न्यायालय परिसर में न्यायाधीश द्वारा किया गया पौधारोपण, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
ढीमरखेड़ा | मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशों के पालन में एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश कटनी जितेंद्र कुमार शर्मा के मार्गदर्शन में व्यवहार न्यायालय ढीमरखेड़ा परिसर में विशेष पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा समाज को प्रकृति के संरक्षण का संदेश देना रहा। जानकारी के अनुसार इस कार्यक्रम में व्यवहार न्यायालय ढीमरखेड़ा की न्यायाधीश पूर्वी तिवारी द्वारा न्यायालय परिसर में 10 पौधों का रोपण किया गया। इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन तथा जैव विविधता के संरक्षण के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया।कार्यक्रम में बताया गया कि वर्तमान समय में पर्यावरण संकट और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियाँ पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय हैं। ऐसे में न्यायिक संस्थाओं की सक्रिय भागीदारी समाज को सकारात्मक संदेश देने का कार्य करती है। मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा पर्यावरण संरक्षण को अपने प्रमुख उद्देश्यों में शामिल करते हुए न्यायालय परिसरों में पौधारोपण के निर्देश जारी किए गए हैं। वक्ताओं ने कहा कि मानव जीवन के लिए वृक्षों का अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान है। भोजन के बिना व्यक्ति कुछ दिन जीवित रह सकता है, लेकिन ऑक्सीजन के बिना जीवन संभव नहीं है। इसलिए प्रत्येक नागरिक को अधिक से अधिक वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण में अपना योगदान देना चाहिए। पौधारोपण कार्यक्रम के माध्यम से न्यायालय परिवार ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए लोगों से पौधों की सुरक्षा एवं नियमित देखभाल का भी आह्वान किया।

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