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लालपुर में ग्रामीणों ने रेत से भरा ट्रैक्टर पकड़ा, वीडियो बनाकर कार्रवाई की मांग

 लालपुर में ग्रामीणों ने रेत से भरा ट्रैक्टर पकड़ा, वीडियो बनाकर कार्रवाई की मांग



ढीमरखेड़ा ।  ग्राम लालपुर में रेत से भरे एक ट्रैक्टर को ग्रामीणों द्वारा पकड़ने का मामला सामने आया है।ग्रामीणों का आरोप है कि ट्रैक्टर में रेत भरकर उसका परिवहन किया जा रहा था।ग्रामीणों ने मौके पर ट्रैक्टर को रोककर उसका वीडियो बनाया, जो अब क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।ग्रामीणों के अनुसार, क्षेत्र में लंबे समय से रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं। इसी बीच रेत से भरे ट्रैक्टर को ग्रामीणों ने मौके पर पकड़ लिया। ग्रामीणों ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाकर संबंधित अधिकारियों का ध्यान इस ओर आकर्षित करने की मांग की है। बताया गया कि ट्रैक्टर में बड़ी मात्रा में रेत भरी हुई थी और उसे परिवहन के लिए ले जाया जा रहा था। ग्रामीणों ने आशंका जताई कि यदि रेत परिवहन के लिए आवश्यक वैध दस्तावेज अथवा अनुमति नहीं थी, तो यह अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन की श्रेणी में आ सकता है। हालांकि, इस संबंध में अंतिम स्थिति संबंधित विभाग की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

*ग्रामीणों ने की जांच और कार्रवाई की मांग*

मामले को लेकर ग्रामीणों ने प्रशासन एवं खनिज विभाग से जांच की मांग की है।ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में प्राकृतिक संसाधनों के दोहन पर प्रभावी निगरानी जरूरी है। उनका आरोप है कि रेत के परिवहन में लगे वाहनों की नियमित जांच नहीं होने से नियमों के उल्लंघन की संभावना बनी रहती है।ग्रामीणों द्वारा बनाए गए वीडियो में रेत से भरा ट्रैक्टर दिखाई दे रहा है। ग्रामीणों ने वीडियो के माध्यम से प्रशासन से मांग की है कि वाहन की जांच की जाए और यह पता लगाया जाए कि रेत कहां से लाई गई थी, कहां ले जाई जा रही थी तथा परिवहन के लिए आवश्यक दस्तावेज मौजूद थे या नहीं।

*कार्रवाई के बाद ही स्थिति होगी स्पष्ट*

रेत से भरे ट्रैक्टर को ग्रामीणों द्वारा पकड़े जाने के बाद अब प्रशासनिक कार्रवाई पर नजर बनी हुई है। यदि जांच में रेत परिवहन से संबंधित नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो नियमानुसार संबंधित व्यक्ति अथवा वाहन के विरुद्ध कार्रवाई की जा सकती है।ग्रामीणों ने मांग की है कि केवल इस मामले की जांच तक सीमित न रहते हुए लालपुर और आसपास के क्षेत्रों में रेत के अवैध उत्खनन एवं परिवहन की शिकायतों की भी जांच की जाए। साथ ही नदी एवं अन्य रेत स्रोतों पर निगरानी बढ़ाई जाए, जिससे प्राकृतिक संसाधनों के अवैध दोहन पर रोक लग सके।

फिलहाल मामले में संबंधित विभाग की जांच और आधिकारिक कार्रवाई के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि ट्रैक्टर में भरी रेत वैध रूप से परिवहन की जा रही थी या नियमों का उल्लंघन किया गया था।

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