सरदार पटेल जयंती पर ढीमरखेड़ा थाने में मनाया गया राष्ट्रीय एकता दिवस, बच्चों को पुलिस ने किया जागरूक थाना प्रभारी महिमा रघुवंशी ने बच्चों को राष्ट्रीय एकता, अखंडता, सामाजिक सद्भाव और पुलिस की कार्यप्रणाली की दी जानकारी, परेड एवं पुलिस अनुशासन से भी कराया परिचित
सरदार पटेल जयंती पर ढीमरखेड़ा थाने में मनाया गया राष्ट्रीय एकता दिवस, बच्चों को पुलिस ने किया जागरूक थाना प्रभारी महिमा रघुवंशी ने बच्चों को राष्ट्रीय एकता, अखंडता, सामाजिक सद्भाव और पुलिस की कार्यप्रणाली की दी जानकारी, परेड एवं पुलिस अनुशासन से भी कराया परिचित
ढीमरखेड़ा। देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता के प्रतीक लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती एवं राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर ढीमरखेड़ा थाना परिसर में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में थाना प्रभारी महिमा रघुवंशी ने बच्चों को राष्ट्रीय एकता, सामाजिक सद्भाव, आपसी भाईचारे और अनुशासन का महत्व समझाते हुए एक जिम्मेदार नागरिक बनने का संदेश दिया। इस दौरान थाने का समस्त पुलिस स्टाफ मौजूद रहा। कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों को न केवल देश के महान स्वतंत्रता सेनानी और राष्ट्रनिर्माता सरदार वल्लभभाई पटेल के जीवन से परिचित कराया गया, बल्कि पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली, कानून व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस की भूमिका तथा पुलिस परेड और अनुशासन के संबंध में भी विस्तार से जानकारी दी गई। राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी में देशप्रेम, राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी और सामाजिक एकता की भावना को मजबूत करना रहा। थाना परिसर में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम के दौरान थाना प्रभारी महिमा रघुवंशी ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी विविधता में एकता है। यहां अलग-अलग धर्म, जाति, भाषा, संस्कृति और परंपराओं के लोग निवास करते हैं, लेकिन सभी की पहचान भारतीय होने से है। देश की एकता और अखंडता बनाए रखना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने बच्चों को समझाया कि समाज में आपसी सहयोग, सम्मान और भाईचारे की भावना ही एक मजबूत राष्ट्र का निर्माण करती है।
*लौह पुरुष सरदार पटेल के योगदान से कराया परिचित*
कार्यक्रम के दौरान थाना प्रभारी ने बच्चों को सरदार वल्लभभाई पटेल के जीवन परिचय और राष्ट्र निर्माण में उनके ऐतिहासिक योगदान के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल को लौह पुरुष के नाम से जाना जाता है। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद देश के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक विभिन्न रियासतों को एकजुट कर अखंड भारत का निर्माण करना था। सरदार पटेल ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति, दूरदर्शिता और कुशल नेतृत्व के माध्यम से इस कठिन कार्य को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने बताया कि सरदार पटेल का जीवन हमें एकता, साहस, दृढ़ संकल्प और राष्ट्र के प्रति समर्पण की प्रेरणा देता है। उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाकर ही हम एक मजबूत और विकसित भारत के निर्माण में अपना योगदान दे सकते हैं। बच्चों को यह भी बताया गया कि राष्ट्रीय एकता केवल किसी एक दिन मनाने का विषय नहीं है, बल्कि इसे अपने दैनिक व्यवहार और कार्यों में भी अपनाना आवश्यक है।
*पुलिस की कार्यप्रणाली और जिम्मेदारियों की दी जानकारी*
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान थाना प्रभारी महिमा रघुवंशी ने बच्चों को पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली से परिचित कराया। उन्होंने बताया कि पुलिस का मुख्य दायित्व समाज में कानून व्यवस्था बनाए रखना, नागरिकों की सुरक्षा करना, अपराधों की रोकथाम करना तथा जरूरतमंद लोगों को सहायता उपलब्ध कराना है। पुलिस और आम नागरिकों के बीच आपसी सहयोग एवं विश्वास होना बेहद जरूरी है।
उन्होंने बच्चों को बताया कि किसी भी आपातकालीन परिस्थिति में घबराने के बजाय समझदारी से काम लेना चाहिए और आवश्यकता पड़ने पर पुलिस की सहायता लेनी चाहिए। बच्चों को कानून का सम्मान करने, यातायात नियमों का पालन करने, सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा करने तथा किसी भी गलत गतिविधि से दूर रहने की समझाइश दी गई। उन्होंने यह भी समझाया कि पुलिस केवल अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने वाली संस्था नहीं है, बल्कि समाज की सुरक्षा, शांति और व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
*बच्चों को पुलिस परेड और अनुशासन की जानकारी*
कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बच्चों को पुलिस परेड एवं पुलिस विभाग में अनुशासन के महत्व से परिचित कराना रहा। थाना प्रभारी ने बच्चों को बताया कि पुलिस परेड केवल एक औपचारिक गतिविधि नहीं होती, बल्कि यह पुलिस बल में अनुशासन, एकजुटता, समयबद्धता, शारीरिक क्षमता और सामूहिक जिम्मेदारी का प्रतीक है। परेड के माध्यम से पुलिसकर्मियों में आदेशों का पालन करने, एक साथ कदमताल करने और निर्धारित नियमों के अनुसार कार्य करने की भावना विकसित होती है। बच्चों को पुलिसकर्मियों की दिनचर्या, वर्दी के महत्व, वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों का पालन और टीम भावना के संबंध में भी जानकारी दी गई। उन्हें समझाया गया कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए अनुशासन और नियमितता बेहद जरूरी है। चाहे शिक्षा का क्षेत्र हो या कोई अन्य कार्यक्षेत्र, अनुशासन के बिना लक्ष्य प्राप्त करना कठिन होता है।
*जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए किया प्रेरित*
थाना प्रभारी महिमा रघुवंशी ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के बच्चे ही देश का भविष्य हैं। उनके विचार, व्यवहार और संस्कार ही आने वाले समय में समाज और राष्ट्र की दिशा तय करेंगे। इसलिए बच्चों को बचपन से ही सत्य, ईमानदारी, अनुशासन, सहयोग और देशभक्ति जैसे मूल्यों को अपने जीवन में अपनाना चाहिए। उन्होंने बच्चों को जाति, धर्म और भाषा के आधार पर किसी के साथ भेदभाव नहीं करने तथा सभी के प्रति सम्मान का व्यवहार रखने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि समाज में शांति और सद्भाव बनाए रखने के लिए हर व्यक्ति की भूमिका महत्वपूर्ण है। छोटी-छोटी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन करके भी हम देश की एकता को मजबूत कर सकते हैं। उन्होंने बच्चों को यह संदेश भी दिया कि किसी भी प्रकार की अफवाह पर विश्वास नहीं करना चाहिए और न ही बिना सत्यता जाने उसे आगे फैलाना चाहिए। समाज में सकारात्मक सोच और जागरूकता बनाए रखना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
*पुलिस और समाज के बीच विश्वास मजबूत करने की पहल*
ढीमरखेड़ा थाना परिसर में आयोजित यह जागरूकता कार्यक्रम पुलिस और आम नागरिकों, विशेषकर बच्चों के बीच बेहतर संवाद स्थापित करने की दिशा में एक सकारात्मक पहल के रूप में देखा जा सकता है। ऐसे कार्यक्रमों से बच्चों के मन में पुलिस के प्रति समझ और विश्वास विकसित होता है। साथ ही उन्हें यह जानने का अवसर मिलता है कि पुलिस विभाग किस प्रकार दिन-रात नागरिकों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था के लिए कार्य करता है। कार्यक्रम के दौरान थाना प्रभारी महिमा रघुवंशी सहित थाने का समस्त पुलिस स्टाफ उपस्थित रहा। पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने बच्चों को राष्ट्रीय एकता, सामाजिक जिम्मेदारी, अनुशासन और कानून के प्रति सम्मान का महत्व समझाया। राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम ने बच्चों को देश के गौरवशाली इतिहास, सरदार वल्लभभाई पटेल के योगदान और पुलिस व्यवस्था की महत्वपूर्ण भूमिका से परिचित कराने का कार्य किया।कार्यक्रम का संदेश स्पष्ट रहा कि देश की मजबूती केवल सरकार या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक के सहयोग, अनुशासन और आपसी सद्भाव से ही संभव है। सरदार पटेल के एकता के संदेश को आत्मसात कर नई पीढ़ी एक बेहतर, सुरक्षित और मजबूत भारत के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

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