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श्रमजीवी पत्रकार संघ के जिला - कार्यवाहक अज्जू सोनी की छवि किसी मसीहा से कम नहीं

 श्रमजीवी पत्रकार संघ के जिला - कार्यवाहक अज्जू सोनी की छवि किसी मसीहा से कम नहीं

ढीमरखेड़ा - गरीबी बन गई तश्हीर का सबब आमिर, जिसे भी देखो हमारी मिसाल देता है, शीर्षक पढ़कर दंग मत होना यह कहानी हैं श्रमजीवी पत्रकार संघ के जिला - कार्यवाहक अज्जू सोनी की। जिसने ढीमरखेड़ा में बस नहीं जिले में भी पत्रकारिता का लोहा मनवा दिया। गरीब हों या अमीर हों किसी भी तबके का मुद्दा हों सबसे पहले पहुंचकर समाचार पत्रो के माध्यम से उच्च - अधिकारियों का ध्यान आकर्षित करके न्याय दिलाने मे विशेष भूमिका निभाते हैं, कहां तो यहां तक जाता हैं कि इनकी वाकपटुता से बड़े से बड़े मंत्री कांप उठे हैं। ब्राह्मण समाज की पीड़ा जब जिला - कार्यवाहक अज्जू सोनी ने सुनी तो आगे आकर बढ़ - चढ़कर हिस्सा लिया और बोला कि ब्राह्मण जाति तो हिंदू धर्म में पूज्यनीय हैं। अगर कांग्रेस प्रतिनिधि के द्वारा इस तरफ की घटनाकारित की गई हैं तो इस मुद्दा को उठाया जायेगा तो कांग्रेस विधायक आगे आकर अपने प्रतिनिधि को पद से पृथक कर दिया। इसी तारतम्य में जब भाजपा के प्रभारी मंत्री का आगमन करौदी हुआ तो ध्यान आकर्षित करवाया गया तो प्रभारी मंत्री भी इस घटना के विषय में कुछ ना कहके पल्ला - झाड़ते हुए नजर आए। जिला - कार्यवाहक अज्जू सोनी के द्वारा कहां गया कि मेरी विचारधारा एकदम स्पष्ट है जो सही है वह सही है। पत्रकारिता समाज का दर्पण होता है जो हम समाज को दिखाएंगे वह समाज देखेगा। 


सुबह होते ही फरियादियों की लग जाती हैं भीड़


रात बीतते ही सुबह का समय जैसे होता है वैसे ही अपनी समस्याओं को लेकर दूर - दराज से लोग अज्जू सोनी के पास पहुंच जाते हैं, तो अज्जू सोनी सबका मान - सम्मान करते हुए सबकी समस्या सुनकर उनका तत्काल निदान करवा देते हैं। वही फरियादियों का कहना हैं कि हमारा बड़ा से बड़ा कार्य करवा दिया गया आज तक कोई शुल्क नहीं मांगा गया वरन् हमारे पास तो जाने का किराया भी नहीं था तो अज्जू सोनी के द्वारा हमारा किराया भी दे दिया गया। ऐसा वही कर सकता हैं जो समाज के लोगों को घर का सदस्य मानता हों। वही अज्जू सोनी के द्वारा कहां गया कि जो समस्या लेकर आते हैं वह फरियादी नहीं मेरे लिए तो ईश्वर तुल्य है। मुझे लोगों की समस्या का निदान करना मेरी पसंद बन गई हैं। कही ना कही इन सबमें में अपने आपको देखता हूं कि अगर यह समस्या मेरे साथ होती तो में क्या करता उसी हिसाब से इनका निदान निकाल लेता हूं। 


इस संसार में आया हूं कुछ करके जाऊँगा, अपने लिए ना सही समाज के लिए कुछ बनके जाऊँगा


इस संसार में जो आया हैं कुछ समय के बाद इस संसार को छोड़कर सबको जाना है क्यूं ना इस समाज के लिए कुछ समर्पित भाव से कर जाऊं ताकि कोई और ना सही मेरे किए हुए कार्य मुझे मृत्यु के मुंह से खींच ले यह कोई अतिशयोक्ति नहीं वरन् अज्जू सोनी के जीवन में यह सत्य साबित हुआ हैं 4 बार अटैक आने के बाद भी अज्जू सोनी के पुण्य कार्य उनको बचा लिये। व्यक्ति की जीवन - लीला एक अटैक में ही खत्म हों जाती हैं पर उसको कौन मार सकता हैं जिसके ऊपर समाज के गरीब तबके की दुआएं साथ हों। 


अनेकों पद में पदस्थ होने के बाद भी अभिमान तनिक भी ना छू - सका 


अनेकों पद में पदस्थ होने के बाद भी अभिमान दूर खड़ा होकर देखता रहा पर पास कभी नहीं आ - पाया। कांग्रेस में जब तक रहे तो उच्च - पदों की गरिमा बढ़ा रहे थे इसके कुछ समय के बाद भाजपा में आये तो उच्च - पदों में पदस्थ हैं। अज्जू सोनी का कहना हैं कि में किसी पार्टी का नहीं हूं, वरन मेरी  पार्टी का नाम संजय पाठक हैं। जिनसे मैंने राजनीति सीखी है वही मेरे गुरु हैं। गुरु का जो आदेश होता हैं उसको शिष्य को मानना पड़ता हैं। संजय पाठक कटनी जिले का वो नाम हैं जो किसी परिचय का मोहताज नहीं हैं। संजय पाठक को आज तक कोई विधायक नहीं समझता बल्कि सब लोग अपना भाई समझते हैं। कांग्रेस पार्टी में जब तक अज्जू सोनी रहे बड़े से बड़ा कार्यक्रम अपनी जिम्मेदारी से करवाया उसका प्रतिफल यह हुआ कि क्षेत्र में कांग्रेस की भूमिका अच्छी बन गई। अब भाजपा का दामन थामने के बाद भाजपा के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रहे हैं।

टिप्पणियाँ

  1. बहुत ही सुंदर और सत्य जनकारी दी है आपने, जो की🙏 सारानीय है

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