मध्यप्रदेश वालो तुम्हारे भेजे गए 29 सांसद और 230 विधायक अगर तुम्हारे गेहूं नहीं तुलवा सकते समय पर तो लानत हैं तुम्हारे वोट देने पर, किसान परेशान इसका जिम्मेदार कौन
मध्यप्रदेश वालो तुम्हारे भेजे गए 29 सांसद और 230 विधायक अगर तुम्हारे गेहूं नहीं तुलवा सकते समय पर तो लानत हैं तुम्हारे वोट देने पर, किसान परेशान इसका जिम्मेदार कौन
भोपाल | मध्यप्रदेश में गेहूं खरीदी व्यवस्था को लेकर किसानों में लगातार नाराज़गी देखने को मिल रही है। प्रदेश के कई इलाकों से यह शिकायत सामने आ रही है कि समय पर गेहूं की तुलाई नहीं हो पा रही, जिससे किसानों को आर्थिक और मानसिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। इसी मुद्दे को लेकर अब जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं।प्रदेश में 29 सांसद और 230 विधायक होने के बावजूद यदि किसानों की मूलभूत समस्या का समाधान समय पर नहीं हो पा रहा, तो यह जनप्रतिनिधित्व की प्रभावशीलता पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। किसानों का आरोप है कि सरकार राजनीतिक गतिविधियों और सत्ता संतुलन में तो सक्रिय नजर आती है, लेकिन जमीनी स्तर पर उनकी समस्याओं के समाधान में सुस्ती दिख रही है। गेहूं तुलाई में देरी के कारण किसानों को कई दिनों तक मंडियों में इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे उनकी लागत बढ़ रही है और नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। यदि खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी और व्यवस्थित नहीं किया गया, तो इसका असर किसानों की आय और कृषि व्यवस्था पर पड़ सकता है। वहीं, किसानों की मांग है कि सरकार तत्काल हस्तक्षेप कर तुलाई प्रक्रिया को तेज और सुचारु बनाए।

AaPna sach likha hai
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