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महेंद्र राय प्रभारी प्राचार्य उत्कृष्ट हायर सेकेंडरी स्कूल बहोरीबंद, मनोज गर्ग विकासखंड शिक्षा अधिकारी बहोरीबंद, प्रशांत मिश्रा बीआरसी बहोरीबंद इनकी होना चाहिए जांच, नवोदय प्रवेश परीक्षा में नकल का आरोप, बहोरीबंद के उत्कृष्ट विद्यालय पर उठे गंभीर सवाल, जांच की मांग तेज, शिक्षा मंत्री को लिखा जायेगा पत्र की जाएगी शिकायत

 महेंद्र राय प्रभारी प्राचार्य उत्कृष्ट हायर सेकेंडरी स्कूल बहोरीबंद, मनोज गर्ग विकासखंड शिक्षा अधिकारी बहोरीबंद, प्रशांत मिश्रा बीआरसी बहोरीबंद इनकी होना चाहिए जांच, नवोदय प्रवेश परीक्षा में नकल का आरोप, बहोरीबंद के उत्कृष्ट विद्यालय पर उठे गंभीर सवाल, जांच की मांग तेज, शिक्षा मंत्री को लिखा जायेगा पत्र की जाएगी शिकायत 



कटनी | बहोरीबंद क्षेत्र के शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय एक बार फिर विवादों में आ गया है।केंद्रीय नवोदय विद्यालय प्रवेश परीक्षा में कथित रूप से नकल कराए जाने के आरोपों ने शिक्षा विभाग की साख पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले में प्रभारी प्राचार्य महेंद्र राय, विकासखंड शिक्षा अधिकारी मनोज गर्ग एवं बीआरसी प्रशांत मिश्रा की भूमिका को लेकर जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग उठ रही है। बताया जा रहा है कि नवोदय विद्यालय की प्रवेश परीक्षा के दौरान बहोरीबंद के उत्कृष्ट विद्यालय में कुछ चयनित छात्रों को कथित रूप से नकल कराई गई। आरोप है कि प्रभारी प्राचार्य महेंद्र राय ने परीक्षा ड्यूटी में लगे शिक्षकों के साथ मिलीभगत कर विशेष छात्रों को फायदा पहुंचाया। इस मामले को लेकर 19 दिसंबर 2025 को एक अभिभावक ने अपनी पहचान गोपनीय रखते हुए प्रधानमंत्री, नवोदय विद्यालय समिति और जिला कलेक्टर को लिखित शिकायत भेजी थी। इसके बाद 19 जनवरी 2026 को नवोदय विद्यालय समिति भोपाल ने मामले की जांच के निर्देश दिए थे।

*जांच के निर्देश, लेकिन कार्रवाई अधूरी*

22 जनवरी 2026 को जिला शिक्षा अधिकारी कटनी द्वारा विकासखंड शिक्षा अधिकारी मनोज गर्ग एवं बीआरसी प्रशांत मिश्रा को नोटिस जारी कर तीन दिन में जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे। लेकिन अब तक इस मामले में ठोस कार्रवाई सामने नहीं आने से अभिभावकों और क्षेत्रवासियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

*परिणाम ने बढ़ाया संदेह*

17 मार्च 2026 को घोषित हुए नवोदय प्रवेश परीक्षा परिणाम के बाद मामला और गर्मा गया। आरोप है कि जिन छात्रों को परीक्षा के दौरान नकल कराए जाने की बात सामने आई थी, उनमें से लगभग सभी छात्र चयनित हो गए। इससे पूरे मामले में अनियमितता की आशंका और गहरी हो गई है।

*अभिभावकों में आक्रोश*

परिणाम सामने आने के बाद अभिभावकों का गुस्सा फूट पड़ा है। उनका कहना है कि इस तरह की घटनाएं शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचाती हैं। प्राचार्य पर पद की गरिमा को ठेस पहुंचाने और नैतिकता के खिलाफ कार्य करने के आरोप लगाए जा रहे हैं।

*कड़ी कार्रवाई की मांग*

स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि

पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, दोषी पाए जाने वाले शिक्षकों एवं अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज की जाए

नकल कर चयनित छात्रों का प्रवेश निरस्त किया जाए, जिम्मेदारों पर आर्थिक दंड भी लगाया जाए, साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो मामला नवोदय विद्यालय समिति के क्षेत्रीय कार्यालय भोपाल के घेराव से लेकर विधानसभा तक उठाया जाएगा।

टिप्पणियाँ

  1. एकमात्र विद्यालय बहोरीबंद का (पाठशाला) जिसके पिछले पांच साल से 10से ज्यादा बच्चे हर वर्ष कैसे हो सकते हैं, पूरे मध्यप्रदेश में दूसरा स्कूल नहीं, इसकी भी जांच होनी चाहिए

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