सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

*कलेक्टर श्री प्रसाद ने खनिज, राजस्व तथा वन विभाग से अनापत्ति प्राप्त किए बिना शासकीय भूमि से मिट्टी और मुरुम उत्खनन और परिवहन की अनुमति देने पर जारी किया कारण बताओ नोटिस*तीन दिन के भीतर जवाब देने किया निर्देशित*

 *कलेक्टर श्री प्रसाद ने खनिज, राजस्व तथा वन विभाग से अनापत्ति प्राप्त किए बिना शासकीय भूमि से मिट्टी और मुरुम उत्खनन और परिवहन की अनुमति देने पर जारी किया कारण बताओ नोटिस*तीन दिन के भीतर जवाब देने किया निर्देशित*



कटनी । खनिज, राजस्व तथा वन विभाग से अनापत्ति प्राप्त किए बिना शासकीय भूमि से मिट्टी और मुरूम उत्खनन और परिवहन की अनुमति प्रदान करने पर कलेक्टर श्री अवि प्रसाद ने कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग श्रीमती शारदा सिंह के कार्यों को पदीय दायित्वों के निर्वहन लापरवाही, उदासीनता व स्वेच्छाचारिता की श्रेणी में मानते हुए कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिवस के भीतर जवाब मांगा है।


 कलेक्टर श्री प्रसाद द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस में कहा गया है कि मेसर्स एस के आई रेल रोड प्राइवेट लिमिटेड  प्रताप बिहार कलवार रोड, जोतथवारा जयपुर राजस्थान को झिंझरी, बिलरी, देवगाँव से घूसरपुर पहुँच मार्ग लम्बाई 5.40 कि.मी. निर्माण की स्वीकृति ग्राम पोड़ी के शासकीय भूमि के खसरा क्रमांक 1053/2 के अंश भाग में मिट्टी / मुरुम का उत्खनन कर मार्ग के निर्माण कार्य में 7000 घनमी. मिट्टी/मुरुम के उपयोग हेतु  कार्यपालन यंत्री शारदा सिंह द्वारा अनुमति प्रदान की  गई है। किन्तु म०प्र० गौण खनिज 1996 के नियम 68 अनुसार मुरुम एवं साधारण मिट्टी उत्खनन की अनुज्ञा दिये जाने के पूर्व खनिज, राजस्व तथा वन विभाग से अनापत्ति प्राप्त किया जाना चाहिए। जबकि आपके द्वारा उक्त विभागों से अनापत्ति प्राप्त किये बगैर संबंधित कंपनी को निर्माण कार्य हेतु प्रश्नाधीन क्षेत्र से खनिज मिट्टी , मुरुम उत्खनन एवं परिवहन की सीधे अनुमति दे दी गई है, जो कि नियम-निर्देशों के विपरीत है। शासकीय कार्य में पदीय दायित्वों का निर्वहन नियमानुसार नहीं किया जाना कर्तव्य के प्रति लापरवाही, उदासीनता व स्वेच्छाचारिता की श्रेणी में आता है।


अतः उपरोक्त के संबंध में अपना जवाब पत्र प्राप्ति के 03 दिवस के भीतर लिखित रूप से प्रस्तुत करने के साथ-साथ निर्देशित किया जाता है कि इस तरह की और कितनी अनुमतियाँ जारी की गई है?  सभी की जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश कलेक्टर ने दिए हैं। निर्धारित अवधि में उपरोक्त जानकारी उपलब्ध नहीं कराने तथा अपना प्रतिउत्तर प्रस्तुत नहीं करने अथवा प्रस्तुत जवाब समाधानकारक नहीं पाये जाने की स्थिति में आपके विरुद्ध म०प्र० सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के तहत् नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रस्तावित की जावेगी ।

टिप्पणियाँ

popular post

सहायक प्रबंधक तौफिक अहमद हैं भ्रष्टाचार का मास्टर माइंड , बहोरीबंद आजीविका मिशन में करोड़ों रूपये का घोटाला आया सामने, जिपं सीईओ से हुई शिकायत

 सहायक प्रबंधक तौफिक अहमद हैं भ्रष्टाचार का मास्टर माइंड , बहोरीबंद आजीविका मिशन में करोड़ों रूपये का घोटाला आया सामने, जिपं सीईओ से हुई शिकायत    कटनी ।  मध्य प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के बहोरीबंद विकासखंड में संचालित ममता संकुल स्तरीय संगठन के बैंक खाते में कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर उच्च अधिकारियों से शिकायत की गई है। शिकायत में तत्कालीन विकासखंड सहायक प्रबंधक तौफिक अहमद पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।शिकायत में कहा गया है कि ग्राम स्लीमनाबाद स्थित ममता संकुल स्तरीय संगठन के बैंक खाते क्रमांक 3790886493 से विभिन्न व्यक्तियों/अन्य बैंक खातों में बड़ी रकम ट्रांसफर की गई। शिकायतकर्ता ने इन लेन-देन की जांच की मांग की है और तौफिक अहमद की भूमिका को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। दस्तावेज में आरोप लगाया गया है कि आजीविका गतिविधियों के लिए उछऋ को उपलब्ध कराई गई राशि के उपयोग में निर्धारित प्रक्रिया और दिशा-निदेर्शों का पालन नहीं किया गया। शिकायत में लगभग 18.24 लाख के कथित ट्रांसफर का उल्लेख है। इसके अलावा एक अन्य बिंदु में उछऋ खाते से लगभग 1.15 करोड़ से अधिक राशि ट्...

पोड़ी खुर्द में मगरमच्छ दिखने से मचा हड़कंप, ग्रामीणों में दहशत का माहौल, तरियां घाट और स्कूल घाट के बीच ग्राउंड के पीछे मगरमच्छ दिखाई देने की सूचना, लोगों में बढ़ी चिंता

 पोड़ी खुर्द में मगरमच्छ दिखने से मचा हड़कंप, ग्रामीणों में दहशत का माहौल, तरियां घाट और स्कूल घाट के बीच ग्राउंड के पीछे मगरमच्छ दिखाई देने की सूचना, लोगों में बढ़ी चिंता ढीमरखेड़ा ।  कटनी जिले के ढीमरखेड़ा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पोड़ी खुर्द में मगरमच्छ दिखाई देने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल निर्मित हो गया है। जानकारी के अनुसार, गांव में तरियां घाट और स्कूल घाट के बीच स्थित ग्राउंड के पीछे मगरमच्छ नजर आया, जिसके बाद स्थानीय लोगों में भय और चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों के बीच मगरमच्छ दिखाई देने की खबर फैलते ही क्षेत्र में सतर्कता का माहौल बन गया।लोगों को आशंका है कि यदि मगरमच्छ आबादी वाले क्षेत्र या घाट के आसपास मौजूद रहता है, तो किसी अप्रिय घटना की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। विशेष रूप से घाट के आसपास आने-जाने वाले ग्रामीणों और बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई जा रही है।ग्रामीणों की मांग है कि संबंधित वन विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण करे और मगरमच्छ की मौजूदगी की पुष्टि करते हुए आवश्यक सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करे, ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि की...

एक विक्रेता, कई दुकानें तहसील ढीमरखेड़ा में खाद्यान्न वितरण व्यवस्था पर उठे सवाल सहकारिता एवं खाद्य विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल, एक विक्रेता पर दो-तीन नहीं बल्कि चार दुकानों में वितरण का दबाव बनाने के आरोप

 एक विक्रेता, कई दुकानें तहसील ढीमरखेड़ा में खाद्यान्न वितरण व्यवस्था पर उठे सवाल सहकारिता एवं खाद्य विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल, एक विक्रेता पर दो-तीन नहीं बल्कि चार दुकानों में वितरण का दबाव बनाने के आरोप ढीमरखेड़ा ।  तहसील क्षेत्र में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के संचालन को लेकर एक नया मामला सामने आया है। आरोप है कि सहकारिता एवं खाद्य विभाग से जुड़े जिम्मेदारों द्वारा एक ही विक्रेता पर दो, तीन यहां तक कि चार अलग-अलग उचित मूल्य दुकानों में खाद्यान्न वितरण का कार्य संभालने का दबाव बनाया जा रहा है। मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर एक विक्रेता से कई दुकानों का संचालन किस नियम और किस आदेश के तहत कराया जा रहा है।बताया जा रहा है कि उचित मूल्य दुकानों के संचालन और खाद्यान्न वितरण की व्यवस्था में विक्रेताओं की जिम्मेदारी निर्धारित रहती है। ऐसे में यदि एक ही व्यक्ति को एक से अधिक दुकानों का वितरण कार्य सौंपा जा रहा है तो इसके पीछे सक्षम अधिकारी का आदेश, निर्धारित प्रक्रिया और नियमों का पालन होना आवश्यक है। क्षेत्र में इसी बिंदु को लेकर चर्चाएं तेज हैं...