सहायक प्रबंधक तौफिक अहमद हैं भ्रष्टाचार का मास्टर माइंड , बहोरीबंद आजीविका मिशन में करोड़ों रूपये का घोटाला आया सामने, जिपं सीईओ से हुई शिकायत
सहायक प्रबंधक तौफिक अहमद हैं भ्रष्टाचार का मास्टर माइंड , बहोरीबंद आजीविका मिशन में करोड़ों रूपये का घोटाला आया सामने, जिपं सीईओ से हुई शिकायत
कटनी । मध्य प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के बहोरीबंद विकासखंड में संचालित ममता संकुल स्तरीय संगठन के बैंक खाते में कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर उच्च अधिकारियों से शिकायत की गई है। शिकायत में तत्कालीन विकासखंड सहायक प्रबंधक तौफिक अहमद पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।शिकायत में कहा गया है कि ग्राम स्लीमनाबाद स्थित ममता संकुल स्तरीय संगठन के बैंक खाते क्रमांक 3790886493 से विभिन्न व्यक्तियों/अन्य बैंक खातों में बड़ी रकम ट्रांसफर की गई। शिकायतकर्ता ने इन लेन-देन की जांच की मांग की है और तौफिक अहमद की भूमिका को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। दस्तावेज में आरोप लगाया गया है कि आजीविका गतिविधियों के लिए उछऋ को उपलब्ध कराई गई राशि के उपयोग में निर्धारित प्रक्रिया और दिशा-निदेर्शों का पालन नहीं किया गया। शिकायत में लगभग 18.24 लाख के कथित ट्रांसफर का उल्लेख है। इसके अलावा एक अन्य बिंदु में उछऋ खाते से लगभग 1.15 करोड़ से अधिक राशि ट्रांसफर किए जाने की बात लिखी गई है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि विभिन्न लेन-देन को मिलाकर करीब 1.33 करोड़ की राशि के ट्रांसफर में तौफिक अहमद की भूमिका की जांच की जानी चाहिए।
*शिकायत में 'मास्टर माइंड' होने का आरोप*
शिकायतकर्ता द्वारा तौफिक अहमद को कथित वित्तीय अनियमितता का मास्टर माइंड बताया गया है। इसके साथ ही दस्तावेज में उछऋ अध्यक्ष लक्ष्मी हल्दकार तथा लेखापाल दीपिका यादव के कथित लिखित बयानों का भी उल्लेख किया गया है।शिकायत में यह भी कहा गया है कि मामले को लेकर पहले 28 अक्टूबर 2025 को शिकायत की गई थी। बाद में 24 मार्च 2026 को जिला कलेक्टर, कटनी को भी शिकायत सौंपे जाने का उल्लेख दस्तावेज में है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि विभागीय स्तर पर अपेक्षित जांच एवं कार्रवाई नहीं हुई।
*बैंक खाते की जांच की मांग*
अब शिकायतकर्ता ने मध्य प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के मुख्य कार्यपालन अधिकारी से ममता उछऋ के बैंक खाते की पूर्ण वित्तीय जांच, संबंधित बैंक रिकॉर्ड, ट्रांजैक्शन विवरण और राशि प्राप्त करने वाले खातों की जांच कराने की मांग की है। मध्य प्रदेश में आजीविका मिशन से जुड़ी वित्तीय अनियमितताओं के अन्य मामले भी हाल में सामने आए हैं। उदाहरण के लिए, अगस्त 2026 में गुना जिले के एक अलग मामले में 3.74 करोड़ की कथित वित्तीय अनियमितता की जांच के बाद तीन तत्कालीन अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने की रिपोर्ट सामने आई थी। हालांकि कटनी जिले में भी राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन में व्यापक पैमाने पर भ्रष्टाचार किया जा रहा है लेकिन वरिष्ठ अधिकारियों के द्वारा कठोर कार्यवाही नहीं होने के कारण भ्रष्टाचारियों के हौसले बुलंद है। शेष कल के अंक में ।

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