फूड इंस्पेक्टर वंदना जैन पर प्रताड़ना और मनमानी का आरोप, घुघरी के स्व-सहायता समूह ने एसडीएम से की शिकायत
फूड इंस्पेक्टर वंदना जैन पर प्रताड़ना और मनमानी का आरोप, घुघरी के स्व-सहायता समूह ने एसडीएम से की शिकायत
कटनी | घुघरी स्थित नरसिंह स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने फूड इंस्पेक्टर वंदना जैन पर मनमानी, अभद्र व्यवहार और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। इस संबंध में समूह की पीड़ित महिलाओं ने अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) को एक लिखित शिकायत सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी अधिकारी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।शिकायत के अनुसार, नरसिंह स्व-सहायता समूह को उचित मूल्य की दुकान (राशन दुकान) के संचालन की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, जिसका संचालन महिलाओं द्वारा नियमित रूप से किया जा रहा था। महिलाओं का कहना है कि शुरुआत में इलेक्ट्रॉनिक पॉइंट ऑफ सेल (ई-पॉस) मशीन में खराबी आ गई थी। इसकी सूचना विभाग को देने के बावजूद समय पर समाधान नहीं किया गया। बाद में मशीन पर अधिक लोड होने का बहाना बनाकर उसे जांच के नाम पर जब्त कर लिया गया, जिससे राशन वितरण ठप हो गया। समूह की महिलाओं ने आरोप लगाया कि मई और अगस्त 2025 के राशन आवंटन में विभागीय लापरवाही के कारण देरी हुई, जिससे आम उपभोक्ताओं को समय पर राशन नहीं मिल सका। निरीक्षण के दौरान फूड इंस्पेक्टर वंदना जैन ने महिलाओं के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया और समूह का संचालन (लाइसेंस) निरस्त कराने की धमकी दी। अधिकारी द्वारा फोन पर भी बार-बार परेशान किया जाता है, जिससे समूह की महिलाएं अत्यधिक मानसिक तनाव में हैं।
*इन धाराओं के तहत बन सकता है मामला*
(भारतीय न्याय संहिता - BNS के अनुसार)
यदि प्रशासनिक और पुलिस जांच में महिलाओं द्वारा लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं, तो फूड इंस्पेक्टर वंदना जैन के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 जो पूर्ववर्ती IPC के स्थान पर लागू है।प्रस्तावित धारा (BNS)पूर्ववर्ती धारा (IPC)अपराध का विवरण
धारा 79 धारा 509 महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के उद्देश्य से अभद्र शब्द कहना या कृत्य करना। धारा 351 (2)धारा 506आपराधिक धमकी देना (समिति निरस्त करने या करियर बर्बाद करने की धमकी)। धारा 352 धारा 504 शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान और अभद्र भाषा का प्रयोग करना।
धारा 198 धारा 166 लोक सेवक द्वारा किसी व्यक्ति को चोट/क्षति पहुंचाने के इरादे से कानून की अवज्ञा करना या अपनी शक्तियों का दुरुपयोग करना।
*निष्पक्ष जांच की मांग*
समूह की महिलाओं ने प्रशासन से मांग की है कि राशन वितरण, मशीन संचालन और भुगतान में हुई सभी प्रकार की अनियमितताओं की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। महिलाओं का कहना है कि यदि इस पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच होती है, तो विभाग और फूड इंस्पेक्टर की मनमानी का सच सामने आ जाएगा। हम चाहते हैं कि प्रशासन हमें बिना किसी मानसिक दबाव और भय के काम करने का सुरक्षित माहौल प्रदान करे। फिलहाल, एसडीएम कार्यालय ने शिकायत पत्र स्वीकार कर मामले को संज्ञान में लिया है और उचित विभागीय व कानूनी जांच का आश्वासन दिया है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है।

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