आंधी-तूफान का कहर, 70 साल पुराना विशालकाय पेड़ गिरने से घंटों ठप रहा ढीमरखेड़ा-विलायतकला मार्ग, पुलिस की मुस्तैदी से टला बड़ा संकट
आंधी-तूफान का कहर, 70 साल पुराना विशालकाय पेड़ गिरने से घंटों ठप रहा ढीमरखेड़ा-विलायतकला मार्ग, पुलिस की मुस्तैदी से टला बड़ा संकट कटनी | सोमवार की शाम ढीमरखेड़ा और उसके आसपास के इलाकों के लिए किसी आफत से कम नहीं रही।दिनभर की उमस के बाद अचानक मौसम का मिजाज बदला और आसमान में काले बादलों का डेरा जमा हो गया।देखते ही देखते तेज आंधी-तूफान के साथ मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो गया। हवा की रफ्तार इतनी तेज थी कि कई जगहों पर कच्चे मकानों के छप्पर उड़ गए और बिजली के खंभे डगमगा गए।इसी तूफान के बीच, भमका और झिन्ना पिपरिया के बीच स्थित ढीमरखेड़ा–विलायतकला मुख्य मार्ग पर एक बेहद दर्दनाक और डरावना मंजर देखने को मिला। यहाँ सड़क के किनारे खड़ा लगभग 70 वर्ष पुराना एक विशालकाय पेड़ तेज हवा के थपेड़ों को बर्दाश्त नहीं कर सका। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक जोरदार कड़कड़ाहट की आवाज के साथ वह विशालकाय पेड़ भरभराकर सीधे मुख्य मार्ग पर आ गिरा। पेड़ का आकार इतना बड़ा था कि उसने पूरी सड़क को दोनों छोर से पूरी तरह से ब्लॉक कर दिया। *थम गईं पहियों की रफ्तार, लगा कई किलोमीटर लंबा जाम* जैसे ह...