सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

कुटेश्वर माइंस में संचालित क्रेशर प्लांट की धूल से प्रदूषित हो रहा वातावरण एनजीटी के निर्देशों का नहीं हो रहा पालन धूल के कारण बिमार हो रहे ग्रामीण,धूल रोकने नही किया इंतजाम लोगों के जान से हो रहा खिलवाड़

 कुटेश्वर माइंस में संचालित क्रेशर प्लांट की धूल से प्रदूषित हो रहा वातावरण एनजीटी के निर्देशों का नहीं हो रहा पालन धूल के कारण बिमार हो रहे ग्रामीण,धूल रोकने नही किया इंतजाम

लोगों के जान से हो रहा खिलवाड़



ढीमरखेड़ा । गैरतलाई मे संचालित भारत सरकार का उपक्रम कुटेश्वर लाइमस्टोन माइन्स में नियम को ताक मे रखकर क्रेशर प्लांट संचालित हो रहे है क्रेशर की उड़ती धूल से वातावरण प्रदूषित हो रहा है। बताया गया धूल को रोकने के लिए कोई इंतजाम नही किया गया जिसके कारण लोगों की जान से खिलवाड़ हो रहा है लोग बीमार हो रहे हैं लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। उल्लेखनीय है कि क्रेशर प्लांट संचालक के उपरांत आसपास एरिया में पानी का छिड़काव व वृक्षारोपण कराना चाहिए लेकिन यहां शासन के नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। एनजीटी के निर्देशों का पालन नहीं किया जाता ग्रामीण क्रेशर प्लांट की उड़ती धूल से परेशान है। बताया गया है कि गैरतलाई सफाई बस्ती के प्रभावित गरीब आदिवासी ग्रामीण खासी खासी दमा चरम रोग सहित अन्य बीमारी से ग्रसित हो रहे हैं लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।

*ठेका कंपनी नियमों का नही करती पालन*

कुटेश्वर लाइन स्टोन माइंस में अभिनव कंस्ट्रक्शन को लाइमस्टोन माइन्स में रॉ मैटेरियल को दोहन करने का काम मिला है। खदान से पत्थर निकाल कर क्रेशर में तोड़कर उसे परिवहन किया जाता है जिसमें करोड़ों रुपए राजस्व प्राप्त होता है इसके बावजूद ठेका कंपनी के द्वारा शासन के नियमों का पालन नहीं किया जाता क्रेशर प्लांट संचालन में धूल रोकने इंतजाम नहीं किया गया। प्रभावित क्षेत्रों में कोई विकास कार्य नहीं कराए गए ग्रामीणों का कहना है कि ठेका कंपनी के द्वारा कागजों में नियमों का पालन किया जाता है गरीबों को कभी मदद नही मिलती जिससे ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ता है प्रेशर के उड़ती धूल वह हैवी प्लास्टिक से लोग कहते परेशान है जिसकी शिकायत कई बार अधिकारियों को अवगत कराई है लेकिन जिले में बैठे अधिकारी कभी भी जांच करने नहीं पहुंचते मामले को रफा दफा कर देते है जिससे ठेका कंपनी के जिम्मेदारों के हौसले बुलंद है।

*मनमाने तरीके से किया गया खनन, खुली छोड़ दी गई खदान*

कुटेश्वर लाइमस्टोन माइन्स में स्टील बनाने के उपयोग में आने वाला पत्थर को निकालने के लिए हैवी ब्लास्टिंग की जाती है जिससे लोगों के घरों में दरार पड़ गई है गांव का जल स्तर कम हो गया है भीषण गर्मी में ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। लेकिन इस ओर कोई ध्यान नही दे रहा। असीमित खनन से खदान खाई में तब्दील हो चुकी है चारों ओर से खदान खुली पड़ी है बाउंड्रीवाल नहीं कराई गई जिसके कारण कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है जिम्मेदार कुंभकर्ण निद्रा मे लीन है।

टिप्पणियाँ

popular post

शिक्षक अवनीश कांत मिश्रा को अंतिम विदाई, गमगीन माहौल में उमड़ा जनसैलाब, हर आँख नम, ज्ञान का दीप बुझा, शिक्षक अवनीश कांत मिश्रा के अंतिम संस्कार में फूटा जनसैलाब, शिक्षा जगत का अनमोल रत्न हुआ पंचतत्व में विलीन, अवनीश कांत मिश्रा को नम आँखों से विदाई, गुरु को अंतिम प्रणाम, अवनीश कांत मिश्रा के अंतिम दर्शन को उमड़ा पूरा क्षेत्र, जिसने सिखाया जीना, आज उसी को रोते हुए दी अंतिम विदाई, शिक्षक नहीं, संस्कार थे अवनीश कांत मिश्रा अंतिम संस्कार में छलका जनसमुदाय का दर्द

 शिक्षक अवनीश कांत मिश्रा को अंतिम विदाई, गमगीन माहौल में उमड़ा जनसैलाब, हर आँख नम, ज्ञान का दीप बुझा, शिक्षक अवनीश कांत मिश्रा के अंतिम संस्कार में फूटा जनसैलाब, शिक्षा जगत का अनमोल रत्न हुआ पंचतत्व में विलीन, अवनीश कांत मिश्रा को नम आँखों से विदाई, गुरु को अंतिम प्रणाम, अवनीश कांत मिश्रा के अंतिम दर्शन को उमड़ा पूरा क्षेत्र, जिसने सिखाया जीना, आज उसी को रोते हुए दी अंतिम विदाई, शिक्षक नहीं, संस्कार थे अवनीश कांत मिश्रा अंतिम संस्कार में छलका जनसमुदाय का दर्द ढीमरखेड़ा |  ग्राम झिन्ना पिपरिया के प्रतिष्ठित कोपारिहा परिवार में जन्मे, जरूरतमंदों की सहायता के लिए सदैव तत्पर रहने वाले वरिष्ठ शिक्षक श्री अवनीश कांत मिश्रा का निधन क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है। वे श्री सीताराम जी मिश्रा के बड़े सुपुत्र थे और अपने सरल स्वभाव, कर्मठता व सेवा भावना के लिए विशेष रूप से जाने जाते थे। श्री मिश्रा बचपन से ही मेधावी रहे और उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए ट्रिपल एम.ए. तक की पढ़ाई पूर्ण की। शिक्षा के प्रति उनके समर्पण का परिचय वर्ष 1994-95 में देखने को मिला,...

प्राचार्य की पोस्ट ने पार की सारी हदें, हाईकोर्ट और ब्राह्मण समाज पर टिप्पणी से भड़का जनाक्रोश, सड़क से सोशल मीडिया तक विरोध, कॉलेज प्राचार्य ने हाई कोर्ट और ब्राह्मण समाज पर की अभद्र टिप्पणी, जांच के आदेश सोशल मीडिया पोस्ट से मचा बवाल, निलंबन और एफआईआर की मांग

 प्राचार्य की पोस्ट ने पार की सारी हदें, हाईकोर्ट और ब्राह्मण समाज पर टिप्पणी से भड़का जनाक्रोश, सड़क से सोशल मीडिया तक विरोध, कॉलेज प्राचार्य ने हाई कोर्ट और ब्राह्मण समाज पर की अभद्र टिप्पणी, जांच के आदेश सोशल मीडिया पोस्ट से मचा बवाल, निलंबन और एफआईआर की मांग कटनी ।  ढीमरखेड़ा स्थित शासकीय महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य बृजलाल अहिरवार एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। आरोप है कि उन्होंने सोशल मीडिया पर माननीय हाई कोर्ट और ब्राह्मण समाज के खिलाफ अभद्र, अमर्यादित और आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया, जिसके बाद मामला प्रशासन और पुलिस तक पहुंच गया है। गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं। *सोशल मीडिया पोस्ट से भड़का विवाद* जानकारी के अनुसार, प्रभारी प्राचार्य ने अपने फेसबुक अकाउंट से एक पोस्ट साझा की थी, जिसमें कथित तौर पर हाई कोर्ट के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया, वहीं ब्राह्मण समाज को लेकर भी आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं। पोस्ट के सामने आते ही क्षेत्र में नाराजगी फैल गई और सामाजिक संगठनों ने इसका कड़ा विरोध शुरू कर दिया। *जनसुनवाई में पहुंची शिकायत* ...

सिकमी नामा पोर्टल फेल होने से बड़वारा विधानसभा के किसान संकट में, विधायक धीरेन्द्र बहादुर सिंह ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को लिखा पत्र, योगेंद्र सिंह दादा ठाकुर ने मीडिया को कराया अवगत

 सिकमी नामा पोर्टल फेल होने से बड़वारा विधानसभा के किसान संकट में, विधायक धीरेन्द्र बहादुर सिंह ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को लिखा पत्र, योगेंद्र सिंह दादा ठाकुर ने मीडिया को कराया अवगत  कटनी  |  कटनी जिले की बड़वारा विधानसभा के किसानों के सामने इन दिनों एक गंभीर प्रशासनिक और तकनीकी संकट खड़ा हो गया है। खेती-किसानी पर निर्भर हजारों किसान इस समय गहरी चिंता और असमंजस की स्थिति में हैं।कारण है सिकमी नामा से जुड़े किसानों का पंजीयन पोर्टल पर फेल हो जाना, जिसके चलते वे समर्थन मूल्य पर धान का विक्रय नहीं कर पा रहे हैं। यह समस्या केवल तकनीकी नहीं, बल्कि सीधे-सीधे किसानों की आजीविका से जुड़ी हुई है। इस गंभीर मुद्दे को लेकर क्षेत्रीय विधायक धीरेन्द्र बहादुर सिंह ने प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को एक पत्र लिखकर बड़वारा विधानसभा के किसानों की पीड़ा से अवगत कराया है।विधायक ने पत्र में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया है कि सिकमी नामा पर खेती करने वाले किसानों का पंजीयन पोर्टल में अस्वीकार हो रहा है, जिसके कारण वे सरकारी खरीदी केंद्रों पर अपनी उपज नहीं बेच पा रहे हैं। बड़वारा विधान...