विकास की नई मिसाल गूंडा पंचायत ने बदला ग्रामीण परिदृश्य, सरपंच संकेत लोनी के निर्भीक नेतृत्व और अनूठे मॉडल पंचायत भवन ने रचा इतिहास, शेर के जैसे साहस, ईंट से ईट बजाने की रहती हैं शक्ति
विकास की नई मिसाल गूंडा पंचायत ने बदला ग्रामीण परिदृश्य, सरपंच संकेत लोनी के निर्भीक नेतृत्व और अनूठे मॉडल पंचायत भवन ने रचा इतिहास, शेर के जैसे साहस, ईंट से ईट बजाने की रहती हैं शक्ति
ढीमरखेड़ा | ग्रामीण विकास और जनसेवा की दिशा में जब मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति, नवाचार और निष्ठा का संगम होता है, तो परिणाम किसी क्रांति से कम नहीं होते। मध्य प्रदेश के ढीमरखेड़ा क्षेत्र की गूंडा ग्राम पंचायत में इन दिनों कुछ ऐसा ही अभूतपूर्व बदलाव देखने को मिल रहा है। जुझारू सरपंच संकेत लोनी की बेबाक कार्यशैली और विकासवादी सोच ने गांव की पूरी तस्वीर बदलकर रख दी है। उनके नेतृत्व में निर्मित नया पंचायत भवन न केवल पूरे क्षेत्र में चर्चा और कौतूहल का विषय बना हुआ है, बल्कि आसपास की दर्जनों ग्राम पंचायतों के लिए प्रेरणा का एक बड़ा स्रोत बन चुका है।अपनी विशिष्ट स्थापत्य कला, भव्यता और कॉर्पोरेट स्तर की आधुनिक सुविधाओं के कारण यह पंचायत भवन आज पूरे राज्य में एक मॉडल के रूप में देखा जा रहा है।स्थानीय लोग संकेत लोनी की इस जमीनी पहल की मुक्तकंठ से प्रशंसा कर रहे हैं।ग्रामीणों का कहना है कि गांव को वर्षों बाद ऐसा नेतृत्व मिला है जो समस्याओं के आगे झुकता नहीं, बल्कि "शेर की तरह दहाड़कर" प्रशासनिक स्तर पर ग्रामीणों के अधिकारों की लड़ाई लड़ता है।
*स्थापत्य का अद्भुत नमूना कॉर्पोरेट दफ्तर जैसा नया पंचायत भवन*
सामान्यतः देश के ग्रामीण अंचलों में सरकारी इमारतें रख-रखाव के अभाव, बदहाली और उपेक्षा का शिकार मानी जाती हैं। लेकिन गूंडा पंचायत का यह नवनिर्मित भवन इस पुरातन धारणा को पूरी तरह से ध्वस्त करता है। पहली ही नजर में यह इमारत किसी बहुराष्ट्रीय कंपनी के कॉर्पोरेट दफ्तर या किसी भव्य प्रशासनिक परिसर जैसी नजर आती है।भवन का ढांचा न केवल तकनीकी दृष्टि से बेहद मजबूत है, बल्कि इसका बाहरी और आंतरिक स्वरूप भी अत्यंत आकर्षक और आधुनिक बनाया गया है।
*शेर जैसा साहस संकेत लोनी की अनूठी नेतृत्व क्षमता*
गूंडा गांव के बुजुर्गों और युवाओं का स्पष्ट मानना है कि यह बदलाव केवल ईंट और पत्थर जोड़ने से नहीं हुआ है, बल्कि इसके पीछे सरपंच संकेत लोनी का अटूट संकल्प है। चाहे गांव में पक्की सड़कों का निर्माण हो, भीषण गर्मी में पेयजल संकट से निपटना हो, या फिर किसी गरीब परिवार को शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाना हो संकेत लोनी हमेशा अग्रिम पंक्ति में खड़े नजर आते हैं।

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