तहसील मुख्यालय ढीमरखेड़ा में बस स्टैंड का अभाव, बरसात में यात्री बेहाल, आंदोलन और चक्का जाम की चेतावनी
तहसील मुख्यालय ढीमरखेड़ा में बस स्टैंड का अभाव, बरसात में यात्री बेहाल, आंदोलन और चक्का जाम की चेतावनी
ढीमरखेड़ा । तहसील मुख्यालय होने के बावजूद ढीमरखेड़ा आज तक एक व्यवस्थित बस स्टैंड से वंचित है। इसका खामियाजा प्रतिदिन क्षेत्र के हजारों यात्रियों, विद्यार्थियों, महिलाओं एवं बुजुर्गों को भुगतना पड़ रहा है। बरसात के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जब यात्रियों को खुले आसमान के नीचे बसों का इंतजार करना पड़ता है। क्षेत्र में बना यात्री प्रतीक्षालय वर्षों से उपेक्षा का शिकार होकर खंडहर में तब्दील हो चुका है। यात्रियों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बसें प्रतीक्षालय पर नहीं रुकतीं, जबकि असामाजिक तत्व इस परिसर का उपयोग अवैध गतिविधियों के लिए करते हैं। इससे आम नागरिकों, विशेषकर महिलाओं और छात्राओं में असुरक्षा की भावना बनी रहती है। स्थानीय समाजसेवियों एवं नागरिकों द्वारा कई बार प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर बस स्टैंड निर्माण एवं यात्री प्रतीक्षालय को व्यवस्थित करने की मांग की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लगातार हो रही अनदेखी से क्षेत्रवासियों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
युवाओं ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही बस स्टैंड निर्माण, यात्री प्रतीक्षालय का जीर्णोद्धार तथा बसों का नियमित ठहराव सुनिश्चित नहीं किया गया, तो वे दिल्ली के जंतर-मंतर की तर्ज पर लोकतांत्रिक आंदोलन शुरू करेंगे। आवश्यकता पड़ने पर चक्का जाम और अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन भी किया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि ढीमरखेड़ा जैसे तहसील मुख्यालय की मूलभूत सुविधाओं की उपेक्षा बंद कर तत्काल बस स्टैंड निर्माण और यात्री सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसी बीच रमन सोनी,लकी चौरसिया रोहित कोरी , अखलेश बर्मन , शुभम बर्मन, रोहित विश्वकर्मा,राजा पटेल ,साहिल शर्मा ,मनीष पटेल,सतेन्द्र यादव ,राम यादव ,सुनील यादव,अजय रजक की रही उपस्थिति।

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