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जनपद अध्यक्ष सुनीता संतोष दुबे ने लिखा पत्र, पचपेढ़ी, पकरिया खेल मैदान को उमरियापान खेल मैदान में संलग्न करने पर उठे विरोध के स्वर ग्राम पंचायत पचपेढ़ी ने एसडीएम के समक्ष लगाई आपत्ति , ग्रामीणों में भी खासी नाराजगी

 जनपद अध्यक्ष सुनीता संतोष दुबे ने लिखा पत्र, पचपेढ़ी, पकरिया खेल मैदान को उमरियापान खेल मैदान में संलग्न करने पर उठे विरोध के स्वर ग्राम पंचायत पचपेढ़ी ने एसडीएम के समक्ष लगाई आपत्ति , ग्रामीणों में भी खासी नाराजगी



ढीमरखेड़ा |  उमरियापान खेल मैदान से जुड़ा विवाद और इसका स्थानीय स्तर पर व्यापक विरोध, पचपेढ़ी के ग्रामीणों में खेल मैदान को लेकर गहरी नाराजगी को दर्शाता है। प्रशासन द्वारा अंधेलीबाग में अस्पताल निर्माण की योजना और पकरिया खेल मैदान को उमरियापान खेल मैदान में संलग्न करने के प्रस्ताव ने ग्रामीणों और क्रिकेट प्रेमियों के बीच असंतोष को जन्म दिया है। इस प्रस्ताव का विरोध विशेष रूप से ग्राम पंचायत पचपेढ़ी द्वारा अनुविभागीय अधिकारी ढीमरखेड़ा के समक्ष किया गया है। इसमें जनपद अध्यक्ष सुनीता संतोष दुबे का भी समर्थन प्राप्त है, जिन्होंने अलग से पत्र भेजकर इस मामले में आपत्ति दर्ज की है।

*खेल मैदान के महत्व और इसके लिए उठे विरोध के स्वर*

पचपेढ़ी ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाला पकरिया खेल मैदान कई गांवों के लिए खेल गतिविधियों का एक महत्वपूर्ण केंद्र है। यहाँ हर वर्ष क्रिकेट ट्रॉफी का आयोजन होता है जिसमें आस - पास के जिलों की टीमें भी भाग लेती हैं। ऐसे में इस खेल मैदान को उमरियापान खेल मैदान में संलग्न करना न केवल स्थानीय खेल गतिविधियों पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है, बल्कि नियमों के उल्लंघन का भी मामला बनता है। खेल मैदान से जुड़े नियमों के उल्लंघन की बात करें तो "मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मण्डल मान्यता विनियम 2005" के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्र में खेल मैदान संस्था के पास कम से कम 0.400 हेक्टेयर या एक एकड़ विकसित भूमि के साथ होना चाहिए। साथ ही, यह मैदान संस्था से जुड़ा हुआ या अधिकतम दो किलोमीटर की दूरी पर होना चाहिए ताकि छात्रों की पहुँच में हो सके।

*नियामक और दूरी संबंधी मुद्दे*

पकरिया खेल मैदान को उमरियापान खेल मैदान में संलग्न करने का निर्णय न केवल नियमों का उल्लंघन करता है, बल्कि छात्रों के लिए असुविधाजनक भी हो सकता है क्योंकि पकरिया और उमरियापान के बीच की दूरी लगभग 3 किलोमीटर है। यह दूरी शिक्षा मण्डल द्वारा निर्धारित अधिकतम सीमा से बाहर है। ग्राम पंचायत पचपेढ़ी ने इस संलग्नीकरण प्रक्रिया पर घोर आपत्ति जताई है और इसे निरस्त करने की माँग की है। उनका कहना है कि यह निर्णय न केवल नियमों के विरुद्ध है, बल्कि यह ग्रामीणों और छात्रों के खेल गतिविधियों में भागीदारी को भी बाधित करेगा।

*ग्राम पंचायत और स्थानीय नेतृत्व की प्रतिक्रिया*

ग्राम पंचायत पचपेढ़ी ने अनुविभागीय अधिकारी ढीमरखेड़ा के समक्ष अपने संपूर्ण आपत्तियों को प्रस्तुत किया है। जनपद अध्यक्ष सुनीता संतोष दुबे ने भी इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए एक औपचारिक पत्र के माध्यम से अपना विरोध व्यक्त किया है। उन्होंने प्रशासन को सूचित किया है कि पकरिया खेल मैदान कई गाँवों के बीच स्थित है और यहाँ खेल प्रतियोगिताएँ आयोजित की जाती हैं, जिसमें दूर-दूर के जिले भी भाग लेते हैं। उनका मानना है कि अगर इस खेल मैदान को उमरियापान खेल मैदान में संलग्न किया जाता है, तो यह स्थानीय खेल आयोजनों और खिलाड़ियों के लिए हानिकारक होगा। 

*अंधेलीबाग में अस्पताल निर्माण की योजना*

अंधेलीबाग में अस्पताल निर्माण की प्रशासनिक योजना को लेकर भी स्थानीय लोगों में रोष है। इस योजना के अनुसार उमरियापान का एकमात्र खेल मैदान अस्पताल के निर्माण में समर्पित कर दिया जाएगा। इससे न केवल खेल प्रेमियों को खेलने का स्थान नहीं मिलेगा, बल्कि स्थानीय खेल संस्कृति भी प्रभावित होगी। यह मैदान उमरियापान में खेल गतिविधियों का प्रमुख केंद्र रहा है, और इसे अस्पताल में बदलने से स्थानीय लोगों में असंतोष और भी बढ़ गया है।

*नियमों का हों रहा उल्लंघन*

 जैसा कि उल्लेखित है, पकरिया खेल मैदान को उमरियापान से जोड़ने का निर्णय "मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मण्डल मान्यता विनियम 2005" के नियमों का उल्लंघन है। यह नियम यह सुनिश्चित करता है कि खेल मैदान संस्था से अधिकतम 2 किलोमीटर की दूरी पर हो, जबकि यहाँ यह दूरी 3 किलोमीटर है। पकरिया खेल मैदान कई वर्षों से स्थानीय स्तर पर क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन करता रहा है। इस मैदान में हर साल विभिन्न जिलों की टीमें भाग लेने आती हैं। इस मैदान को उमरियापान खेल मैदान में शामिल करने से न केवल खिलाड़ियों और आयोजकों को कठिनाई होगी, बल्कि स्थानीय खेल आयोजनों पर भी प्रतिकूल असर पड़ेगा। ग्राम पंचायत पचपेढ़ी और वहाँ के ग्रामीण इस निर्णय से नाखुश हैं। उनका मानना है कि यह निर्णय उनकी खेल गतिविधियों और उनके बच्चों के लिए असुविधाजनक है। पचपेढ़ी और पकरिया के ग्रामीण चाहते हैं कि प्रशासन उनकी मांगों पर ध्यान दे और इस संलग्नीकरण को रद्द करे। जनपद अध्यक्ष सुनीता संतोष दुबे ने भी ग्रामीणों के साथ खड़े होकर इस मुद्दे को उठाया है। उन्होंने प्रशासन को अपने पत्र के माध्यम से सूचित किया है कि यह निर्णय न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि इससे ग्रामीणों और स्थानीय खिलाड़ियों को असुविधा होगी। इस संलग्नीकरण प्रक्रिया के खिलाफ उठी आवाज़ें और स्थानीय नेताओं का समर्थन प्रशासन के लिए एक चेतावनी है। ग्राम पंचायत पचपेढ़ी और पकरिया के ग्रामीणों का मानना है कि खेल मैदान के संलग्नीकरण से उनकी स्थानीय संस्कृति और खेल परंपराओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। पकरिया में खेल मैदान का महत्व यहाँ के लोगों के लिए एक पारंपरिक आयोजन स्थल के रूप में है, और इसे उमरियापान से जोड़ने से न केवल उनकी संस्कृति पर असर पड़ेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर होने वाले खेल आयोजनों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। लिहाज़ा प्रशासन को चाहिए कि वह ग्राम पंचायत पचपेढ़ी और वहाँ के निवासियों की मांगों को गंभीरता से सुने और इस संलग्नीकरण प्रक्रिया को रद्द करने पर विचार करे। खेल मैदान का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य है , युवाओं को एक सकारात्मक वातावरण में शारीरिक और मानसिक विकास के अवसर प्रदान करना। खेल मैदान का संलग्नीकरण या अस्पताल निर्माण का निर्णय केवल प्रशासनिक पहलू से नहीं, बल्कि स्थानीय जरूरतों और नियमों का पालन करते हुए किया जाना चाहिए ताकि ग्रामीणों के हित सुरक्षित रहें।

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