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ढीमरखेड़ा वीरांगना रानी दुर्गावती कन्या छात्रावास में छात्राओं का फूटा आक्रोश, सुविधाओं और अधीक्षक पर गंभीर आरोप, अधीक्षक के ऊपर होना चाहिए कार्यवाही मामले को कलेक्टर ले संज्ञान

 ढीमरखेड़ा वीरांगना रानी दुर्गावती कन्या छात्रावास में छात्राओं का फूटा आक्रोश, सुविधाओं और अधीक्षक पर गंभीर आरोप, अधीक्षक के ऊपर होना चाहिए कार्यवाही मामले को कलेक्टर ले संज्ञान 



ढीमरखेड़ा  |  शासकीय वीरांगना रानी दुर्गावती अनुसूचित जनजाति कन्या छात्रावास, ढीमरखेड़ा में शुक्रवार को उस समय हड़कंप मच गया जब अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) निधि गोहल, विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) अभय जैन और बीआरसी प्रेम कोरी ने संयुक्त रूप से औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान छात्राओं ने अधिकारियों के समक्ष अपनी आपबीती सुनाते हुए छात्रावास प्रशासन और अधीक्षक के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया।

 *छात्राओं द्वारा लगाए गए प्रमुख आरोप*

निरीक्षण के दौरान छात्राओं ने अधिकारियों के सामने अपनी समस्याओं को खुलकर रखा और अधीक्षक के रवैये एवं मूलभूत सुविधाओं की बदहाली पर गंभीर सवाल उठाए गुणवत्ताहीन और कम भोजन: छात्राओं को निर्धारित मेन्यू के अनुसार भोजन और नाश्ता नहीं दिया जा रहा है।दोनों समय सिर्फ चावल और पतली, पानी जैसी सब्जी दी जाती है। रोटियां महीनों से बंद हैं और मांगने पर अधीक्षक द्वारा "यदि रोटी खाना है तो स्वयं बनाओ" जैसी बात कही जाती है। नाश्ते में अधिकांश दिन केवल मुरमुरा थमा दिया जाता है।

सुविधाओं का अभाव और भेदभाव: भीषण गर्मी में छात्राओं को पंखा चलाने की अनुमति नहीं दी जाती, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। दूसरी ओर, अधीक्षक अपने कक्ष में एसी का उपयोग करती हैं।

*छात्राओं से कराया जाता है काम*

 छात्रावास परिसर में झाड़ू-पोछा और अन्य घरेलू कार्य नियमित रूप से छात्राओं से ही कराए जाते हैं।

मानसिक उत्पीड़न और *निष्कासन की धमकी* शिकायत करने पर छात्राओं को छात्रावास से बाहर निकालने की धमकी दी जाती है। छात्राओं ने बताया कि पूर्व में भी कई नियमित छात्राओं को बिना किसी ठोस कारण के बाहर कर दिया गया था, जिससे परिसर में भय का माहौल है।

 *निरीक्षण में मिलीं अनियमितताएं, प्रशासनिक कार्रवाई के संकेत*

अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान छात्रावास के अभिलेखों की जांच की, भोजन की गुणवत्ता का जायजा लिया और व्यवस्थाओं का मौके पर सत्यापन किया। सूत्रों के अनुसार, निरीक्षण में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं, जिस पर अधिकारियों ने गहरी नाराजगी जताई।

*प्रशासन का रुख*

अधिकारियों ने छात्राओं की समस्याओं को गंभीरता से दर्ज किया है। मौके पर पाई गई अव्यवस्थाओं के आधार पर संबंधित अधीक्षक के विरुद्ध प्रशासनिक कार्रवाई के संकेत दिए गए हैं।अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि विस्तृत जांच प्रतिवेदन तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेजा जा रहा है ताकि नियमानुसार सख्त कदम उठाए जा सकें। छात्राओं ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि

गुणवत्तापूर्ण भोजन, नियमित रोटियां और पौष्टिक नाश्ता उपलब्ध कराया जाए।बिजली, स्वच्छ पेयजल और पंखे जैसी मूलभूत सुविधाएं बिना रुकावट दी जाएं।छात्रावास में बालिकाओं के लिए भयमुक्त, सुरक्षित और सम्मानजनक शैक्षणिक माहौल सुनिश्चित किया जाए।

इस औचक निरीक्षण के बाद छात्रावास प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

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