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बात अगर आत्मसम्मान की हो तो में कुछ इस तरह का हूं बहुत कुछ छोड़ आया हूं और बहुत कुछ छोड़ भी सकता हूं, इस जिंदगी के सफर में थकान बहुत हैं , अपनों के अपनों पर यहां इल्ज़ाम बहुत हैं, शिकायतों का दौर देखता हूं तो थम सा जाता हूं लगता हैं उम्र कम हैं और इम्तिहान बहुत हैं, आत्मसम्मान सर्वोपरि ज़िंदगी की धूप-छांव और रिश्तों की पेचीदगियों के बीच स्वाभिमान की अनोखी मिसाल

 बात अगर आत्मसम्मान की हो तो में कुछ इस तरह का हूं बहुत कुछ छोड़ आया हूं और बहुत कुछ छोड़ भी सकता हूं, इस जिंदगी के सफर में थकान बहुत हैं , अपनों के अपनों पर यहां इल्ज़ाम बहुत हैं, शिकायतों का दौर देखता हूं तो थम सा जाता हूं लगता हैं उम्र कम हैं और इम्तिहान बहुत हैं, आत्मसम्मान सर्वोपरि ज़िंदगी की धूप-छांव और रिश्तों की पेचीदगियों के बीच स्वाभिमान की अनोखी मिसाल



ढीमरखेड़ा |  अनदेखी डगर आत्मसम्मान से कोई समझौता नहीं' इस एक जीवन-मूल्य को अपना ध्येय बनाकर चलने वाले लोगों के लिए ज़िंदगी का सफर आसान नहीं होता। हाल ही में रिश्तों, सामाजिक सरोकारों और व्यक्तिगत सिद्धांतों के मोड़ पर एक बात साफ तौर पर उभरकर सामने आई है कि जब बात स्वाभिमान की आती है, तो कुछ लोग अपनी बनी-बनाई राहें और सहूलियतें भी पल भर में छोड़ने में संकोच नहीं करते।

*इल्ज़ामों और शिकायतों का दौर*

ज़िंदगी की इस आपाधापी में थकान केवल शारीरिक नहीं, बल्कि मानसिक और भावनात्मक भी है। सबसे गहरा दुख तब देखने को मिलता है जब 'अपनों पर अपनों के ही इल्ज़ाम' लगने लगते हैं। रिश्तों में बढ़ती दूरियां और हर मोड़ पर एक-दूसरे से होती शिकायतों का सिलसिला इंसान को भीतर से थका देता है। ऐसे माहौल में अक्सर लोग खुद को ठहरा हुआ और असमंजस की स्थिति में पाते हैं।

*कम उम्र, बड़े इम्तिहान*

आज की तेज़ी से बदलती दुनिया में हर इंसान पर कम समय में बहुत कुछ साबित करने का दबाव है।शिकायत-दर-शिकायत चलते इस दौर में जीवन का हर दिन एक नई परीक्षा जैसा प्रतीत होता है। ऐसा लगता है मानो समय और उम्र कम पड़ रहे हैं, लेकिन ज़िंदगी के इम्तिहानों की सूची लगातार लंबी होती जा रही है।

*आत्मसम्मान के साथ अडिग खड़े रहने की सीख*

तमाम थकावट, इल्ज़ामों और कठिनाइयों के बावजूद, यह विचार उन सभी लोगों के हौसले को दर्शाता है जो दुनिया की परवाह किए बिना अपने स्वाभिमान को सबसे ऊपर रखते हैं। सब कुछ पीछे छोड़ देने का साहस वही व्यक्ति दिखा सकता है, जिसके पास आत्म-संतोष और सिद्धांतों का मज़बूत आधार हो।

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