घुघरी मस्जिद प्रबंधन विवाद पंजीयन और कथित फर्जीवाड़े के आरोपों से मचा हड़कंप
कटनी | तहसील क्षेत्र ढीमरखेड़ा के अंतर्गत आने वाले घुघरी गांव में स्थित मस्जिद की प्रबंधन समिति और उसके पंजीयन को लेकर खड़ा हुआ विवाद अब गहराता जा रहा है। मस्जिद के मुख्य द्वार पर चस्पा किए गए एक संदिग्ध पत्र के बाद शुरू हुआ यह विवाद केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि अब इसमें उच्च प्रशासनिक अधिकारियों और राजनीतिक गलियारों तक शिकायत पहुंचाने की तैयारी की जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता पक्ष अब इस पूरे प्रकरण की शिकायत राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP), मुख्य सचिव (Chief Secretary) तथा भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष से करने की रूपरेखा तैयार कर रहा है।स्थानीय ग्रामीणों और समाज के सजग लोगों का आरोप है कि कुछ असामाजिक एवं प्रभावशाली तत्वों के संरक्षण में गांव का सौहार्द बिगाड़ने और दो पक्षों को आपस में लड़वाने की साजिश रची जा रही है।
*मस्जिद के गेट पर चस्पा पत्र से शुरू हुआ विवाद*
विवाद की शुरुआत उस समय हुई जब घुघरी स्थित मस्जिद के मुख्य द्वार पर एक पत्र चस्पा पाया गया। इस पत्र में ‘रजा जन कल्याण समिति’ का उल्लेख था और उस पर पंजीयन क्रमांक 25493 दर्ज किया गया था। पत्र में दिनांक 28 जून 2026 की तिथि अंकित की गई थी। जब स्थानीय लोगों और मस्जिद प्रबंधन से जुड़े अन्य व्यक्तियों ने इस पत्र को देखा, तो समिति के नाम और पंजीयन क्रमांक को लेकर गंभीर भ्रम की स्थिति निर्मित हो गई।शिकायतकर्ता का कहना है कि बिना किसी आधिकारिक प्रक्रिया के इस प्रकार का पत्र सार्वजनिक स्थान पर चिपकाना सीधे तौर पर समाज और शासन को गुमराह करने का प्रयास है।
*फर्जीवाड़े और धोखाधड़ी के गंभीर आरोप*
शिकायतकर्ता ने प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपे गए आवेदन में आरोप लगाया है कि मस्जिद के गेट पर चस्पा पत्र में जिन पदाधिकारियों के नाम दर्शाए गए हैं, वे रजा जन कल्याण समिति के मूल और आधिकारिक दस्तावेजों में दर्ज नामों से मेल नहीं खाते हैं। चस्पा पत्र में अंकित पदाधिकारियों के नाम और समिति के रजिस्टर्ड दस्तावेजों में दर्ज नामों में स्पष्ट अंतर है, जो प्रथम दृष्टया फर्जीवाड़े की ओर इशारा करता है। कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों का सहारा लेकर मस्जिद प्रबंधन पर कब्जा करने और अवैध रूप से समिति संचालित करने की कोशिश की जा रही है। फर्जी पंजीयन क्रमांक और फर्जी नामों का उपयोग करके आम जनता, समाज तथा स्थानीय प्रशासन को अंधेरे में रखा जा रहा है।
*राशि के दुरुपयोग और चंदे में हड़पने की आशंका*
मामला केवल कागजी हेरफेर तक सीमित नहीं है। शिकायत में वित्तीय अनियमितताओं और चंदे की राशि हड़पने के बेहद गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि कथित फर्जी समिति के आड़ में समाज के लोगों से धार्मिक और सामाजिक कार्यों के नाम पर राशि एकत्र की जा रही है। इस राशि का कोई पारदर्शी हिसाब-किताब नहीं है और इसके व्यक्तिगत हितों के लिए दुरुपयोग किए जाने की प्रबल आशंका है।शिकायत में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि यह मामला सीधे तौर पर धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने और अमानत में खयानत की श्रेणी में आता है।
*पीछे से किसका संरक्षण? उठ रहे तीखे सवाल*
घुघरी गांव में इस घटनाक्रम के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में भारी असंतोष और आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि बिना किसी बड़े संरक्षण के इस प्रकार सार्वजनिक रूप से फर्जी पत्र चस्पा करना और समिति के नाम पर भ्रम फैलाना संभव नहीं है। गांव में इस बात की चर्चा जोरों पर है कि आखिर वे कौन से तत्व हैं जो पर्दे के पीछे से इन संदिग्ध पदाधिकारियों को शह दे रहे हैं? क्या इसके पीछे गांव का सामाजिक ताना-बाना छिन्न-भिन्न करने और लोगों को आपस में लड़वाकर राजनीतिक या निजी स्वार्थ साधने की कोई गहरी साजिश है? इन्हीं सवालों का जवाब तलाशने और निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर अब मामले को राज्य और राष्ट्रीय स्तर के शीर्ष नेतृत्व तक ले जाने की तैयारी की जा रही है।
*प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपी गई शिकायत की प्रतियां*
शिकायतकर्ता ने अपने आरोपों के समर्थन में संबंधित दस्तावेज संलग्न करते हुए क्षेत्रीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को आवेदन प्रस्तुत किया है। जिन अधिकारियों को शिकायत प्रेषित की गई है एसडीओपी (SDOP) स्लीमनाबाद,
थाना प्रभारी उमरियापान,
असिस्टेंट रजिस्ट्रार, फर्म्स एंड सोसाइटीज (जबलपुर संभाग) शिकायतकर्ता ने अधिकारियों से मांग की है कि जबलपुर स्थित फर्म्स एंड सोसाइटीज कार्यालय से रजा जन कल्याण समिति के मूल रिकॉर्ड की जांच कराई जाए।यदि जांच में पंजीयन दस्तावेज कूटचरित या फर्जी पाए जाते हैं, तो दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत धाराओं के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
*जांच पर टिकीं सभी की निगाहें*
घुघरी मस्जिद विवाद सामने आने के बाद अब पूरा मामला जांच के दायरे में आ गया है। स्थानीय ग्रामीण और पुलिस-प्रशासन दोनों ही इस मामले में फूंक-फूंक कर कदम रख रहे हैं। जांच के मुख्य बिंदु जिन पर स्थिति स्पष्ट होना बाकी है क्या रजा जन कल्याण समिति का पंजीयन क्रमांक 25493 वास्तविक है या फर्जी? मस्जिद परिसर के गेट पर पत्र चस्पा करने वाला व्यक्ति या समूह कौन है? क्या समिति के नाम पर समाज या आमजन से कोई राशि एकत्र की गई है, और यदि हां, तो उसका उपयोग कहां हुआ।

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