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राष्ट्रीय पर्व पर इंडियन बैंक में लापरवाही! 11 बजे के बाद फहराया तिरंगा, ग्रामीणों में भारी आक्रोश पहरुआ-खमतरा शाखा में समय पर नहीं हुआ ध्वजारोहण, ग्रामीणों ने उठाए सवाल — जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग

 राष्ट्रीय पर्व पर इंडियन बैंक में लापरवाही! 11 बजे के बाद फहराया तिरंगा, ग्रामीणों में भारी आक्रोश

पहरुआ-खमतरा शाखा में समय पर नहीं हुआ ध्वजारोहण, ग्रामीणों ने उठाए सवाल — जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग



ढीमरखेड़ा ।  स्वतंत्रता दिवस जैसे गौरवपूर्ण राष्ट्रीय पर्व पर कटनी जिले के ढीमरखेड़ा तहसील अंतर्गत इंडियन बैंक शाखा पहरुआ-खमतरा में राष्ट्रीय ध्वज फहराने को लेकर कथित लापरवाही का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि स्वतंत्रता दिवस के दिन बैंक परिसर में समय पर राष्ट्रीय ध्वज नहीं फहराया गया। काफी देर तक तिरंगा नहीं फहराए जाने से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती गई और सवाल उठने लगे कि आखिर राष्ट्रीय पर्व के कार्यक्रम में इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हुई। ग्रामीणों के अनुसार, उनके द्वारा आपत्ति जताए जाने के बाद सुबह करीब 11 बजे के बाद ध्वजारोहण किया गया। राष्ट्रीय पर्व पर इतनी देरी से ध्वजारोहण किए जाने को लेकर ग्रामीणों ने जिम्मेदार कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

*कई जगह समय को लेकर भी उठे सवाल*

ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में कई जगह स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रमों में समय को लेकर लापरवाही देखने को मिली।  वहीं ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ स्थानों पर सूर्यास्त के बाद राष्ट्रीय ध्वज निकाला गया। ग्रामीणों ने प्रशासन से ऐसे सभी मामलों की जानकारी लेकर आवश्यक जांच कराने की मांग की है।

*जांच और स्पष्टीकरण की मांग*

ग्रामीणों ने मांग की है कि इंडियन बैंक पहरुआ-खमतरा शाखा में स्वतंत्रता दिवस के दिन ध्वजारोहण में हुई देरी की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। संबंधित कर्मचारियों से स्पष्टीकरण लिया जाए और यदि जांच में लापरवाही सामने आती है तो बैंक के नियमों के अनुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए । भारत सरकार के Flag Code of India, 2002 में राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान और उसके प्रदर्शन से संबंधित नियम निर्धारित हैं। वहीं Prevention of Insults to National Honour Act, 1971 राष्ट्रीय ध्वज के अपमान से संबंधित मामलों में कानूनी प्रावधान करता है। इसलिए ग्रामीणों का कहना है कि राष्ट्रीय ध्वज से जुड़े किसी भी मामले को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए।

*ग्रामीणों ने कहा राष्ट्रीय ध्वज सम्मान का प्रतीक, औपचारिकता नहीं*

ग्रामीणों का कहना है कि तिरंगा देश के गौरव, सम्मान और बलिदान का प्रतीक है। स्वतंत्रता दिवस पर सरकारी एवं सार्वजनिक संस्थानों में राष्ट्रीय ध्वज को पूरी गरिमा और निर्धारित नियमों के अनुरूप सम्मान दिया जाना चाहिए। यदि किसी कर्मचारी की लापरवाही के कारण ध्वजारोहण में अनावश्यक देरी हुई है तो इसकी जवाबदेही तय होना जरूरी है। ग्रामीणों ने इंडियन बैंक के उच्चाधिकारियों, प्रशासन एवं संबंधित अधिकारियों से पूरे मामले की जांच कर दोषी पाए जाने वाले जिम्मेदार कर्मचारियों पर नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि भविष्य में राष्ट्रीय पर्व के अवसर पर ऐसी लापरवाही दोबारा सामने न आए। अब देखना यह है कि राष्ट्रीय पर्व के दिन सामने आई इस कथित लापरवाही पर बैंक के उच्चाधिकारी क्या संज्ञान लेते हैं और जिम्मेदारी किसकी तय होती है।

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