राष्ट्रीय श्रमजीवी पत्रकार परिषद की बैठक संपन्न, कटनी में कार्यालय और पत्रकारों के मुद्दों पर मंथन
कटनी । स्थानीय शहीद स्मारक भवन में राष्ट्रीय श्रमजीवी पत्रकार परिषद की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में संगठन की मजबूती, पत्रकारों के हितों की रक्षा और पत्रकारिता की गरिमा को बनाए रखने के लिए तीन प्रमुख बिंदुओं पर गहन विचार-विमर्श किया गया। यह बैठक संभागीय पदाधिकारी भारत भूषण श्रीवास्तव की अध्यक्षता एवं जिला अध्यक्ष गोपाल सिंघानिया के कुशल मार्गदर्शन में संपन्न हुई, जिसमें जिले के अनेक पत्रकार साथी सम्मिलित हुए।
*बैठक के मुख्य निर्णय और चर्चा के बिंदु*
बैठक के दौरान परिषद ने निम्नलिखित महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर अपनी सहमति जताई तदुपरांत कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक को मांग पत्र सौंपा गया।
*जिले में स्वतंत्र कार्यालय की मांग:*
राष्ट्रीय कार्यकारिणी के पूर्व निर्णय के अनुसार, परिषद के विस्तार के लिए हर जिले में एक समर्पित कार्यालय होना अनिवार्य है। इसी कड़ी में कटनी जिले में परिषद के कार्यालय की स्थापना हेतु चर्चा की गई। निर्णय लिया गया कि कार्यालय हेतु स्थान आवंटन की मांग को लेकर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया।
*प्रशासन के साथ समन्वय:* पत्रकारों की सुरक्षा और पहचान को पुख्ता करने के लिए परिषद के सभी सक्रिय सदस्यों की सूची आधिकारिक तौर पर कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक (SP) और जनसंपर्क विभाग को सौंपी गई। इससे प्रशासन और पत्रकारों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा और फर्जीवाड़े पर लगाम लगेगी।
*किसे माना जाए पत्रकार? भ्रम की स्थिति पर स्पष्टीकरण:*
वर्तमान में पत्रकारों को लेकर समाज में फैलाई जा रही दुविधाओं और विभिन्न विवादों पर परिषद ने कड़ा रुख अपनाया है। संगठन ने स्पष्ट किया कि:
* "वास्तविक पत्रकार वही है जो धरातल पर उतरकर खबरें लिखता है और जनता के ज्वलंत मुद्दों को गंभीरता से उठाता है। यदि उसकी संस्था और संबंधित संगठन उसे पत्रकार मानते हैं, तो परिषद को भी वह स्वीकार है।"
साथ ही, परिषद ने यह भी साफ कर दिया कि किसी भी व्यक्ति या स्वघोषित संगठन द्वारा निजी हितों के लिए 'पत्रकार' चिन्हित करने की प्रक्रिया का राष्ट्रीय श्रमजीवी पत्रकार परिषद कतई समर्थन नहीं करेगी।
*संगठन की एकजुटता पर जोर*
बैठक के समापन पर वक्ताओं ने कहा कि पत्रकारिता के गिरते स्तर और पत्रकारों के सामने आने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए एकजुटता आवश्यक है। परिषद केवल उन लोगों के साथ खड़ी है जो ईमानदारी से लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की मर्यादा बनाए हुए हैं।
*यह रहे उपस्थित-*
संतोष उपाध्याय, अजय त्रिपाठी, कृपानंद तिवारी, राजेन्द्र राठौर, मनोज प्यासी, प्रमोद खमपरिया, संजीव श्रीवास्तव, अनिरुद्ध बजाज, पुष्पेंद्र मोदी, राजेश सिंघई, अरविन्द गुप्ता, प्रकाश जैन,सुनील रावत, अशोक अग्रवाल, संतोष गुप्ता, संदीप शर्मा, आशीष दुबे, विकास श्रीवास्तव, अनुज कोरी, हंसराज सिंह, अभिमन्यु विश्वकर्मा, सौरभ श्रीवास्तव, तन्मय सिंघई, अनुराग जैसवाल,लवकुश पटेल, वेदप्रकाश दुबे, ज्योति तिवारी, सुरेन्द्र कुमार शर्मा,सुमित जैसवाल, हिमांशु जैसवाल, कमल नाकरा, गुलशन चक्रवर्ती, मुकेश ब्योहार, राजेन्द्र गुप्ता, आदि।

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