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प्रकृति की गोद में बसा पहाड़ी हनुमान मंदिर पर्यटकों-भक्तों को कर रहा आकर्षित,हनुमान मंदिर में चालू हैं अखण्ड रामायण

 प्रकृति की गोद में बसा पहाड़ी हनुमान मंदिर पर्यटकों-भक्तों को कर रहा आकर्षित,हनुमान मंदिर में चालू हैं अखण्ड रामायण

ढीमरखेड़ा - प्रभु की चरित्र का बखान अखण्ड रामायण का पाठ तहसील क्षेत्र ढीमरखेड़ा के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत पोड़ी कला बी में हों रहा हैं।प्रकृति की गोद में बसा हनुमान मंदिर प्राचीन पहाड़ी शिव मंदिर, 64 योगिनी भक्तों को आकर्षित कर रहा है। बेबस ही हनुमान मंदिर अपनी ओर आकर्षित और प्राकृतिक सुंदरता मंत्र मुक्त करने वाली है। जो कि हनुमान मंदिर अपना परिचय का मोहताज नहीं है। अपने अनुपम दृश्यों एवं आध्यात्मिक को लेकर क्षेत्र के साथ-साथ अन्य गांवों में भी ख्याति प्राप्त है। पहाड़ी हनुमान मंदिर का सौंदर्य दर्शन बताते चलें कि पोड़ी कला बी स्थित पहाड़ी शिव मंदिर 64 योगिनी पहाड़ों के बीच प्रकृति की गोद में बसा एक पर्यटक एवं आध्यात्म स्थान है। जहां हनुमान जयंती, रामनवमी में भक्तों की अपार भीड़ महाकाल के दर्शन करती रहती है।वही वर्ष भर भक्तों का आना - जाना लगा रहता है। पहाड़ के घाटी में भगवान बजरंगबली, भोलेनाथ तथा 64 योगिनी माता विराजमान है। यहां तक पहुंचने के लिए हरे - भरे पेड़-पौधों के साथ-साथ घुमावदार सीढ़ियों से होकर गुजरना पड़ता है। पुनर्निर्माण तथा सौंदर्यीकरण होने के बाद मंदिर परिसर और भी अलौकिक एवं अद्भुत नजर आ रही है। पहाड़ के शीश पर जाने के बाद पूरे क्षेत्र के प्राकृतिक सौंदर्य का अवलोकन आसानी से किया जा सकता है। मानसून काल में जब पहाड़ियां हरे पत्तियों का सिंगार करती है,तो दृश्य अत्यंत अलौकिक अद्भुत एवं अकल्पनीय नजर आता है जो मन में आध्यात्म, हृदय को शांति एवं आँखों को शीतलता प्रदान करता है। वही मंदिर की स्वच्छता तथा साफ-सफाई भी इसके सौंदर्य में चार चांद लगाती है। मंदिर परिसर के प्रांगण में भक्तों के लिए विभिन्न प्रकार की सुविधाओं का विकास किया गया है जो उन्हें इस भ्रमण एवं यात्रा में सुखद एहसास का अनुभूति कराती हैं। 64 योगिनी में कितना भी पानी डाला जाए पर एक बूंद पानी बाहर नहीं निकलता बल्कि सारा पानी अंदर ही चला जाता हैं बुजुर्गों के द्वारा कई बार इसमें देखने के लिए ड्रमों पानी डाला गया पर पता नहीं चला कि आखिर पानी कहां गया कभी - कभी रात्रि में प्रभु के साक्षात होने के अनेकों प्रमाण देखने को मिले हैं। अखण्ड रामायण भी चल रही हैं भक्त पहुंचकर पुण्य लाभ ले सकते हैं।

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