जमीन यहां वहां करने वाले का दूसरा नाम पटवारी दान सिंह, पटवारी दान सिंह का एक और कारनामा उजागर, पिपरिया शुक्ल के आदेश का सहारा लेकर झिन्ना की भूमि में कर दिया 'खेला'
जमीन यहां वहां करने वाले का दूसरा नाम पटवारी दान सिंह, पटवारी दान सिंह का एक और कारनामा उजागर, पिपरिया शुक्ल के आदेश का सहारा लेकर झिन्ना की भूमि में कर दिया 'खेला'
कटनी । विगत कई वर्षों से ढीमरखेड़ा तहसील में पदस्थ रहकर अपनी कार्यशैली को लेकर चर्चा में रहने वाले दबंग पटवारी दान सिंह का नाम एक बार फिर विवादों के केंद्र में है। अपने विधि-विरुद्ध कार्यों के लिए पहचाने जाने वाले इस पटवारी पर अब एक और गंभीर जालसाजी का आरोप लगा है। गौरतलब है कि कुछ समय पूर्व एक मृत व्यक्ति की उपस्थिति दिखाकर सीमांकन करने के मामले में इन्हें निलंबित भी किया गया था, लेकिन कथित रूप से ऊंची पहुंच के चलते ये जल्द ही बहाल होकर पुन: हल्के में पहुंच गए। अब नया मामला दूसरे गांव के आदेश का हवाला देकर किसी अन्य गांव की जमीन का रिकॉर्ड बदलने का सामने आया है। ग्राम मठभौना (झिन्ना) निवासी आवेदक केशलाल पिता पूरन लाल गडारी ने अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) ढीमरखेड़ा को एक लिखित शिकायत सौंपकर इस पूरे फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ किया है। ग्राम झिन्ना (पं.ह. झिन्ना) स्थित खसरा नंबर 152/743, रकबा 0.36 हेक्टेयर। आवेदक का दावा इस भूमि पर आवेदक केशलाल पिछले 23 वर्षों से काबिजकास्त है। उसने यह भूमि सुनिया बाई उर्फ सुभिया बाई से क्रय की थी, जो अब लाऔलाद (बिना संतान के) फौत (मृत) हो चुकी हैं। रिकॉर्ड में हेरफेर वर्ष 2023-24 तक इस भूमि पर राजस्व रिकॉर्ड में सुनिया उर्फ सुभिया बाई बेवा समनू का नाम ही भूमिस्वामी के रूप में दर्ज था। किंतु वर्ष 2024-25 के रिकॉर्ड में चालाकी से इस भूमि को अनावेदिका सियाबाई पति शिवप्रसाद (जाति यादव) के नाम पर दर्ज कर दिया गया।
*पिपरिया शुक्ल के आदेश से झिन्ना में 'खेल'*
शिकायत के अनुसार, रिकॉर्ड सुधारने के लिए जिस राजस्व प्रकरण क्रमांक 0414/अ-6/2021-22 (आदेश दिनांक 27/09/2021) का हवाला कैफियत में दिया गया है, वह असल में किसी दूसरे गांव का है। वास्तव में, उक्त प्रकरण क्रमांक ग्राम पिपरिया शुक्ल की भूमि खसरा नंबर 560/2, रकबा 0.16 हेक्टेयर से संबंधित है, जिसे अशोक कुमार पिता प्रभुदयाल के आवेदन पर जारी किया गया था। आरोप है कि तत्कालीन हल्का पटवारी दान सिंह ने अनावेदिका और अन्य राजस्व अधिकारियों के साथ मिलकर, पिपरिया शुक्ल के दुरुस्ती आदेश का अनुचित लाभ उठाते हुए उसे झिन्ना गांव की खसरा नंबर 152/743 की भूमि पर लागू कर दिया और अनावेदिका का नाम दर्ज करवा दिया।
*पीड़ित ने की कार्रवाई और बहाली की मांग*
आवेदक केशलाल ने एसडीएम ढीमरखेड़ा से गुहार लगाई है कि ग्राम झिन्ना स्थित खसरा नंबर 152/743 से अनावेदिका सियाबाई का नाम और कैफियत में दर्ज गलत आदेश को तुरंत विलोपित (हटाया) किया जाए। रिकॉर्ड को पूर्ववत करते हुए सुनिया उर्फ सुभिया बाई का नाम वापस दर्ज किया जाए।जालसाजी के दोषी हल्का पटवारी दान सिंह के विरुद्ध कड़ी विभागीय जांच संस्थित कर उन्हें सेवा से बर्खास्त किया जाए।

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