सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

मिडिल स्कूल पहाड़ी के मध्यान भोजन में अनियमितता,सरपंच सहित समस्त पंचों ने कलेक्टर से की शिकायत, ग्राम पंचायत का आरोप,गगन स्वसहायता समूह कर रहा नियमों की अवहेलना, तत्काल अनुबंध निरस्त करने की मांग

 मिडिल स्कूल पहाड़ी के मध्यान भोजन में अनियमितता,सरपंच सहित समस्त पंचों ने कलेक्टर से  की शिकायत, ग्राम पंचायत का आरोप,गगन स्वसहायता समूह कर रहा नियमों की अवहेलना, तत्काल अनुबंध निरस्त करने की मांग



कटनी ।  जनपद पंचायत कटनी की ग्रामपंचायत पहाड़ी में मध्यान भोजन व्यवस्था को लेकर गहरा असंतोष व्याप्त है। ग्राम पंचायत पहाड़ी की सरपंच अर्चना पटेल सहित समस्त पंचों ने एक स्वर में आवाज उठाते हुए 02 सितंबर 2025 को कलेक्टर कटनी को शिकायत की है, जिसमें विद्यालय में चल रही अनियमितताओं पर तत्काल संज्ञान लेकर गगन स्वसहायता समूह का अनुबंध निरस्त करने की मांग की गई है। शिकायत में कहा गया है कि विगत 15 वर्षों से मिडिल स्कूल पहाड़ी में गगन स्वसहायता समूह द्वारा शासन की मंशा के विपरीत और निर्धारित मापदंडों की खुलेआम अवहेलना करते हुए मध्यान भोजन तैयार किया जा रहा है। इस दौरान भोजन की गुणवत्ता, मात्रा और स्वच्छता संबंधी नियमों की अनदेखी लगातार होती रही है। ग्रामपंचायत का कहना है कि शासन की यह योजना बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर चलाई जाती है, लेकिन समूह द्वारा की जा रही मनमानी के कारण इसका उद्देश्य विफल होता जा रहा है।ग्राम पंचायत पहाड़ी की सरपंच पटेल ने इससे पहले भी 30 जनवरी 2023 को जिलापंचायत कटनी को शिकायत प्रस्तुत की थी, लेकिन उचित कार्रवाई नहीं की गई। इसके अतिरिक्त 26 जनवरी 2023 को गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर भी छात्र-छात्राओं को विशेष भोजन उपलब्ध नहीं कराया गया। अधिकांश बच्चों को भूखे पेट रहना पड़ा इस गंभीर लापरवाही को पंचायत प्रतिनिधियों ने मौके पर जाकर देखा और पंचनामा भी तैयार किया था, जिसे अब शिकायत पत्र के साथ संलग्न कर  प्रस्तुत किया गया है। शिकायत में यह भी उल्लेख है कि गगन स्वसहायता समूह के खिलाफ ग्रामपंचायत द्वारा अनुबंध निरस्त करने का संकल्प प्रस्ताव पहले ही पारित किया जा चुका है। इसके बावजूद अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। पंचायत का आरोप है कि जनपद स्तर के अधिकारी जानबूझकर कार्रवाई से बचते रहे हैं और निजी स्वार्थवश समूह को संरक्षण प्रदान करते हैं। ग्रामीण प्रतिनिधियों का कहना है कि यह स्थिति सीधे तौर पर भ्रष्टाचार की श्रेणी में आती है। इसके साथ ही सरपंच और पंचों ने यह भी गंभीर आरोप लगाए कि समूह संचालिका पंचायत प्रतिनिधियों को लगातार धमकियां देती है। उन्हें अनर्गल आरोपों में फंसाने और अन्य प्रकरणों में झूठा फंसाकर कोर्ट-कचहरी के चक्कर कटवाने की चेतावनी दी जाती है। इस भय के माहौल में पंचायत प्रतिनिधि मध्यान भोजन की वास्तविक स्थिति की सही तरीके से जांच तक नहीं कर पा रहे हैं।ग्रामीणों का आरोप है कि समूह संचालिका के पिता  लंबे समय तक पूर्व में उपसरपंच पद पर रहे हैं, जिसके चलते जनपद स्तर पर अधिकारी हमेशा समूह के पक्ष में ही निर्णय लेते रहे। यही कारण है कि वर्षों से बार-बार शिकायत होने के बावजूद आज तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं हो सकी है। शिकायत में अंततः कलेक्टर कटनी से मांग की गई है कि ग्रामपंचायत द्वारा प्रस्तुत शिकायतों, सबूतों और पारित संकल्प प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार कर गगन स्वसहायता समूह का अनुबंध तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए। साथ ही बच्चों को शासन की मंशा के अनुरूप पौष्टिक और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने हेतु नए समूह को जिम्मेदारी सौंपी जाए। ग्राम पंचायत ने स्पष्ट किया है कि यह मुद्दा केवल अनुबंध निरस्त करने का नहीं, बल्कि विद्यालय के छात्र-छात्राओं के स्वास्थ्य और भविष्य से सीधे जुड़ा हुआ है। यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो शासन की महत्वपूर्ण योजना भ्रष्टाचार और मनमानी की भेंट चढ़ जाएगी।

टिप्पणियाँ

popular post

स्लीमनाबाद में लोकायुक्त का बड़ा ऐक्शन, निजी दफ्तर में 5 हजार की घूस लेते पटवारी रंगे हाथ गिरफ्तार, कार्रवाई के बाद भी प्रशासन की मेहरबानी पर उठे सवाल, अभी भी कर रहा हैं पटवारी नौकरी नहीं हुई निलंबन की कार्यवाही

 स्लीमनाबाद में लोकायुक्त का बड़ा ऐक्शन, निजी दफ्तर में 5 हजार की घूस लेते पटवारी रंगे हाथ गिरफ्तार, कार्रवाई के बाद भी प्रशासन की मेहरबानी पर उठे सवाल, अभी भी कर रहा हैं पटवारी नौकरी नहीं हुई निलंबन की कार्यवाही  कटनी |  भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की बातें कागजों तक ही सीमित नजर आ रही हैं।ताजा मामला जबलपुर लोकायुक्त टीम की कार्रवाई से सामने आया है, जहां कटनी जिले के बहोरीबंद में पदस्थ एक पटवारी को लोकायुक्त की टीम ने रंगे हाथों रिश्वत लेते हुए दबोचा है। लेकिन इस कार्रवाई के बाद जो प्रशासनिक सुस्ती देखने को मिल रही है, उसने सरकार और स्थानीय प्रशासन की नियत पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नियमों के मुताबिक, लोकायुक्त या किसी भी भ्रष्टाचार विरोधी एजेंसी द्वारा रंगे हाथों पकड़े जाने के बाद शासकीय सेवक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया जाना चाहिए। लेकिन इस मामले में आरोपी पटवारी पर गाज गिरना तो दूर, प्रशासन उस पर मेहरबान नजर आ रहा है। *सीमांकन के बदले मांगी थी 'उपहार' में घूस* पूरा मामला कटनी जिले के स्लीमनाबाद तहसील का है।आवेदक शिवकुमार जायसवाल ने कुछ समय पहले अपनी पत...

बड़वारा विधानसभा ग़रीबों के मसीहा और किसानों के रक्षक बनकर उभरे अंकुर दुबे, क्षेत्र में बदलाव की नई बयार, आने वाले समय के बड़वारा विधायक की दावेदारी

 बड़वारा विधानसभा ग़रीबों के मसीहा और किसानों के रक्षक बनकर उभरे अंकुर दुबे, क्षेत्र में बदलाव की नई बयार, आने वाले समय के बड़वारा विधायक की दावेदारी  कटनी ।  आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर बड़वारा क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मियाँ तेज़ हो चुकी हैं। इस बीच तिलमन निवासी युवा और जुझारू सामाजिक कार्यकर्ता अंकुर दुबे क्षेत्र की जनता के लिए एक मजबूत विकल्प और उम्मीद की नई किरण बनकर उभरे हैं। स्थानीय लोगों के बीच वे 'ग़रीबों के मसीहा' और 'किसानों के रक्षक' के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं। *जनसेवा और सादगी बनी पहचान* तिलमन गांव के मूल निवासी अंकुर दुबे ने बेहद कम समय में बड़वारा विधानसभा के कोने-कोने में अपनी पकड़ मजबूत की है। क्षेत्र के ग्रामीणों का कहना है कि चाहे किसानों की खाद-बीज और सिंचाई की समस्या हो, या किसी गरीब परिवार के हक की लड़ाई अंकुर दुबे हमेशा अग्रिम पंक्ति में खड़े नज़र आते हैं। स्थानीय निवासियों के अनुसार अंकुर दुबे केवल चुनाव के समय दिखने वाले नेता नहीं हैं, बल्कि वे हर सुख-दुख में हमारे साथ खड़े रहने वाले ज़मीनी जनसेवक हैं। बड़वारा का भविष्य अब उनके हाथों मे...

फूड इंस्पेक्टर वंदना जैन पर प्रताड़ना और मनमानी का आरोप, घुघरी के स्व-सहायता समूह ने एसडीएम से की शिकायत

 फूड इंस्पेक्टर वंदना जैन पर प्रताड़ना और मनमानी का आरोप, घुघरी के स्व-सहायता समूह ने एसडीएम से की शिकायत कटनी  |  घुघरी स्थित नरसिंह स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने फूड इंस्पेक्टर वंदना जैन पर मनमानी, अभद्र व्यवहार और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। इस संबंध में समूह की पीड़ित महिलाओं ने अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) को एक लिखित शिकायत सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी अधिकारी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।शिकायत के अनुसार, नरसिंह स्व-सहायता समूह को उचित मूल्य की दुकान (राशन दुकान) के संचालन की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, जिसका संचालन महिलाओं द्वारा नियमित रूप से किया जा रहा था। महिलाओं का कहना है कि शुरुआत में इलेक्ट्रॉनिक पॉइंट ऑफ सेल (ई-पॉस) मशीन में खराबी आ गई थी। इसकी सूचना विभाग को देने के बावजूद समय पर समाधान नहीं किया गया। बाद में मशीन पर अधिक लोड होने का बहाना बनाकर उसे जांच के नाम पर जब्त कर लिया गया, जिससे राशन वितरण ठप हो गया। समूह की महिलाओं ने आरोप लगाया कि मई और अगस्त 2025 के राशन आवंटन में विभागीय लापरवाही के कारण देरी हुई, ...