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शाहडार के घने जंगलों में अनुभूति कार्यक्रम के अंतर्गत विधिक साक्षरता शिविर आयोजित

 शाहडार के घने जंगलों में अनुभूति कार्यक्रम के अंतर्गत विधिक साक्षरता शिविर आयोजित



कटनी ।  म०प्र० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के पत्र के पालन में एवं अध्यक्ष प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश जितेन्द्र कुमार शर्मा के निर्देशन में आज दिनांक 17 जनवरी 2026 को शाहडार के घने जंगलों में अनुभूति कार्यक्रम के अंतर्गत विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया । इस शिविर का उद्देश्य प्रकृति से जुड़ाव के माध्यम से विधिक जागरूकता एवं वन्य प्राणी संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता विकसित करना रहा ।  शिविर का आयोजन ढीमरखेड़ा की न्यायाधीश पूर्वी तिवारी के मार्गदर्शन में किया गया, जिसमें क्षेत्र के स्कूली छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान न्यायाधीश द्वारा उपस्थित विद्यार्थियों को वन्य प्राणियों के संरक्षण, पर्यावरण संतुलन, जैव विविधता और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के महत्व के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। साथ ही यह भी बताया गया कि वन्य जीवों का संरक्षण केवल कानून का विषय नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। विधिक साक्षरता शिविर को रोचक एवं ज्ञानवर्धक बनाने के उद्देश्य से छात्र-छात्राओं के मध्य मटकी फोड़ प्रतियोगिता एवं वन्य प्राणी संरक्षण विषयक प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।प्रतियोगिताओं में बच्चों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को न्यायाधीश द्वारा प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया, जिससे बच्चों में उत्साह और आत्मविश्वास देखने को मिला।आज आयोजित इस शिविर में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश जितेन्द्र कुमार शर्मा, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अजय नागेश, जिला रजिस्ट्रार, जिला न्यायालय कटनी, ढीमरखेड़ा की न्यायाधीश पूर्वी तिवारी सहित वन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारीगण भी उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने इस प्रकार के आयोजनों को बच्चों के सर्वांगीण विकास एवं पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित न्यायाधीशों एवं अधिकारियों ने विद्यार्थियों से अपील की कि वे प्राप्त जानकारी को अपने परिवार एवं समाज तक पहुँचाएं तथा वन्य प्राणी एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति सदैव जागरूक रहें। शिविर का समापन सकारात्मक संदेश एवं पर्यावरण संरक्षण की शपथ के साथ किया गया।

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