ग्रामीण अंचलों के हजारों विद्यार्थी वाणिज्य संकाय से वंचित, अभिभावकों में भारी रोष, बहोरीबंद व बड़वारा विधानसभा के कई बड़े हायर सेकेंडरी विद्यालयों में आज तक नहीं खुला कॉमर्स संकाय, कलेक्टर से की गई मांग
ग्रामीण अंचलों के हजारों विद्यार्थी वाणिज्य संकाय से वंचित, अभिभावकों में भारी रोष, बहोरीबंद व बड़वारा विधानसभा के कई बड़े हायर सेकेंडरी विद्यालयों में आज तक नहीं खुला कॉमर्स संकाय, कलेक्टर से की गई मांग
कटनी । जिले के ग्रामीण क्षेत्रों की शिक्षा व्यवस्था में एक गंभीर कमी सामने आई है। बहोरीबंद एवं बड़वारा विधानसभा क्षेत्र के अनेक बड़े शासकीय हायर सेकेंडरी विद्यालयों में आज तक वाणिज्य (कॉमर्स) संकाय प्रारंभ नहीं हो सका है। इसके कारण हजारों छात्र-छात्राओं को मजबूरी में कला संकाय (आर्ट्स) में प्रवेश लेना पड़ रहा है या फिर निजी विद्यालयों का रुख करना पड़ रहा है, जिससे अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार बहोरीबंद विधानसभा के स्लीमनाबाद, तेवरी, धूरी, परौहा पिपरिया तथा बड़वारा विधानसभा के धरवारा, बँधी, देवरी हटाई, कुलुआ और बढ़खेरा जैसे बड़े शासकीय विद्यालय, जो संकुल केंद्र भी हैं, वहां छात्र संख्या अधिक होने के बावजूद वाणिज्य संकाय की सुविधा उपलब्ध नहीं है। इससे नई शिक्षा नीति (NEP) के उद्देश्यों का भी प्रभावी क्रियान्वयन नहीं हो पा रहा है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस संबंध में जिम्मेदार अधिकारी एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं, जबकि वर्षों से विद्यार्थियों को कॉमर्स शिक्षा से वंचित रहना पड़ रहा है। इधर, ग्राम पंचायत धरवारा के उपसरपंच अमित गर्ग एवं सरपंच ने जिला कलेक्टर को पत्र सौंपकर शासकीय हायर सेकेंडरी विद्यालय में वाणिज्य संकाय प्रारंभ करने की मांग की है। उनका कहना है कि ग्रामीण विद्यार्थियों को भी शहरों की तरह सभी विषयों में अध्ययन का समान अवसर मिलना चाहिए। अभिभावकों और विद्यार्थियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि आगामी शैक्षणिक सत्र से इन विद्यालयों में वाणिज्य संकाय शुरू किया जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बेहतर अवसर मिल सकें।

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