सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

फर्जी वसीयत के आधार पर किये गये नामांतरण पर अपर कमिश्नर की रोक अपीलार्थी की ओर से अधिवक्ता प्रशांत मिश्रा ने की पैरवी

 फर्जी वसीयत के आधार पर किये गये नामांतरण पर अपर कमिश्नर की रोक 

अपीलार्थी की ओर से अधिवक्ता प्रशांत मिश्रा ने की पैरवी



ढीमरखेड़ा। जिले की ढीमरखेड़ा तहसील अंतर्गत नायब तहसीलदार सिलौड़ी के द्वारा फर्जी वसीयत के आधार पर नामांतरण किया गया। चूंकि जो वसीयत की गई है वह प्रारंभिक रूप से ही संदिग्ध प्रतीत हो रही है। बावजूद इसके नायब तहसीलदार सिलौड़ी के द्वारा अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर फर्जी वसीयत के आधार पर नामांतरण की कार्यवाही की गई। तत्पश्चात अपीलार्थी के द्वारा एसडीएम ढीमरखेड़ा के समक्ष अपील प्रस्तुत कर गुण-दोष के आधार पर निराकरण करके नायब तहसीलदार के आदेश को निरस्त करने   निवेदन किया गया लेकिन एसडीएम ढीमरखेडा के द्वारा भी अधिनस्थ न्यायालय के आदेश को यथावथ रखा गया। लिहाजा अपीलार्थी की ओर से संभागीय आयुक्त के समक्ष धारा 44(2) म.प्र. भू-राजस्व संहिता 1959 के तहत अपील प्रस्तुत की गई। अपीलार्थी की ओर से अधिवक्ता प्रशांत कुमार मिश्रा ने न्यायालय के समक्ष पक्ष रखा, प्रस्तुत तथ्यों से सहमत होते हुये न्यायालय अपर कमिश्नर अमर बहादुर सिंह की कोर्ट ने अधिनस्थ न्यायालय के निर्णय पर रोक लगाते हुये स्थगन आदेश जारी किया है।

*ये है मामला*

अपीलार्थी ग्राम गोपालपुर निवासी द्वारका प्रसाद रजक एवं सुंदरलाल रजक के द्वारा प्रस्तुत अपील में यह बताया गया कि वे अपने पिता की चार संतान है जिसमें तीन पुत्र है एवं 1 पुत्री है, अपने जीवनकाल में ही पिता के द्वारा बंटवारा कर दिया गया था तब से तीनों पुत्र  पिता के बंटवारानामा के अनुसार काबिज, कास्त है लेकिन इसी बीच भाई घनश्याम रजक के द्वारा अपने पुत्र गैर अपीलार्थी (शुभम रजक)के पक्ष में एक फर्जी वसीयत का निष्पादन करवाया गया। इसी फर्जी वसीयत के आधार पर नायब तहसीलदार सिलौड़ी के समक्ष नामांतरण आवेदन पेश किया गया जिसमें हल्का पटवारी के द्वारा गलत रिपोर्ट न्यायालय के समक्ष पेश की गई जिसको आधार बनाकर बिना गुण-दोष के नायब तहसीलदार सिलौड़ी के द्वारा वसीयतग्रहिता के पक्ष में नामांतरण की कार्यवाही की गई जो विधि विरूद्ध है जो म.प्र. उच्च न्यायालय जबलपुर के द्वारा कई न्याय दृष्टांतो में यह बताया गया कि राजस्व अधिकारियों को वसीयत के आधार पर नामांतरण करने का कोई अधिकार नहीं है इस संबंध में सिर्फ और सिर्फ सिविल न्यायालय ही निर्धारण कर सकता है, बावजूद इसके राजस्व अधिकारियों के द्वारा अपने अधिकार क्षेत्र के बाहर जाकर नामांतरण की कार्यवाही की गई। अपीलार्थी अधिवक्ता प्रशांत कुमार मिश्रा ने न्यायालय को बताया कि राजस्व अधिकारियों के द्वारा घोर लापरवाही करते हुये अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर नामांतरण की कार्यवाही की गई जो एक ओर तो विधि की गंभीर त्रुटि की गई है इसके साथ ही सिविल न्यायालय के अधिकार क्षेत्र में कार्य किया गया है जो अनुशात्मक लापरवाही की श्रेणी में भी आता है। लिहाजा अपीलार्थी अधिवक्ता के तर्को से सहमत होते हुये न्यायालय के द्वारा स्थगन आदेश जारी कर अधिनस्थ न्यायालय एसडीएम ढीमरखेड़ा एवं नायब तहसीलदार सिलौड़ी को आदेशित किया गया है कि इस संबंध में अग्रिम किसी भी तरह की कोई भी कार्यवाही न करें।

टिप्पणियाँ

popular post

स्लीमनाबाद में लोकायुक्त का बड़ा ऐक्शन, निजी दफ्तर में 5 हजार की घूस लेते पटवारी रंगे हाथ गिरफ्तार, कार्रवाई के बाद भी प्रशासन की मेहरबानी पर उठे सवाल, अभी भी कर रहा हैं पटवारी नौकरी नहीं हुई निलंबन की कार्यवाही

 स्लीमनाबाद में लोकायुक्त का बड़ा ऐक्शन, निजी दफ्तर में 5 हजार की घूस लेते पटवारी रंगे हाथ गिरफ्तार, कार्रवाई के बाद भी प्रशासन की मेहरबानी पर उठे सवाल, अभी भी कर रहा हैं पटवारी नौकरी नहीं हुई निलंबन की कार्यवाही  कटनी |  भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की बातें कागजों तक ही सीमित नजर आ रही हैं।ताजा मामला जबलपुर लोकायुक्त टीम की कार्रवाई से सामने आया है, जहां कटनी जिले के बहोरीबंद में पदस्थ एक पटवारी को लोकायुक्त की टीम ने रंगे हाथों रिश्वत लेते हुए दबोचा है। लेकिन इस कार्रवाई के बाद जो प्रशासनिक सुस्ती देखने को मिल रही है, उसने सरकार और स्थानीय प्रशासन की नियत पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नियमों के मुताबिक, लोकायुक्त या किसी भी भ्रष्टाचार विरोधी एजेंसी द्वारा रंगे हाथों पकड़े जाने के बाद शासकीय सेवक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया जाना चाहिए। लेकिन इस मामले में आरोपी पटवारी पर गाज गिरना तो दूर, प्रशासन उस पर मेहरबान नजर आ रहा है। *सीमांकन के बदले मांगी थी 'उपहार' में घूस* पूरा मामला कटनी जिले के स्लीमनाबाद तहसील का है।आवेदक शिवकुमार जायसवाल ने कुछ समय पहले अपनी पत...

बड़वारा विधानसभा ग़रीबों के मसीहा और किसानों के रक्षक बनकर उभरे अंकुर दुबे, क्षेत्र में बदलाव की नई बयार, आने वाले समय के बड़वारा विधायक की दावेदारी

 बड़वारा विधानसभा ग़रीबों के मसीहा और किसानों के रक्षक बनकर उभरे अंकुर दुबे, क्षेत्र में बदलाव की नई बयार, आने वाले समय के बड़वारा विधायक की दावेदारी  कटनी ।  आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर बड़वारा क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मियाँ तेज़ हो चुकी हैं। इस बीच तिलमन निवासी युवा और जुझारू सामाजिक कार्यकर्ता अंकुर दुबे क्षेत्र की जनता के लिए एक मजबूत विकल्प और उम्मीद की नई किरण बनकर उभरे हैं। स्थानीय लोगों के बीच वे 'ग़रीबों के मसीहा' और 'किसानों के रक्षक' के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं। *जनसेवा और सादगी बनी पहचान* तिलमन गांव के मूल निवासी अंकुर दुबे ने बेहद कम समय में बड़वारा विधानसभा के कोने-कोने में अपनी पकड़ मजबूत की है। क्षेत्र के ग्रामीणों का कहना है कि चाहे किसानों की खाद-बीज और सिंचाई की समस्या हो, या किसी गरीब परिवार के हक की लड़ाई अंकुर दुबे हमेशा अग्रिम पंक्ति में खड़े नज़र आते हैं। स्थानीय निवासियों के अनुसार अंकुर दुबे केवल चुनाव के समय दिखने वाले नेता नहीं हैं, बल्कि वे हर सुख-दुख में हमारे साथ खड़े रहने वाले ज़मीनी जनसेवक हैं। बड़वारा का भविष्य अब उनके हाथों मे...

फूड इंस्पेक्टर वंदना जैन पर प्रताड़ना और मनमानी का आरोप, घुघरी के स्व-सहायता समूह ने एसडीएम से की शिकायत

 फूड इंस्पेक्टर वंदना जैन पर प्रताड़ना और मनमानी का आरोप, घुघरी के स्व-सहायता समूह ने एसडीएम से की शिकायत कटनी  |  घुघरी स्थित नरसिंह स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने फूड इंस्पेक्टर वंदना जैन पर मनमानी, अभद्र व्यवहार और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। इस संबंध में समूह की पीड़ित महिलाओं ने अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) को एक लिखित शिकायत सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी अधिकारी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।शिकायत के अनुसार, नरसिंह स्व-सहायता समूह को उचित मूल्य की दुकान (राशन दुकान) के संचालन की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, जिसका संचालन महिलाओं द्वारा नियमित रूप से किया जा रहा था। महिलाओं का कहना है कि शुरुआत में इलेक्ट्रॉनिक पॉइंट ऑफ सेल (ई-पॉस) मशीन में खराबी आ गई थी। इसकी सूचना विभाग को देने के बावजूद समय पर समाधान नहीं किया गया। बाद में मशीन पर अधिक लोड होने का बहाना बनाकर उसे जांच के नाम पर जब्त कर लिया गया, जिससे राशन वितरण ठप हो गया। समूह की महिलाओं ने आरोप लगाया कि मई और अगस्त 2025 के राशन आवंटन में विभागीय लापरवाही के कारण देरी हुई, ...