सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

सेल्समैन दमोदर पटैल के ऊपर होना चाहिए एफ. आई. आर

 सेल्समैन दमोदर पटैल के ऊपर होना चाहिए एफ. आई. आर.




ढीमरखेड़ा | भ्रष्टाचार की चादर इतनी बड़ी है कि सभी अधिकारियों की आखों में धूल झोंककर सभी का राशन हजम कर जाऊंगा शीर्षक पढ़कर दंग मत होना यह कहानी है छुटभैया सेल्समैन दमोदर पटैल की। सहकारी समिति मुरवारी के अंतर्गत आने वाली उचित मूल्य दुकान अंतर्वेद गनयारी में चार माह से राशन वितरण नहीं किया गया। जब इसकी जानकारी अधिकारियों को लगी तो तत्काल सेल्समैन दमोदर पटैल के द्वारा राशन वितरण किया जाने लगा लिहाज़ा उसमें भी मनमानी तरीके से राशन बाटा गया किसी को मिला किसी को नहीं मिला। इनके द्वारा राशन में जमकर खेल खेला जाता हैं। शक्कर और नमक का वितरण तो किया ही नहीं जाता।

*नियमों की नहीं परवाह*

जहां शासन के निर्देशानुसार हर माह राशन वितरित होना चाहिए वही नियमों को ताक में रखकर दमोदर पटैल सेल्समैनों के नेता बनते नज़र आ रहे हैं। गरीब तबके के ग्रामीणो के लिए अनेकों प्रकार की योजना चलाई जाती हैं लेकिन योजना में खिलवाड़ सेल्समैन दमोदर पटैल के जैसे कर्मचारी करते नज़र आ रहे हैं। ग्रामीण जनता को गुमराह करते हुए अनेकों प्रकार के झूठ बोलकर सेल्समैन दमोदर पटैल के द्वारा राशन का खेल खेला जाता हैं।

*37 लाख 85 हज़ार की वसूली के तहत होना चाहिए एफ. आई. आर.*

मुरवारी समिति के अंतर्गत खाम्हा को केन्द्र पूर्व में नियुक्त किया गया था जिसमें 37 लाख 85 हज़ार वसूली के निर्देश दिए गए थे लेकिन दमोदर पटैल के द्वारा सारे नियमों को ताक में रखकर 37 लाख 85 हज़ार रुपए नहीं भरे गए। जिसमें शासन को बड़े पैमाने में चपत लगी। इसका खामियाजा किसानों को भी भुगतना पड़ा। नियमों के तहत दमोदर पटैल से राशि की वसूली की जानी चाहिए । अगर राशि जमा नहीं की जा रही हैं तो तत्काल जिम्मेदार अधिकारी के द्वारा एफ. आई. आर. के निर्देश दिए जाने चाहिए।

*विकास यात्रा में भी हुई शिकायत*

जब विकास यात्रा अंतर्वेद गनयारी पहुंची तो ग्रामीणों के द्वारा जमकर हंगामा किया गया और शिकायत की गई कि हमको चार माह से राशन नहीं मिला और सेल्समैन दमोदर पटैल की तानाशाही इस तरह परवान चढ़ रही हैं कि बात करने का भी लहज़ा नहीं हैं। जब ग्रामीणों के द्वारा पूछा जाता हैं कि राशन का वितरण कब होगा तो सेल्समैन दमोदर पटैल कह देते हैं कि राशन नहीं बटेगा जहां शिकायत करनी हो कर लो इस तरह की कार्यप्रणाली सेल्समैन दमोदर पटैल की हैं। जब जनप्रतिनिधियो के द्वारा शिकायत सामने आई तो जनप्रतिनिधियो के द्वारा सक्त हिदायत दी गई कि जल्द से जल्द राशन का वितरण कर दिया जाएं वरना इसका खामियाजा आप खुद भोगेंगे तो तत्काल सेल्समैन दमोदर पटैल के द्वारा मामला बिगड़ता देख कुछ माह के राशन को बाट दिया गया बाकि राशन को हजम कर लिया गया।

टिप्पणियाँ

popular post

ढीमरखेड़ा के दूरस्थ आधा दर्जन से अधिक गांव पहुंचकर जिला पंचायत सीईओ ने निर्माण एवं विकास कार्यों की नब्ज़ टटोलेते हुए परखी गुणवत्ता, सुश्री कौर ने अच्छे साइट सिलेक्शन की सराहना कर पीठ थपथपाई तो कहीं नाराजगी भी जताई, निर्धारित समयावधि में कार्यों को गुणवत्ता के साथ पूर्ण कराने अधिकारियों को दिए निर्देश

 ढीमरखेड़ा के दूरस्थ आधा दर्जन से अधिक गांव पहुंचकर जिला पंचायत सीईओ ने निर्माण एवं विकास कार्यों की नब्ज़ टटोलेते हुए परखी गुणवत्ता, सुश्री कौर ने अच्छे साइट सिलेक्शन की सराहना कर पीठ थपथपाई तो कहीं नाराजगी भी जताई, निर्धारित समयावधि में कार्यों को गुणवत्ता के साथ पूर्ण कराने अधिकारियों को दिए निर्देश कटनी | भीषण गर्मी, तपती दोपहरी का वक्त,सकरी मेढ़ें, कटीली झाड़ियों और खेतों के बीच पगडंडी मार्ग से ऊबड़ खाबड़ पथरीली राहों में पसीने से तरबतर जिला पंचायत सीईओ सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर ने ढाई से तीन किलोमीटर पैदल चलकर विकासखंड ढीमरखेड़ा के दूरस्थ आधा दर्जन से अधिक गांवों में निर्माण एवं विकास कार्यों की नब्ज़ टटोली। इस दौरान उन्होंने ढीमरखेड़ा, कोठी, झिन्ना पिपरिया, भमका, खमतरा पहरुआ एवं अन्य गांव पहुंचकर, नवीन स्वीकृत जनपद पंचायत भवन निर्माण कार्य स्थल,गेहूं खरीदी केंद्र, जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत खेत तालाब, डगवेल, आंगनवाड़ी भवन एवं शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल में लैब एवं अतिरिक्त कक्ष निर्माणाधीन कार्यों की गुणवत्ता को परखा और प्रगति की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने ढीमरखेड़ा म...

आखिर कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी पीयूष शुक्ला की संपत्ति की जांच कब

 आखिर कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी पीयूष शुक्ला की संपत्ति की जांच कब कटनी  |  सरकारी कुर्सी जनता की सेवा के लिए होती है, लेकिन जब वही कुर्सी सवालों के घेरे में आ जाए तो फिर जांच की मांग उठना स्वाभाविक है। इन दिनों क्षेत्र में कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी पीयूष शुक्ला की संपत्ति को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। आमजन के बीच यह सवाल लगातार उठ रहा है कि आखिर नौकरी में आने से पहले उनकी आर्थिक स्थिति क्या थी और अब कितनी संपत्ति अर्जित हो चुकी है? यदि सब कुछ नियम और कानून के दायरे में है तो फिर पारदर्शिता से जांच कराने में हिचक कैसी? जनता का कहना है कि शासन की योजनाओं का लाभ गरीबों तक पहुंचाने वाले विभाग में बैठे अधिकारियों की जीवनशैली और बढ़ती संपत्ति पर समय-समय पर निगरानी होना बेहद जरूरी है। राशन व्यवस्था, खाद्यान्न वितरण और सार्वजनिक आपूर्ति प्रणाली सीधे गरीब और मध्यम वर्ग के जीवन से जुड़ी होती है। ऐसे में यदि किसी अधिकारी की संपत्ति अचानक चर्चा का विषय बन जाए तो सवाल उठना लाजिमी है। क्षेत्र में लोग खुलकर कह रहे हैं कि नौकरी से पहले आखिर पीयूष शुक्ला के पास कितनी जमीन, मकान, वाहन और बै...

जनपद अध्यक्ष सुनीता संतोष दुबे ने किया 10 लाख रुपये के विकास कार्यों का भूमि पूजन

 जनपद अध्यक्ष सुनीता संतोष दुबे ने किया 10 लाख रुपये के विकास कार्यों का भूमि पूजन ढीमरखेड़ा ।  जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा की जनपद अध्यक्ष सुनीता संतोष दुबे द्वारा ग्राम बिछिया एवं धनवाही में कुल 10 लाख रुपये लागत के विकास कार्यों का विधि-विधान के साथ भूमि पूजन किया गया। भूमि पूजन कार्यक्रम में ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता देखने को मिली।कार्यक्रम के दौरान ग्राम बिछिया में 6 लाख रुपये की लागत से बनने वाले सांस्कृतिक भवन निर्माण कार्य का शुभारंभ किया गया। वहीं ग्राम धनवाही में मुख्य मार्ग से पंकज सिंह के घर की ओर 4 लाख रुपये की लागत से बनने वाले ड्रेनेज निर्माण कार्य का भूमि पूजन संपन्न हुआ। इस अवसर पर अनिरुद्ध पांडेय, त्रिवेणी ज्योतिषी, सत्यनारायण पांडेय, ओमप्रकाश गर्ग, रामप्रसाद, मुरारीलाल, सरपंच संजय दाहिया, उपसरपंच विराट पाण्डेय, सचिव, रोजगार सहायक सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।कार्यक्रम में उपस्थित ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों ने क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों के लिए जनपद अध्यक्ष सुनीता संतोष दुबे का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इन निर्माण क...