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निर्वाचन आयोग पर एक लेखापाल पड़ रहा हैं भारी अंगद के पैर की तरह जमे लेखापाल जे. एस. राजपूत बाबू

 निर्वाचन आयोग पर एक  लेखापाल पड़ रहा हैं भारी

अंगद के पैर की तरह जमे लेखापाल जे. एस. राजपूत बाबू

ढीमरखेड़ा - विधानसभा चुनाव को लेकर निर्वाचन आयोग अभी से तैयारियों में जुटा हुआ है इसी क्रम में जो भी कर्मचारी अधिकारी एक ही स्थान पर लगातार 3 वर्षों से पदस्थ है उनका स्थानांतरण किया जा रहा है और इस संबंध में विभागीय प्रमुखों को को पत्र जारी कर ऐसे कर्मचारियों के संबंध में जानकारी मांगी गई है। वर्तमान में सभी विभागों में व्यापक पैमाने पर स्थानांतरण किए जा रहे हैं लेकिन एक लेखापाल ऐसा है जो निर्वाचन आयोग पर भारी पड़ रहा है। स्मरण रहे कि ढीमरखेड़ा जनपद पंचायत में पदस्थ लेखापाल जे. एस. राजपूत विगत कई वर्षों से जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा में पदस्थ है इसके बावजूद भी इनका स्थानांतरण नहीं किया जा रहा है। पूर्व में हुए चुनाव के दौरान भी इस संबंध में एक शिकायत निर्वाचन आयोग सहित वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष प्रेषित की गई थी इसके बावजूद भी संबंधित लेखापाल का स्थानांतरण ना होना

स्थानांतरण प्रक्रिया को दूषित करता है। साथ ही वर्षो से एक ही स्थान पर पदस्थ होने के कारण संबंधित कर्मचारी के द्वारा जमकर वित्तीय अनियमितता की जा रही है।

धूम्रपान के शौकीन जे. एस. बाबू

सूत्रों के द्वारा बताया गया कि बिड़ी के शौकीन हैं जे. एस. बाबू , दफ्तर के अंदर बैठकर मौज - मस्ती के साथ बिड़ी का आनंद लेते हुए कई बार सरपंच सचिवों के द्वारा देखा गया हैं लेकिन इनके ऊपर आज तक कोई जुर्माना नहीं लगा। जो कि प्रधानमंत्री मोदी के द्वारा सक्त निर्देश हैं कि सरकारी दफ्तरों में बैठकर सिगरेट पी और गुटखा खाया तो आपको महंगा पड़ सकता है। अधिकारियों और कर्मचारियों पर भी कार्रवाई होगी और उनसे पांच सौ का जुर्माना वसूला जाएगा। इतना ही नहीं दफ्तर की दीवार पर पान की पीक मिली तो कार्रवाई की तलवार जिम्मेदार अधिकारियों पर लटक सकती है। दफ्तरों में बढ़ते धूमपान और गुटखा खाने के चलन पर रोक लगाने का कड़ाई से पालन करने की तैयारी है। प्रधानमंत्री के स्वच्छता अभियान में रोड़ा बन रहे सरकारी अफसरों और कर्मचारियों पर ही पहले डंडा चलेगा। अब सरकारी दफ्तरों में पान, गुटखा और तंबाकू खाकर इधर-उधर थूकना आसान नहीं होगा। परिसर में बीड़ी सिगरेट का सेवन करते पाए जाने पर पांच सौ रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। संबंधित अधिकारी व कर्मचारी के नाम से जुर्माने की रसीद काटी जाएगी और जुर्माने की रकम ट्रेजरी में जमा होगी। दरअसल, कई सरकारी दफ्तर परिसरों में ही पान मसाला और सिगरेट की दुकानें खुली हैं और कर्मचारी सीट के बगल में ही मसाले को थूकते हैं।

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