जमीनी विवाद और पानी निकासी ने लिया खूनी रूप, खम्हरिया और उचेहरा बिचुआ में प्रौढ़ की नृशंस हत्या, पत्नी व बेटी लहूलुहान, दमाद संदिग्ध परिस्थितियों में लापता ढीमरखेड़ा थाना क्षेत्र के अंतर्गत खम्हरिया हार और उचेहरा बिचुआ का मामला
जमीनी विवाद और पानी निकासी ने लिया खूनी रूप, खम्हरिया और उचेहरा बिचुआ में प्रौढ़ की नृशंस हत्या, पत्नी व बेटी लहूलुहान, दमाद संदिग्ध परिस्थितियों में लापता ढीमरखेड़ा थाना क्षेत्र के अंतर्गत खम्हरिया हार और उचेहरा बिचुआ का मामला
ढीमरखेड़ा | मध्य प्रदेश के कटनी जिले के अंतर्गत आने वाले ढीमरखेड़ा थाना क्षेत्र में रोंगटे खड़े कर देने वाली खूनी वारदात सामने आई है।खम्हरिया हार इलाके में वर्षों पुराने जमीनी विवाद और बारिश के पानी की निकासी के मामूली मुद्दे ने ऐसा भयानक रूप ले लिया कि एक ही परिवार पर लाठी-डंडों और फावड़ों से कातिलाना हमला कर दिया गया। इस हमले में 50 वर्षीय प्रौढ़ प्रहलाद कोल की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी और बेटी गंभीर रूप से घायल हो गईं। वहीं, घटना के बाद से मृतक का दामाद रहस्यमय परिस्थितियों में लापता है, जिसकी तलाश में पुलिस की कई टीमें जुटी हुई हैं। इस दिल दहला देने वाली वारदात के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची ढीमरखेड़ा पुलिस ने घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया और मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों के सुपुर्द कर दिया है।
*कैसे शुरू हुआ खूनी संघर्ष 27 जुलाई की पूरी कहानी*
अस्पताल के बिस्तर पर जिंदगी और मौत से जूझ रही मृतक की पत्नी सुखवारा कोल (45) और बेटी रजनी कोल (25) ने आपबीती सुनाते हुए उस खौफनाक मंजर का ब्योरा दिया। परिजनों के अनुसार, यह पूरी घटना 27 जुलाई को शुरू हुई थी। खम्हरिया हार में स्थित खेत के पास पानी की निकासी को लेकर गांव के ही कुछ दबंगों के साथ प्रहलाद कोल का कहासुनी और विवाद हुआ था। देखते ही देखते मामूली बहस ने उग्र रूप ले लिया। आरोप है कि लगभग आधा दर्जन (छह से अधिक) सशस्त्र लोगों ने अचानक प्रहलाद कोल और उनके परिवार को घेर लिया।
हमलावरों के हाथों में लाठी-डंडे, कुल्हाड़ी और धारदार फावड़े थे। हमलावरों ने बिना कुछ सोचे-समझे प्रहलाद कोल, उनकी पत्नी सुखवारा, बेटी रजनी और दामाद सुनील कोल पर प्राणघातक हमला बोल दिया।
*जान बचाने के लिए गांव की तरफ भागीं मां-बेटी*
पीड़ित महिलाओं ने बताया कि हमलावर इतने आक्रामक थे कि वे जो भी सामने आ रहा था, उसे बेरहमी से पीट रहे थे। हमलावरों ने गंदी-गंदी गालियां देते हुए जान से मारने की नीयत से सिर और शरीर के संवेदनशील अंगों पर वार करना शुरू कर दिया। जब मां सुखवारा और बेटी रजनी ने देखा कि हमलावर प्रहलाद पर लगातार प्रहार कर रहे हैं और उनकी जान को सीधा खतरा है, तो दोनों किसी तरह अपनी जान बचाकर चीखते-चिल्लाते हुए गांव की तरफ भागीं। गांव पहुंचकर उन्होंने ग्रामीणों को पूरी घटना की जानकारी दी, जिसके बाद ग्रामीणों ने तुरंत ढीमरखेड़ा थाना पुलिस को सूचित किया।
*बारिश बनी जांच में बाधा, अगले दिन मिला झोपड़ी के पास शव*
सूचना मिलते ही ढीमरखेड़ा थाना पुलिस की टीम तत्काल खम्हरिया हार पहुंची। पुलिस ने मौके से गंभीर रूप से घायल सुखवारा कोल और रजनी कोल को अपनी गाड़ी से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उमरियापान में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है। हालांकि, 27 जुलाई की रात क्षेत्र में मूसलाधार बारिश हो रही थी।लगातार हो रही भारी बारिश, अंधेरे और भौगोलिक परिस्थितियों के कारण पुलिस को घटनास्थल के आसपास तलाशी अभियान चलाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। प्रहलाद कोल और उनका दामाद सुनील कोल घटना के बाद से ही गायब थे। अगले दिन यानी 28 जुलाई की सुबह जब बारिश थमी और पुलिस ने दोबारा गहन तलाशी अभियान शुरू किया, तो खेत के समीप बनी एक झोपड़ी के पास प्रहलाद कोल का निष्प्राण शरीर पड़ा हुआ मिला।
*शव की स्थिति और चोट के निशान*
प्रहलाद कोल का शव देखकर पुलिस अधिकारी भी सन्न रह गए। मृतक के सिर पर किसी भारी चीज या फावड़े से किए गए हमले के गहरे और गंभीर निशान थे। काफी मात्रा में खून बह जाने के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो चुकी थी। शरीर के अन्य हिस्सों पर भी लाठियों के गंदे निशान पाए गए, जो इस बात का सबूत थे कि हमलावरों ने बेहद बेरहमी से इस हत्याकांड को अंजाम दिया।
*बुधवार को हुआ पोस्टमार्टम, क्षेत्र में पसरा मातम*
घटना के बाद पुलिस ने शव को पंचनामा कार्रवाई के लिए भेजा। बुधवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उमरियापान में डॉक्टरों की एक विशेष टीम द्वारा प्रहलाद कोल के शव का पोस्टमार्टम कराया गया।पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव को रोते-बिलखते परिजनों के हवाले कर दिया गया। मृतक के मूल निवासी गांव उचेहरा में इस घटना के बाद से भारी शोक और मातम का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में तनाव की स्थिति को देखते हुए एहतियातन पुलिस बल की तैनात कर दी गई है।
*दामाद सुनील कोल अभी भी लापता हत्या या अपहरण*
इस पूरे घटनाक्रम में एक बड़ा रहस्य मृतक के दामाद सुनील कोल का गायब होना है। 27 जुलाई की खूनी झड़प के बाद से ही सुनील कोल का कोई सुराग नहीं मिल सका है।पुलिस और परिजन दोनों ही सुनील कोल की गुमशुदगी को लेकर चिंतित हैं क्या हमलावरों ने प्रहलाद की हत्या करने के बाद सुनील कोल का भी अपहरण कर लिया है या उसे भी गंभीर चोट पहुंचाकर कहीं फेंक दिया है? क्या सुनील कोल घटना के समय अपनी जान बचाकर कहीं दूर भाग गया है और डर के मारे सामने नहीं आ रहा है? पुलिस प्रशासन ने सुनील कोल की खोजबीन के लिए जंगलों, संभावित ठिकानों और आसपास के गांवों में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है।
*पुलिस प्रशासन का बयान और आगे की कार्रवाई*
मामले की गंभीरता को देखते हुए बताया गया कि खम्हरिया हार में पानी की निकासी और भूमि विवाद को लेकर दो पक्षों में विवाद की सूचना मिली थी। घटना में घायल महिलाओं का अस्पताल में इलाज चल रहा है। 28 जुलाई को प्रहलाद कोल का शव मिला है, जिसके सिर पर गंभीर चोटें थीं। पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया गया है। एफआईआर दर्ज कर आरोपियों की पहचान की जा रही है।पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर नामजद व अन्य आरोपियों के खिलाफ सख्त वैधानिक धाराएं बढ़ाई जा रही हैं। इसके साथ ही लापता दामाद सुनील कोल की तलाश के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।"
*गांव में तनाव, पुलिस की पैनी नजर*
उचेहरा और खम्हरिया हार क्षेत्र में आदिवासी परिवार पर हुए इस बर्बर हमले के बाद स्थानीय ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि प्रहलाद कोल के हत्यारों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर उन्हें फांसी या सख्त से सख्त सजा दिलाई जाए।फिलहाल ढीमरखेड़ा पुलिस आरोपियों को पकड़ने के लिए जगह-जगह छापेमार कार्रवाई कर रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही सभी नामजद आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा और लापता दामाद सुनील कोल को भी सकुशल ढूंढ लिया जाएगा।

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें