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अशोक पाण्डेय व्यवस्था से टकराने वाला एक 'कलम का सिपाही', अधिकारी चमके, कविता लिखने में माहिर, हर समस्या का निदान, कानून के हैं विशेष जानकार

 अशोक पाण्डेय व्यवस्था से टकराने वाला एक 'कलम का सिपाही', अधिकारी चमके, कविता लिखने में माहिर, हर समस्या का निदान, कानून के हैं विशेष जानकार  कटनी  |  कहते हैं कि कलम में वो ताकत होती है जो बड़े से बड़े सिंहासन को हिला सकती है। कुछ ऐसी ही मिसाल पेश कर रहे हैं पोड़ी कला बी में जन्मे और वर्तमान में मुरवारी के निवासी अशोक पाण्डेय, जन्म से ही कड़े संघर्ष और मेहनत के दम पर आगे बढ़ने वाले अशोक जी की लेखनी के आज आस-पास के क्षेत्रों में खूब चर्चे हैं। उनकी कलम की धार ऐसी है कि हर विषय पर उनका गहरा ज्ञान साफ झलकता है, और जब वे कविताएं लिखते हैं, तो सुनने और पढ़ने वाले मंत्रमुग्ध हो जाते हैं। *बिगड़े काम को बनाने के माहिर लेखनी से चमके अधिकारी* स्थानीय सूत्रों और चर्चाओं के अनुसार, अशोक पाण्डेय की शानदार ड्राफ्टिंग और लेखन शैली का लाभ उठाकर कई बड़े अधिकारियों ने अपने कार्यकाल के दौरान खूब वाहवाही लूटी। उनकी पैनी लेखनी ने कई प्रशासनिक कार्यों को चमका दिया । अशोक पाण्डेय हर विषय के ज्ञाता हैं और कविता लिखने में माहिर हैं। लेकिन जब उन्होंने इसी कलम का रुख व्यवस्था की कमियों और कु...

बड़वारा विधानसभा ग़रीबों के मसीहा और किसानों के रक्षक बनकर उभरे अंकुर दुबे, क्षेत्र में बदलाव की नई बयार, आने वाले समय के बड़वारा विधायक की दावेदारी

 बड़वारा विधानसभा ग़रीबों के मसीहा और किसानों के रक्षक बनकर उभरे अंकुर दुबे, क्षेत्र में बदलाव की नई बयार, आने वाले समय के बड़वारा विधायक की दावेदारी  कटनी ।  आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर बड़वारा क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मियाँ तेज़ हो चुकी हैं। इस बीच तिलमन निवासी युवा और जुझारू सामाजिक कार्यकर्ता अंकुर दुबे क्षेत्र की जनता के लिए एक मजबूत विकल्प और उम्मीद की नई किरण बनकर उभरे हैं। स्थानीय लोगों के बीच वे 'ग़रीबों के मसीहा' और 'किसानों के रक्षक' के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं। *जनसेवा और सादगी बनी पहचान* तिलमन गांव के मूल निवासी अंकुर दुबे ने बेहद कम समय में बड़वारा विधानसभा के कोने-कोने में अपनी पकड़ मजबूत की है। क्षेत्र के ग्रामीणों का कहना है कि चाहे किसानों की खाद-बीज और सिंचाई की समस्या हो, या किसी गरीब परिवार के हक की लड़ाई अंकुर दुबे हमेशा अग्रिम पंक्ति में खड़े नज़र आते हैं। स्थानीय निवासियों के अनुसार अंकुर दुबे केवल चुनाव के समय दिखने वाले नेता नहीं हैं, बल्कि वे हर सुख-दुख में हमारे साथ खड़े रहने वाले ज़मीनी जनसेवक हैं। बड़वारा का भविष्य अब उनके हाथों मे...

ढीमरखेड़ा और उमरियापान क्षेत्र में दो अलग-अलग हादसों में दो युवकों की मौत, क्षेत्र में शोक की लहर

 ढीमरखेड़ा और उमरियापान क्षेत्र में दो अलग-अलग हादसों में दो युवकों की मौत, क्षेत्र में शोक की लहर कटनी । कटनी जिले के ढीमरखेड़ा और उमरियापान थाना क्षेत्रों से दो बेहद दुखद खबरें सामने आई हैं। जहाँ एक ओर उमरियापान में बीते महीने हुए सड़क हादसे में घायल एक युवक ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया, वहीं ढीमरखेड़ा के ग्राम पाली में सूखे तालाब में गिरने से एक युवक की संदेहास्पद परिस्थितियों में मौत हो गई। पुलिस ने दोनों ही मामलों में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। *उमरियापान में हुए सड़क हादसे के घायल युवक ने तोड़ा दम* उमरियापान थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम बम्हनी कैनाल के पास बीते मई महीने में हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे के घायल युवक की आखिरकार इलाज के दौरान मौत हो गई। लंबे समय तक अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे युवक की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया है।  *सिर पर आई थीं गंभीर चोटें* पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, उमरियापान के पुरवा मोहल्ला निवासी राजेश कुमार कोल (पिता सोमनाथ कोल, उम्र 21 वर्ष) बीते 3 मई को एक सड़क दुर्घटना का शिकार हो गए थे। इस हादसे में उनके...

बदलते जमाने के ओट में छुपती इंसानी नीयत, जमाना बदल रहा है कहकर लोग बदल रहे हैं, गौर किया तो देखा, कुछ भी नहीं बदला, बस सब अपने मतलब के हिसाब से चल रहे हैं

 बदलते जमाने के ओट में छुपती इंसानी नीयत, जमाना बदल रहा है कहकर लोग बदल रहे हैं, गौर किया तो देखा, कुछ भी नहीं बदला, बस सब अपने मतलब के हिसाब से चल रहे हैं ढीमरखेड़ा  |  हंसमुख स्वभाव और गहरी सामाजिक समझ के धनी योगेन्द्र सिंह दादा ठाकुर की ये पंक्तियां आधुनिक समाज की उस कड़वी और नग्न सच्चाई को उजागर करती हैं, जिसे हम अक्सर 'आधुनिकता' के खूबसूरत पर्दों के पीछे छुपाने की कोशिश करते हैं। इन सीधे मगर बेहद गहरे शब्दों में लेखक राहुल पाण्डेय ने समय के चक्र और इंसान की नीयत के बीच के उस अंतर्विरोध पर चोट की है, जो आज के सामाजिक ताने-बाने को खोखला कर रहा है। *बहानेबाजी का पर्दाफाश 'जमाने' को दोष क्यों* आज के दौर में जब भी रिश्तों में खटास आती है, रूखापन बढ़ता है या अपनों के बीच दूरियां बढ़ती हैं, तो एक घिसा-पिटा जुमला बहुत आसानी से उछाल दिया जाता है क्या करें, अब जमाना बदल गया है लेकिन दादा ठाकुर की पंक्तियां इस जुमले की कलाई खोलकर रख देती हैं। सच तो यह है कि समय के बदलने से इंसानी फितरत नहीं बदलती।सदियों पहले भी समाज में स्वार्थ और परमार्थ की जंग थी, और आज भी वही है। वक्त को द...

बदलते जमाने के ओट में छुपती इंसानी नीयत, जमाना बदल रहा है कहकर लोग बदल रहे हैं, गौर किया तो देखा, कुछ भी नहीं बदला, बस सब अपने मतलब के हिसाब से चल रहे हैं

 बदलते जमाने के ओट में छुपती इंसानी नीयत, जमाना बदल रहा है कहकर लोग बदल रहे हैं, गौर किया तो देखा, कुछ भी नहीं बदला, बस सब अपने मतलब के हिसाब से चल रहे हैं ढीमरखेड़ा  |  हंसमुख स्वभाव और गहरी सामाजिक समझ के धनी योगेन्द्र सिंह दादा ठाकुर की ये पंक्तियां आधुनिक समाज की उस कड़वी और नग्न सच्चाई को उजागर करती हैं, जिसे हम अक्सर 'आधुनिकता' के खूबसूरत पर्दों के पीछे छुपाने की कोशिश करते हैं। इन सीधे मगर बेहद गहरे शब्दों में लेखक राहुल पाण्डेय ने समय के चक्र और इंसान की नीयत के बीच के उस अंतर्विरोध पर चोट की है, जो आज के सामाजिक ताने-बाने को खोखला कर रहा है। *बहानेबाजी का पर्दाफाश 'जमाने' को दोष क्यों* आज के दौर में जब भी रिश्तों में खटास आती है, रूखापन बढ़ता है या अपनों के बीच दूरियां बढ़ती हैं, तो एक घिसा-पिटा जुमला बहुत आसानी से उछाल दिया जाता है क्या करें, अब जमाना बदल गया है लेकिन दादा ठाकुर की पंक्तियां इस जुमले की कलाई खोलकर रख देती हैं। सच तो यह है कि समय के बदलने से इंसानी फितरत नहीं बदलती।सदियों पहले भी समाज में स्वार्थ और परमार्थ की जंग थी, और आज भी वही है। वक्त को द...

चंदोलहार भूमि पर बाहरी लोगों द्वारा किया जा रहा कब्जा,विरोध करने पर दिखाए जा रहे हथियार, आदिवासियों ने कलेक्टर के नाम नायब तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन, कब्जाधारियों पर कार्रवाई करने की मांग

 चंदोलहार भूमि पर बाहरी लोगों द्वारा किया जा रहा कब्जा,विरोध करने पर दिखाए जा रहे हथियार, आदिवासियों ने कलेक्टर के नाम नायब तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन, कब्जाधारियों पर कार्रवाई करने की मांग कटनी  |  उमरियापान क्षेत्र के ग्राम पंचायत भटगवां अंतर्गत चंदोलहार क्षेत्र की सरकारी एवं निजी भूमि पर बाहरी लोगों द्वारा अवैध रूप से कब्जा कर और झोपड़ियां बनाकर निवास किया जा रहा है। बुधवार को रूढ़ी प्रथा पारंपरिक ग्राम सभा भटगवां के आदिवासी ग्रामीणों ने उमरियापान पुलिस थाना पहुँचकर कलेक्टर के नाम उमरियापान नायब तहसीलदार इसरार खान को ज्ञापन सौंपा है। आदिवासी ग्रामीणों ने मामले की जांच कर बाहरी कब्जाधारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इस मौके पर स्लीमनाबाद एसडीओपी आकांक्षा चतुर्वेदी,स्लीमनाबाद थाना प्रभारी सुदेश सुमन, ढीमरखेड़ा थाना प्रभारी महिमा रघुवंशी,उमरियापान थाना से एसआई भरत सिंह मार्को के साथ उमरियापान,ढीमरखेड़ा थाने का पुलिस बल और राजस्व एवं वन विभाग का अमला तैनात रहा। ग्रामसभा के आदिवासी ग्रामीणों ने सौंपें ज्ञापन में बताया कि दूसरे जिलों से आए कुछ लोग भटगवां के चंदौल क्षेत्र म...

सिद्धार्थ दीक्षित पुनः बने कटनी जिला ग्रामीण कांग्रेस परिवहन प्रकोष्ठ के अध्यक्ष

 सिद्धार्थ दीक्षित पुनः बने कटनी जिला ग्रामीण कांग्रेस परिवहन प्रकोष्ठ के अध्यक्ष कटनी ।  उमरियापान के कद्दावर, जुझारू नेता और जाने-माने समाजसेवी सिद्धार्थ दीक्षित को एक बार फिर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्हें कांग्रेस परिवहन प्रकोष्ठ जिला कटनी का ग्रामीण अध्यक्ष पुनः नियुक्त किया गया है। सिद्धार्थ दीक्षित की यह नियुक्ति कटनी जिले के ग्रामीण जिला अध्यक्ष कुंवर सौरभ सिंह और परिवहन प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष नरेंद्र सिंह पांघे की विशेष अनुशंसा पर, मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी द्वारा की गई है। *पार्टी में उत्साह की लहर* सिद्धार्थ दीक्षित को कांग्रेस की एक बुलंद आवाज और क्षेत्र के धाकड़ नेताओं में गिना जाता है।जमीन से जुड़े होने और समाजसेवा में हमेशा अग्रणी रहने के कारण क्षेत्र के युवाओं और कार्यकर्ताओं में उनका खासा प्रभाव है। उनकी इस पुनर्नियुक्ति से स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं और परिवहन प्रकोष्ठ में भारी उत्साह देखा जा रहा है। कार्यकर्ताओं का कहना है सिद्धार्थ दीक्षित के नेतृत्व में कटनी ग्रामीण क्षेत्र में परिवहन प्रकोष्ठ और अधिक मजबूत होगा। व...