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देवरी बिछिया सरपंच रिया राहुल दुबे के कार्यों की अधिकारी करते हैं प्रशंसा इनके कार्यों को देखकर अधिकारी से लेकर जनप्रतिनिधी तक पहुंच चुके हैं ग्राम पंचायत देवरी बिछिया , समाजसेवा में भी रहती हैं अव्वल हर ग्रामवासी के कदम से कदम मिलाकर देती हैं साथ, जिसकी ग्रामवासी बस नहीं अधिकारी भी करते है प्रशंसा

 देवरी बिछिया सरपंच रिया राहुल दुबे के कार्यों की अधिकारी करते हैं प्रशंसा इनके कार्यों को देखकर अधिकारी से लेकर जनप्रतिनिधी तक पहुंच चुके हैं ग्राम पंचायत देवरी बिछिया , समाजसेवा में भी रहती हैं अव्वल हर ग्रामवासी के कदम से कदम मिलाकर देती हैं साथ, जिसकी ग्रामवासी बस नहीं अधिकारी भी करते है प्रशंसा 



ढीमरखेड़ा | देवरी बिछिया ग्राम पंचायत की सरपंच रिया राहुल दुबे एक ऐसा नाम है जिसे आज न केवल ग्रामवासी बल्कि अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी प्रशंसा के साथ याद करते हैं। उनके नेतृत्व और समाजसेवा के प्रति उनकी निष्ठा ने उन्हें पूरे क्षेत्र में एक प्रेरणास्रोत बना दिया है। रिया दुबे के कार्य केवल ग्राम पंचायत के प्रशासनिक कार्यों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे हर क्षेत्र में अग्रणी रही हैं। उनका योगदान समाज के हर वर्ग, विशेष रूप से ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान में विशेष उल्लेखनीय है।

*नेतृत्व क्षमता और प्रशासनिक कुशलता*

रिया राहुल दुबे ने जब से सरपंच पद की ज़िम्मेदारी संभाली है, तब से ग्राम पंचायत देवरी बिछिया में अनेक विकास कार्य हुए हैं। उन्होंने पंचायत के विकास कार्यों में पारदर्शिता को प्राथमिकता दी और हर योजना का लाभ ग्रामवासियों तक पहुंचाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। उनका प्रशासनिक दृष्टिकोण काफी स्पष्ट है सभी को समान अवसर और सुविधाएं प्रदान करना। उनकी इस दृष्टिकोण का प्रभाव यह है कि गांव में हर व्यक्ति, चाहे वह किसी भी वर्ग का हो, उनके कार्यों से संतुष्ट है और उन्हें अपने निकट महसूस करता है। उनकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि वे केवल आदेश देने वाली सरपंच नहीं हैं, बल्कि खुद मैदान में उतरकर काम करती हैं। चाहे बारिश में सड़क की मरम्मत हो या नाली सफाई, रिया दुबे ने खुद काम की निगरानी की और सुनिश्चित किया कि कोई भी कार्य अधूरा या खराब गुणवत्ता का न हो। यह उनकी प्रशासनिक कुशलता का ही परिणाम है कि अधिकारी भी उनके कार्यों की सराहना करने लगे हैं। रिया राहुल दुबे के नेतृत्व में ग्राम पंचायत देवरी बिछिया ने न केवल भौतिक रूप से, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से भी विकास किया है।

*समाजसेवा में अग्रणी*

समाजसेवा के क्षेत्र में रिया दुबे की भूमिका अद्वितीय है। वे न केवल पंचायत के विकास कार्यों में अग्रणी रही हैं, बल्कि समाजसेवा के लिए भी हमेशा तैयार रहती हैं। ग्रामवासी बताते हैं कि रिया दुबे हर समस्या में उनके साथ खड़ी होती हैं। चाहे किसी के घर में बीमारी हो, किसी को आर्थिक मदद की जरूरत हो, या फिर गांव में कोई सामूहिक समस्या , रिया दुबे हर जगह सक्रिय भूमिका निभाती हैं।

*स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान*

रिया दुबे ने अपने ग्राम पंचायत में स्वास्थ्य सेवाओं के सुधार के लिए भी कई प्रयास किए हैं। उन्होंने गांव में नियमित स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन करवाया, जिसमें मुफ्त दवाइयों और चिकित्सा जांच की सुविधाएं प्रदान की गईं। इसके अलावा, गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष रूप से ध्यान देने वाली योजनाओं को लागू किया गया। गांव की महिलाएं आज गर्भावस्था के दौरान बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठा रही हैं, और इस सुधार के पीछे रिया दुबे का प्रमुख योगदान है।

*शिक्षा में सुधार*

शिक्षा के क्षेत्र में भी रिया राहुल दुबे का योगदान अभूतपूर्व है। उन्होंने बच्चों के लिए स्कूलों की मरम्मत और सुविधाओं में सुधार करवाया। साथ ही, बच्चों को पढ़ाई के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाए गए। गांव के बच्चे अब नियमित रूप से स्कूल जाते हैं और शिक्षा के प्रति उनकी रुचि बढ़ी है। रिया दुबे की इस पहल के कारण गांव के माता-पिता भी अपने बच्चों की शिक्षा को लेकर अधिक सचेत हो गए हैं।

*स्वच्छता अभियान*

स्वच्छता के क्षेत्र में भी रिया दुबे ने कई अहम कार्य किए हैं। उन्होंने अपने ग्राम पंचायत में स्वच्छता अभियान को एक जनांदोलन का रूप दिया। गांव में नियमित सफाई और कचरा प्रबंधन के लिए नई योजनाएं लागू की गईं। नालियों की सफाई, सड़कों पर कचरे का निपटान और शौचालयों का निर्माण उनके कार्यों में प्रमुख रहे हैं। इस अभियान की सफलता का परिणाम यह हुआ कि गांव में अब बीमारियों का प्रसार कम हो गया है और लोग स्वच्छता के महत्व को समझने लगे हैं। अधिकारी भी इस पहल की तारीफ करते हैं, क्योंकि यह सरकारी योजनाओं के तहत नहीं, बल्कि रिया दुबे के व्यक्तिगत प्रयासों से संभव हुआ है।

*ग्रामवासियों के साथ जुड़ाव*

रिया राहुल दुबे की सबसे बड़ी ताकत यह है कि वे हर ग्रामवासी से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने कभी भी अपने पद का दुरुपयोग नहीं किया, बल्कि अपने कार्यों के माध्यम से लोगों का दिल जीता है। वे किसी भी समस्या के समय सबसे पहले गांव के लोगों के पास जाती हैं, उनकी समस्याओं को सुनती हैं और फिर समाधान के लिए प्रयास करती हैं। उनकी इस सहानुभूतिपूर्ण प्रवृत्ति के कारण ग्रामवासी उन्हें अपना सबसे बड़ा सहयोगी मानते हैं। रिया दुबे की यह विशेषता उन्हें एक आदर्श नेता बनाती है, क्योंकि वे न केवल विकास कार्यों में अग्रणी हैं, बल्कि हर व्यक्ति के साथ व्यक्तिगत संबंध बनाए रखने में भी सफल रही हैं। ग्राम पंचायत देवरी बिछिया के लोग बताते हैं कि रिया दुबे कभी भी अपने कार्यकाल को एक राजनीतिक भूमिका के रूप में नहीं देखतीं, बल्कि इसे एक सेवा के रूप में लेती हैं। यही कारण है कि वे हर वर्ग, हर जाति, और हर समुदाय के बीच समान रूप से लोकप्रिय हैं। गांव के बुजुर्ग हों या युवा, महिलाएं हों या बच्चे , हर कोई उन्हें अपना मार्गदर्शक और सहयोगी मानता है।

*जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की प्रशंसा*

रिया राहुल दुबे के कार्यों की चर्चा अब केवल ग्राम पंचायत तक सीमित नहीं है। जनप्रतिनिधियों से लेकर अधिकारी तक उनकी प्रशंसा करने लगे हैं। अधिकारियों ने उनके कार्यों की समीक्षा की और पाया कि वे न केवल नियमों के पालन में कुशल हैं, बल्कि उनकी योजनाएं और कार्य ग्रामीण जीवन की वास्तविक आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं। जनप्रतिनिधियों ने भी उन्हें एक आदर्श सरपंच के रूप में सम्मानित किया है, जो न केवल विकास कार्यों में अग्रणी हैं, बल्कि समाजसेवा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। अधिकारियों की यह सराहना केवल औपचारिक नहीं है। रिया दुबे के कार्यों की गुणवत्ता और उनके द्वारा किए गए समाजसेवा के कार्यों को देखकर, अधिकारी भी उनसे प्रेरणा लेने लगे हैं। उनके कार्यों का असर अन्य पंचायतों पर भी पड़ा है, जहां के सरपंच भी उनसे सीखने की कोशिश कर रहे हैं। जनप्रतिनिधियों ने भी उनके नेतृत्व को सराहा है और उन्हें एक उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया है, जिससे यह साबित होता है कि रिया दुबे का नेतृत्व और उनकी समाजसेवा की भावना अब एक मिसाल बन चुकी है।

*जनसेवक के रुप में कार्य करना मेरा पहला कर्तव्य*

रिया राहुल दुबे केवल वर्तमान में ही नहीं, बल्कि भविष्य में भी अपनी पंचायत के लिए कई योजनाएं बना रही हैं। उनकी योजना है कि ग्राम पंचायत देवरी बिछिया को एक आदर्श ग्राम पंचायत बनाया जाए, जहां सभी लोग सशक्त और आत्मनिर्भर बनें। वे शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और आर्थिक विकास के क्षेत्र में नई योजनाएं लागू करने की दिशा में काम कर रही हैं। रिया दुबे का मानना है कि यदि सभी मिलकर काम करें, तो ग्राम पंचायत को एक समृद्ध और सशक्त समुदाय बनाया जा सकता है। उनका यह भी कहना है कि वे केवल एक सरपंच के रूप में कार्य नहीं करना चाहतीं, बल्कि अपने ग्रामवासियों के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ना चाहती हैं। उनकी यह दृष्टि और समर्पण उन्हें एक असाधारण नेता बनाते हैं, जिनकी प्रशंसा अधिकारी, जनप्रतिनिधि और ग्रामवासी समान रूप से करते हैं। देवरी बिछिया की सरपंच रिया राहुल दुबे आज केवल एक नाम नहीं हैं, बल्कि एक प्रेरणा हैं। उनके नेतृत्व में ग्राम पंचायत ने विकास की नई ऊंचाइयों को छुआ है। वे न केवल एक कुशल प्रशासक हैं, बल्कि एक समर्पित समाजसेविका भी हैं, जिन्होंने अपने कार्यों से यह साबित किया है कि सही नेतृत्व और निष्ठा के साथ कोई भी कार्य असंभव नहीं होता। उनके कार्यों की प्रशंसा अब केवल ग्रामवासी ही नहीं, बल्कि अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी कर रहे हैं। रिया दुबे ने साबित किया है कि सेवा का सही अर्थ क्या होता है, और वे एक सच्चे जनसेवक के रूप में उभरकर सामने आई हैं।

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