हितग्राहियों को दो माह तक राशन से वंचित रखने का आरोप, जनसुनवाई में गूंजा मामला, पहले बायोमेट्रिक सत्यापन, फिर भी नहीं मिला राशन; सरपंच ने कलेक्टर से जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की
हितग्राहियों को दो माह तक राशन से वंचित रखने का आरोप, जनसुनवाई में गूंजा मामला, पहले बायोमेट्रिक सत्यापन, फिर भी नहीं मिला राशन; सरपंच ने कलेक्टर से जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की
कटनी । सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) में कथित लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत पहरुआ के लगभग 100 हितग्राहियों ने आरोप लगाया है कि उनसे ई-केवाईसी और अंगूठा (बायोमेट्रिक सत्यापन) लगवाने के बावजूद करीब दो माह तक राशन नहीं दिया गया। इससे गरीब परिवारों को खाद्यान्न संकट का सामना करना पड़ा। मामले को लेकर सरपंच ने कलेक्टर की जनसुनवाई में शिकायत दर्ज कराते हुए पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की है।शिकायत में कहा गया है कि हितग्राही कई बार उचित मूल्य की दुकान पहुंचे, लेकिन अलग-अलग कारण बताकर उन्हें वापस लौटा दिया गया।ग्रामीणों का कहना है कि समय पर राशन नहीं मिलने से कई परिवारों के सामने रोजमर्रा के भोजन का संकट खड़ा हो गया। उनका आरोप है कि संबंधित विभाग द्वारा समय रहते प्रभावी निगरानी नहीं किए जाने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई।शिकायतकर्ताओं ने प्रशासन से मांग की है कि सभी पात्र हितग्राहियों को तत्काल लंबित राशन उपलब्ध कराया जाए तथा पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाए।वहीं प्रशासन की ओर से शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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