रीठी में शासकीय अवकाश मतलब भू-माफियाओं का राज, रीठी में प्रत्येक शासकीय छुट्टी में एक घर बनकर हो जाता है तैयार, प्रशासन से दलालों की मिलीभगत
रीठी में शासकीय अवकाश मतलब भू-माफियाओं का राज, रीठी में प्रत्येक शासकीय छुट्टी में एक घर बनकर हो जाता है तैयार, प्रशासन से दलालों की मिलीभगत
कटनी | रीठी में शासकीय अवकाश मतलब भू-माफियाओं का राज। जी हां, आप एकदम सही सुन रहे हैं। कटनी जिले के रीठी तहसील मुख्यालय में इन दिनों कुछ ऐसा ही भू-माफिया राज चल रहा है। प्रत्येक शासकीय छुट्टी पड़ते ही अवैध कब्जा कर एक मकान बनकर रातों-रात तैयार हो जाता है और सुबह होते-होते लोग उसमें रहने भी लगते हैं। अभी हाल ही में होली की छुट्टी पड़ते ही रीठी में जनपद पंचायत कार्यालय के सामने मंडी मद में दर्ज भूमि पर रातों-रात भवन बनकर तैयार हो गया। सवाल तो इस बात का है कि छुट्टियों में राजस्व अमला पूरा का पूरा मुख्यालय से गायब हो जाता है और दलालों की मिलीभगत से भू-माफियाओं का क्षेत्र में राज हो जाता है।
*अवैध कब्जाधारियों का बस गया मोहल्ला*
रीठी तहसील मुख्यालय में तहसीलदार, पटवारी की मिलीभगत से भू-माफिया राज इस कदर हावी है कि देखते ही देखते कुछ ही दिनों में रीठी के रेस्ट हाउस के समीप अवैध कब्जाधारियों ने अपना एक मोहल्ला ही बसा लिया है। कुल मिलाकर अंधेरनगरी चौपट राजा का खेल चल रहा है और अवैध कब्जा कर घर बनाने वालों में होड़ मची हुई है। खात बात तो यह है कि यह सब खेल अधिकारियों की ही सांठगांठ में हो रहा है। जिसके चलते आज तक कार्यवाही करना तो भला कोसों दूर की बात है जांच तक करने की जहमत किसी भी जिम्मेदार ने उठाई।
*मैडम के आते ही दलाल सक्रिय*
लोगों का कहना है कि रीठी तहसील में आकांक्षा चौरसिया ने द्वारा तहसीलदार का पद संभालते ही एकबार फिर दलाल सक्रिय हो गए हैं और दलालों ने होली की छुट्टी में कृषि उपज मंडी के पुराने भवन के बाजू से ही अवैध कब्जा कराकर घर बनवा कर इसका प्रमाण भी दे दिया है। अब देखना यह होगा कि उक्त अवैध मोहल्ला वहां से अलग होगा या फिर उन्हें पट्ट बांट दिए जाएंगे।
*होनी चाहिए जांच*
स्थानीय लोगों का कहना है कि रीठी में शासकीय विभागों की भूमि पर लगातार हो रहे बेजा अवैध कब्जों की जांच होनी चाहिए और वैधानिक कार्यवाही भी। लोगों का कहना है कि भू-माफियाओं और दलालों की भी जांच कर एफआईआर दर्ज कराई जाए।

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