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चलते-चलते राह में, मोड़ अचानक आ गया, हंसता हुआ चेहरा भी पल में ख़ामोश हो गया, ना दस्तक, ना इशारा, ना कोई पैग़ाम आया, मौत ने चुपके से आकर अपना फ़र्ज़ निभाया सड़क दुर्घटना में अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी मनरेगा भागीरथ पटेल का निधन, क्षेत्र में शोक की लहर

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कटनी  |  जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा में पदस्थ एवं वर्तमान में रीठी में कार्यरत अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी (मनरेगा) भागीरथ पटेल के असामयिक निधन की दुखद खबर से पूरा प्रशासनिक अमला और क्षेत्र स्तब्ध है। कर्तव्यपथ से घर लौटते समय हुए एक सड़क हादसे में उनका निधन हो गया।इस हृदयविदारक घटना ने न केवल उनके परिवार को गहरे शोक में डुबो दिया है, बल्कि जनपद क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों और आम नागरिकों को भी शोकाकुल कर दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, भागीरथ पटेल अपने नियमित शासकीय कार्यों का निर्वहन कर कार्यालय से घर की ओर लौट रहे थे। इसी दौरान मार्ग में उनका वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया। दुर्घटना इतनी गंभीर थी कि उन्हें गंभीर चोटें आईं । भागीरथ पटेल लंबे समय से मनरेगा योजना के अंतर्गत अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे। उन्होंने जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा में रहते हुए महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के विभिन्न कार्यों के सफल क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन, तालाब निर्माण, सड़क मरम्मत, जल संरक्षण और अन्य विकास कार्यों को गति देने में उनका योगदान सराहनीय माना जाता था। वर्तमान में वे रीठी में पदस्थ थे और वहीं से अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे थे।सहकर्मियों के अनुसार, भागीरथ पटेल एक कर्मठ, मिलनसार और जिम्मेदार अधिकारी थे। वे समयबद्ध तरीके से योजनाओं के क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान देते थे। ग्रामीणों की समस्याओं को सुनना और उनका समाधान प्राथमिकता के आधार पर करना उनकी कार्यशैली की विशेष पहचान थी। कई ग्राम पंचायतों में लंबित पड़े कार्यों को उन्होंने अपनी सक्रियता से पूर्ण कराया। उनके व्यवहार में सरलता और कार्य में पारदर्शिता की झलक स्पष्ट दिखाई देती थी। दुर्घटना की खबर मिलते ही जनपद पंचायत कार्यालय में शोक का माहौल छा गया।अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने गहरा दुख व्यक्त किया है।

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