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नेपाल से भेजा छुट्टी का आवेदन, आकस्मिक कार्य का बनाया बहाना, बरही नगर परिषद सीएमओ का कारनामा, लेखपाल और राजस्व निरीक्षक के पत्र अभी भी नहीं आए सामने,अब देखना होगा कि कलेक्टर अवि प्रसाद क्या करते हैं कार्यवाही

 नेपाल से भेजा छुट्टी का आवेदन, आकस्मिक कार्य का बनाया बहाना, बरही नगर परिषद सीएमओ का कारनामा, लेखपाल और राजस्व निरीक्षक के पत्र अभी भी नहीं आए सामने,अब देखना होगा कि कलेक्टर अवि प्रसाद क्या करते हैं कार्यवाही 



ढीमरखेड़ा |  ठेकेदार के साथ आचार संहिता के दौरान बिना किसी वरिष्ठ अधिकारी को सूचना दिए विदेश यात्रा के मजे ले रहे बरही नगर परिषद के सीएमओ, आनन फानन में बरही नगर परिषद के सीएमओ ने नगर परिषद अध्यक्ष को संबोधित करते हुए 20 एवं 21 तारीख को किसी आवश्यक कार्य का हवाला देते हुए मुख्यालय से बाहर रहने की बात कही है। जहां एक तरफ विदेश यात्रा कर रहे बरही नगर परिषद के सीएमओ ने नगर परिषद अध्यक्ष के नाम छुट्टी का आवेदन सोशल मीडिया के माध्यम से भेजकर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर ली है, वहीं दूसरी तरफ लेखपाल और राजस्व निरीक्षक के अवकाश आवेदन अब तक नहीं आए हैं। हद दर्ज की लापरवाही की। एक तो बरही नगर परिषद सीएमओ अपने दो सहयोगियों के साथ विदेश यात्रा कर रहे हैं, वह भी बगैर अनुमति, उसके बाद छुट्टी भी नगर परिषद अध्यक्ष से मांग रहे हैं। जबकि विदेश यात्रा के लिए राज्य शासन की अनुमति अनिवार्य है। बताया जाता है की बिना वरिष्ठ अधिकारियों की अनुमति के विदेश यात्रा का लुफ्त उठाने वाले बरही नगर परिषद के तीनों प्रमुख अधिकारी ठेकेदार के पैसों पर यात्रा का आनंद ले रहे हैं।

*ठेकेदार की कार्य - प्रणाली संदेह के घेरे में*

बताया जाता है की चालू सत्र में करोड़ों के कामकाज कराने वाले संतोषी सेल्स कारपोरेशन के ठेकेदार अभिषेक (दुबे ) शर्मा अधिकारियों को नेपाल यात्रा करा रहे हैं। फोटो वायरल से साफ - जाहिर हो रहा है कि ठेकेदार अभिषेक दुबे, बरही सीएमओ राम शिरोमणि त्रिपाठी, लेखपाल रमेश तोमर, राजस्व निरीक्षक ,खाजनंची तीरथ चतुर्वेदी नेपाल के लिए हवाई यात्रा के पहले फोटो पोस्ट कर नगर को बता रहे है की हम नेपाल यात्रा में हैं। बताया जाता है कि 17 मई की शाम बरही से नेपाल यात्रा के लिए निकले है, जो की आज 20 मई तक नहीं लौटे। अब जब खबर प्रकाशित हुई तो आनन - फानन में बरही नगर परिषद के सीएमओ ने जेडी ग्रुप में आकस्मिक अवकाश का आवेदन पत्र डाल दिया। इस आवेदन पत्र के जरिए शायद उन्हें क्षमा भी मिल जाए, लेकिन उनके इस कृत्य ने अधिकारियों की ठेकेदारी पर मेहरबानी और उनके विदेश यात्रा की सारी पोल - खोल कर रख दी है।

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