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परशुराम जयंती को लेकर ब्राह्मण समाज सक्रिय, गांव-गांव संपर्क अभियान तेज, 19 अप्रैल को उमरियापान में होगा भव्य आयोजन

 परशुराम जयंती को लेकर ब्राह्मण समाज सक्रिय, गांव-गांव संपर्क अभियान तेज, 19 अप्रैल को उमरियापान में होगा भव्य आयोजन



ढीमरखेड़ा  ।  भगवान परशुराम जयंती को लेकर ब्राह्मण समाज में व्यापक उत्साह देखने को मिल रहा है। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी उमरियापान में भव्य धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा, जिसकी तैयारियों को लेकर समाज के लोग लगातार सक्रिय हैं। इसी क्रम में ब्राह्मण समाज द्वारा गांव-गांव जाकर जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जा सके। ब्राह्मण समाज के पदाधिकारियों एवं सक्रिय कार्यकर्ताओं द्वारा क्षेत्र के विभिन्न गांवों में जाकर लोगों से संपर्क किया जा रहा है और उन्हें 19 अप्रैल को उमरियापान पहुंचकर इस पावन आयोजन में शामिल होने का आमंत्रण दिया जा रहा है। इसी कड़ी में आज पोड़ी कला बी गांव में भी ब्राह्मण समाज के प्रतिनिधियों ने पहुंचकर स्थानीय लोगों से मुलाकात की और कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सहयोग एवं सहभागिता का आग्रह किया।

*गांव-गांव पहुंच रहा निमंत्रण*

पोड़ी कला बी में आयोजित संपर्क अभियान के दौरान ब्राह्मण समाज के सदस्यों ने घर-घर जाकर लोगों को परशुराम जयंती के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि यह केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को एकजुट करने और सांस्कृतिक मूल्यों को सहेजने का भी अवसर है। इस अवसर पर लोगों से आग्रह किया गया कि वे अधिक से अधिक संख्या में उमरियापान पहुंचकर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएं।समाज के वरिष्ठजनों ने बताया कि इस प्रकार के आयोजनों से समाज में एकता, भाईचारा और पारस्परिक सहयोग की भावना मजबूत होती है। युवाओं को भी इन कार्यक्रमों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है ताकि वे अपनी परंपराओं और संस्कारों से जुड़े रहें।

*भव्य आयोजन की तैयारियां जोरों पर*

उमरियापान में होने वाले इस आयोजन को लेकर व्यापक स्तर पर तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।कार्यक्रम स्थल की व्यवस्था, पूजा-अर्चना, शोभायात्रा, भंडारा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की जा रही है। आयोजन समिति के सदस्य विभिन्न जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं ताकि कार्यक्रम सुव्यवस्थित और सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।बताया जा रहा है कि कार्यक्रम में सुबह विधिवत पूजा-अर्चना के साथ शुरुआत होगी, जिसके बाद भगवान परशुराम की भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी।शोभायात्रा में धार्मिक झांकियां, भजन-कीर्तन और पारंपरिक वेशभूषा में शामिल श्रद्धालु आकर्षण का केंद्र रहेंगे।

*समाज के हर वर्ग की भागीदारी पर जोर*

ब्राह्मण समाज के पदाधिकारियों ने बताया कि इस आयोजन में समाज के सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों को भी आयोजन में सक्रिय भूमिका दी जा रही है। युवाओं को आयोजन की जिम्मेदारियां सौंपकर उनमें नेतृत्व क्षमता विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है।

*सांस्कृतिक और सामाजिक संदेश का मंच*

परशुराम जयंती का यह आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक जागरूकता का भी एक सशक्त मंच बनता जा रहा है। इस अवसर पर समाज में शिक्षा, संस्कार, सामाजिक एकता और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देने के संदेश भी दिए जाएंगे। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न वक्ताओं द्वारा समाज को एकजुट रहने, शिक्षा के महत्व को समझने और सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। यह आयोजन नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का भी माध्यम बनेगा।

*19 अप्रैल को उमरियापान में जुटेगा समाज*

ब्राह्मण समाज द्वारा सभी लोगों से 19 अप्रैल को उमरियापान पहुंचने का आह्वान किया गया है। आयोजन समिति का कहना है कि यह केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि समाज की एकता और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है। सभी लोगों से आग्रह किया गया है कि वे समय निकालकर इस आयोजन में शामिल हों और इसे सफल बनाएं। समाज के पदाधिकारियों ने यह भी बताया कि आने वाले दिनों में अन्य गांवों में भी इसी प्रकार संपर्क अभियान चलाया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक इस आयोजन की जानकारी पहुंच सके।

*एकता और संस्कृति का संदेश*

परशुराम जयंती का यह आयोजन ब्राह्मण समाज के लिए आस्था और श्रद्धा का प्रतीक होने के साथ-साथ सामाजिक एकता का भी संदेश देता है। इस प्रकार के आयोजन समाज को जोड़ने और सांस्कृतिक धरोहर को संजोने का कार्य करते हैं। अंततः, ब्राह्मण समाज के इस प्रयास को क्षेत्र में सराहना मिल रही है और लोग बढ़-चढ़कर इसमें भाग लेने के लिए उत्साहित हैं। 19 अप्रैल को उमरियापान में होने वाला यह आयोजन निश्चित रूप से भव्य और यादगार साबित होगा, जिसमें क्षेत्रभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होकर भगवान परशुराम का आशीर्वाद प्राप्त करेंगे।

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