सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

 पहाड़ी से मुरम खोदकर रातोंरात किया जा रहा परिवहन

घुघरा ग्राम पंचायत का मामला, पंचायत ने दीवार से सटी मुरम हटाने की ली हैं अनुमति,हरे भरे पेड़ पौधों को भी उजाड़ा, अनुमति के विपरीत की जा रही खुदाई..

ढीमरखेड़ा:- मरियापान के समीप घुघरा गांव में बीते तीन दिनों से पंचायत भवन के बाजू से लगी पहाड़ी में मुरम का खनन जारी है। यहाँ सरपंच पति प्रहलाद सोनी के द्वारा मुरम की खुदाई कराकर डंपरों से दूसरों गांवों में परिवहन कराया जाता है। ग्रामीणों ने विभागीय अधिकारियों से शिकायत कर सरपंच पति पर मनमानी का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम पंचायत अनुमति ली हैं तो दिनदहाड़े खुदाई करें, देररात में मुरम की खुदाई कर परिवहन कराया जाता है।


हासिल जानकारी के मुताबिक घुघरा में ग्राम पंचायत भवन क्षतिग्रस्त न हो, इसके लिए पंचायत भवन से सटी पहाड़ी की मुरम अलग करने की अनुमति ग्राम पंचायत ने नायब तहसीलदार उमरियापान से लिया। अनुमति लेने के बाद सरपंच कौशिल्या सोनी के पति प्रहलाद सोनी के द्वारा मुरम का खनन कराकर दो से ढाई हजार रुपये में डंफरो से दूसरे गांवों में विक्रय किया जाता है। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत अधिकारियों से करते हुए बताया कि ग्राम पंचायत ने अनुमति जरूर लिया,लेकिन मुरम का खनन देररात शुरू होता है। रात को ही मुरम दूसरे गांवों में बेच दी जाती है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में कई जगह गढ्ढे हैं। मुरम डालकर गड्ढों को पूरा जा सकता है, लेकिन ग्राम पंचायत के द्वारा जनहित के कार्य नही कराए जाते हैं।पहाड़ी में हरे भरे पेड़ पौधें भी लगे है। रात के समय हो रही खुदाई में पेड़ पौधों को भी उजाड़ दिया गया है।ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि प्रशासन की अनुमति के विपरीत कार्य किया जा रहा है। जिसकी शिकायत ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन नंबर पर भी किया है। 

नका कहना है:- पंचायत भवन क्षतिग्रस्त न हो, इसके लिए दीवार से सटी पहाड़ी की मुरम को हटाने की अनुमति दी गई है। मुरम खोदकर दूसरे गांवों में बेची जाती है,यह गलत है। परिवहन करने की अनुमति नहीं है।परिवहन होने पर कार्रवाई की जाएगी। :- संदीप सिंह, नायब तहसीलदार उमरियापान

                                               

                                             

                                     

                                       
  
                            
                        

टिप्पणियाँ

popular post

शिक्षक अवनीश कांत मिश्रा को अंतिम विदाई, गमगीन माहौल में उमड़ा जनसैलाब, हर आँख नम, ज्ञान का दीप बुझा, शिक्षक अवनीश कांत मिश्रा के अंतिम संस्कार में फूटा जनसैलाब, शिक्षा जगत का अनमोल रत्न हुआ पंचतत्व में विलीन, अवनीश कांत मिश्रा को नम आँखों से विदाई, गुरु को अंतिम प्रणाम, अवनीश कांत मिश्रा के अंतिम दर्शन को उमड़ा पूरा क्षेत्र, जिसने सिखाया जीना, आज उसी को रोते हुए दी अंतिम विदाई, शिक्षक नहीं, संस्कार थे अवनीश कांत मिश्रा अंतिम संस्कार में छलका जनसमुदाय का दर्द

 शिक्षक अवनीश कांत मिश्रा को अंतिम विदाई, गमगीन माहौल में उमड़ा जनसैलाब, हर आँख नम, ज्ञान का दीप बुझा, शिक्षक अवनीश कांत मिश्रा के अंतिम संस्कार में फूटा जनसैलाब, शिक्षा जगत का अनमोल रत्न हुआ पंचतत्व में विलीन, अवनीश कांत मिश्रा को नम आँखों से विदाई, गुरु को अंतिम प्रणाम, अवनीश कांत मिश्रा के अंतिम दर्शन को उमड़ा पूरा क्षेत्र, जिसने सिखाया जीना, आज उसी को रोते हुए दी अंतिम विदाई, शिक्षक नहीं, संस्कार थे अवनीश कांत मिश्रा अंतिम संस्कार में छलका जनसमुदाय का दर्द ढीमरखेड़ा |  ग्राम झिन्ना पिपरिया के प्रतिष्ठित कोपारिहा परिवार में जन्मे, जरूरतमंदों की सहायता के लिए सदैव तत्पर रहने वाले वरिष्ठ शिक्षक श्री अवनीश कांत मिश्रा का निधन क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है। वे श्री सीताराम जी मिश्रा के बड़े सुपुत्र थे और अपने सरल स्वभाव, कर्मठता व सेवा भावना के लिए विशेष रूप से जाने जाते थे। श्री मिश्रा बचपन से ही मेधावी रहे और उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए ट्रिपल एम.ए. तक की पढ़ाई पूर्ण की। शिक्षा के प्रति उनके समर्पण का परिचय वर्ष 1994-95 में देखने को मिला,...

प्राचार्य की पोस्ट ने पार की सारी हदें, हाईकोर्ट और ब्राह्मण समाज पर टिप्पणी से भड़का जनाक्रोश, सड़क से सोशल मीडिया तक विरोध, कॉलेज प्राचार्य ने हाई कोर्ट और ब्राह्मण समाज पर की अभद्र टिप्पणी, जांच के आदेश सोशल मीडिया पोस्ट से मचा बवाल, निलंबन और एफआईआर की मांग

 प्राचार्य की पोस्ट ने पार की सारी हदें, हाईकोर्ट और ब्राह्मण समाज पर टिप्पणी से भड़का जनाक्रोश, सड़क से सोशल मीडिया तक विरोध, कॉलेज प्राचार्य ने हाई कोर्ट और ब्राह्मण समाज पर की अभद्र टिप्पणी, जांच के आदेश सोशल मीडिया पोस्ट से मचा बवाल, निलंबन और एफआईआर की मांग कटनी ।  ढीमरखेड़ा स्थित शासकीय महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य बृजलाल अहिरवार एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। आरोप है कि उन्होंने सोशल मीडिया पर माननीय हाई कोर्ट और ब्राह्मण समाज के खिलाफ अभद्र, अमर्यादित और आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया, जिसके बाद मामला प्रशासन और पुलिस तक पहुंच गया है। गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं। *सोशल मीडिया पोस्ट से भड़का विवाद* जानकारी के अनुसार, प्रभारी प्राचार्य ने अपने फेसबुक अकाउंट से एक पोस्ट साझा की थी, जिसमें कथित तौर पर हाई कोर्ट के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया, वहीं ब्राह्मण समाज को लेकर भी आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं। पोस्ट के सामने आते ही क्षेत्र में नाराजगी फैल गई और सामाजिक संगठनों ने इसका कड़ा विरोध शुरू कर दिया। *जनसुनवाई में पहुंची शिकायत* ...

सिकमी नामा पोर्टल फेल होने से बड़वारा विधानसभा के किसान संकट में, विधायक धीरेन्द्र बहादुर सिंह ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को लिखा पत्र, योगेंद्र सिंह दादा ठाकुर ने मीडिया को कराया अवगत

 सिकमी नामा पोर्टल फेल होने से बड़वारा विधानसभा के किसान संकट में, विधायक धीरेन्द्र बहादुर सिंह ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को लिखा पत्र, योगेंद्र सिंह दादा ठाकुर ने मीडिया को कराया अवगत  कटनी  |  कटनी जिले की बड़वारा विधानसभा के किसानों के सामने इन दिनों एक गंभीर प्रशासनिक और तकनीकी संकट खड़ा हो गया है। खेती-किसानी पर निर्भर हजारों किसान इस समय गहरी चिंता और असमंजस की स्थिति में हैं।कारण है सिकमी नामा से जुड़े किसानों का पंजीयन पोर्टल पर फेल हो जाना, जिसके चलते वे समर्थन मूल्य पर धान का विक्रय नहीं कर पा रहे हैं। यह समस्या केवल तकनीकी नहीं, बल्कि सीधे-सीधे किसानों की आजीविका से जुड़ी हुई है। इस गंभीर मुद्दे को लेकर क्षेत्रीय विधायक धीरेन्द्र बहादुर सिंह ने प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को एक पत्र लिखकर बड़वारा विधानसभा के किसानों की पीड़ा से अवगत कराया है।विधायक ने पत्र में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया है कि सिकमी नामा पर खेती करने वाले किसानों का पंजीयन पोर्टल में अस्वीकार हो रहा है, जिसके कारण वे सरकारी खरीदी केंद्रों पर अपनी उपज नहीं बेच पा रहे हैं। बड़वारा विधान...