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अनुविभागीय अधिकारी निधि सिंह गोहल की कार्यशैली बनी मिसाल, ढीमरखेड़ा में प्रशासनिक व्यवस्था को मिली नई दिशा

 अनुविभागीय अधिकारी निधि सिंह गोहल की कार्यशैली बनी मिसाल, ढीमरखेड़ा में प्रशासनिक व्यवस्था को मिली नई दिशा



कटनी ।  ढीमरखेड़ा में पदस्थ अनुविभागीय अधिकारी निधि सिंह गोहल का कार्यकाल इन दिनों क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। अपनी सख्त लेकिन संवेदनशील कार्यशैली के कारण वे आम जनता के बीच भरोसे का प्रतीक बनती जा रही हैं।प्रशासनिक जिम्मेदारियों को गंभीरता से निभाते हुए उन्होंने कई ऐसे कदम उठाए हैं, जिनसे क्षेत्र में शासन की योजनाओं का लाभ सीधे आम लोगों तक पहुंच रहा है। अनुविभागीय अधिकारी निधि सिंह गोहल द्वारा राजस्व, कानून व्यवस्था और जनसुनवाई से जुड़े मामलों में लगातार सक्रियता दिखाई जा रही है। आम नागरिकों की समस्याओं को सुनकर उनका त्वरित निराकरण करना उनकी कार्यप्रणाली की विशेषता बन गया है। जनसुनवाई के दौरान वे हर व्यक्ति की समस्या को ध्यानपूर्वक सुनती हैं और संबंधित अधिकारियों को तत्काल समाधान के निर्देश देती हैं। प्रशासनिक स्तर पर पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए भी उन्होंने कई महत्वपूर्ण पहल की हैं। क्षेत्र में अवैध गतिविधियों, अतिक्रमण और राजस्व से जुड़े मामलों में लगातार कार्रवाई की जा रही है, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत हुई है और लोगों में शासन के प्रति विश्वास बढ़ा है। ढीमरखेड़ा क्षेत्र के ग्रामीणों का कहना है कि अनुविभागीय अधिकारी निधि सिंह गोहल की सक्रियता के कारण कई लंबे समय से लंबित समस्याओं का समाधान हुआ है। सड़क, पानी, राजस्व और अन्य शासकीय कार्यों में तेजी आई है, जिससे लोगों को राहत मिली है। इसके अलावा विभिन्न विकास कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग कर वे यह सुनिश्चित कर रही हैं कि सरकारी योजनाओं का लाभ सही तरीके से पात्र हितग्राहियों तक पहुंचे। अधिकारियों और कर्मचारियों को भी समय पर कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए जा रहे हैं, जिससे प्रशासनिक कार्यों में गति आई है। क्षेत्र के जनप्रतिनिधि और नागरिक भी उनकी कार्यशैली की सराहना कर रहे हैं। उनका मानना है कि यदि इसी प्रकार सक्रिय और ईमानदार प्रशासनिक व्यवस्था बनी रही तो क्षेत्र में विकास की गति और तेज होगी। कुल मिलाकर अनुविभागीय अधिकारी निधि सिंह गोहल की कार्यशैली ने ढीमरखेड़ा में प्रशासन की एक सकारात्मक छवि प्रस्तुत की है। जनता की समस्याओं के प्रति उनकी संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा उन्हें एक कर्मठ और जिम्मेदार अधिकारी के रूप में स्थापित कर रही है।

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