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तीन मौतों का जिम्मेदार कौन? सफेद पोश खनन माफिया का नाम आ रहा सामने, कार्यवाही के नाम पर क्या चल रही लीपापोती की तैयारियां

 तीन मौतों का जिम्मेदार कौन?

सफेद पोश खनन माफिया का नाम आ रहा सामने, कार्यवाही के नाम पर क्या चल रही लीपापोती की तैयारियां



सिहोरा। एक तरफ जहाँ प्रदेश के मुखिया डॉक्टर मोहन यादव प्रदेश में अवैध उत्खनन को लेकर सख्त रवैया अपनाने शासन - प्रशासन को कार्यवाही के लिए खुली छूट दे दी है। तो वहीं दूसरी तरफ जबलपुर जिले की सिहोरा तहसील अंतर्गत सिहोरा, खितौला, मझगवां, गोसलपुर में सक्रिय खनन माफियाओं द्वारा जमकर धड़ल्ले से अवैध उत्खनन किया जा रहा है और कार्यवाही के नाम पर शासन - प्रशासन कुछ नहीं कर पा रहा है लिहाज़ा जिससे अवैध उत्खनन करने वाले सफेद पोश माफिया के हौसले बुलंद होते नजर जा रहे है। इस सफेद पोश माफिया का नाम पूर्व से लगातार सिहोरा, खितौला, मझगवां, गोसलपुर क्षेत्र में अवैध उत्खनन के लिए हमेशा सामने आता रहा है और अनेकों बार शासन - प्रशासन तक इसकी खबर भी रही है। परंतु शासन - प्रशासन कार्यवाही के नाम पर मौन धारण कर लेता रहा जिसके चलते इस अवैध खनन माफ़िया के हौसले बुलंद होते गए,  और नगर में चर्चा है, कि इन्हीं बुलंद हौसलों और शासन - प्रशासन के ढुलमुल रवैये के चलते तीन जिंदगियां चली गई। 

*मझगवां के जौली में रेड ऑक्साइड चोरी का मामला*

कुछ माह पूर्व जौली के जंगलों में वन विकास निगम की टीम को मिली सूचना के आधार पर जब जंगलों में रात में छापा मारकर अवैध रेड ऑक्साइड खनन के मामले में कार्यवाही करते हुए एक पोकलेन मशीन जप्त की थी परन्तु आजतक कार्यवाही के नाम पर ना ही आरोपियों के नाम सामने आए, और ना ही कार्यवाही का पता चल सका, क्योंकि इस अवैध रेड ऑक्साइड चोरी के मामले में भी इसी सफेद पोश माफिया का नाम सामने आया था और वहीं जौली गांव में भी सिहोरा के इसी सफेद पोश माफिया के नाम की लगातार चर्चा रही है।

*गिदुरहा में अनेकों जगह अवैध उत्खनन*

ग्राम पंचायत गिदुरहा में भी इसी खनन माफिया द्वारा पूर्व सरपंच की साठगांठ के साथ अनेकों जगहों पर जमकर अवैध उत्खनन किया था और कार्यवाही के नाम पर शासन - प्रशासन लीपापोती करें बैठा है। 

*कागजात पूछने पर पुलिस से बदसलूकी*

खितौला थाना क्षेत्र अंतर्गत पुलिस को सूचना मिली कि खितौला में एक स्थान पर उत्खनन का कार्य पोकलेन मशीन के द्वारा लगाकर किया जा रहा है। सूचना पर थाना प्रभारी खितौला पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँची और खनन से संबंधित कागज पूछे तो सफेद पोश नेता भड़क गए और पुलिस के साथ ही जमकर नेतागिरी झाड़ते हुए पुलिस पर जमकर दबाव बनाया गया। जबकि पुलिस द्वारा केवल कागज पूछे गए थे। 

*तीन मौतों पर कार्यवाही क्या?*

गत दिवस कटरा रमखिरिया में अवैध रेत की खदान धसकने से तीन मजदूरों की मौत हो गई जिसके बाद हरकत में आए शासन - प्रशासन ने आज तक अवैध उत्खनन करने वाले माफिया पर कोई कार्रवाई न करते हुए मामले का रुख ही बदलने दिया और कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई जबकि कटरा रमखिरिया में  उत्खनन को लेकर एक बुजुर्ग परिजन द्वारा बताया गया कि एक सफेद पोश खनन माफिया द्वारा अवैध रेत अवैध खदान से निकलवाई जा रही थी परंतु शासन - प्रशासन ने कार्रवाई के नाम पर क्या ठोस कार्रवाई की या इस मामले में भी लीपापोती कर दी जाएगी और क्यों सफेद पोश पर कार्रवाई के नाम पर बच रहा शासन - प्रशासन सभी की समझ के परे है। क्योंकि तीन मौतों के बाद भी शासन - प्रशासन नहीं जागा और अभी और मौतों का शायद इंतजार हो रहा है। क्योंकि केवल अवैध रेत खदानों पर रोक लगाकर समतलीकरण करा देना कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई इससे तो साफ समझ आता है, कि सफेद पोश पर कार्यवाही के नाम पर क्या लीपापोती कर दी जा रही है। आखिर इन मौतों का सौदागर कौन? क्या सफेद पोश माफिया पर किसी सत्ताधारी राजनीतिक  संरक्षण के चलते कार्यवाही के नाम पर शासन - प्रशासन बचता नजर आ रहा है। 

*इनका कहना है*

 पूरे मामलों को मर्ग जांच में रखा गया है और जो भी घटनाक्रम पूर्व में हुए हैं उन सभी घटनाक्रमों की जांच कराई जा रही है जांच उपरांत किसी फर्म  या व्यक्ति का नाम सामने आता है तो वैधानिक कार्रवाई की जाएगी

*श्रीमती पारुल शर्मा*

*अनुविभागीय अधिकारी पुलिस, सिहोरा*

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