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आखिर क्यों नपे बहोरीबंद थाना प्रभारी? एसपी की 'सीक्रेट स्ट्राइक' और भूसा वाहनों से वसूली के खेल का ऐसे हुआ अंत

 आखिर क्यों नपे बहोरीबंद थाना प्रभारी? एसपी की 'सीक्रेट स्ट्राइक' और भूसा वाहनों से वसूली के खेल का ऐसे हुआ अंत



कटनी |  बहोरीबंद थाना प्रभारी अखिलेश दाहिया और आरक्षक लक्ष्मण पर गिरी गाज ने जिले के पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है। हर कोई यह जानना चाह रहा है कि आखिर यह पूरी प्लानिंग कैसे हुई और एसपी अभिनय विश्वकर्मा को इस 'वसूली खेल' की भनक कैसे लगी।

*शिकायतों का अंबार और पुलिस की साख पर सवाल*

पिछले काफी समय से बहोरीबंद क्षेत्र से गुजरने वाले भूसा वाहनों के चालकों से अवैध वसूली की खबरें पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक पहुँच रही थीं। बताया जा रहा था कि मुख्य मार्ग पर तैनात पुलिसकर्मी वाहन निकालने के बदले मोटी रकम वसूल रहे थे। पुलिस की साख गिरती देख एसपी अभिनय विश्वकर्मा ने इस बार कागजी जांच के बजाय 'ग्राउंड जीरो' पर उतरने का फैसला किया।

*प्रशिक्षु SDOP को सौंपी कमान, बिछाया 'ट्रैप' जैसा जाल*

कार्रवाई के पीछे की सबसे बड़ी वजह भ्रष्टाचार को रंगे हाथों पकड़ना था। इसके लिए एसपी ने प्रशिक्षु एसडीओपी शिवा पाठक को कमान सौंपी।

* *रणनीति*: पुलिस लाइन के जवानों को सादी वर्दी में एक साधारण ट्रक ड्राइवर बनाया गया।

* *हथियार*: सादी वर्दी और जेब में रखे 'चिह्नित नोट', जिनका नंबर पहले ही नोट कर लिया गया था।

*आरक्षक फंसा, तो थाना प्रभारी पर क्यों गिरी गाज?*

जांच में यह साफ हो गया कि आरक्षक लक्ष्मण खुलेआम वसूली कर रहा था, जिसकी जेब से वही चिह्नित नोट बरामद हुए। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह था कि थाना प्रभारी अखिलेश दाहिया को क्यों हटाया गया?

*TI पर कार्रवाई के 3 मुख्य कारण:*

* *नियंत्रण का अभाव:* एसपी के आदेश के मुताबिक, थाना प्रभारी का अपने अधीनस्थों पर कोई नियंत्रण नहीं था। उनके नाक के नीचे वसूली का खेल चल रहा था और उन्हें इसकी भनक तक नहीं थी (या उन्होंने अनदेखा किया)।

* *अनुशासनहीनता:* एक थाना प्रभारी की जिम्मेदारी होती है कि वह अपने क्षेत्र में भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन दे, जिसमें वे विफल रहे।

* *सत्यापन की पुष्टि:* राजपत्रित अधिकारियों द्वारा की गई गोपनीय जांच में भी थाने की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए गए थे।

*जिले भर के लिए कड़ा संदेश*

इस कार्रवाई के जरिए एसपी अभिनय विश्वकर्मा ने साफ कर दिया है कि वर्दी की आड़ में अवैध वसूली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बहोरीबंद की इस घटना ने अन्य थाना प्रभारियों को भी सतर्क कर दिया है कि अब 'सादी वर्दी' में खुद पुलिस के बड़े अधिकारी उनकी निगरानी कर रहे हैं।

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