सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

तीन संतान वाले शिक्षक पर विभाग मेहरबान अधिकारियों से शिकायत के बाद भी नहीं हो रही कार्यवाही शा.मा.शाला परसेल का मामला फर्जी विकलांग प्रमाण पत्र लगाये जाने का भी आरोप

 तीन संतान वाले शिक्षक पर विभाग मेहरबान

अधिकारियों से शिकायत के बाद भी नहीं हो रही कार्यवाही

शा.मा.शाला परसेल का मामला

फर्जी विकलांग प्रमाण पत्र लगाये जाने का भी आरोप



उमरियापान । ढीमरखेड़ा विकासखंड अंतर्गत विभिन्न स्कूलों में पदस्थ शिक्षकों की तीन संतान के मामले में विभागीय अधिकारी जमकर लापरवाही बरत रहे है। ऐसा ही एक मामला शासकीय प्राथमिक/माध्यमिक शाला परसेल में देखने को मिल रहा है जहां पर पदस्थ शिक्षक श्यामसुंदर पटेल पिता राममिशन पटेल के द्वारा तीन संताने होने की जानकारी विभाग से छुपाई गई । साथ ही शिकायतकर्ता के द्वारा यह भी आरोप लगाये गये है कि संबंधित शिक्षक के द्वारा जिस विकलांग प्रमाण के आधार पर वह नौकरी कर रहे है वह भी फर्जी है।

शिकायतकर्ता के द्वारा इस संबंध में कलेक्टर कटनी, जिला शिक्षा अधिकारी कटनी सहित अधिकारियों को शिकायत भी मय प्रमाण के सौंपी है लेकिन आज दिनांक उनके द्वारा इस संबंध में किसी तरह की कोई कार्यवाही नहीं की गई है। शिकायतकर्ता ने बताया कि श्यामसुंदर पटेल जिसकी यूनिक आई.डी. बी.एक्स.1360 शासकीय प्राथमिक/माध्यमिक शाला परसेल तहसील ढीमरखेड़ा जिला कटनी में प्राथमिक शिक्षक के पद पर पदस्थ है। श्यामसुंदर पटेल की तीन जीवित संताने है जिसमें 1. कुमारी सृष्टि जिसका आई.डी नं.- 102810851 जन्म दिनांक 12.07.2004, 2. कुमारी वंशिका जिसकी आईडी क्रमांक- 190558017 जन्मतिथि 27.05.2008, 3. मंयक पटेल जिसकी आईडी क्रमांक- 102811565 जन्मतिथि 25.09.2011 है। इस प्रकार शिक्षक श्यामसुंदर पटेल की तीन संतान होना प्रमाणित हो रहा है। यहां पर यह भी स्मरण रहे कि म.प्र.शासन के आदेश क्रमांक-1-59/2018/20-1 तथा  संविधान के अनुच्छेद 309 का भी घोर उल्लघंन शिक्षक के द्वारा किया जा रहा है, साथ ही शिक्षक के द्वारा एक और कारनामा करते हुये म.प्र.राजपत्र के विरूद्ध दो ही जीवित संतान का हवाला दिया गया है जबकि उसकी तीन संतान है और वर्तमान में सभी संतान जीवित है। बावजूद इसके अधिकारियों के कानों में जू तक नहीं रेंग रहीं है और म.प्र. के जनसंख्या वृद्धि को लेकर बने नियम दिनांक 26.01.2021 के बाद तीन संतान होने की पात्रता को धत्ता बता रहे है।

*फर्जी विकलांग प्रमाण पत्र के भी आरोप*

शिकायतकर्ता के द्वारा सौंपी गई शिकायत में यह भी बताया गया कि शिक्षक श्यामसुंदर पटेल के द्वारा 50 प्रतिशत विकलागंता प्रमाण पत्र लगाया गया है वह भी फर्जी है। इस संबंध में मेडिकल बोर्ड के समक्ष इस बात की पुष्टि स्वमेय ही की जा सकती है। शिक्षक के द्वारा एक ओर जहां पर तीन संतान होने की जानकारी शासन से छुपाई है तो वहीं उसके द्वारा फर्जी विकलांगता प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर नौकरी प्राप्त की गई है। जिसके विरूद्ध विभागीय जांच संस्थित कर आपराधिक मामला पंजीबद्ध करवाया जाना चाहिये लेकिन कटनी जिले में भ्रष्टाचार इस कदर से हावी है कि जिले में कई शिक्षक फर्जी अंकसूची के आधार पर नौकरी कर रहे है इस बात की पुष्टि संबंधित विश्वविद्यालय एवं स्कूलों के द्वारा कर दी गई बावजूद इसके आज दिनांक तक उनके विरूद्ध मामला दर्ज नहीं करवाया गया है।

टिप्पणियाँ

popular post

सहायक प्रबंधक तौफिक अहमद हैं भ्रष्टाचार का मास्टर माइंड , बहोरीबंद आजीविका मिशन में करोड़ों रूपये का घोटाला आया सामने, जिपं सीईओ से हुई शिकायत

 सहायक प्रबंधक तौफिक अहमद हैं भ्रष्टाचार का मास्टर माइंड , बहोरीबंद आजीविका मिशन में करोड़ों रूपये का घोटाला आया सामने, जिपं सीईओ से हुई शिकायत    कटनी ।  मध्य प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के बहोरीबंद विकासखंड में संचालित ममता संकुल स्तरीय संगठन के बैंक खाते में कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर उच्च अधिकारियों से शिकायत की गई है। शिकायत में तत्कालीन विकासखंड सहायक प्रबंधक तौफिक अहमद पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।शिकायत में कहा गया है कि ग्राम स्लीमनाबाद स्थित ममता संकुल स्तरीय संगठन के बैंक खाते क्रमांक 3790886493 से विभिन्न व्यक्तियों/अन्य बैंक खातों में बड़ी रकम ट्रांसफर की गई। शिकायतकर्ता ने इन लेन-देन की जांच की मांग की है और तौफिक अहमद की भूमिका को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। दस्तावेज में आरोप लगाया गया है कि आजीविका गतिविधियों के लिए उछऋ को उपलब्ध कराई गई राशि के उपयोग में निर्धारित प्रक्रिया और दिशा-निदेर्शों का पालन नहीं किया गया। शिकायत में लगभग 18.24 लाख के कथित ट्रांसफर का उल्लेख है। इसके अलावा एक अन्य बिंदु में उछऋ खाते से लगभग 1.15 करोड़ से अधिक राशि ट्...

पोड़ी खुर्द में मगरमच्छ दिखने से मचा हड़कंप, ग्रामीणों में दहशत का माहौल, तरियां घाट और स्कूल घाट के बीच ग्राउंड के पीछे मगरमच्छ दिखाई देने की सूचना, लोगों में बढ़ी चिंता

 पोड़ी खुर्द में मगरमच्छ दिखने से मचा हड़कंप, ग्रामीणों में दहशत का माहौल, तरियां घाट और स्कूल घाट के बीच ग्राउंड के पीछे मगरमच्छ दिखाई देने की सूचना, लोगों में बढ़ी चिंता ढीमरखेड़ा ।  कटनी जिले के ढीमरखेड़ा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पोड़ी खुर्द में मगरमच्छ दिखाई देने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल निर्मित हो गया है। जानकारी के अनुसार, गांव में तरियां घाट और स्कूल घाट के बीच स्थित ग्राउंड के पीछे मगरमच्छ नजर आया, जिसके बाद स्थानीय लोगों में भय और चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों के बीच मगरमच्छ दिखाई देने की खबर फैलते ही क्षेत्र में सतर्कता का माहौल बन गया।लोगों को आशंका है कि यदि मगरमच्छ आबादी वाले क्षेत्र या घाट के आसपास मौजूद रहता है, तो किसी अप्रिय घटना की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। विशेष रूप से घाट के आसपास आने-जाने वाले ग्रामीणों और बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई जा रही है।ग्रामीणों की मांग है कि संबंधित वन विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण करे और मगरमच्छ की मौजूदगी की पुष्टि करते हुए आवश्यक सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करे, ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि की...

एक विक्रेता, कई दुकानें तहसील ढीमरखेड़ा में खाद्यान्न वितरण व्यवस्था पर उठे सवाल सहकारिता एवं खाद्य विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल, एक विक्रेता पर दो-तीन नहीं बल्कि चार दुकानों में वितरण का दबाव बनाने के आरोप

 एक विक्रेता, कई दुकानें तहसील ढीमरखेड़ा में खाद्यान्न वितरण व्यवस्था पर उठे सवाल सहकारिता एवं खाद्य विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल, एक विक्रेता पर दो-तीन नहीं बल्कि चार दुकानों में वितरण का दबाव बनाने के आरोप ढीमरखेड़ा ।  तहसील क्षेत्र में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के संचालन को लेकर एक नया मामला सामने आया है। आरोप है कि सहकारिता एवं खाद्य विभाग से जुड़े जिम्मेदारों द्वारा एक ही विक्रेता पर दो, तीन यहां तक कि चार अलग-अलग उचित मूल्य दुकानों में खाद्यान्न वितरण का कार्य संभालने का दबाव बनाया जा रहा है। मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर एक विक्रेता से कई दुकानों का संचालन किस नियम और किस आदेश के तहत कराया जा रहा है।बताया जा रहा है कि उचित मूल्य दुकानों के संचालन और खाद्यान्न वितरण की व्यवस्था में विक्रेताओं की जिम्मेदारी निर्धारित रहती है। ऐसे में यदि एक ही व्यक्ति को एक से अधिक दुकानों का वितरण कार्य सौंपा जा रहा है तो इसके पीछे सक्षम अधिकारी का आदेश, निर्धारित प्रक्रिया और नियमों का पालन होना आवश्यक है। क्षेत्र में इसी बिंदु को लेकर चर्चाएं तेज हैं...