्थित टाइम-टेबल बनाकर पढ़ाई की। अमित अपनी सफलता का पूरा श्रेय अपने पूजनीय माता-पिता के चरणों में अर्पित करते हैं। उनका मानना है माता-पिता का मार्गदर्शन अगर मम्मी और पापा ने बचपन में मुझे समय के मूल्य और शिक्षा के महत्व को नहीं समझाया होता, तो आज मैं इस मुकाम पर नहीं पहुंच पाता।शिक्षकों का आशीर्वाद विद्यालय और कॉलेज के गुरुजनों ने हमेशा उनकी शंकाओं का समाधान किया और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। रोज़ाना थोड़ा-थोड़ा लेकिन पूरी एकाग्रता के साथ पढ़ना ही सफलता की असली कुंजी है।


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