सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

शासन की जमीन पर साढ़े तीन लाख रुपए से बने सरकारी मछली शेड को जमींदोज कर किया कब्जा, मामला ग्राम पंचायत कुआं का, सचिव सरपंच को जारी हुआ नोटिस, पटवारी से प्रतिवेदन तलब , हो सकती है एफ.आई.आर

 शासन की जमीन पर साढ़े तीन लाख रुपए से बने सरकारी मछली शेड को जमींदोज कर किया कब्जा, मामला ग्राम पंचायत कुआं का, सचिव सरपंच को जारी हुआ नोटिस, पटवारी से प्रतिवेदन तलब , हो सकती है एफ.आई.आर 



कटनी । अतिक्रमणकारियों के इतने हौसले बुलंद होते जा रहे हैं कि बैखौफ होकर शासकीय संपत्तियों को नहीं बख्श रहे हैं। शासकीय संपत्ति को बगैर डर भय के बुलडोजर से जमींदोज कर अतिक्रमण कर रहे हैं। शासकीय संपत्ति जिनकी आधीन है वह भी उन अतिक्रमणकारियों के सामने घुटने टेक देते हैं। जिससे शासकीय भूमि पर अतिक्रमण करने का खेल खुलेआम चल रहा है। ठीक ऐसा ही मामला जनपद पंचायत के अन्तर्गत ग्राम पंचायत कुआं में सामने आया है।जहां शासन ने शासकीय मद में दर्ज राजस्व भूमि रकवा 0.25,0.70 हेक्टेयर मुख्य मार्ग से लगी लाखों रुपए कीमती जमीन पर ग्राम पंचायत में स्वच्छता के उद्देश्य से वर्ष 2020-21 में 3 लाख 50 हजार रुपए की लागत मछली बाजार का निर्माण कार्य कराया था लेकिन कुछ दिन पहले रातों रात इस स्थान पर बुलडोजर चलवाकर मछली बाजार को जमींदोज कर मैदान बना दिया गया है। बताया जाता है कि उक्त भूमि कृष्ण कुमार पिता दुर्गा प्रसाद काछी निवासी उमरिया पठरा पनागर जिला जबलपुर के नाम दर्ज है। फिलहाल शासन प्रशासन की कार्यप्रणाली पर लोग तरह तरह के सवालिया निशान लगा रहे हैं।

*शासकीय भूमि निजी भूमि पर कैसे परिवर्तित हो गई*

लोगों का कहना है कि जब उक्त भूमि शासन की थी और उस भूमि पर शासन ने लाखों रुपए खर्च करके मछली बाजार का निर्माण कार्य कराया था। तो फिर वह शासकीय भूमि किसी निजी भूमि में कैसे परिवर्तित हो गई?जब शासन प्रशासन ने यहां मछली बाजार निर्माण कार्य की स्वीकृति दी और लाखों रुपए खर्च करके मछली बाजार का निर्माण कार्य कराया था।यह भी जांच का विषय है।

  *बुलडोजर चलता रहा सरपंच - सचिव को भनक तक नहीं*

ग्रामीणों का यह भी कहना है जिस भूमि पर मछली बाजार का निर्माण कार्य कराया गया था।वह भूमि ग्राम पंचायत कार्यालय से महज 100 कदमों पर है।सवाल यह है कि सौ कदमों में बुलडोजर चलता रहा और सरपंच सचिव और रोजगार सहायक को भनक तक नहीं लगी? अतिक्रमणकारी जब बुलडोजर से मछली बाजार को जमींदोज कर रहे थे और बडी आसानी से शासकीय संपत्ति को जमींदोज कर चल गए। इस पूरे मामले में सरपंच सचिव और रोजगार सहायक की कार्यप्रणाली संदेह के घेरे में बताई जा रही है।

*इनका कहना है*

हल्का पटवारी से जांच प्रतिवेदन बुलवा लिया गया है। शासन के नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।

*गौरव पाण्डेय तहसीलदार*

*इनका कहना है*

संबंधित सरपंच सचिव को नोटिस जारी कर जवाब-तलब करने के निर्देश दिए गए हैं। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर वैधानिक कार्यवाही की जाएगी साथ ही शासकीय संपत्ति में बुलडोजर चलवाकर मछली बाजार को मैदान बनाने के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दे दिए गए हैं। शासकीय संपत्ति को नुक्सान पहुंचाने वाले बख्शे नहीं जाएंगे।

*अभिषेक कुमार सीईओ जनपद पंचायत*

टिप्पणियाँ

popular post

स्लीमनाबाद में लोकायुक्त का बड़ा ऐक्शन, निजी दफ्तर में 5 हजार की घूस लेते पटवारी रंगे हाथ गिरफ्तार, कार्रवाई के बाद भी प्रशासन की मेहरबानी पर उठे सवाल, अभी भी कर रहा हैं पटवारी नौकरी नहीं हुई निलंबन की कार्यवाही

 स्लीमनाबाद में लोकायुक्त का बड़ा ऐक्शन, निजी दफ्तर में 5 हजार की घूस लेते पटवारी रंगे हाथ गिरफ्तार, कार्रवाई के बाद भी प्रशासन की मेहरबानी पर उठे सवाल, अभी भी कर रहा हैं पटवारी नौकरी नहीं हुई निलंबन की कार्यवाही  कटनी |  भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की बातें कागजों तक ही सीमित नजर आ रही हैं।ताजा मामला जबलपुर लोकायुक्त टीम की कार्रवाई से सामने आया है, जहां कटनी जिले के बहोरीबंद में पदस्थ एक पटवारी को लोकायुक्त की टीम ने रंगे हाथों रिश्वत लेते हुए दबोचा है। लेकिन इस कार्रवाई के बाद जो प्रशासनिक सुस्ती देखने को मिल रही है, उसने सरकार और स्थानीय प्रशासन की नियत पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नियमों के मुताबिक, लोकायुक्त या किसी भी भ्रष्टाचार विरोधी एजेंसी द्वारा रंगे हाथों पकड़े जाने के बाद शासकीय सेवक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया जाना चाहिए। लेकिन इस मामले में आरोपी पटवारी पर गाज गिरना तो दूर, प्रशासन उस पर मेहरबान नजर आ रहा है। *सीमांकन के बदले मांगी थी 'उपहार' में घूस* पूरा मामला कटनी जिले के स्लीमनाबाद तहसील का है।आवेदक शिवकुमार जायसवाल ने कुछ समय पहले अपनी पत...

बड़वारा विधानसभा ग़रीबों के मसीहा और किसानों के रक्षक बनकर उभरे अंकुर दुबे, क्षेत्र में बदलाव की नई बयार, आने वाले समय के बड़वारा विधायक की दावेदारी

 बड़वारा विधानसभा ग़रीबों के मसीहा और किसानों के रक्षक बनकर उभरे अंकुर दुबे, क्षेत्र में बदलाव की नई बयार, आने वाले समय के बड़वारा विधायक की दावेदारी  कटनी ।  आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर बड़वारा क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मियाँ तेज़ हो चुकी हैं। इस बीच तिलमन निवासी युवा और जुझारू सामाजिक कार्यकर्ता अंकुर दुबे क्षेत्र की जनता के लिए एक मजबूत विकल्प और उम्मीद की नई किरण बनकर उभरे हैं। स्थानीय लोगों के बीच वे 'ग़रीबों के मसीहा' और 'किसानों के रक्षक' के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं। *जनसेवा और सादगी बनी पहचान* तिलमन गांव के मूल निवासी अंकुर दुबे ने बेहद कम समय में बड़वारा विधानसभा के कोने-कोने में अपनी पकड़ मजबूत की है। क्षेत्र के ग्रामीणों का कहना है कि चाहे किसानों की खाद-बीज और सिंचाई की समस्या हो, या किसी गरीब परिवार के हक की लड़ाई अंकुर दुबे हमेशा अग्रिम पंक्ति में खड़े नज़र आते हैं। स्थानीय निवासियों के अनुसार अंकुर दुबे केवल चुनाव के समय दिखने वाले नेता नहीं हैं, बल्कि वे हर सुख-दुख में हमारे साथ खड़े रहने वाले ज़मीनी जनसेवक हैं। बड़वारा का भविष्य अब उनके हाथों मे...

फूड इंस्पेक्टर वंदना जैन पर प्रताड़ना और मनमानी का आरोप, घुघरी के स्व-सहायता समूह ने एसडीएम से की शिकायत

 फूड इंस्पेक्टर वंदना जैन पर प्रताड़ना और मनमानी का आरोप, घुघरी के स्व-सहायता समूह ने एसडीएम से की शिकायत कटनी  |  घुघरी स्थित नरसिंह स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने फूड इंस्पेक्टर वंदना जैन पर मनमानी, अभद्र व्यवहार और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। इस संबंध में समूह की पीड़ित महिलाओं ने अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) को एक लिखित शिकायत सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी अधिकारी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।शिकायत के अनुसार, नरसिंह स्व-सहायता समूह को उचित मूल्य की दुकान (राशन दुकान) के संचालन की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, जिसका संचालन महिलाओं द्वारा नियमित रूप से किया जा रहा था। महिलाओं का कहना है कि शुरुआत में इलेक्ट्रॉनिक पॉइंट ऑफ सेल (ई-पॉस) मशीन में खराबी आ गई थी। इसकी सूचना विभाग को देने के बावजूद समय पर समाधान नहीं किया गया। बाद में मशीन पर अधिक लोड होने का बहाना बनाकर उसे जांच के नाम पर जब्त कर लिया गया, जिससे राशन वितरण ठप हो गया। समूह की महिलाओं ने आरोप लगाया कि मई और अगस्त 2025 के राशन आवंटन में विभागीय लापरवाही के कारण देरी हुई, ...