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प्रकृति प्रेमी नमन चौरसिया एक पर्यावरण रक्षक, नमन चौरसिया गागा होटल लॉज के मालिक हमेशा वन्य प्राणियों को लेकर रहते हैं सजग

 प्रकृति प्रेमी नमन चौरसिया एक पर्यावरण रक्षक, नमन चौरसिया गागा होटल लॉज के मालिक हमेशा वन्य प्राणियों को लेकर रहते हैं सजग



ढीमरखेड़ा |  प्रकृति हमारे जीवन का मूल आधार है। पेड़-पौधे, वन्य जीव, नदियाँ, पर्वत, हवा और जल ये सभी हमारे अस्तित्व के रक्षक हैं। परंतु वर्तमान समय में जिस तरह से मानवीय गतिविधियाँ प्राकृतिक संसाधनों का दोहन कर रही हैं, उसने पर्यावरण को गहरी चोट दी है। ऐसे में कुछ ऐसे लोग भी हैं जो बिना किसी लालच, बिना किसी प्रचार की चाहत के, निःस्वार्थ भाव से प्रकृति और पर्यावरण की रक्षा में जुटे हुए हैं। इन्हीं में एक नाम है नमन चौरसिया, जो न केवल एक व्यवसायी हैं बल्कि एक समर्पित प्रकृति प्रेमी, पर्यावरण संरक्षक और वन्य जीवों के रक्षक के रूप में समाज में अपनी अलग पहचान बना चुके हैं।

*नमन चौरसिया बने चर्चा का केंद्र*

नमन चौरसिया, गागा होटल लॉज के मालिक हैं। पेशे से व्यवसायी होते हुए भी उनका दिल हमेशा से प्रकृति के प्रति धड़कता आया है। जब अधिकांश लोग व्यावसायिक सफलता के बाद आरामदायक जीवन की ओर बढ़ते हैं, तब नमन चौरसिया ने प्रकृति और वन्य जीवन की सेवा को अपने जीवन का उद्देश्य बना लिया। उनका होटल "गागा लॉज" न केवल स्थानीय और बाहर से आने वाले पर्यटकों को सेवा देता है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के संदेश का भी माध्यम बना हुआ है।

*2000 पौधों का वृक्षारोपण करौदी भारत के भौगोलिक केंद्र में*

वर्ष 2024 में नमन चौरसिया ने एक बड़ा पर्यावरणीय लक्ष्य रखा। उन्होंने करौदी, जो कि भारत का भौगोलिक केंद्र बिंदु है, वहाँ पर 2000 पौधों का वृक्षारोपण किया। यह केवल संख्या भर का वृक्षारोपण नहीं था, बल्कि इसमें स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार उपयुक्त प्रजातियों का चयन किया गया था जैसे नीम, पीपल, बड़, अर्जुन, आंवला, गुलमोहर, शीशम, कचनार आदि। इन पौधों को न केवल लगाया गया, बल्कि उनका संरक्षण भी सुनिश्चित किया गया। नियमित रूप से पानी देना, जंगली जानवरों से सुरक्षा के लिए जाली लगाना और समय-समय पर निरीक्षण करना ये सभी कार्य स्वयं नमन चौरसिया की देखरेख में हुए। इस कार्य के लिए उन्होंने स्थानीय ग्रामीणों, युवाओं और स्कूल के बच्चों को भी प्रेरित किया जिससे एक पर्यावरणीय चेतना का संचार हुआ।

*2025 का लक्ष्य 3000 पौधे लगाने की तैयारी*

वृक्षारोपण का कार्य एक बार का नहीं होता, बल्कि यह एक सतत प्रक्रिया है। इसी सोच के साथ 2025 में नमन चौरसिया ने 3000 पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। उनका उद्देश्य है कि न केवल करौदी बल्कि उसके आसपास के क्षेत्रों को भी हरियाली से आच्छादित किया जाए।

*वन्य प्राणी संरक्षण में अहम भूमिका*

नमन चौरसिया केवल पेड़ लगाने तक ही सीमित नहीं हैं। वे वन्य प्राणियों के संरक्षण को भी अपना कर्तव्य मानते हैं। अक्सर ऐसा देखा गया है कि किसी गाँव या कस्बे में कोई सांप, मगरमच्छ, या अन्य जंगली प्राणी घुस जाता है, तो लोग उसे मारने की कोशिश करते हैं। लेकिन नमन चौरसिया ऐसे मौकों पर पूरी सजगता दिखाते हुए खुद मौके पर पहुँचते हैं, प्राणी को सुरक्षित तरीके से पकड़ते हैं और उसे वन विभाग की सहायता से जंगल में सुरक्षित स्थान पर छोड़ देते हैं। उनकी इस सतर्कता और सेवा भावना के कारण स्थानीय लोग उन्हें "वन्य जीवन मित्र" के नाम से भी जानते हैं। वे बच्चों और युवाओं को भी यह सिखाते हैं कि किसी भी जंगली जानवर को मारना अपराध है और हमें उन्हें भी जीवन का अधिकार देना चाहिए।

*जन जागरूकता के लिए अभियान और प्रशिक्षण*

नमन चौरसिया ने समाज को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने के लिए कई प्रशिक्षण शिविर और संगोष्ठियाँ भी आयोजित की हैं। वे विभिन्न स्कूलों, कॉलेजों और पंचायत भवनों में जाकर लोगों को बताते हैं कि हमें प्लास्टिक का उपयोग कम करना चाहिए। जल संरक्षण आवश्यक है। पेड़ लगाकर हम न केवल ऑक्सीजन बढ़ाते हैं बल्कि जल स्रोत भी सुरक्षित करते हैं। वन्य जीवों से डरने की बजाय उन्हें समझने की जरूरत है। जैव विविधता को बचाना आज की सबसे बड़ी जरूरत है। इन अभियानों के तहत उन्होंने गाँव-गाँव जाकर स्वयं प्रचार किया, पोस्टर-बैनर लगाए, नुक्कड़ नाटक आयोजित कराए और युवाओं को पर्यावरण प्रहरी बनने की शपथ दिलाई।

*पर्यावरण संरक्षण में उनका दृष्टिकोण और प्रेरणा*

नमन चौरसिया मानते हैं कि प्रकृति के साथ तालमेल बनाए बिना मानवता का अस्तित्व संभव नहीं है। उनका मानना है "यदि हमने आज पर्यावरण को नहीं बचाया, तो आने वाली पीढ़ियाँ हमें माफ नहीं करेंगी। पेड़-पौधे और वन्य जीव हमारे मित्र हैं, इनकी रक्षा करना हमारा कर्तव्य है।" उनकी इस सोच की जड़ें उनके बचपन में ही दिखाई देती हैं जब वे अपने दादा के साथ खेतों में पौधे लगाते और जानवरों को चारा खिलाते थे। आज वही संस्कार उन्हें इस दिशा में आगे ले जा रहे हैं।

*प्रशासन और समाज से समर्थन*

नमन चौरसिया के इन प्रयासों की सराहना केवल आम जनता ही नहीं, बल्कि रेंजर अजय मिश्रा भी करते है और रेंजर अजय मिश्रा, नमन चौरसिया का मार्गदर्शन करते रहते है। जिला कलेक्टर, वन विभाग के डीएफओ, और पंचायत प्रतिनिधियों ने कई बार उनकी प्रशंसा की है और उन्हें प्रशस्ति पत्र भी दिए हैं। इसके अलावा उन्हें “प्रकृति मित्र”, “हरित योद्धा”, “वन्य जीवन रक्षक” जैसे सम्मान भी प्राप्त हो चुके हैं।

टिप्पणियाँ

  1. यह एक सराहनीय कार्य है जो मानव सभ्यता के बहुत ही आवश्यक है।

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  2. नमन की यह एक सराहनीय पहल है । समाज को एक प्रेरणा मिलेगी

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