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आयुष्मान कार्ड पर बीएमओ बी.के. प्रसाद की बैठक, ढीमरखेड़ा मंगल भवन में आशा कार्यकर्ताओं को दिए आवश्यक निर्देश

 आयुष्मान कार्ड पर बीएमओ बी.के. प्रसाद की बैठक, ढीमरखेड़ा मंगल भवन में आशा कार्यकर्ताओं को दिए आवश्यक निर्देश



ढीमरखेड़ा |  स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुँच को सुनिश्चित करने और आयुष्मान भारत योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए ढीमरखेड़ा के मंगल भवन में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता खंड चिकित्सा अधिकारी (बीएमओ) डॉ. बी.के. प्रसाद ने की, जिसमें आशा कार्यकर्ताओं को आयुष्मान कार्ड के बारे में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इस योजना को गंभीर रूप से बीमार लोगों के लिए एक उम्मीद की किरण बताते हुए उन्होंने कहा कि सभी पात्र नागरिकों को अपना आयुष्मान कार्ड अवश्य बनवाना चाहिए, विशेषकर 70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को इस सुविधा का लाभ लेना अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करना चाहिए। बैठक में मौजूद ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों, स्वास्थ्य कर्मियों और आशा कार्यकर्ताओं को निर्देशित किया गया कि वे गांव - गांव जाकर अधिक से अधिक लोगों को इस योजना के प्रति जागरूक करें और पात्र लोगों को समग्र पोर्टल के माध्यम से जोड़कर उनका आयुष्मान कार्ड बनवाने में सहायता करें।

*आयुष्मान भारत योजना, भारत सरकार द्वारा आयुष्मान भारत*

 प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) देश के गरीब और कमजोर वर्गों के लिए शुरू की गई सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना है। इस योजना के तहत योग्य लाभार्थियों को 5 लाख रुपये तक का मुफ्त चिकित्सा उपचार प्राप्त होता है। इसमें सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में मुफ्त इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। बीएमओ बी. के. प्रसाद ने बैठक में बताया कि यह योजना विशेष रूप से गरीब परिवारों, ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों, अनुसूचित जाति/जनजाति के लोगों, भूमिहीन मजदूरों, और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को ध्यान में रखकर बनाई गई है। इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को स्वास्थ्य सेवाएं बिना किसी वित्तीय बाधा के उपलब्ध कराना है।

*आशा कार्यकर्ताओं में दिखा उत्साह*

बैठक में बीएमओ डॉ. बी. के. प्रसाद ने आशा कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण स्तर पर आशा कार्यकर्ता स्वास्थ्य सेवा का सबसे पहला संपर्क बिंदु होती हैं, और उनकी मदद से ही योजना को गांव-गांव तक प्रभावी रूप से लागू किया जा सकता है। आशा कार्यकर्ताओं को यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी पात्र परिवारों को इस योजना के बारे में जानकारी मिले। सभी पात्र नागरिकों को आयुष्मान योजना में समग्र पोर्टल पर पंजीकृत करवाना होगा। पात्र नागरिकों का आयुष्मान कार्ड बनवाने की प्रक्रिया पूरी करवाना। ग्रामीण इलाकों में कई लोगों को अभी भी इस योजना की पूरी जानकारी नहीं है। आशा कार्यकर्ताओं को घर-घर जाकर इसकी जानकारी देनी होगी।

*बीमार व्यक्तियों को अस्पताल तक पहुँचाने में सहायता करना*

 यदि कोई पात्र व्यक्ति गंभीर रूप से बीमार होता है, तो आशा कार्यकर्ताओं को यह सुनिश्चित करना होगा कि वह आयुष्मान कार्ड का लाभ उठाकर उचित इलाज प्राप्त कर सके।

*बैठक में दिए गए महत्वपूर्ण निर्देश*

सभी 70 वर्ष से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों का कार्ड बनवाना अनिवार्य है। गांवों में शिविर लगाकर लोगों को जागरूक किया जाए और वहीं कार्ड बनाने की प्रक्रिया पूरी की जाए।जिनका नाम समग्र पोर्टल में पहले से जुड़ा हुआ है, उनका कार्ड जल्दी बनवाने की प्राथमिकता दी जाए। जिन परिवारों का नाम छूट गया है, उन्हें तत्काल जोड़ा जाए और आयुष्मान योजना का लाभ दिलवाया जाए। यदि किसी लाभार्थी का कार्ड बनने में कोई समस्या आती है, तो उसे तुरंत सीएमएचओ कार्यालय में रिपोर्ट किया जाए। बीएमओ बी. के. प्रसाद ने बताया कि आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रक्रिया को तेज करने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर विशेष शिविरों का आयोजन किया जाएगा। इन शिविरों में स्वास्थ्य विभाग, पंचायत कर्मी और आईटी विशेषज्ञों की टीम मौजूद रहेगी, जो मौके पर ही लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाएगी। निःशुल्क आधार सत्यापन और समग्र आईडी चेक की जाएगी। ऑनलाइन आयुष्मान कार्ड के लिए आवेदन किया जाएगा। आयुष्मान कार्ड छपवाकर लाभार्थियों को वितरित किए जाएंगे। विशेष रूप से वृद्धजन, दिव्यांग और गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों के लिए प्राथमिकता दी जाएगी। गरीब परिवारों को 5 लाख रुपये तक मुफ्त इलाज की सुविधा। किसी भी सूचीबद्ध अस्पताल में कैशलेस इलाज। महंगे ऑपरेशन और इलाज का खर्च सरकार उठाएगी। गंभीर बीमारियों जैसे कैंसर, किडनी फेलियर, हार्ट सर्जरी आदि का इलाज मुफ्त। ढीमरखेड़ा में हुई इस बैठक में आशा कार्यकर्ताओं को स्वास्थ्य बीमा योजना के महत्व और इसके प्रभावी कार्यान्वयन के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। बीएमओ बी. के. प्रसाद ने इस योजना को गरीबों के लिए "उम्मीद की किरण" बताते हुए सभी पात्र नागरिकों से जल्द से जल्द आयुष्मान कार्ड बनवाने का आह्वान किया। स्वास्थ्य विभाग, पंचायत कर्मियों और आशा कार्यकर्ताओं की मदद से यह योजना हर गांव और हर जरूरतमंद तक पहुंचेगी, जिससे लोगों को समय पर और मुफ्त चिकित्सा सेवाएँ मिलेंगी। अब यह आशा कार्यकर्ताओं और ग्राम पंचायतों की जिम्मेदारी होगी कि वे इस योजना को सफलतापूर्वक लागू करें और अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ दिलवाएं।

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